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ईरानः खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश सड़कों पर : अब तक 544 की मौत, 10 हजार से ज्यादा गिरफ्तार, 48 घंटे से ठप है इंटरनेट-फोन सेवा

अब तक 544 की मौत, 10 हजार से ज्यादा गिरफ्तार, 48 घंटे से ठप है इंटरनेट-फोन सेवा

नई दिल्ली। ईरान में दो हफ्ते से ज्यादा समय से लोगों का प्रदर्शन जारी है। खामेनेई सरकार के खिलाफ जनता सड़कों पर उतरी हुई है। 84 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी ईरान में इंटरनेट सेवा बंद है और लोग फोन पर भी एक-दूसरे से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस बीच अमेरिकी मीडिया ने दावा किया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शन के दौरान अब तक 544 लोग मारे जा चुके हैं। वहीं गिरफ्तार होने वाले लोगों का आंकड़ा 10 हजार के पार जा चुका है।पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 15 दिनों से जारी इस विरोध प्रदर्शन में करीब 115 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि दो हजार से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, अब अमेरिकी राइट्स ग्रुप ने देश में बड़े पैमाने पर हो रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के बीच मरने वालों की संख्या 544 बताई है।मृतकों में 8 बच्चे भी शामिलईरान में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स संगठन की न्यूज सर्विस, ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए), ने बताया कि पिछले 15 दिनों में प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 544 लोग मारे गए हैं। इनमें आठ बच्चे भी शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद 10,681 से ज्यादा लोगों को जेलों में भी भेजा गया है। बता दें, बीते दिन एक वीडियो सामने आई थी, जिसमें प्रदर्शनकारी बच्चों को टारगेट करते हुए विस्फोटक फेंकते हैं। हालांकि, वीडियो में नजर आ रहे बच्चे बाल-बाल बच गए।अमेरिका से बात करने ईरान ने भरी हामीदूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी है कि ईरान ने बातचीत के लिए हामी भरी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार मामले में हस्तक्षेप के लिए संभावित सैन्य विकल्पों पर विचार कर रही है। इसलिए ईरान बात करने के लिए तैयार हो गया है। इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिकी सेना दखल देती है तो अमेरिकी मिलिट्री और कमर्शियल बेस को बदले की कार्रवाई का टारगेट माना जाएगा।वीडियो जारी कर खामेनेई ने ट्रंप को दिखाया आईनाइससे पहले अमेरिकी मीडिया न्यूयॉर्क टाइम्स ने जानकारी दी थी कि ट्रंप को ईरान के मामले में सैन्य विकल्पों की ब्रीफिंग दी गई थी। ऐसे में ईरान की ओर से बातचीत की पहल की गई है। इससे पहले खामेनेई का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वो कहते हैं, शत्रुओं की तमाम कोशिशों के बावजूद, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान आज दुनिया में मजबूत, ताकतवर और खुशहाल है। उन लोगों ने पिछले 40 सालों में हमारे खिलाफ हर संभव एक्शन लेने की पूरी कोशिश की। उन्होंने हम पर सैन्य, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक मोर्चे पर सभी तरह के प्रहार किए, लेकिन वे हार गए और उन्हें कुछ हासिल नहीं हो पाया। आज खुदा का शुक्र है कि ईरान पर इस्लामिक रिपब्लिक का राज है। यह इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

बार्डर 2ः मेकर्स ने रिलीज किया जाते हुए लम्हों का नया सांग : पुराने गाने के री-क्रिएटेड वर्जन ने बढ़ाया दर्शकों का उत्साह

