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भोपाल। मप्र में कार्यालयीन समय प्रबंधन को लेकर पिछले महीने मारे गए आकस्मिक छापों में पांच वरिष्ठ अधिकारी निशाने पर आ गए हैं। इन अधिकारियों का कार्यालयीन समय बहुत की खराब है। ये न खुद समय पर आते हैं और न ही जाते हैं। इनके अधीनस्त अमले का भी कार्यालयनी समय बिगड़ा हुआ है। हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग ने छापामार कार्रवाई के बाद सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारियों के कार्यालय आने और जाने की दैनिक सूची बनाएं और भेजें।
मंत्रालय में जो वरिष्ठ अधिकारी समय प्रबंधन को लेकर सामने आए हैं, उनमें एक अपर मुख्य सचिव और अन्य 4 प्रमुख सचिव स्तर के हैं। बताया गया कि सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल ने पिछले महीने मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर मंत्रालय खुलते ही दो वरिष्ठ अधिकारियों के कक्षों का निरीक्षण किया था। तक वे कार्यालय में अनुपस्थित मिले। अपर मुख्य सचिव उनके कक्ष के फोटो वरिष्ठ स्तर पर भेजे गए। इनमें से एक वरिष्ठ अधिकारी हाल ही में विभाग बदला गया है।
1 को छोड़कर 4 के पास प्रमुख विभाग
जिन अधिकारियों का कार्यालनीय समय प्रबंधन खराब हैं, उनमें से 1 अधिकारी को छोड़कर अन्य 4 के पास प्रमुख विभाग हैं। प्रमुख सचिव स्तर के एक अधिकारी पिछले 25 महीने से विभाग में पदस्थ हैं। इनके अधीन तीन प्रमुख विभागध्यक्ष कार्यालय भी हैं। बताते हैं कि दोपहर भोज के बाद इनके लौटने का तय नहीं है। एक अधिकारी का पिछले महीने ही विभाग बदला है, पुराने विभाग में भी उनका कार्यालयीन समय प्रबंधन बिगड़ा था, नए में भी सुधार नहीं है। अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी के ऊपर नए साल में विभागों का भार कम किया था, लेकिन विभाग कम होने पर भी कार्यालयनी समय में सुधार नहीं हुआ।
इसी तरह करीब 16 महीने से विभाग की कमान संभाल रहे प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी इसलिए कार्यालय समय पर नहीं आते कि उनके पास अच्छा विभाग नहीं है। विभाग में कुछ काम ही नहीं है। जबकि सरकार की नजर में अधिकारी के हिसाब से बेहतर विभाग है। करीब 8 महीने से विभाग देख रहे प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी का कार्यालय आने का अपना ढंग है। हालांकि मुख्यमंत्री समेत अन्य सभी प्रमुख बैठकों में समय पर पहुंचते का खासा ध्यान रखते हैं।
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