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अचानक गेंहू खरीदी केंद्र पहुंचे सीएम डॉ. मोहन यादव : अधिकारियों में मचा हड़कंप,व्यवस्थाओं का लिया जायजा

नीरज द्विवेदी

नीरज द्विवेदी

Apr 30, 2026
07:40 AM
अधिकारियों में मचा हड़कंप,व्यवस्थाओं का लिया जायजा

खरगोन। किसानों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने कथन को व्यवहार में भी साबित किया। 29 अप्रैल को उन्होंने संकेत दिया था कि वे किसी भी गेहूं उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर सकते हैं, और 30 अप्रैल की सुबह उन्होंने ऐसा कर भी दिखाया।

मुख्यमंत्री अचानक खरगोन जिले के कतरगांव स्थित गेहूं खरीदी केंद्र पहुँच गए, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने किसानों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याएँ सुनीं और उनके साथ चाय भी पी। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

महेश्वर में किया था रात्रि विश्राम

इससे पहले मुख्यमंत्री ने 29 अप्रैल को महेश्वर में रात्रि विश्राम किया था। प्रदेश सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठने की व्यवस्था सहित कई बुनियादी सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि किसान अब जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं। साथ ही, तौल में देरी से बचाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है।

गुणवत्ता मानकों में राहत

किसानों को राहत देते हुए सरकार ने गेहूं की गुणवत्ता से जुड़े मानकों में भी संशोधन किया है। चमक विहीन गेहूं की स्वीकार्य सीमा बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। इसके अलावा, सूखे (सिकुड़े) दानों की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत और क्षतिग्रस्त दानों की सीमा 6 प्रतिशत तक कर दी गई है।

उपार्जन केंद्रों पर बारदाना, तौल कांटे, हम्माल-तुलावटी, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, कूपन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण तथा सफाई के लिए पंखा और छन्ना जैसी आवश्यक व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

गेहूं खरीदी की प्रगति

प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया तेजी से जारी है। अब तक 9.83 लाख किसानों ने 60.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए हैं। वहीं, 5,08,657 किसानों से 22.70 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है।

पिछले वर्ष प्रदेश में 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हुआ था, जबकि इस वर्ष प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद सरकार ने 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया है।

नीरज द्विवेदी
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नीरज द्विवेदी

5 साल से ज्यादा का पत्रकारिता अनुभव। टीवी और प्रिंट मीडिया में कलमकारी की है। पॉलिटिकल और पब्लिक कनेक्ट की खबरों में दिलचल्पी। TV27NEWS DIGITAL में एंकरिंग भी कर रहे हैं।

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