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वडोदरा। भारतीय टीम ने नए साल में अपने अभियान का आगाज जीत के साथ किया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वडोदरा के मैदान में खेले गए साल के पहले को भारत ने 4 विकेट से जीता। इस जीत में रन मशीन विराट कोहली का अहम योगदान रहा। उन्होंने 91 गेंदों में 93 रन की पारी की खेली। हालांकि वे शतक बनाने से चूक गए। इस शानदार प्रदर्शन के लिए कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। कोहली ने बताया कि उन्हें हमेशा से अपनी काबिलियत पर भरोसा रहा है। भगवान ने उन्हें उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया।
विराट कोहली ने वनडे फॉर्मेट में 45वीं बार श्प्लेयर ऑफ द मैच खिताब अपने नाम किया है। सबसे ज्यादा बार इस खिताब को जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में कोहली तीसरे पायदान पर हैं। इस फेहरिस्त में सचिन तेंदुलकर शीर्ष पर हैं, जिन्होंने 62 बार यह कारनामा किया, जबकि श्रीलंकाई दिग्गज सनथ जयसूर्या (48) दूसरे स्थान पर हैं। जैक्स कैलिस, रिकी पोंटिंग और शाहिद अफरीदी 32-32 बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत चुके हैं।
मैं सारी ट्रॉफियां भेज देता हूं मां के पास
बीसीए स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले के बाद जब कोहली से पूछा गया कि उनके पास कितने प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड हैं, तो उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं है। मैं सारी ट्रॉफी घर गुरुग्राम में अपनी मां के पास भेज देता हूं, उन्हें इन ट्रॉफियों को संभालकर रखना बहुत पसंद है।
रन बनाने की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंचे विराट
विराट कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28,068 रन बना चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। कोहली ने कहा, अगर मैं पीछे मुड़कर अपनी पूरी यात्रा को देखूं, तो यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं है। मुझे हमेशा अपनी काबिलियत पर भरोसा था, लेकिन यह भी पता था कि यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत करनी होगी। भगवान ने मुझे मेरी उम्मीद से कहीं ज्यादा दिया है।
मैं नहीं सोच रहा माइलस्टोन के बारे में
उन्होंने कहा, मैं माइलस्टोन के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा। अगर हम पहले बल्लेबाजी कर रहे होते, तो शायद मैं ज्यादा आक्रामक खेलता, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए, बोर्ड पर रन होने के कारण मुझे स्थिति के हिसाब से खेलना था। मन में ज्यादा बाउंड्री लगाने का ख्याल आया, लेकिन अनुभव काम आता है। मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि टीम को ऐसी स्थिति में ले जाऊं, जहां हम आराम से जीत सकें।
नहीं खेलने चाहिए बेवजह शाॅट
टीम इंडिया ने 8.4 ओवरों में 39 के स्कोर पर रोहित शर्मा (26) का विकेट गंवा दिया था। यहां से कोहली ने शुभमन गिल के साथ दूसरे विकेट के लिए 118 रन जोड़कर भारतीय पारी को संवारा। कोहली ने कहा, मैं नंबर तीन पर बल्लेबाजी करता हूं। अगर स्थिति मुश्किल हो, तो सिर्फ इंतजार करने के बजाय पलटवार करने पर भरोसा करता हूं। बेवजह शॉट भी नहीं खेलने चाहिए। जब रोहित के आउट होने के बाद मैं बल्लेबाजी करने आया, तो लगा कि अगर शुरुआती 20 गेंदों में दबाव बना दिया जाए, तो विपक्ष बैकफुट पर चला जाएगा। वही फर्क साबित हुआ।
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