IIM रायपुर में सजा सुशासन का मंच : दो दिवसीय चिंतन शिविर में बनेगी नई रणनीति, तैयार होगा विकास का रोडमैप

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर रायपुर स्थित आईआईएम में शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री सहित पूरा मंत्रिमंडल इस शिविर में हिस्सा ले रहा है। शिविर का मुख्य उद्देश्य सुशासन, नीति निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग और राज्य के विकास की नई कार्ययोजना तैयार करना है। देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ और मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपालदास सहित कई विशेषज्ञ मंत्रियों को अलग-अलग विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इस दौरान प्रशासनिक सुधार, नवाचार और भविष्य की विकास रणनीति पर गहन मंथन होगा।
चिंतन शिविर से विकास का विजन
रायपुर के आईआईएम परिसर में आयोजित इस दो दिवसीय चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री और पूरा मंत्रिमंडल शामिल हुआ है। यह शिविर राज्य सरकार की कार्यशैली को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी तथा परिणाममुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य बदलते समय के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और नई सोच के साथ विकास की गति को तेज करना है।
गुड गवर्नेंस पर मंथन
शिविर में सुशासन यानी गुड गवर्नेंस, बेहतर प्रशासनिक मॉडल और प्रभावी नीति निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। मंत्रियों को बताया जाएगा कि किस प्रकार जनहित की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और प्रशासनिक निर्णयों को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाया जाए।
एआई से सुशासन की नई राह
इस बार के चिंतन शिविर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के उपयोग पर भी विशेष फोकस रखा गया है। विशेषज्ञ यह जानकारी देंगे कि आधुनिक तकनीक और AI की मदद से शासन-प्रशासन को किस तरह अधिक स्मार्ट, जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बनाया जा सकता है। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक आधारित निर्णय प्रणाली पर भी चर्चा होगी।
विशेषज्ञ अलग-अलग विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे
शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विशेषज्ञ अलग-अलग विषयों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें प्रशासनिक सुधार, नेतृत्व क्षमता, नवाचार, नीति निर्माण, विकास मॉडल और बदलते वैश्विक परिदृश्य में राज्यों की भूमिका जैसे विषय शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुभवों से मंत्रियों को भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिलेगा। यह चिंतन शिविर सरकार के लिए केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं, बल्कि भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर भी माना जा रहा है। बेहतर प्रशासन, तकनीक आधारित सुशासन, नवाचार और विकास के नए आयामों के जरिए छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में यह मंथन अहम साबित हो सकता है।

नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
