मप्र में बीजेपी विधायक का SP और एसडीओपी को खुला चैलेंज : आईपीएस एसोसिएशन ने जताया विरोध

शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी और पुलिस के बीच विवाद गहराता जा रहा है। मामला उनके बेटे दिनेश लोधी से जुड़े सड़क हादसे से शुरू हुआ, जिसने अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का रूप ले लिया है।
दरअसल, पिछोर से विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी थार गाड़ी से कई राहगीरों को टक्कर मार दी थी, जिसमें पांच लोग घायल हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इसी बीच विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह करैरा के एसडीओपी आईपीएस अधिकारी डॉ. आयुष जाखड़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं। विधायक का कहना है कि पुलिस अधिकारी ने उनके बेटे को करैरा आने से मना किया, जिससे वह नाराज हैं।
वीडियो में विधायक ने तीखे शब्दों में कहा कि करैरा किसी की निजी जागीर नहीं है और उनका बेटा वहां आएगा, चाहे कोई रोके या नहीं। उन्होंने पुलिस अधिकारी को “औकात में रहने” और “कानून के दायरे में काम करने” की नसीहत भी दी। इतना ही नहीं, विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके सवालों का जवाब नहीं मिला, तो वे अपने समर्थकों के साथ एसडीओपी के सरकारी आवास पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
पुलिस का पक्ष
वहीं, एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ ने विधायक के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उनका कहना है कि दिनेश लोधी को केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उन्होंने साफ किया कि किसी को क्षेत्र में आने से रोकने जैसी कोई बात नहीं कही गई।
बीजेपी संगठन की प्रतिक्रिया
मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मुद्दा पार्टी के संज्ञान में है और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विवाद गहराने के संकेत
इस पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के आचरण पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां पुलिस अपनी कार्रवाई को नियमसम्मत बता रही है, वहीं विधायक पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं।
आईपीएस एसोसिएशन ने जताया विरोध
पूरे मामले को लेकर अब आईपीएस एसोसिएशन ने कड़ा विरोध जताया है और विधायक के मामले की कड़ी निन्दा की है।
आलोक त्रिपाठी
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