पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग : महंगाई पर सियासी तकरार, जीतू ने सरकार पर बोला तीखा हमला

भोपाल। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने जहां आम जनता की चिंता बढ़ा दी है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढोतरी को लेकर सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ईंधन के दामों में 90 पैसे प्रति लीटर की बढोतरी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। साथ महंगाई को लेकर सरकार द्वारा किए जा रहे दावों को झूठा बताया है।
बतादें कि मंगलवार को ईंधन के दामों में दूसरी बार लगभग 90 पैसे प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पहले भी हाल के दिनों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हो चुका है। कुल मिलाकर चार दिनों में पेट्रोल-डीजल करीब 3.90 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया है। जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि सरकार के “महंगाई कंट्रोल” के दावे पूरी तरह झूठे साबित हो रहे हैं।
तो जनता को क्यों झेलनी पड़ रही महंगाई की मार
उन्होंने कहा कि हर बार ईंधन की कीमत बढ़ने से आम जनता पर सीधा असर पड़ता है-घर की रसोई महंगी होती है, किसान की खेती की लागत बढ़ती है और मध्यम वर्ग की आर्थिक स्थिति पर दबाव पड़ता है। पटवारी ने सवाल उठाया कि “अच्छे दिनों” के वादों के बीच जनता को लगातार महंगाई की मार क्यों झेलनी पड़ रही है।
नेता प्रतिपक्ष का केंद्र पर निशाना
मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि “हर नया दिन नई मार और नई परेशानी लेकर आ रहा है।” उन्होंने बढ़ती कीमतों को सरकार की नीतियों की विफलता बताते हुए इसे आम जनता पर “अत्याचार” करार दिया।
सरकार का पक्ष और वैश्विक कारण
सरकारी पक्ष की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका असर भारत सहित कई देशों में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों पर देखा जा रहा है।
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