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ग्वालियर। कट्टर सिंधिया समर्थक पूर्व मंत्री इमरती देवी का निगम मंडल में नियुक्तियों से जुड़ा हुआ बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने अपने बयान में कहा है कि यदि निगम मंडल में उन्हें मौका मिलता है तो वह जनता की सेवा करने के लिए तैयार है। हालांकि आलाकमान उनसे संपर्क कर रहा है या नहीं कर रहा, इस सवाल से वह पीछे हटती हुई नजर आई।
दरअसल, मध्य प्रदेश में निगम मंडल प्राधिकरण में नियुक्तियों की अटकले जल्द दूर हो सकती है। ऐसा इसलिए माना जा सकता है क्योंकि हाल ही में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा था कि जल्द नियुक्तियां कर दी जाएगी। इसके बाद से प्रदेश के कई नेता निगम मंडल प्राधिकरण में अपनी जगह बनाने के लिए कवायद कर रहे हैं। इसी मामले में जब पूर्व मंत्री इमरती देवी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सरकार मौका देगी तो अच्छी बात है। पहले भी मुझे निगम मंडल में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था।
ये हाईकमान का काम- मंत्री सिलावट
इमरती देवी ने आगे कहा कि अगर सरकार मुझे फिर से मौका देगी तो मैं काम करने के लिए तैयार हूं। ‘वरिष्ठ नेतृत्व संपर्क में है’ वाले सवाल पर वह असहज नजर आई। उन्होंने इशारों-इशारों में यह जरूर कहा कि अभी माहौल चल क्या रहा है, इसका उन्हें कुछ भी पता नहीं है। मोहन सरकार का इस मामले में क्या रुख है, इससे जुड़ा सवाल जब कट्टर सिंधिया समर्थक और प्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट से किया गया तो उन्होंने कहा कि ये काम उनके बस का नहीं है। ये हाईकमान का काम है।
कांग्रेस बोली- नियुक्तियां न होने से व्यवस्थाएं बिगड़ रही
वहीं निगम मंडल प्राधिकरण में नियुक्तियों से जुड़े मामले में कांग्रेस ने नियुक्तियां न होने के पीछे की वजह भाजपा में गुटबाजी को बताया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राम पांडेय ने कहा कि प्रदेश में यह नियुक्तियां न होने से व्यवस्थाएं बिगड़ रही है। ऐसा माना जा सकता है कि कोई यूनिवर्सिटी बिना कुलगुरु के, कोई मेडिकल कॉलेज बिना डीन के चलाया जा रहा हो। उन्होंने यह भी कहा है कि जल्द नियुक्तियां होती भी है तो देखना होगा कि सिंधिया और तोमर समर्थकों को कितनी तवज्जो मिलती है।
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