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भोजपुरी सिनेमा को मिली नई 'कलेक्टर साहिबा' : संजना पांडे की फिल्म का ट्रेलर आउटकैल्शियम से भरपूर है शंख भस्म : हड्डियों और जोड़ों को देती है नया जीवन'मेरी सास कभी झूठ नहीं बोलती' : शादी के 25 साल बाद अक्षय कुमार को आई डिंपल की यादविनोद कांबली : अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर सके, असीमित संभावनाओं वाला करियर रहा निराशाजनक उन्हें सिर्फ राजनीति करने चाहिए मौका : राहुल के इंदौर पर भाजपा नेता ने किया वार, शाहनवाज ने ममता और उद्धव पर भी बोला हमलाहरियाणा पुलिस का डिजिटल स्ट्राइक : 1,018 आपत्तिजनक लिंक रिपोर्ट, 583 हटाए गएभारत भवन में बिखरे बहुरंगी संस्कृति के रंग : सीएम मोहन ने किया महाभारत समागम का शुभारंभ, 24 जनवरी तक होंगे भव्य आयोजन

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जेल में ही रहेंगे कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल : रेप केस में कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जमानत की लगाई थी गुहार

रेप केस में कोर्ट से लगा बड़ा झटका, जमानत की लगाई थी गुहार

तिरुवल्ला । तिरुवल्ला मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शनिवार को कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकूटाथिल को जमानत देने से इनकार कर दिया। इसी हफ्ते की शुरुआत में राहुल ममकूटथिल को रेप केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में हैं। जमानत याचिका खारिज होने के बाद ममकूटाथिल जेल में ही रहेंगे। दूसरी तरफ, उनकी लीगल टीम जमानत के लिए पथानामथिट्टा जिला कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रही है।कोर्ट में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने विरोध किया। अभियोजन पक्ष ने ममकूटाथिल को आदतन अपराधी बताते हुए कहा कि वह पहले भी इसी तरह के दो मामलों में हाई कोर्ट से अस्थायी राहत पा चुके हैं। सरकारी वकीलों ने कोर्ट को यह भी बताया कि और भी शिकायतें सामने आने की पूरी संभावना है। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्टेज पर बेल देने से जांच पर बुरा असर पड़ सकता है और गवाहों को डराया जा सकता है।यह फैसला जमानत याचिका पर बहस पूरी होने और कोर्ट द्वारा फैसला सुरक्षित रखने के एक दिन बाद आया है। शुक्रवार को बंद कोर्टरूम में सुनवाई हुई थी। माना जा रहा है कि कोर्ट ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) द्वारा सौंपी गई एक विस्तृत रिपोर्ट पर विचार किया है, जो आरोपों की जांच कर रही है।सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट को बताया कि ममकूटाथिल के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की गई हैं और उनके खिलाफ कम से कम दो अन्य यौन उत्पीड़न के मामले लंबित हैं। यह भी कहा गया कि शिकायतकर्ता का गोपनीय बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपी और महिला के बीच चैट रिकॉर्ड सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किए गए।हालांकि, बचाव पक्ष ने कहा कि रिश्ता आपसी सहमति से था और तर्क दिया कि ममकूटाथिल से कोई खतरा नहीं है और अगर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है तो वे जांच में सहयोग करेंगे। बता दें कि ममकूटाथिल को 11 जनवरी की आधी रात को पलक्कड़ के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से वह पुलिस और न्यायिक हिरासत में है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

भोजपुरी सिनेमा को मिली नई 'कलेक्टर साहिबा' : संजना पांडे की फिल्म का ट्रेलर आउट

संजना पांडे की फिल्म का ट्रेलर आउट

मुंबई । भोजपुरी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री संजना पांडे जल्द ही फिल्म कलेक्टर साहिबा में नजर आएंगी। शनिवार को मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। ट्रेलर में संजना पांडे एक मजबूत और दमदार महिला अधिकारी की भूमिका में नजर आ रही हैं। यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं देगी, बल्कि जीवन में संघर्ष, मेहनत और बदला लेने की भावना जैसी कई सीख भी देगी।अभिनेत्री संजना पांडे ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्ट शेयर कर ट्रेलर की जानकारी दी। उन्होंने स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर शेयर किया। इसके साथ उन्होंने लिखा, "फिल्म कलेक्टर साहिबा का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है।"5 मिनट 18 सेकंड के ट्रेलर की शुरुआत एक गाने से होती है, जिसमें संजना की शादी तय होती है। इसमें पूरा परिवार शादी की तैयारियों में जुट जाता है, लेकिन कहानी में मोड़ आता है जब दूल्हे पक्ष को पता चलता है कि संजना की एक टांग में समस्या है। इस बात से नाराज होकर दूल्हा शादी तोड़कर चला जाता है और अपमानित करता है।इस घटना से आहत होकर संजना खुद को संभालती है। वो मजबूत इरादे के साथ ठान लेती हैं कि अब पढ़ाई पर ध्यान देंगी और बड़ी अधिकारी बनेंगी। कड़ी मेहनत और लगन के बाद वे एक कलेक्टर बन जाती हैं। कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब वही लड़का (जिसने शादी तोड़ी थी) उसके सामने आता है। अब संजना अपनी पावर का इस्तेमाल करके उससे अपने घर में नौकर की तरह काम करवाती हैं और उससे बदला लेती हैं।इश्तियाक शेख बंटी द्वारा निर्देशित फिल्म में गौरझा, संजना पांडे, विनोद मिश्रा, अमित शुक्ला, प्रकाश जैस, साहिल सिद्दीकी, सुबोध सेठ, रिंकू भारती, स्वीटी सिंह, संतोष श्रीवास्तव, कंचन मिश्रा, निशा तिवारी, और प्रेरणा सुषमा जैसे मंझे हुए कलाकार शामिल हैं। वहीं, फिल्म का लेखन अरबिंद तिवारी ने किया है, जिन्होंने कहानी को बखूबी से पेश किया है।यह फिल्म सशक्त महिला की कहानी पर आधारित है, जो समाज में महिलाओं की हिम्मत और आत्मनिर्भरता को दिखाती है। ट्रेलर देखकर लगता है कि यह फिल्म एक्शन, ड्रामा, और इमोशनल मोमेंट्स से भरपूर होगी।

