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अब मप्र की सड़कों पर दिखेगी ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ की ताकत : पीडल्यूडी का एम्प्री से होगा एमओयू, कम मोटाई में भी मिलेगी बेहतर मजबूती

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 03, 2026
05:42 AM
पीडल्यूडी का एम्प्री से होगा एमओयू, कम मोटाई में भी मिलेगी बेहतर मजबूती

भोपाल। मप्र में सड़क-पुल और भवन निर्माण को नई तकनीक से जोड़ने की व्यापक स्तर पर तैयारी तेज हो गई है। इतना ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भोपाल स्थित सीएसआईआर-एम्पी का दौरा वहां विकसित आधुनिक निर्माण तकनीकों और पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी तकनीकों की तकनीकी जांच कर उन्हें विभागीय परियोजनाओं में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करने की दिशा में काम किया जाए।

जिओपॉलीमर कंक्रीट पर विशेष जोर

भ्रमण के दौरान जिओपॉलीमर कंक्रीट तकनीक ने विशेष रूप से ध्यान आकर्षित किया। इस तकनीक से बनी सड़क के लिए पारंपरिक कंक्रीट की तरह लंबे समय तक पानी की तराई करने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे निर्माण प्रक्रिया में पानी की खपत कम होती है। इसके अलावा अपेक्षाकृत कम मोटाई में भी एम-40 स्तर की मजबूती हासिल की जा सकती है। भोपाल एम्स में इस तकनीक का पायलट स्तर पर इस्तेमाल भी किया जा चुका है।

बांस से लेकर ग्रीन बाइंडर तक नई तकनीकों का प्रदर्शन

मंत्री ने कहा कि पानी की बचत, मजबूती और टिकाऊपन को देखते हुए जिओपॉलीमर कंक्रीट को प्रदेश की आगामी सड़क परियोजनाओं में अपनाने की संभावनाओं का गंभीरता से परीक्षण किया जाना चाहिए। मंत्री ने बैम्बू कंपोजिट, हाइब्रिड वुड, रेड मड आधारित रेडिएशन शील्डिंग टाइल्स, एंटी-कोरोसिव व फायर-रेसिस्टेंट कोटिंग्स और कृषि अवशेषों से बनने वाले ग्रीन बाइंडर्स की जानकारी भी ली। उन्होंने इन तकनीकों को निर्माण क्षेत्र में उपयोगी बनाने के लिए विभागीय स्तर पर संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया।

इंजीनियर्स डे पर हो सकता है एमओयू

राकेश सिंह ने कहा कि प्रदेश में मजबूत, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल अधोसंरचना विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सीएसआईआर-एम्प्री को लोक निर्माण विभाग का तकनीकी साझेदार बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आगामी इंजीनियर्स डे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में दोनों संस्थानों के बीच एमओयू किए जाने की योजना है।

इस समझौते से नई निर्माण तकनीकों, सामग्री के गुणवत्ता परीक्षण, तकनीकी सलाह और परियोजनाओं में नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को स्थायी स्वरूप मिलने की उम्मीद है। मंत्री ने मटेरियल कैरेक्टराइजेशन प्रयोगशाला का निरीक्षण कर निर्माण सामग्री की मजबूती और गुणवत्ता जांचने वाली आधुनिक मशीनों की जानकारी भी ली।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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