फिटनेस की दुनिया में फिर लौटा देसी स्वाद : सुपरफूड बने मूंग दाल चीला और पनीर

नई दिल्ली: बदलते लाइफस्टाइल और फिटनेस ट्रेंड्स के बीच भारतीय ट्रेडिशनल डाइट एक बार फिर सुर्खियों में है। विदेशी प्रोटीन सप्लीमेंट्स और महंगे फैंसी फूड्स को पीछे छोड़ते हुए अब लोग अपनी रसोई में मौजूद देसी सुपरफूड्स की तरफ रुख कर रहे हैं। फिटनेस एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मूंग दाल चीला, पनीर, दही और स्प्राउट्स (अंकुरित अनाज) जैसी पारंपरिक चीजें युवाओं के बीच फिटनेस का नया मंत्र बन चुकी हैं।
क्यों बढ़ रहा है देसी हाई-प्रोटीन डाइट का क्रेज?
कोरोना महामारी के बाद से लोगों में नेचुरल और घर के बने खाने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। फिटनेस सप्लीमेंट्स के महंगे होने और उनके संभावित साइड-इफेक्ट्स के डर से अब लोग नैचुरल प्रोटीन सोर्सेज को तरजीह दे रहे हैं। भारतीय रसोई में मिलने वाले ये खाद्य पदार्थ न सिर्फ बजट में आते हैं, बल्कि पचाने में भी आसान होते हैं।
ये 4 सुपरफूड्स बने लोगों की पहली पसंद
मूंग दाल चीला (लो-कैलोरी ब्रेकफास्ट): यह फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स का बेहतरीन कॉम्बो है, जो वजन घटाने में मददगार है।
पनीर (मसल्स बिल्डिंग किंग): इसमें मौजूद कैसीन प्रोटीन (Slow-digesting protein) रात में मसल्स रिकवरी के लिए बेस्ट माना जाता है।
दही (गट हेल्थ एक्सपर्ट): प्रोटीन के साथ-साथ यह प्रोबायोटिक्स से भरपूर है, जो पाचन क्रिया को मजबूत रखता है।
स्प्राउट्स (लिविंग सुपरफूड): अंकुरित होने के बाद अनाज में विटामिन सी और प्रोटीन की मात्रा दोगुनी हो जाती है, जो इम्यूनिटी बढ़ाती है।
क्या कहते हैं न्यूट्रिशनिस्ट?
आहार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शाकाहारी डाइट में प्रोटीन की कमी की बात अब पुरानी हो चुकी है। अगर सही कॉम्बिनेशन (जैसे दाल के साथ दही या पनीर) का इस्तेमाल किया जाए, तो जिम जाने वाले युवाओं से लेकर आम कामकाजी लोगों तक, हर कोई अपनी दैनिक प्रोटीन की जरूरत को आसानी से पूरा कर सकता है। यह डाइट न केवल वजन संतुलित रखती है, बल्कि मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करती है।
अभिलाषा कनाडे
खबरी दुनिया की ऑल राउंडर। टीवी जर्नलिज़्म में एक दशक का सफर पूरा कर रही हैं। टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया का प्रगाढ़ अनुभव।
