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सड़क पर मां को पीटा… फिर उसी बेटे को बचाने थाने पहुंची : 75 साल की बुजुर्ग बोली—“कार्रवाई मत करना, बेटा है मेरा…

पलक गीते

पलक गीते

Aug 12, 2026
06:58 AM
75 साल की बुजुर्ग बोली—“कार्रवाई मत करना, बेटा है मेरा…

मध्यप्रदेश | जबलपुर से इंसानियत और रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 75 साल की बुजुर्ग मां के साथ उसके ही बेटे ने सड़क पर मारपीट की। बेटे ने कथित तौर पर मां को थप्पड़ मारे और उनके साथ बदसलूकी की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और पूरे इलाके में इसकी चर्चा होने लगी। मारपीट का वीडियो सामने आया बताया जा रहा है कि यह घटना जबलपुर के रांझी इलाके की है। सड़क पर मां के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। बुजुर्ग महिला को थाने लाया गया, जहां पुलिस ने घटना को लेकर उनसे जानकारी ली और बेटे के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। थाने में मां ने बदल दिया पूरा मामला

लेकिन थाने पहुंचने के बाद कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने पुलिस के साथ-साथ वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। जिस बेटे ने सड़क पर मां को पीटा था, **उसी बेटे के खिलाफ कार्रवाई से मां ने इनकार कर दिया। बुजुर्ग महिला ने पुलिस से कहा कि वह अपने बेटे को सजा नहीं दिलाना चाहतीं।

बेटे की गलती… लेकिन मां के दिल में सिर्फ ममता

बताया जा रहा है कि बेटा शराब का सेवन करता है और नशे की हालत में मां के साथ विवाद करता है। इसके बावजूद मां ने बेटे के खिलाफ शिकायत करने से मना कर दिया। महिला का कहना था कि बेटा भले ही गुस्से में उनके साथ गलत व्यवहार करता है, लेकिन जब वह बीमार पड़ती हैं तो वही बेटा उनकी देखभाल भी करता है।

जिस हाथ से थप्पड़ पड़ा, उसी बेटे के लिए मां बनी ढाल

इस घटना की सबसे भावुक तस्वीर यही है कि जिस बेटे के हाथों मां को दर्द मिला, उसी बेटे को बचाने के लिए मां पुलिस के सामने खड़ी हो गई। एक मां के लिए उसका बच्चा चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो जाए, उसकी गलतियां भी कई बार ममता के आगे छोटी पड़ जाती हैं।

पुलिस ने बेटे को दी समझाइश

महिला की इच्छा और परिस्थिति को देखते हुए पुलिस ने बेटे को समझाइश दी। फिलहाल मामले में बेटे के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस ने उसे भविष्य में मां के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करने की हिदायत दी।

घटना ने खड़े किए कई बड़े सवाल

जबलपुर की यह घटना सिर्फ मां-बेटे के विवाद की कहानी नहीं है। यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या मां की ममता बच्चे की हर गलती को माफ कर देती है? क्या बेटे की गलत हरकत के बावजूद मां इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं चाहती क्योंकि उसके दिल में आज भी वही बच्चा बसा हुआ है, जिसे उसने अपनी जिंदगी के 75 सालों में संभाला है?

मां आखिर मां होती है…

बेटे ने सड़क पर मां को पीटा, लेकिन मां ने थाने में भी बेटे का साथ नहीं छोड़ा। जिस बेटे के खिलाफ कार्रवाई हो सकती थी, उसी के लिए मां पुलिस से रहम की गुहार लगाती रही। शायद यही मां की ममता है—दर्द खुद सह लेती है, लेकिन अपनी औलाद को तकलीफ में नहीं देख पाती।

पलक गीते
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पलक गीते

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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