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एशियन पैरा गेम्स 2026: : शीतल देवी का गोल्ड पर निशाना, देश को दिलाया 17वां स्वर्ण पदक, चार अंक पिछड़ने के बाद भी नहीं खोया धैर्य

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Oct 22, 2026
09:19 AM
शीतल देवी का गोल्ड पर निशाना, देश को दिलाया 17वां स्वर्ण पदक, चार अंक पिछड़ने के बाद भी नहीं खोया धैर्य

नागोया। भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपने शानदार प्रदर्शन से एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा के फाइनल में शीतल ने सिंगापुर की नूर स्याहिदा अलीम को 142-139 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने पिछले संस्करण में जीते गए खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया और भारत की पदक तालिका में 17वां स्वर्ण जोड़ दिया।

मुकाबले की शुरुआत में पिछड़ने के बावजूद शीतल ने धैर्य नहीं खोया। उन्होंने शानदार वापसी करते हुए विरोधी खिलाड़ी पर दबाव बनाया और आखिरकार तीन अंकों के अंतर से जीत दर्ज की।

चार अंक से पिछड़ीं, फिर लगातार बरसाए सटीक निशाने

फाइनल में शीतल के सामने सिंगापुर की खिलाड़ी ने कड़ी चुनौती पेश की। शुरुआती चरण में भारतीय तीरंदाज 55-59 से पीछे चल रही थीं। दूसरे दौर में 26 अंक हासिल करने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती नजर आईं, लेकिन शीतल ने हार नहीं मानी।

इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और लगातार दो चरणों में 30-30 अंक हासिल कर मुकाबले का रुख बदल दिया। सटीक निशानों और बेहतरीन एकाग्रता के दम पर उन्होंने बढ़त बनाई और अंत तक उसे कायम रखा। उनका यह प्रदर्शन बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने की क्षमता का शानदार उदाहरण रहा।

क्वालिफिकेशन में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी

शीतल ने केवल फाइनल में ही नहीं, बल्कि क्वालिफिकेशन दौर में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। इसके साथ ही उन्होंने बैंकॉक में मार्च के दौरान अपने ही बनाए 698 अंकों के एशियाई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।

इस प्रदर्शन ने व्यक्तिगत स्पर्धा में उनकी मजबूत दावेदारी का संकेत पहले ही दे दिया था। फाइनल में उन्होंने अपने खेल को उसी स्तर पर बनाए रखते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।

तोमन कुमार के साथ मिश्रित टीम में भी जीता सोना

शीतल देवी ने मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तोमन कुमार के साथ मिलकर इंडोनेशिया की जोड़ी को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

इससे पहले भारतीय जोड़ी ने मिश्रित टीम क्वालिफिकेशन में 1402 अंक हासिल किए थे और 1400 अंकों के पिछले विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया था। इस उपलब्धि ने भारतीय तीरंदाजी की ताकत को एक बार फिर सामने रखा।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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