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भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल जिले में एक से 30 मई तक जनगणना 2027 होगी। इस जनगणना कार्य दो चरणों में पूरा होगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी। इस कार्य को करने के लिए जिला स्तरीय समिति कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में की गई है। इसमें संयोजक जिला जनगणना अधिकारी के अलावा 5 सदस्य बनाए गए है। जनगणना का पहला चरण, जिसमें मकान सूचीकरण का कार्य शामिल है, 1 से 30 मई तक चलेगा। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। इस बार जनगणना में स्व-गणना पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से डेटा संकलित किया जाएगा।
जिले में जनगणना कार्य के सुचारू संचालन के लिए 16 अधिकारियों की टीम के नेतत्व में बनाई गई है। इन इस टीम के मुखिया कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह प्रमुख जनगणना अधिकारी होंगे। टीम में दो जिला जनगणना अधिकारी नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन और डिप्टी कलेक्टर भुवन गुप्ता को बनाया गया है। बताया जाता है कि भोपाल जिले में जनगणना कार्य के लिए करीबन 20 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें शिक्षा, राजस्व, नगर निगम समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी समेत बीएलओ शिक्षक भी शामिल है।
टीम में 5 अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी डिप्टी कलेक्टर निधि चैकसे, डीईओ नीरज अहिरवार, सांख्यिकी अधिकारी प्रेमा खाखा, पीआरओ अरूण शर्मा, सूचना विज्ञान अधिकारी एमएल अहिरवार के अलावा एसडीएम विनोद सोनकिया, आशुतोष शर्मा, पीसी पांडेय, तहसलीदार अनुराग त्रिपाठी, दिलीप चैरसिया, एनएस परमार और नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सक्सेना आदि शामिल है।
जनगणना संबंधी जानकारी रहेगी गोपनीय
बता दें कि केंद्र सरकार से जारी राजपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रहेंगी। इन जानकारियों का उपयोग किसी भी न्यायालय, जांच या अन्य प्रयोजन के लिए साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
जनगणना में होंगे ये बिंदू
- नागरिक 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भर सकेंगे। इसमें मकान सूचीकरण के दौरान नागरिकों से 33 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी।
- इन बिंदुओं में भवन नंबर, जनगणना मकान नंबर, मकान की दीवार, छत और फर्श में प्रयुक्त सामग्री, मकान के उपयोग और स्थिति से संबंधित जानकारी शामिल है।
- परिवार में रहने वाले सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और सामाजिक वर्ग जजा, अजजा या अन्य का विवरण दर्ज होगा।
- पेयजल का मुख्य स्रोत, प्रकाश का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता और उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी, घर में स्नानघर, एलपीजीध्पीएनजी कनेक्शन, टेलीविजन, रेडियो, इंटरनेट सुविधा, कंप्यूटर और मोबाइल स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं की जानकारी भी ली जाएगी।
- परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड, कार, जीप या वैन जैसे वाहनों की जानकारी भी शामिल है। साथ ही, परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य खाद्यान्न, विवाहित दंपत्तियों की संख्या, परिवार के मुखिया का व्यवसाय और मकान के स्वामित्व की स्थिति से जुड़ी जानकारी।
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