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राम मंदिर चंदा चोरी मामला: : न्यास आज करेगा हाईलेवल मीटिंग, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर रहेंगी निगाहे, दोनों को पक्ष रखने दिया जाएगा अवसर

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Jul 05, 2026
04:23 PM
न्यास आज करेगा हाईलेवल मीटिंग, चंपत राय और अनिल मिश्रा पर रहेंगी निगाहे, दोनों को पक्ष रखने दिया जाएगा अवसर

लखनऊ/अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी एक आरे जहां आए दिन चौंकाने वाले खुलासे कर रही है। वहीं इस मामले को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास एक्शन में हैं। इस कड़ी में न्यास सोमवार को बड़ी बैठक आहूत करने जा रहा है। इस बैठक में सभी की निगाहें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा पर रहेंगी। सूत्रों की मानें तो इस अहम मीटिंग में न्यास चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफें पर बड़ा फैसला ले सकता है। यानि दोनों के इस्तीफे मंजूर किए जा सकते हैं।

दोनों पदाधिकारियों को दिया जाएगा पक्ष रखने का मौका

सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को बैठक में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट के अन्य सदस्य मिलकर अंतिम निर्णय लेंगे। बैठक में हाल ही में गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। इस दौरान वित्त वर्ष 2025-26 के ऑडिट सिस्टम और दान गणना की पारदर्शी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विचार किया जाएगा।

बता दें चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 26 जून को अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसकी पुष्टि 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने की थी। वहीं 6 जून को मामला उजागर होने के बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था, जबकि 25 जून को एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। ट्रस्ट द्वारा दान-पात्रों की गणना और मंदिर प्रबंधन व्यवस्था की समीक्षा भी बैठक के प्रमुख एजेंडों में शामिल है।

कोषाध्यक्ष का सख्त रुख: दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने इस पूरे प्रकरण को "गंभीर और दुखद" बताते हुए कहा है कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोषी कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला जांच के दायरे में है और एसआईटी, पुलिस तथा न्यायालय पर पूरा भरोसा रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दान की गणना और प्रबंधन व्यवस्था में पारदर्शिता को और मजबूत किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

पारदर्शिता और भविष्य की व्यवस्था पर जोर

कोषाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का पूरा लेखा-जोखा ऑडिटेड और सुरक्षित है तथा नियमित रूप से इसकी जांच होती रहती है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं दान गणना प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं रहे हैं और सभी वित्तीय लेन-देन बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से ही किए जाते हैं।

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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