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कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ : एशियन गेम्स चयन पर स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका की चेतावनी, विश्व रैंकिंग को लेकर भी उठाए सवाल

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 24, 2026
08:29 AM
एशियन गेम्स चयन पर स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका की चेतावनी, विश्व रैंकिंग को लेकर भी उठाए सवाल

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टेबल टेनिस टीम में जगह नहीं मिलने के बाद देश की स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा ने चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वह किसी विशेष सुविधा या टीम में जबरन शामिल किए जाने की मांग नहीं कर रही हैं, बल्कि चयन से जुड़े फैसलों का आधार जानना चाहती हैं। मनिका ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपना सकती हैं।

‘मुझे चयन नहीं, फैसले का कारण जानना है’

मनिका बत्रा ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने अपने करीब दो दशक लंबे करियर में जीत और हार के साथ-साथ चयन और चयन न होने जैसी परिस्थितियों को हमेशा स्वीकार किया है। लेकिन इस बार उन्हें जिस बात से आपत्ति है, वह चयन प्रक्रिया में कथित पारदर्शिता की कमी है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में ऐसी बातें सामने आईं कि वह टीम में शामिल होने या अपने लिए विशेष विचार की मांग कर रही हैं। मनिका ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह सिर्फ यह जानना चाहती हैं कि आखिर उन्हें टीम से बाहर क्यों रखा गया।

प्रधानमंत्री और खेल मंत्री से हस्तक्षेप की अपील

भारतीय खिलाड़ी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि खिलाड़ियों को यह जानने का अधिकार होना चाहिए कि चयन से जुड़े फैसले किन मानकों और प्रक्रियाओं के आधार पर लिए जाते हैं। मनिका ने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी को बाहर किया जाता है तो उसे स्पष्ट रूप से कारण बताया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में वह अपनी कमियों पर काम कर सके।

विश्व रैंकिंग और प्रदर्शन को लेकर उठाए सवाल

मनिका बत्रा ने अपनी मौजूदा विश्व रैंकिंग का उल्लेख करते हुए कहा कि वह विश्व में 51वें स्थान पर हैं और शीर्ष-50 से बहुत मामूली अंतर से बाहर हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार शीर्ष-50 के आसपास बना रहता है और किसी एक सप्ताह उसकी रैंकिंग एक स्थान नीचे चली जाती है, तो क्या उसे अचानक चयन के योग्य नहीं माना जाएगा?

उन्होंने यह भी कहा कि केवल रैंकिंग के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं है। खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन, मौजूदा फॉर्म और बड़े टूर्नामेंटों में उनके योगदान को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

वोटिंग आधारित चयन प्रणाली पर भी जताई चिंता

मनिका ने उन रिपोर्टों पर भी सवाल उठाए जिनमें दावा किया गया था कि अंतिम चयन वोटिंग के जरिए किया गया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो खिलाड़ियों को यह जानने का अधिकार है कि फैसला किसने और किन कारणों से लिया। उन्होंने पूछा कि चयन समिति के सदस्यों ने किस आधार पर मतदान किया और क्या निर्णय पूरी तरह खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर आधारित था या उसमें व्यक्तिगत राय भी शामिल थी।

‘यह सिर्फ मेरा नहीं, सभी खिलाड़ियों का मुद्दा’

मनिका बत्रा ने कहा कि उनकी लड़ाई केवल अपने चयन को लेकर नहीं है, बल्कि पूरे चयन तंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए है। उन्होंने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानजनक और स्पष्ट जवाब मिलना चाहिए। यदि उन्हें जल्द ही संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो वह कानूनी विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेंगी।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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