पीएम मोदी का नीदरलैंड दौरा : द हेग में भारतीय समुदाय को किया संबोधित, भारत की संस्कृति और वैश्विक भूमिका पर दिया जोर

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड्स के द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की प्रगति, संस्कृति और वैश्विक भूमिका पर विस्तार से बात की। द हेग को दुनिया “सिटी ऑफ पीस” के रूप में जाना जाता है और इसी मंच से पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत बड़े सपने देख रहा है और उन्हें पूरा करने की क्षमता भी रखता है। उन्होंने भारत के अंतरिक्ष मिशनों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने चंद्रमा पर ऐसी जगह सफलता हासिल की, जहां पहले कोई अन्य देश नहीं पहुंच सका था।
प्रवासी भारतीयों की भूमिका और सांस्कृतिक जुड़ाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब भी उनकी नीदरलैंड्स नेतृत्व से बातचीत हुई, हमेशा भारतीय समुदाय की प्रशंसा की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि समय बदलने के बावजूद भारत की संस्कृति और मूल्य आज भी दुनिया भर में लोगों के दिलों में बसे हुए हैं। पीएम मोदी के अनुसार, भारतीय मूल के लोग जहां भी रहते हैं, वहां अपनी परंपराओं, संस्कारों और अपनापन को जीवित रखते हैं, जो भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
16 मई का विशेष महत्व और वैश्विक चुनौतियों पर टिप्पणी
पीएम मोदी ने 16 मई को एक विशेष दिन बताते हुए कहा कि इसी दिन 2014 में लोकसभा चुनाव के परिणाम आए थे, जिसने भारत की राजनीतिक दिशा बदल दी। उन्होंने यह भी कहा कि यह दशक दुनिया के लिए कई आपदाओं और चुनौतियों से भरा रहा है, और यदि हालात नहीं सुधरे तो आने वाले वर्षों में इसका प्रभाव और गंभीर हो सकता है। प्रधानमंत्री ने वैश्विक स्थिरता और सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल और आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में हर दिन करोड़ों यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (न्च्प्) ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। साथ ही भारत में 2 लाख से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो युवाओं की नवाचार क्षमता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि आज का भारतीय युवा केवल नौकरी की सोच तक सीमित नहीं है, बल्कि ड्रोन और नई तकनीकों के निर्माण में भी आगे बढ़ रहा है।
भारत-नीदरलैंड्स सहयोग और भविष्य की दिशा
प्रधानमंत्री ने ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड्स के बीच सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जैसे नीदरलैंड्स ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, वैसे ही भारत कमल के लिए जाना जाता है। दोनों देशों के बीच साझेदारी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभा सकती है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, प्रवासी भारतीयों के योगदान और तकनीकी प्रगति को एक साथ जोड़ते हुए देश की नई दिशा को रेखांकित किया।
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