दंतेवाड़ा के विकास के लिए NMDC की बड़ी पहल : 'आत्मनिर्भर बस्तियां' और विकसित भारत का सपना, निदेशक ने दंतेवाड़ा के पंचायत प्रमुखों से की मुलाकात

दंतेवाड़ा:छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में स्थित NMDC Limited ने सुदूर ग्रामीण इलाकों के विकास के लिए पहल तेज कर दी है। CMD Amitava Mukherjee ने पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर जमीनी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने पेयजल संकट, खराब सड़क, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बिजली की अनियमितता जैसे मुद्दे उठाए, जिस पर कंपनी ने जल्द समाधान का भरोसा दिया।
इन मुद्दों पर हुई बातचीत
पेयजल – नए बोरवेल और पाइपलाइन योजना
कनेक्टिविटी – गांवों तक पक्की सड़क
स्वास्थ्य/बिजली – मोबाइल मेडिकल यूनिट और सोलर समाधान
सीएमडी ने साफ कहा—एनएमडीसी सिर्फ माइनिंग कंपनी नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की भागीदार है। लक्ष्य है गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और ‘विकसित भारत’ के विजन को जमीन पर उतारना।
बतादेंकि सन 1968 से बैलाडीला में कार्यरत एनएमडीसी के साथ हुए इस ‘फेस-टू-फेस’ संवाद से ग्रामीणों में खुशी की लहर है. स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ निदेशकों द्वारा उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने के लिए आभार व्यक्त किया. NMDC Limited की यह पहल साफ संकेत देती है कि अब विकास सिर्फ योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सीधी बातचीत के जरिए गांवों की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ेगा…और यही संवाद दंतेवाड़ा के विकास की नई दिशा तय करेगा.
बैठक में निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने आश्वासन दिया कि स्थानीय समुदायों के साथ यह संवाद निरंतर जारी रहेगा. परियोजना के वरिष्ठ अधिकारियों (बचेली और किरंदुल कॉम्प्लेक्स) ने भी ग्रामीण विकास की पहलों को जल्द धरातल पर उतारने का भरोसा दिलाया
नीलम अहिरवार
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