पुराने गाने के री-क्रिएटेड वर्जन ने बढ़ाया दर्शकों का उत्साह

मुंबई। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म बॉर्डर 2 अपनी रिलीज से पहले ही चर्चा में बनी हुई है। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की स्टार कास्ट ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। फिल्म का पहला गाना घर कब आओगे पहले ही रिलीज हो चुका है। अब मेकर्स ने फिल्म का दूसरा री-क्रिएटेड गाना जाते हुए लम्हों का ऑडियो वर्जन रिलीज किया है, जो पुराने गाने की भावनाओं को बनाए रखते हुए नई ताजगी के साथ पेश किया गया है। जाते हुए लम्हों गाना मूल फिल्म बॉर्डर के आइकॉनिक गाने का रीक्रिएटेड वर्जन है। इस रीमेक को विशाल मिश्रा ने अपनी आवाज दी है, वहीं ऑरिजनल सॉन्ग के सिंगर रूप कुमार राठौड़ की आवाज भी गाने में शामिल है। इसमें मिथुन ने म्यूजिक दिया है, जिन्होंने पहले भी श्घर कब आओगेश् के लिए अपनी संगीत प्रतिभा का जादू दिखाया था। मिथुन का कहना है कि इस गाने में भावनाओं को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करना उनकी प्राथमिकता थी। उन्होंने बताया कि गाने की धुन धीरे-धीरे उभरती है और सुनने वाले को सैनिकों और उनके परिवारों की जुदाई, त्याग और उम्मीद से जोड़ देती है।बॉर्डर 2 फिल्म में दर्शकों को युद्ध और देशभक्ति की कहानी देखने को मिलेगी। फिल्म में मोना सिंह, सोनम बाजवा, आन्या सिंह और मेधा राणा भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रही हैं। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म की कहानी सैनिकों की जिंदगियों, उनके संघर्ष और उनके परिवारों की भावनाओं को दर्शाती है।फिल्म से पहले रिलीज हुए गाने घर कब आओगे को दर्शकों ने बेहद पसंद किया था। इस गाने ने सैनिकों के त्याग और उनके परिवारों की भावनाओं को सामने लाया और लोगों के दिलों को छू लिया। इसके बाद फिल्म का दूसरा रोमांटिक गाना इश्क दा चेहरा रिलीज हुआ था, जो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। अब जाते हुए लम्हों के रिलीज होने से फिल्म के संगीत का जादू और बढ़ गया है और दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता और अधिक बढ़ गई है।बॉर्डर 2 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

बिज़नेस

86 प्रतिशत भारतीयों के लिए ज्वेलरी सबसे अहम संपत्ति : डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा, नई पीढ़ी तेजी से अपना रही नया ट्रेंड

डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा, नई पीढ़ी तेजी से अपना रही नया ट्रेंड

नई दिल्ली। भारत में लगभग 86 प्रतिशत लोग सोने और आभूषणों (ज्वेलरी) को संपत्ति बनाने का एक अच्छा साधन मानते हैं। यह संख्या लगभग म्यूचुअल फंड और शेयरों जैसे बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों के बराबर है, जिन्हें 87 प्रतिशत लोग पसंद करते हैं। इससे साफ है कि गहनों की अहमियत आज भी बहुत ज्यादा है। बुधवार को जारी डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ज्वेलरी मार्केट तेजी से बदल रहा है। अब लोग आभूषणों को सिर्फ शादी या परंपरा से नहीं जोड़ते, बल्कि अपनी पहचान, जीवनशैली और रोजमर्रा के पहनावे का हिस्सा भी मानते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 56 प्रतिशत लोग ज्वेलरी को, निवेश और फैशन, दोनों के रूप में देखते हैं। वहीं, 28 प्रतिशत लोग केवल निवेश के रूप में गहने खरीदते हैं। इससे पता चलता है कि आभूषणों की भूमिका अब सिर्फ सेविंग्स तक सीमित नहीं रही।रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आभूषणों को ज्यादा निवेश के रूप में खरीदते हैं। वहीं, युवा वर्ग गहनों में स्टाइल, अपने हिसाब से डिजाइन और अलग-अलग तरह से पहनने की सुविधा को ज्यादा महत्व देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेनजी और युवा पीढ़ी तेजी से हल्के और रोज पहनने वाले गहनों की ओर रुख कर रही है। 51 प्रतिशत जेनजी को चांदी और 34 प्रतिशत को प्लेटिनम वाली ज्वेलरी पसंद है। करीब 49 प्रतिशत लोग हल्के और सादे गहनों को भारी और ज्यादा सजावटी गहनों से ज्यादा पसंद करते हैं।रिपोर्ट में बताया गया कि 45 प्रतिशत जेनजी और युवा सिल्वर की ज्वेलरी में निवेश करना पसंद करते हैं। इसकी वजह है अच्छा डिजाइन, कम कीमत और आसानी से खरीदना। अब चांदी को सोने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी चुना जा रहा है। डेलॉइट इंडिया के अनुसार, पहले भारत में लगभग 70 प्रतिशत गहने शादियों के लिए खरीदे जाते थे, लेकिन अब यह समीकरण बदल रहा है। युवा जन्मदिन और सालगिरह (38 प्रतिशत), रोजाना और आॅफिस में पहनने वाले परिधान (32 प्रतिशत) और पदोन्नति व पढ़ाई जैसी करियर संबंधी उपलब्धियों के लिए आभूषण खरीदते हैं।रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 49 प्रतिशत लोग अंगूठियां, चेन और कान की बालियां जैसे गहनों को निजी और गैर-धार्मिक मौकों के लिए पसंद करते हैं, जो पारंपरिक भारी गहनों से ज्यादा हैं। हालांकि आॅनलाइन प्लेटफॉर्म का असर बढ़ रहा है, लेकिन गहनों के मामले में लोग अब भी दुकान पर जाकर उसे खरीदना ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में आभूषण उद्योग की तरक्की के लिए बेहतर कामकाज, सही योजना और भरोसे पर ध्यान देना सबसे जरूरी होगा।

