लॉड्र्स से भोपाल तक गूंजी क्रांति की गूंज : सीएम मोहन 5 लाख देकर किया सम्मानित, बोले- बेटियां रच रही हैं नया खेल इतिहास, खेलों को बढ़ावा देने का दोहराया संकल्प

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल अधोसंरचना, खिलाडियों के प्रशिक्षण और उन्हें हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री निवास स्थित संवाद भवन में आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में खेलो बढ़ो अभियान के तहत सांसद कप और विधायक कप जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से हर विधानसभा और तहसील स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मंच दिया जा रहा है। इसी प्रयास का परिणाम है कि आज प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर क्रांति गौड़, उनके पिता नरसिंह सिंह और भाई महेंद्र सिंह का सम्मान किया।
क्रांति गौड़ को पांच लाख रुपये की सम्मान राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से क्रांति गौड़ को तीन लाख रुपये का चेक और स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इसके अलावा उन्होंने अपनी ओर से दो लाख रुपये की अतिरिक्त सम्मान राशि भी भेंट की। इस तरह क्रांति गौड़ को कुल पांच लाख रुपये की सम्मान राशि देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश की लाड़ली बेटी क्रांति गौड़ ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि लॉड्र्स के ऐतिहासिक मैदान पर सात विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गर्व की बात है। यह उपलब्धि प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
बेटियां किसी से कम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मध्यप्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं। खेलों में भी वे लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटे गांवों से निकलकर भी विश्व स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाडियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि अधिक से अधिक युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश का नाम रोशन करें।
संघर्षों से भरा रहा क्रांति का सफर
सम्मान समारोह में क्रांति गौड़ ने युवा खिलाडियों से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उनका सपना भारतीय क्रिकेट टीम की नीली जर्सी पहनने का था। बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने संकल्प ने उन्हें कभी हार नहीं मानने दी।
क्रांति ने कहा कि उनके परिवार ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना किया। कई बार बरसात में टपकते मकान के नीचे रहना पड़ा और घर में राशन तक नहीं होता था, लेकिन माता-पिता ने कभी उनके सपनों को टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के समर्थन के बिना टीम इंडिया तक पहुंचना संभव नहीं था।
युवा खिलाडियों को दिया प्रेरणा का संदेश
क्रांति गौड़ ने युवा खिलाडियों से कहा कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने खिलाडियों से अनुशासन, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, खेल सचिव संजीव सिंह, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक अंशुमान सिंह यादव सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। समारोह में खिलाडियों ने क्रांति गौड़ की उपलब्धियों का जोरदार स्वागत किया और उन्हें प्रदेश की नई खेल प्रेरणा बताया।
प्रफुल्ल तिवारी
एक अनुभवी पत्रकार और लेखक, जो देश और दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता के साथ आप तक पहुँचाते हैं।
