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मप्र में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू : महिला आयोग को संभालेंगी रेखा यादव, एससी और एसटी आयोग में भी अध्यक्ष-सदस्यों की नामों की घोषणा

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Apr 23, 2026
02:56 PM
महिला आयोग को संभालेंगी रेखा यादव, एससी और एसटी आयोग में भी अध्यक्ष-सदस्यों की नामों की घोषणा

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने लंबे समय से लंबित निगम-मंडलों और आयोगों में नियुक्तियों की प्रक्रिया को आखिरकार गति दे दी है। गुरुवार को सरकार ने चार महत्वपूर्ण आयोगों में पदाधिकारियों की नियुक्ति करते हुए प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी। सबसे पहले अनुसूचित जाति (एससी) आयोग और अनुसूचित जनजाति (एसटी) आयोग की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है।

एससी आयोग की नई टीम

अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कैलाश जाटव को मध्य प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार को आयोग का सदस्य बनाया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जाति विकास विभाग के आयुक्त या संचालक पदेन सदस्य के रूप में आयोग का हिस्सा रहेंगे। इन सभी नियुक्तियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष निर्धारित किया गया है।

एसटी आयोग में भी बदलाव

जनजातीय कार्य विभाग ने भी अनुसूचित जनजाति आयोग में नई नियुक्तियों की घोषणा की है। रामलाल रौतेल को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे को सदस्य नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों को आदिवासी वर्ग के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महिला और बाल आयोग पर भी फैसला

सरकार ने केवल एससी और एसटी आयोग तक ही सीमित न रहकर अन्य महत्वपूर्ण आयोगों पर भी निर्णय लिया है। जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष पद के लिए रेखा यादव और बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष पद के लिए डॉ. निवेदिता शर्मा के नाम पर सहमति बन गई है। जल्द ही इनकी औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है।

निगम-मंडलों में जल्द होंगी नियुक्तियां

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आयोगों में नियुक्तियों की शुरुआत के साथ ही अब निगम-मंडलों, प्राधिकरणों और अन्य बोर्डों में भी नियुक्तियों का सिलसिला तेज होगा। इसे संगठन में सक्रिय नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस दिशा में और बड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

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