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विंबलडन में जोकोविच का धमाकेदार आगाज, : चीन के यिबिंग वू की कड़ी चुनौती को पार कर पहुंचे दूसरे दौर में, मुकाबले में दिखाई अनुभव की ताकत

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Jun 30, 2026
06:41 AM
चीन के यिबिंग वू की कड़ी चुनौती को पार कर पहुंचे दूसरे दौर में, मुकाबले में दिखाई अनुभव की ताकत

लंदन। सात बार के विंबलडन चैंपियन नोवाक जोकोविच ने अपने 21वें विंबलडन अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पहले दौर में चीन के यिबिंग वू को 6-4, 5-7, 6-4, 6-4 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया। मुकाबला जितना स्कोरलाइन से आसान दिखा, कोर्ट पर उतना ही चुनौतीपूर्ण रहा। दुनिया के पूर्व नंबर एक खिलाड़ी को जीत दर्ज करने के लिए तीन घंटे 11 मिनट तक कड़ा संघर्ष करना पड़ा।

यिबिंग वू ने शुरुआत से ही दी कड़ी टक्कर

सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस मुकाबले में दुनिया के 102वें नंबर के खिलाड़ी यिबिंग वू ने शुरुआती सेट से ही आक्रामक खेल दिखाया। पहले सेट में उन्होंने 15 विनर्स लगाए और कई बार जोकोविच को रक्षात्मक होने पर मजबूर किया। हालांकि अनफोर्स्ड गलतियों की संख्या भी उतनी ही रही, जिसका फायदा जोकोविच ने उठाया और पहला सेट अपने नाम कर लिया।

दूसरे सेट में वू का आत्मविश्वास और बढ़ गया। जोकोविच शुरुआती ब्रेक प्वाइंट का फायदा नहीं उठा सके, जिससे चीनी खिलाड़ी को मैच में वापसी का मौका मिला। वू ने लगातार दबाव बनाए रखा और सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दर्शकों का समर्थन भी उन्हें लगातार मिलता रहा, जिससे उनका मनोबल और ऊंचा हो गया।

तीसरे सेट में अनुभव आया काम

दूसरे सेट के बाद सेंटर कोर्ट की छत बंद कर दी गई, जिसके बाद मुकाबले का माहौल बदल गया। कंधे की चोट के कारण इस वर्ष सीमित टूर्नामेंट खेलने वाले जोकोविच को तीसरे सेट में भी कड़ी चुनौती मिली। लेकिन निर्णायक क्षणों में उन्होंने अपने अनुभव का परिचय दिया और सेट के अंतिम चरण में वू की सर्विस तोड़कर बढ़त हासिल कर ली।

चैथे सेट में भी मुकाबला रोमांचक बना रहा। वू ने कई मौकों पर जोकोविच की सर्विस पर दबाव बनाया, लेकिन सर्बियाई खिलाड़ी ने छह ब्रेक प्वाइंट बचाते हुए मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। खासतौर पर 2-3 के स्कोर पर 0-40 की स्थिति से वापसी करते हुए उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया और अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया।

अनुभव ने दिलाई जीत

जीत के बाद जोकोविच ने अपने प्रतिद्वंद्वी की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यिबिंग वू ने पूरे मैच में शानदार खेल दिखाया और उन्हें लगातार दबाव में रखा। उनके अनुसार ऐसे मुकाबलों का फैसला कुछ महत्वपूर्ण अंकों पर निर्भर करता है और लंबे अनुभव ने उन्हें उन क्षणों को बेहतर तरीके से संभालने में मदद की।

जोकोविच ने मुस्कुराते हुए कहा कि अगर उनके दो दशक के अनुभव के साथ युवा शरीर भी होता तो यह और बेहतर संयोजन होता। उन्होंने स्वीकार किया कि चैथा सेट उनके हाथ से निकल सकता था, लेकिन सही समय पर संयम बनाए रखने से वह जीत हासिल करने में सफल रहे।

इस जीत के साथ जोकोविच ने विंबलडन के पहले दौर में अपना अजेय रिकॉर्ड 21-0 कर लिया। अब उनकी नजर रिकॉर्ड आठवें विंबलडन खिताब की ओर होगी, जबकि यिबिंग वू ने हार के बावजूद अपने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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