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Uniform Civil Code-UCC अलर्ट : छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मानसून सत्र तक समिति सौंप सकती है रिपोर्ट: सीएम साय

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Jun 19, 2026
10:16 AM
छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी तेज, मानसून सत्र तक समिति सौंप सकती है रिपोर्ट: सीएम साय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सरकार UCC को लागू करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है और इसके लिए गठित समिति विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर रही है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि समिति मानसून सत्र तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही UCC लागू करने के सिद्धांतगत निर्णय को मंजूरी दे दी है और अब इसके लिए आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समिति सभी पक्षों का अध्ययन कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके आधार पर आगे का रोडमैप तय किया जाएगा।

गौरतलब है कि 15 अप्रैल को हुई साय कैबिनेट की बैठक में राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। बैठक में UCC के लिए विस्तृत नियम और दिशा-निर्देश तैयार करने का निर्णय लिया गया था। सरकार का मानना है कि यह कदम "सबका साथ, सबका विकास" की अवधारणा को मजबूत करेगा और सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

राज्य सरकार ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति के सदस्यों के मनोनयन का अधिकार मुख्यमंत्री को दिया गया है। यह समिति विभिन्न सामाजिक, कानूनी और संवैधानिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपेगी।

वर्तमान में छत्तीसगढ़ में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण, भरण-पोषण और अन्य पारिवारिक मामलों में अलग-अलग धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य को सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में प्रयास करने का निर्देश दिया गया है।

सरकार का कहना है कि अलग-अलग कानूनों के कारण कई बार वैधानिक प्रक्रियाओं में असमानता और जटिलताएं उत्पन्न होती हैं। ऐसे में UCC लागू होने से कानून अधिक सरल, एकरूप और न्यायसंगत बन सकेगा। साथ ही इससे धार्मिक और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अब सभी की नजर समिति की रिपोर्ट और आगामी मानसून सत्र पर टिकी है, जहां UCC को लेकर सरकार आगे के महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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