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ड्रीम गर्ल का बेरुखी भरा अंदाज,रवैये पर छिड़ी बहस  #hindinews #latestnews  #tv27newsdigital

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रानी मुखर्जी की 'मर्दानी 3' अब 30 जनवरी को होगी रिलीज  #hindinews #news #latestnews #tv27newsdigital

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बिहार की सड़कें अब लाएंगी इनाम, गड्ढा दिखाओ पैसा कमाओ! #hindinews #news #latestnews #tv27newsdigital

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अंतरिक्ष में भारत का मिशन असफल #hindinews #news #latestnews #tv27news #tv27newsdigital #breakingnews

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यूपी में SIR के तहत वोटर लिस्ट प्रदर्शित #tv27newsdigital #tv27news #breakingnews #hindinews

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लॉस एंजेलिस में प्रदर्शन के बीच बड़ी घटना #hindinews #breakingnews  #news #tv27news #tv27newsdigital

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खेल

हरमनप्रीत से मिलकर गदगद हुईं पूर्व मिस यूनिवर्स : हरनाज ने मुलाकात को बताया गर्व का पल, सोशल मीडिया में शेयर की तस्वीर

हरनाज ने मुलाकात को बताया गर्व का पल, सोशल मीडिया में शेयर की तस्वीर

मुंबई। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान और महिला प्रीमियर लीग में मुंबई इंडियंस की कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ पूर्व मिस यूनिवर्स हरनाज संधू ने मुलाकात की और उनके साथ मुलाकात को गर्व का पल बताया। हरमनप्रीत कौर और हरनाज संधू दोनों पंजाब से संबंध रखते हैं। संधू ने अपने गृह राज्य के साथ ही दोनों को अलग-अलग क्षेत्रों में मिली वैश्विक सफलता का भी जिक्र किया है। हरनाज ने इंस्टाग्राम पर हरमनप्रीत के साथ एक तस्वीर शेयर की, जो महिला प्रीमियर लीग 2026 के पहले मैच से जुड़ी है। हरमनप्रीत कौर के साथ हरनाज सुनहरे कपड़ों में बहुत खूबसूरत लग रही हैं। हरमनप्रीत मुंबई इंडियंस की जर्सी में हैं। तस्वीर के साथ हरनाज ने कैप्शन में लिखा, पंजाब ने हमें पाला-पोसा, इंडिया ने हमें बनाया, और दुनिया और यूनिवर्स हमारा स्टेज बन गए। आज कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ मिलकर सम्मानित महसूस कर रही हूं। चक दे ​​फट्टे।महिला प्रीमियर लीग का चैथा सीजन 9 जनवरी को नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम में शुरू हुआ। पहला मैच मुंबई इंडियंस और आरसीबी के बीच खेला गया। मैच से पहले ओपनिंग सेरेमनी हुई। ओपनिंग सेरेमनी में हरनाज, जैकलीन फर्नांडीज और हनी सिंह ने अपने कार्यक्रम पेश किए। हरनाज ने शाम की शुरुआत पूरे भारत में महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाते हुए एक मोनोलॉग के साथ की, जिसमें उन्होंने कहा, श्हम तैयार हैंश्, अपनी परफॉर्मेंस के लिए टोन सेट करने के लिए।हरमनप्रीत की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस दो खिताब के साथ सबसे सफल टीम है। पिछली बार भी खिताब मुंबई ने ही जीता था। स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने 2024 में खिताब जीता था। दिल्ली कैपिटल्स पिछले तीनों सीजन उपविजेता रही है। हरनाज की बात करें तो उन्होंने पिछले साल श्बागी 4श् से एक्टिंग में डेब्यू किया था। ए. हर्षा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ, संजय दत्त और सोनम बाजवा भी थे।

लाइफस्टाइल

प्रेग्नेंसी में ये छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी : जेस्टेशनल डायबिटीज से बढ़ा जोखिम

