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भोपाल। मप्र में संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी नेतृत्व ने 71 जिलाध्यक्षों की एक साथ नियुक्ति की थी। इसके बाद कहा गया कि जिलाध्यक्षों की भूमिका टिकट तय करने से लेकर ब्लॉक, वार्ड और ग्राम समितियों तक पार्टी के विस्तार में अहम भ्ूामिका रहेगी। लेकिन इसके उलट कांग्रेस जिलाध्यक्षों को ब्लॉक से लेकर ग्राम पंचायत कमेटियां बनाने के लिए भी फ्रीहैंड नहीं दिया गया है। यह मामला प्रदेश प्रभारी हरीश चैधरी द्वारा दो दिन से प्रदेश कार्यालय में ली जा रही बैठकों में सामने आई है। रविवार को उन्होंने भोपाल समेत संभाग के सभी जिलों के पदाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें संगठन विस्तार के लिए वार्ड एवं पंचायत कमेटियों के गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर समितियों के गठन की विस्तृत कार्ययोजना पर गहन चर्चा की गई। इसके साथ ही आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों एवं संगठन की मजबूती हेतु रणनीतिक दिशा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की वास्तविक ताकत उसका जमीनी संगठन है। ग्राम और वार्ड स्तर पर मजबूत समितियां ही लोकतंत्र को मजबूती देंगी और आम जनता की आवाज को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों एवं ब्लॉक अध्यक्षों से संगठनात्मक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, सक्रियता और समर्पण के साथ निभाने का आह्वान किया।
यह बैठक आगामी समय में संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं जनसरोकारों से जोडने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। बैठक में कुछ जिलाध्यक्षों ने संगठन विस्तार में आ रही अड़चनों के बारे में खुलकर अपनी बात रखी।
बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले भी उपस्थित रहे। बैठक में भोपाल संभाग के अंतर्गत आने वाले भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़ एवं विदिशा जिलों के जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, विधानसभा प्रभारी एवं ब्लॉक अध्यक्ष सम्मिलित रहे।
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