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दुर्ग : शासकीय जमीन से पेड़ों की कटाई पर बवाल, लकड़ी से लदी गाड़ी वन विभाग ने जब्त की

नीलम अहिरवार

नीलम अहिरवार

Oct 22, 2026
07:59 AM
शासकीय जमीन से पेड़ों की कटाई पर बवाल, लकड़ी से लदी गाड़ी वन विभाग ने जब्त की

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत ननकट्ठी में शासकीय जमीन से पेड़ों की कटाई और भारी मात्रा में बबूल की लकड़ी के परिवहन को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी जमीन से कई बार चारपहिया वाहनों में लकड़ियां भरकर ले जाई गईं। मामला सामने आने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। इस दौरान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और लकड़ी कटाई के ठेकेदार के बीच तीखी बहस भी हुई।

सूखे पेड़ों की आड़ में हरे-भरे वृक्ष काटने का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक, शासकीय जमीन पर लकड़ी कटाई का काम नवरात्रि से पहले से लगातार चल रहा था। ठेकेदार की ओर से ग्राम पंचायत का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) होने की बात कही गई। साथ ही, केवल दो गाड़ियों में लकड़ी के परिवहन की अनुमति होने का दावा किया गया।

बताया गया कि सूखे और गिरे हुए बबूल के पेड़ों को काटकर ले जाने की अनुमति थी। हालांकि, ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूखे पेड़ों की आड़ में मोटे और हरे-भरे पेड़ों की भी कटाई की गई। घटनास्थल पर एक बड़े कौहा वृक्ष को काटे जाने का मामला भी सामने आया है। इससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गई।

वन विभाग ने लकड़ी से लदी गाड़ी को कब्जे में लिया

विवाद की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पर्याप्त दस्तावेज नहीं मिलने के बाद टीम ने लकड़ी से लदी एक गाड़ी को अपने कब्जे में लिया और उसे डीएफओ डिपो पहुंचाया। अब लकड़ी कटाई और परिवहन से संबंधित अनुमति, पंचायत के अनापत्ति प्रमाण पत्र तथा अन्य दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, लकड़ी कटाई के काम में बालाघाट से आए दिहाड़ी मजदूरों को लगाया गया था। हालांकि, कटाई की वास्तविक मात्रा, पेड़ों की स्थिति और परिवहन की अनुमति को लेकर स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

ग्रामीणों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

ग्राम पंचायत ननकट्ठी के ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अनुमति केवल सूखे और गिरे हुए पेड़ों को हटाने की थी, तो हरे-भरे वृक्षों की कटाई के आरोपों की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

इस मामले में ग्रामीण सुखदेव निषाद, अगेश्वर निषाद और ललित निषाद ने अपनी बात रखी। वहीं, ग्राम पंचायत के उपसरपंच रवि साहू की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।

अब जांच पर टिकी निगाहें

ननकट्ठी में शासकीय जमीन से पेड़ों की कटाई का मामला अब जांच का विषय बन गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकारी जमीन से केवल सूखे और गिरे हुए पेड़ ही काटे गए, या अनुमति की आड़ में हरे-भरे वृक्षों पर भी कुल्हाड़ी चलाई गई? वन विभाग द्वारा जब्त की गई लकड़ी, संबंधित दस्तावेजों और कटाई की अनुमति की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

नीलम अहिरवार
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नीलम अहिरवार

17 साल से टीवी और डिजिटल की दुनिया में सक्रिय। एंटरटेनमेंट, करंट अफेयर्स और पब्लिक कनेक्ट खबरों की धुरंधर। बॉलीवुड की हरकतों को दुनिया तक पहुंचाने में खास दिलचस्पी।

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