 जेस्टेशनल डायबिटीज से बढ़ा जोखिम

नई दिल्ली। गर्भावस्था के दौरान शुगर यानी जेस्टेशनल डायबिटीज आजकल महिलाओं के लिए एक बड़ी और गंभीर समस्या बनती जा रही है। जिला अस्पतालों से लेकर सीएचसी और पीएचसी तक इलाज कराने पहुंचने वाली महिलाओं की संख्या में डेढ़ से दो गुना तक बढ़ोतरी देखी जा रही है। भंगेल सीएचसी की सीनियर मेडिकल ऑफिसर और गायनेकोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक ने इस पर अपनी राय दी। डॉ. मीरा पाठक ने बताया कि जेस्टेशनल डायबिटीज वह स्थिति होती है जिसमें किसी महिला को प्रेग्नेंसी के दौरान पहली बार ब्लड शुगर बढ़ने की समस्या होती है। आमतौर पर यह समस्या प्रेग्नेंसी के 24 से 26 हफ्ते यानी छठे या सातवें महीने में सामने आती है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में डिलीवरी के बाद और पोस्टपार्टम पीरियड पूरा होने पर ब्लड शुगर लेवल अपने आप नॉर्मल हो जाता है।डॉ. मीरा के अनुसार, जेस्टेशनल डायबिटीज होने का मुख्य कारण प्लेसेंटा से निकलने वाले कुछ हार्मोन होते हैं। ये हार्मोन शरीर की कोशिकाओं को इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंट बना देते हैं। इसके चलते शरीर में शुगर लेवल बढ़ जाता है। यही हार्मोन जब ज्यादा मात्रा में बनते हैं तो वे मां के साथ-साथ बच्चे पर भी असर डालते हैं।इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है समय पर स्क्रीनिंग। जब भी कोई महिला पहली बार एंटीनेटल चेकअप के लिए जाती है, उसे रैंडम ब्लड शुगर की जांच जरूर करानी चाहिए। इसके अलावा, कुछ महिलाएं हाई रिस्क कैटेगरी में आती हैं, जैसे ज्यादा वजन होना, 35 साल के बाद पहली प्रेग्नेंसी, परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री, प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर, पहले बार-बार मिसकैरेज होना, पेट में बच्चे की मौत होना, पिछली प्रेग्नेंसी में जेस्टेशनल डायबिटीज रहना या पहले चार किलो से ज्यादा वजन का बच्चा पैदा होना। ऐसी महिलाओं के लिए 24 से 26 हफ्ते के बीच ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कराना बेहद जरूरी होता है।अगर इस दौरान लापरवाही बरती जाए तो इसका असर मां और बच्चे दोनों पर पड़ सकता है। मां को बार-बार इंफेक्शन हो सकता है, पानी ज्यादा बनने की समस्या हो सकती है, मिसकैरेज या प्री-टर्म डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है। वहीं बच्चे पर इसका असर यह हो सकता है कि बच्चा या तो बहुत कमजोर पैदा हो या फिर जरूरत से ज्यादा वजन का यानी चार किलो से ऊपर का हो। डिलीवरी के तुरंत बाद भी खतरा खत्म नहीं होता। ऐसे बच्चों में जन्म के बाद ब्लड शुगर कम होने की संभावना रहती है और पीलिया का खतरा भी ज्यादा होता है। इसलिए डॉक्टर लगातार मॉनिटरिंग की सलाह देते हैं।डॉ. मीरा पाठक कहती हैं कि जेस्टेशनल डायबिटीज से बचने का सबसे आसान और असरदार तरीका है स्मार्ट लाइफस्टाइल अपनाना। इसका मतलब है संतुलित आहार लेना। दिन में तीन बड़े खाने की बजाय छोटे-छोटे और बार-बार खाने की आदत डालें। हर दो से तीन घंटे में थोड़ा-थोड़ा खाना बेहतर रहता है। प्लेट का आधा हिस्सा हरी सब्जियों और सलाद से भरें। दाल, दही, लस्सी, पनीर और अंडा जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें।दूसरी सबसे जरूरी बात है हिडन शुगर से बचना। हिडन शुगर वे चीजें होती हैं जो स्वाद में ज्यादा मीठी नहीं लगतीं, लेकिन उनमें शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जैसे पैकेट वाला नारियल पानी, पैकेज्ड फ्रूट जूस, फ्लेवर्ड दूध, फ्लेवर्ड दही, ब्राउन ब्रेड, व्हाइट ब्रेड, पाव, बन, सीरियल्स, सैंडविच स्प्रेड, मेयोनीज, बिस्किट, रस्क, केक और मफिन। इन चीजों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।एक आम गलतफहमी यह भी है कि प्रेग्नेंसी में श्दो लोगों के लिए खानाश् चाहिए। डॉक्टर साफ कहते हैं कि ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। पहले तीन महीने उतना ही खाएं जितना पहले खाती थीं। दूसरे और तीसरे ट्राइमेस्टर में अतिरिक्त मील जोड़ना काफी होता है।इसके अलावा, डॉक्टर की सलाह से रोजाना आधा घंटा हल्की एक्सरसाइज जरूर करें। हल्की वॉक, प्रेग्नेंसी योगा या हर मील के बाद 10-15 मिनट टहलना भी काफी फायदेमंद होता है। जरूरत से ज्यादा वजन बढ़ने से बचें। पूरी प्रेग्नेंसी में करीब 10 से 11 किलो वजन बढ़ना सामान्य माना जाता है। खाना न छोड़ें, पूरी नींद लें, कम से कम 7-8 घंटे सोने की कोशिश करें और तनाव से दूर रहें। ये सभी बातें मिलकर जेस्टेशनल डायबिटीज को रोकने में मदद करती हैं।कुछ ऐसे लक्षण भी होते हैं जिन पर गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान देना चाहिए, जैसे बार-बार ज्यादा भूख लगना, ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, बार-बार इंफेक्शन होना, बार-बार फंगल इंफेक्शन और बीपी का बढ़ना। अल्ट्रासाउंड में अगर एम्नियोटिक फ्लूड ज्यादा दिखे, बच्चे का वजन बहुत तेजी से बढ़े या बच्चा कमजोर लगे, तो तुरंत ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।

