धमतरी : बोराई के जंगल बने गांजा तस्करों का नया ठिकाना, 4 महीने में 37 आरोपी गिरफ्तार, ओड़िशा बॉर्डर होने का तस्कर उठा लेते हैं फायदा

धमतरी से TV27NEWS के संवाददाता तनवीर आलम की खबर
धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का बोराई इलाका इन दिनों गांजा तस्करी को लेकर चर्चा में है। ओडिशा सीमा से लगे घने जंगल और सुनसान रास्ते अब तस्करों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनते जा रहे हैं। रात होते ही इलाके में सन्नाटा पसर जाता है और इसी का फायदा उठाकर तस्कर सक्रिय हो जाते हैं।बोराई अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों और टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है, लेकिन लगातार सामने आ रहे गांजा तस्करी के मामलों ने इलाके की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और वन विभाग की ओर से कई चेक पोस्ट बनाए गए हैं और लगातार सर्चिंग अभियान भी चलाए जा रहे हैं, बावजूद इसके तस्करी पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि तस्कर अब नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कई मामलों में आरोपी बाइक के जरिए जंगलों के रास्ते गांजा सप्लाई करते पकड़े गए, जबकि कुछ आरोपी फेरीवाले बनकर तस्करी करते हुए गिरफ्तार हुए हैं।
धमतरी पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक बीते चार महीनों में गांजा तस्करी के कुल 18 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 37 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के लोग शामिल हैं। पुलिस ने करीब 4 क्विंटल 16 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत लगभग 2 करोड़ 77 हजार रुपये बताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ती तस्करी की घटनाओं से इलाके की पहचान प्रभावित हो रही है। लोगों ने प्रशासन से जंगलों में निगरानी और सख्ती बढ़ाने की मांग की है।

बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद अब तस्करों का नेटवर्क जंगलों के भीतर फैलता जा रहा है। ऐसे में बोराई के घने जंगल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। अब सवाल यही है कि आखिर कब तक तस्कर जंगलों की आड़ लेकर कानून को चुनौती देते रहेंगे और क्या पुलिस इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ पाएगी।

नीलम अहिरवार
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