कान्हा के जंगल की कहानी अब दुनिया की जुबान में! : विदेशी पर्यटकों के लिए नेचर गाइड्स को मिल रही अंग्रेजी की ट्रेनिंग, अब भाषा नहीं बनेगी बाधा

मंडला। विश्व प्रसिद्ध कान्हा राष्ट्रीय उद्यान अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, घने जंगलों और समृद्ध वन्यजीवों के लिए देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यहां आने वाले पर्यटकों को जंगल की जैव विविधता, वन्यजीवों और प्राकृतिक विरासत से रूबरू कराने में नेचर गाइड्स की अहम भूमिका होती है।
हालांकि, विदेशी पर्यटकों के साथ भाषा का अंतर कई बार उनके जंगल सफारी के अनुभव के बीच बाधा बन जाता है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए कान्हा प्रबंधन ने पहल करते हुए नेचर गाइड्स को अंग्रेजी भाषा का विशेष प्रशिक्षण देना शुरू किया है।
59 नेचर गाइड्स को 15 दिन की ट्रेनिंग
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान में चल रहे इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में 59 नेचर गाइड्स को अंग्रेजी भाषा में संवाद करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 15 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान गाइड्स को सरल और सहज अंग्रेजी में पर्यटकों से बातचीत करने और जंगल से जुड़ी जानकारी प्रभावी तरीके से समझाने का अभ्यास कराया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल गाइड्स को अंग्रेजी भाषा सिखाना नहीं है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और संवाद कौशल को मजबूत करना भी है, ताकि वे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के साथ बेहतर तरीके से संवाद कर सकें।
जंगल और पर्यटक के बीच सेतु हैं नेचर गाइड
नेचर गाइड किसी पर्यटक को सिर्फ जंगल की राह दिखाने वाला व्यक्ति नहीं होता। वह पर्यटक और जंगल के बीच एक जीवंत सेतु की भूमिका निभाता है। सफारी के दौरान गाइड ही पर्यटकों को बाघ और दूसरे वन्यजीवों की गतिविधियों, जंगल की वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और कान्हा की प्राकृतिक विशेषताओं के बारे में जानकारी देता है।
ऐसे में गाइड की जानकारी के साथ उसकी भाषा और संवाद करने की क्षमता भी पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित करती है।
विदेशी पर्यटकों को अपनी भाषा में समझ सकेंगे कान्हा की कहानी
अंग्रेजी प्रशिक्षण के बाद विदेशी पर्यटकों के लिए कान्हा की जंगल सफारी का अनुभव और बेहतर होने की उम्मीद है। अब गाइड्स वन्यजीवों और जंगल से जुड़ी जानकारी को अंग्रेजी में अधिक सहजता और आत्मविश्वास के साथ पर्यटकों तक पहुंचा सकेंगे।
बाघ की मौजूदगी से लेकर जंगल की वनस्पतियों, जीव-जंतुओं और यहां की प्राकृतिक विशेषताओं तक, विदेशी पर्यटक कान्हा की कहानी को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
स्थानीय गाइड्स के कौशल विकास की पहल
कान्हा प्रबंधन की यह पहल स्थानीय नेचर गाइड्स के कौशल विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अंग्रेजी भाषा का प्रशिक्षण मिलने से गाइड्स को अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के साथ संवाद करने और अपनी प्रतिभा को बड़े स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। यानी अब कान्हा के ये नेचर गाइड्स सिर्फ पर्यटकों को जंगल की राह नहीं दिखाएंगे, बल्कि दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों को अपनी आवाज में कान्हा के जंगल की कहानी भी सुनाएंगे।
लोकेशन - मध्यप्रदेश मंडला
रिपोर्टर -अरविंद सोनी
नीलम अहिरवार
17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।
