मप्र में 4 नई सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी : मोहन कैबिनेट का बड़ा फैसला, 2050 करोड़ के कैंपा प्लान पर भी मुहर, निकायों में भ्रष्टाचार पर सख्ती के संकेत

भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। मंत्रालय में हुई बैठक में विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और किसान कल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। कैबिनेट की बैठक में चार नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 3378 करोड़, कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा सामाजिक न्याय, शिक्षा, सड़क निर्माण और वन संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बड़ी राशि स्वीकृत की गई। सरकार ने कम बारिश वाले जिलों पर विशेष ध्यान देने और विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं चार नए जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय खोलने और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार योजनाओं को जारी रखने का फैसला लिया गया।
कैबनेट में उठा नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार का मुद्दा
कैबिनेट बैठक में नगरीय निकायों में खरीदी के दौरान कथित भ्रष्टाचार और इस मामले में की गई कार्रवाई का मुद्दा उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी मंत्री चैतन्य काश्यप ने दी।
चार जिलों में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी
मंत्री काश्यप ने बताया कि किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में चार नई परियोजनाओं के लिए 3378 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सरकार के अनुसार, किसान कल्याण वर्ष के दौरान 80 प्रतिशत से कम बारिश वाले 12 जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सूखे के आकलन में बारिश के साथ फसलों की बोवनी के रकबे को भी महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा।
सामाजिक कल्याण और शिक्षा पर फोकस
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग की सात योजनाओं के लिए 651 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। वहीं, निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर जिलों में जिला शिक्षा कार्यालय खोलने की स्वीकृति दी गई। लोक निर्माण विभाग के कार्यों को मजबूती देने के लिए 345 करोड़ रुपये और कैंपा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2050 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
इंदौर में निवेश, प्रदेश को मिले पुरस्कार
इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव के दौरान 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय पोषण माह में मध्य प्रदेश को तीसरा स्थान मिला, जबकि पर्यटन विभाग को ‘स्टेट टूरिज्म ऑफ इंडिया’ अवार्ड मिलने की बात सामने आई। पन्ना के अजय अहिरवार ने वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में ब्रिकलेइंग श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। बिजली ट्रांसमिशन लॉस 2.6 प्रतिशत तक कम करने के लिए भी प्रदेश को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।
निकायों की खरीदी में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि कैबिनेट बैठक में नगरीय विकास विभाग में खरीदी के दौरान हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।
मंत्री काश्यप के मुताबिक, नगरीय विकास विभाग में एआई की मदद से गड़बड़ियां पकड़ी गईं और छह महीने के भीतर कार्रवाई की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में भ्रष्टाचार का मामला सामने आने पर सतर्कता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कैबिनेट बैठक ने इन मुद्दों पर भी चर्चा हुई
चिंतन शिविरः 21-22 दिसंबर को शिविर में सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा और आगामी वर्ष की रूपरेखा तय होगी।
किसान कल्याण वर्षः कृषि, सहकारिता, उद्यानिकी और मत्स्य विभाग ने योजनाओं की प्रगति का प्रेजेंटेशन दियाय 12 जिलों में कम बारिश पर रिपोर्ट मांगी।
स्थानीय दीयों को बढ़ावाः दीपावली पर मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में माटी कला और स्थानीय दीयों को प्रोत्साहित करने के निर्देश।
सेवा संकल्प अभियानः 1,345 शिविरों में 17 लाख से अधिक आवेदन मिले, 1,600 से ज्यादा सेवा ज्योति यात्राएं निकाली गईं और 11 तरह की सेवाएं दी गईं।
धन-धान्य कृषि योजनाः बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश के पांच जिलों को केंद्र सरकार ने पुरस्कृत किया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
