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उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे राजधानी के 8 सांदीपनि स्कूल : सरकार के राडार पर आए प्राचार्य, गुणवत्ता सुधारने करोड़ों हो रहे खर्च

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admin

Apr 09, 2026
07:51 AM
सरकार के राडार पर आए प्राचार्य,  गुणवत्ता सुधारने करोड़ों हो रहे खर्च

भोपाल। एक ओर स्कूल शिक्षा विभाग, सांदीपनि विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के 8 सांदीपनि विद्यालयों का कक्षा 9-11 वीं का परिणाम सबसे खराब आया है। भोपाल जिले में 8 सांदीपनि विद्यालयों में नौवीं का परिणाम 48 व 11 वीं का 76 प्रतिशत रहा, जबकि सामान्य स्कूलों में 9 का 54 व 11 वीं का 80 प्रतिशत परिणाम आया है। इसे लेकर स्कूल शिक्षा विभाग गंभीर हो गया है।

बता दें कि प्रदेश में 2022-23 से 274 स्कूलों को सांदीपनि विद्यालय खोले गए थे। फिलहाल ये स्कूल जिला मुख्यालयों पर स्थित पुराने भवनों में चल रहे हैं। इनमें से 254 स्कूलों के लिए भवन और आधुनिक प्रयोगशाला निर्माण का काम जारी है। शासन ने इन सभी सांदीपनि विद्यालयों के लिए बजट बढ़ाकर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का बजट प्रावधान भी कर दिया है। इन विद्यालयों में प्राचार्य से लेकर शिक्षकों की परीक्षा लेकर पदस्थापना की गई। इसके बावजूद शैक्षणिक गुणवत्ता नहीं सुधर पाई है। इन विद्यालयों का परिणाम इस साल तो सामान्य स्कूलों से खराब आया है।

खराब परिणाम को लेकर प्राचार्यों से जवाब- जलब

विभाग के अनुसार भोपाल जिले के इस साल 8 सांदीपनि विद्यालयों में आयोजित वार्षिक परीक्षाओं में नौवीं का परिणाम 48 व 11 वीं का 76 प्रतिशत रहा, जबकि सामान्य स्कूलों का 9 का 54 व 11 वीं का 80 प्रतिशत परिणाम आया है। खराब परिणाम आने की वजह का मूल कारण प्राचार्य नहीं बता पा रहे हैं। फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक ने खराब प्रदर्शन करने वाले सभी प्राचार्यों से जवाब-तलब किया है। विभाग इन विद्यालयों के परिणाम की समीक्षा कर सुधार करने का प्रयास करेगा, ताकि ये स्कूल अगले साल 10 वीं व 12 वीं बोर्ड में अच्छा परिणाम ला सकें। बता दें कि इन स्कूलों में उक्त कक्षाओं में लगभग 2000 बच्चे है।

प्रशिक्षण पर करोड़ों खर्च, फिर भी सुधार नहीं

शासन सांदीपनि विद्यालयों को निजी स्कूलों की तर्ज पर विकसित कर रही है। फिलहाल राजधानी के दो स्कूल नए भवन में शिफ्ट हो गए हैं। यहां प्रशिक्षित शिक्षक, सुविधायुक्त लाइब्रेरी, स्पोटर्स कॉम्पलेक्स, स्मार्ट क्लॉस रूम, खेल मैदान आदि उपलब्ध कराई जा रही है। इन विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण देने में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी शैक्षणिक गुणवत्ता नहीं सुधर पा रही है।

ये रहे परिणाम (प्रतिशत में)

क्रमांक स्कूल 9 वीं 11 वीं

1. सांदीपनि महात्मा गांधी 61 80

2. सांदीपनि बरखेड़ी 54 77

3. सांदीपनि बर्रई 46 39

4. सांदीपनि बैरसिया 36 76

5. सांदीपनि कन्या कमला नेहरू 70 90

6. सांदीपनि निशातपुरा 36 66

7. सांदीपनि करोंद 43 62

8. सांदीपनि गोविंदपुरा 53 89

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एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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