सीएम मोहन का बड़ा संदेश : जहां गीता समाप्त होती है, वहीं से शुरू होता है जीवन का अभ्युदय

भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार फोर्थ नेशनल काॅन्फ्रेंस फाॅर एचआर-सीएसआर ‘अभ्युदय’ के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इंडोनेशिया से आए पद्मश्री डॉ. अगुष इंद्र उद्याना ने एक पारम्परिक घंटी भेंट की। कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. अगुष इंद्र उद्याना, पद्मश्री डॉ. एचआर नागेंद्र, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, शिक्षाविद्, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विद्वान उपस्थित रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम मोहन ने ‘अभ्युदय’ को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज के लिए प्रेरणा और आदर्श का स्रोत है। उन्होंने जीवनभर चुनौतियों का सामना करते हुए मानव धर्म और राजधर्म का पालन किया। कंस का वध करने के बाद भी उन्होंने स्वयं सत्ता संभालने के बजाय योग्य व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां गीता समाप्त होती है, वहीं से जीवन का अभ्युदय प्रारंभ होता है।
श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय का होगा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर गहन शोध करने वाले शोधार्थियों और संस्थाओं को सरकार की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
डॉ. यादव ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक समरसता, उद्यमशीलता, मित्रता और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता है। उन्होंने सुदामा के साथ मित्रता निभाई और महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठिर को राजगद्दी पर बैठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण ने हमेशा योग्यता को प्राथमिकता दी और स्वयं को राजा कहलाना पसंद नहीं किया।
युवाओं के कौशल विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क संचालित है और प्रदेश में तीन स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की गई है। उन्होंने उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों से संवाद के दौरान कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक निवेश आकर्षित कर रहा है। इस दौरान टाटा समूह के प्रतिनिधि ने राज्य में कौशल विकास के क्षेत्र में विस्तार की मंशा जताई।
खेल, शिक्षा और नशामुक्ति पर भी चर्चा
डॉ. यादव ने बताया कि हाल के एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते, जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं। प्रदेश में 18 खेल अकादमियां संचालित हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत योग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योग और वेलनेस को बढ़ावा देने के साथ नशामुक्ति अभियान को भी गति दी जा रही है।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
अपर मुख्य सचिव संस्कृति एवं श्रीकृष्ण पाथेय न्यास के न्यासी सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि सरकार प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम कर रही है। ओंकारेश्वर में एकात्म धाम और भगवान श्रीराम से जुड़े चित्रकूट सहित महत्वपूर्ण स्थलों के विकास से धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
