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झीलों की नगरी में हिन्दू समाज ने ऐसे किया शक्ति प्रदर्शन : देखने को मिला समाज को जोड़ने का सार्थक प्रयास भी

देखने को मिला समाज को जोड़ने का सार्थक प्रयास भी
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admin

Jan 12, 202612:41 PM

भोपाल। झीलों की नगरी भोपाल में रविवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राष्ट्रप्रेम और सामाजिक समरसता की भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। नगर के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर आयोजित हिंदू सम्मेलनों ने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो विभाजन की रेखाएं स्वतः मिटने लगती हैं। इन सम्मेलनों में केवल विचारों का आदान-प्रदान ही नहीं हुआ, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद और प्रबोधन के माध्यम से समाज को जोडने का सार्थक प्रयास भी देखने को मिला। वहीं सामाजिक एकता एवं संगठन पर मंथन भी हुआ।

सरस्वती बस्ती में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा तो भीमनगर बस्ती में हुए समारोह में प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा शामिल हुए थे। तुलसी नगर बस्ती के आयोजन में सकल हिंदू समाज को गुफा मंदिर के महंत अखिल भारतीय संत समिति के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अनिलानंद जी का मार्गदर्शन मिला। इसके साथ ही रजत बस्ती, 5 नंबर बस स्टॉप, नेहरू नगर, घोड़ा नक्काश मंदिर, आकृति ग्रीन, साकेत बस्ती भारत माता पार्क, 12 नंबर स्टॉप के साथ ही कोलार रोड़ के बैरागढ़ चीचली और मंदाकिनी पार्क में भी यह कार्यक्रम किया गया। इस आयोजन की सबसे प्रेरक झलक वह सामूहिक भोजन रहा, जहाँ जाति और पंथ की सभी सीमाएँ टूटती दिखाई दीं।

एक पंक्ति में बैठकर भोजन करते नजर आए हर वर्ग के लोग

हर वर्ग, हर समाज के लोग एक पंक्ति में बैठकर भोजन करते नजर आए, और विशेष बात यह रही कि भोजन की सामग्री सभी जातियों के घरों से आई थी। यह केवल भोजन नहीं था, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और भाईचारे का उत्सव था। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह संदेश दिया कि संगठित हिंदू समाज ही समर्थ भारत की नींव है। राष्ट्र के प्रति प्रेम और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना से ओत-प्रोत यह आयोजन समरसता की दिशा में एक बड़ा और प्रेरणादायक कदम बनकर उभरा, जो आने वाली पीढियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण स्थापित करता है।

साध्वी प्रज्ञा ने दिखाया सामाजिक एकता और पुनरुत्थान के मार्ग

सरस्वती बस्ती में आयोजित हिन्दू सम्मेलन एक ऐतिहासिक कार्यक्रम सिद्ध हुआ, जिसमें समाज के संगठन और एकजुटता पर विशेष चर्चा हुई। मुख्य वक्ता के रूप में अखिलेन्द्र सिंह राठौर ने समाज को संगठित करने का आह्वान किया। वहीं सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने सामाजिक एकता और पुनरुत्थान का मार्ग दिखाया। लव जिहाद, जातिगत विभेद तथा जातियों में बँटे हिन्दू समाज के दुष्प्रभावों की चर्चा करते हुए समाज की चुनौतियों का विश्लेषण भी किया। इसके साथ ही समाज में व्याप्त विभिन्न बुराइयों के निवारण हेतु सामूहिक प्रयासों पर बल दिया तथा हिन्दू समाज के अंतर्गत सभी वर्गों के बीच सौहार्द और संवाद बढ़ाने का आग्रह किया है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं एवं युवा शामिल हुए। कलश यात्रा एवं गौ पूजन के साथ इसका शुभारंभ हुआ।

सामाजिक संगठन पर जोर

जवाहर बाल उद्यान के पास अनंता स्कूल में आयोजित तुलसी बस्ती में मुख्य वक्ता रहे बनवारीलाल सक्सेना ने सनातनियों को संस्कारों द्वारा एक साथ जुडने का संदेश दिया। यहां सेवा भारती की किशोरी आयाम की प्रांत प्रमुख आभा पांडेय ने भी सकल हिन्दू समाज को संबोधित किया। इनका कहना था कि जिस देश का समाज संगठित होगा दुनिया उसके पीछे चलेगी। इसके साथ ही पीपुल्स मॉल में बने लाल किले में भी हिंदू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से सम्मेलन किया गया। जिसमें राष्ट्रीय की भूमिका, लोगों के कर्तव्य के बारे में विशेष जोर दिया गया। साथ ही समाज में सकारात्मक बदलाव लाने वाले विद्वानों का उदाहरण देते हुए संगठन शक्ति को सर्वोपरि बताया है।

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