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नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब राहु किसी अन्य ग्रह के साथ युति बनाते हैं तो उसका प्रभाव अक्सर चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस समय कुंभ राशि में राहु के साथ मंगल और बुध भी मौजूद हैं, जिससे त्रिग्रही योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक यह स्थिति 11 अप्रैल 2026 तक बनी रहेगी और इस दौरान कुछ राशियों के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
ज्योतिष शास्त्र में राहु को भ्रम, अस्थिरता और अचानक बनने वाली परिस्थितियों से जोड़ा जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस और आवेग का प्रतीक है। वहीं बुध बुद्धि, तर्क और निर्णय क्षमता के कारक माने जाते हैं। इन तीनों ग्रहों की एक साथ मौजूदगी कई बार व्यक्ति को जल्दबाजी में निर्णय लेने की ओर प्रेरित कर सकती है। इसलिए इस समय सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी बताया जा रहा है।
मेष राशि के लोगों के लिए यह समय कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। कामकाज में रुकावटें आने की संभावना है और कई बार बनते हुए काम भी अचानक अटक सकते हैं। नौकरी या व्यापार से जुड़े मामलों में जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान पहुंचा सकता है। आर्थिक मामलों में भी सतर्क रहना जरूरी रहेगा, क्योंकि खर्च बढ़ सकते हैं। परिवार में छोटी-मोटी बातों को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है।
कर्क राशि के जातकों को इस अवधि में धैर्य बनाए रखने की जरूरत होगी। मेहनत के बावजूद परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। खर्चों में बढ़ोतरी से आर्थिक संतुलन प्रभावित हो सकता है। निवेश या साझेदारी से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ गलतफहमी भी हो सकती है, इसलिए बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा।
वृश्चिक राशि के लोगों के लिए भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। योजनाएं बनाने के बावजूद काम समय पर पूरे न होने की संभावना है। कार्यस्थल पर आलोचना या विरोध का सामना करना पड़ सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है, क्योंकि जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसान दे सकता है। ऐसे समय में धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना लाभदायक माना गया है।
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