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भोपाल। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत को लेकर कांग्रेस ने बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी वोट चोरी करके सरकार बनाती है और मौत परोसने का काम करती है। बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से जहां अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में भर्ती है।
जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना काम नहीं किया, जो जिम्मेदारी सरकार की थी, वह मीडिया ने निभाई। इसके लिए उन्होंने पत्रकार साथियों का आभार जताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इलाज मुफ्त कराने की बात कही थी, लेकिन जब इस पर एक पत्रकार ने सवाल पूछा तो जो जवाब दिया गया, वह इंदौर को शर्मसार करने वाला था। उन्होंने कहा कि जिस पत्रकार ने सवाल पूछा, उसे गालियां मिलीं। कांग्रेस उस पत्रकार का सम्मान करती है।
पूरे मामले की होनी चाहिए नैतिक जिम्मेदारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और कैलाश विजयवर्गीय का इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही से मासूम बच्चों समेत कई लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा की भारतीय जनता पार्टी वोट चोरी से लगातार सरकार बनाती है और मौत परोसने का काम करती है। पीसीसी चीफ ने कहा कि पिछले दिनों छिंदवाड़ा जिले में जहरीला कफ सिरप पीने से 25 बच्चों की मौत हुई थी। जिस दवा से बच्चों की जान बचाई जानी थी, उसी दवा ने उनकी जान ले ली थी। इससे संदेश क्या जाता है, किसी को सजा नहीं मिलेगी। वही स्थिति इंदौर में है।
छिपाया जा रहा है मौतों के आंकड़ों को
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौत का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि 10 साल के इंतजार के बाद बच्चा हुआ और 10 माह के बच्चे सहित 13 लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार की ओर से मौत का आंकड़ा चार बताया जा रहा है, कुल मिलाकर मौतों की संख्या को भी छुपाया जा रहा है। अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को हटाया जाना चाहिए। इंदौर में भाजपा के 9 विधायक है, सांसद है, महापौर है। उसके बाद भी पानी में जहर परोसा गया है।
सरकार ने मामले को लिया गंभीरता से
वहीं दूसरी ओर, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौत के मामले को सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पीड़ितों के बीच पहुंचे और उन्होंने मृतकों के परिवारों को आर्थिक मदद का ऐलान किए जाने के साथ बीमारों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा तीन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इतना ही नहीं, इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
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