राजनीती

पीएम मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का किया उद्घाटन : कहा- भारत से दुनिया को बढ़ी उम्मीदें

कहा- भारत से दुनिया को बढ़ी उम्मीदें

, यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का बड़ा उदाहरण, , , राजकोट। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के राजकोट में मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जब वाइब्रेंट गुजरात समिट का मंच सजता है, तो मुझे यह सिर्फ समिट नहीं दिखती। मुझे यह 21वीं सदी के आधुनिक भारत की वह यात्रा नजर आती है, जो एक सपने से शुरू हुई और आज एक अटूट भरोसे तक पहुंच चुकी है।'पीएम मोदी ने कहा कि दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात की यह यात्रा ग्लोबल बेंचमार्क बन गई है। वाइब्रेंट गुजरात समिट के विजन के साथ मैं पहले दिन से जुड़ा रहा हूं। सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर यह सफर शुरू हुआ है। मुझे वाइब्रेंट समिट में कोई समिट नहीं दिख रहा है। अब वाइब्रेंट समिट आगे बढ़ गया है। इसके 10 एडिशन हो चुके हैं। ग्लोबल पार्टनर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह समिट ग्लोबल ग्रोथ का एक बड़ा उदाहरण बन गया है।उन्होंने कहा कि ग्लोबल ग्रोथ पार्टनरशिप का एक प्लेटफॉर्म बन गया है। अब वाइब्रेंट समिट इन्वेस्टमेंट से आगे बढ़ गया है। गुजरात का मतलब डेवलपमेंट के साथ-साथ हेरिटेज भी है। पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट समिट में बहुत कुछ नया हुआ है। यह समिट पोटेंशियल को रियलिटी में बदलता है।पीएम मोदी ने कहा कि हम संभावनाओं पर फोकस करके आगे बढ़ रहे हैं। गुजरात में कोआॅपरेटिव सेक्टर भी एक्टिव है। हम हर सेक्टर की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरिंग देश है। आज भारत के पास दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम है। भारत ने पिछले कुछ सालों में बहुत तरक्की की है। आज ग्लोबल इंस्टीट्यूशन भारत को लेकर बुलिश हैं। आईएमएफ भारत को ग्लोबल ग्रोथ के इंजन के तौर पर दिखाता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। इंफ्लेशन काबू में है। एग्रीकल्चर प्रोडक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क प्रोडक्शन में नंबर वन है। जेनेरिक मेडिसिन प्रोडक्शन में नंबर वन है। दुनिया में जो सबसे ज्यादा वैक्सीन बनाता है, वो भारत है।पीएम मोदी ने आगे कहा कि सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के वो इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो आपको सफलता जरूर मिलेगी। इसी कच्छ ने भूकंप देखे हैं। सौराष्ट्र में सूखा पड़ा था। लोगों को पानी के लिए किलोमीटरों दूर जाना पड़ता था। हर तरफ मुश्किलें थीं। आज युवाओं ने सिर्फ़ उस समय की कहानियाँ सुनी हैं। लोग कच्छ और सौराष्ट्र में ज्यादा समय तक रहने को तैयार नहीं थे। लेकिन, इतिहास गवाह है और समय बदलता है। सौराष्ट्र और कच्छ के लोग मेहनत से अपनी किस्मत बदलते हैं।

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