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OBC वर्ग से शिक्षक, ST से बने DSP, : कूटरचित दस्तावेजों को लेकर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पर शिकंजा, दर्ज हुआ मामला

प्रफुल्ल तिवारी

प्रफुल्ल तिवारी

Sep 19, 2026
07:12 AM
कूटरचित दस्तावेजों को लेकर रिटायर्ड पुलिस अधिकारी पर शिकंजा, दर्ज हुआ मामला

भोपाल। फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए आरक्षित वर्ग का लाभ लेने के आरोप में सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी और पूर्व विधायक ममता मीणा के पति रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है। पुलिस मुख्यालय की बिजिलेंस ब्रांच ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मीणा के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

शिक्षक रहते पिछड़ा वर्ग में दर्ज था नाम

जांच में सामने आया कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीणा मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। शिक्षक रहते समय स्वयं को ओबीसी वर्ग का बताया था, जबकि डीएसपी बनने के लिए एसटी वर्ग का फर्जी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। इसके बाद उन्हें सेवा संबंधी अन्य लाभ मिलने की भी जांच की जा रही है।

1984 में जारी प्रमाण पत्र पर सवाल

मामले में वर्ष 1984 में विदिशा के आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र जांच के केंद्र में है। शासन की उच्च स्तरीय जांच समिति ने दस्तावेजों की पड़ताल के बाद इस प्रमाण पत्र को फर्जी और अमान्य घोषित किया था।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

गुना जिले के राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई। जांच में पुराने अभिलेखों और प्रमाण पत्रों का मिलान किया गया। अब पुलिस रघुवीर सिंह मीणा के मध्यप्रदेश का मूल निवासी होने से संबंधित दस्तावेजों के साथ प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। मामले में पुलिस आगे की जांच के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

प्रफुल्ल तिवारी
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प्रफुल्ल तिवारी

एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।

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