धड़ाम होंगे तेल के दाम : ट्रंप के दावे से दुनिया को जगी उम्मीद, युद्ध रुकवाने खाड़ी देश लगा रहे जोर

नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मूज स्ट्रेट बंद होने की आशंका ने वैश्विक तेल बाजार में हलचल बढ़ा दी है। कच्चे तेल की कीमतें लगातार 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं, जिससे भारत समेत कई देशों में महंगाई का खतरा गहरा गया है। ब्रिटेन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ चल रहा तनाव जल्द खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा कि तेहरान समझौते के लिए तैयार नजर आ रहा है और यदि हालात सामान्य होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास तेल का बड़ा भंडार है और सप्लाई बढ़ने से दाम तेजी से नीचे आ सकते हैं।
खाड़ी देशों की मध्यस्थता तेज
ट्रंप ने बताया कि सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन जैसे देश दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिशों में जुटे हैं। अमेरिका भी ईरान को बातचीत के जरिए समाधान निकालने का मौका देना चाहता है। हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा।
“हमले से सिर्फ एक घंटा दूर थे”
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बेहद करीब पहुंच चुका था। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के नेताओं के फोन आने और ईरान की ओर से बातचीत के संकेत मिलने के बाद हमला टाल दिया गया। ट्रंप के अनुसार, उस समय सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं।
बाजार में दिखी हल्की नरमी
ट्रंप के बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली है। हालांकि मध्य-पूर्व में सप्लाई को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है, इसलिए कीमतें फिलहाल ऊंचे स्तर पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता आगे बढ़ती है तो आने वाले दिनों में तेल बाजार को बड़ी राहत मिल सकती है।
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