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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का गुरुवार को चैथा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने बजट को लेकर परिसर में गांधी की प्रतिमा के सामने थालियां और तख्तियां लेकर जहां जोरदार प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर कांग्रेसियों ने जोरदार हंगामा किया।
उमंग सिंघार ने विधानसभा सदन में हुए हंगामे के दौरान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले पर चर्चा नहीं करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बेहद गंभीर विषय है लेकिन सरकार इससे बचने की कोशिश कर रही है। उमंग सिंघार ने कहा कि विपक्ष जनता की आवाज लगातार उठाता रहा है और जिम्मेदार मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
उनका कहना है कि सरकार केवल कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई कर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है जबकि असली जिम्मेदारों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि इंदौर की घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार को इस पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सदन में विस्तृत बहस की मांग की है।
मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि यह सरकार अपने ही मंत्रियों को बचा रही है इंदौर में जो जल कांड हुआ उसके बाद भी नगरीय प्रशासन मंत्री बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूम रहे है और जो इंदौर के प्रभारी मंत्री है वो उन्हें बचा रहे है जबकि मौत नहीं यह हत्या है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर की घटना को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए संबंधित मंत्री (मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, इंदौर सांसद शंकर लालवानी और इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव) के इस्तीफे की मांग की। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल की मर्यादा बनाए रखने की अपील की और सदस्यों से कार्यवाही चलने देने का अनुरोध किया, लेकिन सिंघार अपनी मांग पर अड़े रहे और हंगामा जारी रहा। स्थिति शांत न होने पर अध्यक्ष ने शून्यकाल की सूचनाएं पढ़ी हुई मानते हुए सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी।
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