जन विश्वास अभियान : : बिना सूचना किसी भी जिले में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री, लंबित शिकायतों पर पांच विभागों को फटकार

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मैदान में उतरकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान सरकार की प्राथमिकता है और इसमें सभी अधिकारियों को फील्ड में रहकर अधिकतम समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बिना पूर्व सूचना दिए आकस्मिक रूप से किसी भी जिले में पहुंचकर अभियान की समीक्षा करेंगे। जिन जिलों में शिकायतें लंबित हैं, वहां कलेक्टर विशेष प्रयास कर प्रकरणों की संख्या न्यूनतम स्तर पर लाएं। मुख्यमंत्री बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर-कमिश्नर और पुलिस अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
पांच विभागों की लंबित शिकायतों पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक लंबित शिकायतों वाले राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को स्थिति सुधारने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने भी अभियान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाने वाले कलेक्टरों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अधिकारी तत्काल अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं और फील्ड में जाकर लोगों की समस्याओं का निराकरण करें।
स्वामित्व योजना में 1.60 लाख रजिस्ट्रियां पूरी
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026 योजना की समीक्षा में बताया गया कि 21 अक्टूबर तक 49 लाख 48 हजार 980 भूखंडों की नि:शुल्क रजिस्ट्री के लक्ष्य के मुकाबले 1 लाख 60 हजार 230 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बेहतर काम करने वाले उप-पंजीयक राजेश तिवारी (रीवा), संजय मसराम (छिंदवाड़ा) और रणजीत कुशवाह (शिवपुरी) को बधाई दी। पटवारियों जीतेंद्र शुक्ला (केवलारी, सिवनी), वीरेंद्र सिंह नरवरिया (मुंगावली, अशोकनगर) और रूप सिंह यादव (डबरा, ग्वालियर) के कार्यों की भी सराहना की। शून्य प्रगति वाले हल्कों पर रीवा, शहडोल और धार के कलेक्टरों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
अल्प वर्षा वाले 12 जिलों में बनेगी विशेष कार्ययोजना
प्रदेश में सामान्य 949 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले इस वर्ष 908.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। आलीराजपुर, धार, झाबुआ, रतलाम, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, पांढुर्णा, शाजापुर और छिंदवाड़ा में सामान्य से 19 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। मुख्यमंत्री ने संबंधित कलेक्टरों को खेती-किसानी, पेयजल और सिंचाई की व्यवस्था के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को कहा। प्रदेश के 34 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज की गई है।
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