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इंदौर। अमेरिकी डाॅलर के रुपये की गिरती कीमत को लेकर मप्र का सियासी पारा हो गई है। बता दें कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 93 रुपए के पार पहुंच गया है। जिसको लेकर सियासत शुरू हो गई है। यही नहीं कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर वार शुरू कर दिया है। हालांकि इस बार कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां हैं। कांग्रेस नेताओं ने इंदौर में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पोस्टर लगवाए हैं, जिसमें लिखा है- अमिताभ बच्चन को गिरते रुपयों पर ट्वीट करने वाले को ईनाम देंगे।
पोस्टर में साल 2013 का अमिताभ बच्चन का एक पुराना ट्वीट दिखाया गया है। उस ट्वीट में उन्होंने रुपये की गिरावट पर चिंता जताई थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब पहले रुपये की कमजोरी को देश की प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता था, तो अब हालात और खराब होने के बावजूद वही आवाजें खामोश क्यों हैं। पोस्टरों में तंज कसते हुए लिखा गया है कि जो लोग पहले आर्थिक मुद्दों पर खुलकर बोलते थे, वे अब चुप्पी साधे हुए हैं।
शहर की राजनीति में बढ़ी हलचल
मामले को और ज्यादा गर्माते हुए कांग्रेस नेताओं ने एक अनोखी घोषणा भी की है। उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति अमिताभ बच्चन से रुपये की गिरावट पर ट्वीट करवा देगा, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर खुद अमिताभ बच्चन इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हैं, तो यह इनाम उन्हें ही दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद शहर की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।
इन कलाकारों की चुप्पी पर खड़े किए सवाल
कांग्रेस ने केवल अमिताभ बच्चन ही नहीं, बल्कि अन्य कलाकारों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने जूही चावला, अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग पहले सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहते थे, वे अब रुपये की गिरावट पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं।
कांग्रेस ने केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रुपये की कमजोरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। आयात महंगा होने से पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं, जिससे महंगाई बढ़ती है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई और इलाज भी महंगे हो जाते हैं, कंपनियों की लागत बढ़ती है और रोजगार पर असर पड़ता है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ पोस्टर वार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे लेकर आगे भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि जो लोग पहले रुपये के गिरने पर देशभक्ति की बातें करते थे, वे अब सामने आकर देश की अर्थव्यवस्था पर अपनी राय रखें।
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