बिज़नेस

86 प्रतिशत भारतीयों के लिए ज्वेलरी सबसे अहम संपत्ति : डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा, नई पीढ़ी तेजी से अपना रही नया ट्रेंड

डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में खुलासा, नई पीढ़ी तेजी से अपना रही नया ट्रेंड

नई दिल्ली। भारत में लगभग 86 प्रतिशत लोग सोने और आभूषणों (ज्वेलरी) को संपत्ति बनाने का एक अच्छा साधन मानते हैं। यह संख्या लगभग म्यूचुअल फंड और शेयरों जैसे बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों के बराबर है, जिन्हें 87 प्रतिशत लोग पसंद करते हैं। इससे साफ है कि गहनों की अहमियत आज भी बहुत ज्यादा है। बुधवार को जारी डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ज्वेलरी मार्केट तेजी से बदल रहा है। अब लोग आभूषणों को सिर्फ शादी या परंपरा से नहीं जोड़ते, बल्कि अपनी पहचान, जीवनशैली और रोजमर्रा के पहनावे का हिस्सा भी मानते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 56 प्रतिशत लोग ज्वेलरी को, निवेश और फैशन, दोनों के रूप में देखते हैं। वहीं, 28 प्रतिशत लोग केवल निवेश के रूप में गहने खरीदते हैं। इससे पता चलता है कि आभूषणों की भूमिका अब सिर्फ सेविंग्स तक सीमित नहीं रही।रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आभूषणों को ज्यादा निवेश के रूप में खरीदते हैं। वहीं, युवा वर्ग गहनों में स्टाइल, अपने हिसाब से डिजाइन और अलग-अलग तरह से पहनने की सुविधा को ज्यादा महत्व देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेनजी और युवा पीढ़ी तेजी से हल्के और रोज पहनने वाले गहनों की ओर रुख कर रही है। 51 प्रतिशत जेनजी को चांदी और 34 प्रतिशत को प्लेटिनम वाली ज्वेलरी पसंद है। करीब 49 प्रतिशत लोग हल्के और सादे गहनों को भारी और ज्यादा सजावटी गहनों से ज्यादा पसंद करते हैं।रिपोर्ट में बताया गया कि 45 प्रतिशत जेनजी और युवा सिल्वर की ज्वेलरी में निवेश करना पसंद करते हैं। इसकी वजह है अच्छा डिजाइन, कम कीमत और आसानी से खरीदना। अब चांदी को सोने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी चुना जा रहा है। डेलॉइट इंडिया के अनुसार, पहले भारत में लगभग 70 प्रतिशत गहने शादियों के लिए खरीदे जाते थे, लेकिन अब यह समीकरण बदल रहा है। युवा जन्मदिन और सालगिरह (38 प्रतिशत), रोजाना और आॅफिस में पहनने वाले परिधान (32 प्रतिशत) और पदोन्नति व पढ़ाई जैसी करियर संबंधी उपलब्धियों के लिए आभूषण खरीदते हैं।रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 49 प्रतिशत लोग अंगूठियां, चेन और कान की बालियां जैसे गहनों को निजी और गैर-धार्मिक मौकों के लिए पसंद करते हैं, जो पारंपरिक भारी गहनों से ज्यादा हैं। हालांकि आॅनलाइन प्लेटफॉर्म का असर बढ़ रहा है, लेकिन गहनों के मामले में लोग अब भी दुकान पर जाकर उसे खरीदना ज्यादा भरोसेमंद मानते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले समय में आभूषण उद्योग की तरक्की के लिए बेहतर कामकाज, सही योजना और भरोसे पर ध्यान देना सबसे जरूरी होगा।

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‘डॉन3’ में शाहरुख खान की वापसी की चर्चा #tv27newsdigital #entertainment #trending #viralnews #srk

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खेल

विनोद कांबली : अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर सके, असीमित संभावनाओं वाला करियर रहा निराशाजनक

अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर सके, असीमित संभावनाओं वाला करियर रहा निराशाजनक

नई दिल्ली। गुरु रमाकांत आचरेकर ने भारतीय क्रिकेट को कई नामचीन सितारे दिए हैं। इसमें सबसे चमकदार सचिन तेंदुलकर और विनोद कांबली का माना जाता है। सचिन ने तो अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूर्ण उपयोग अपने करियर के दौरान किया और अपनी उपलब्धियों की बदौलत क्रिकेट के भगवान कहे जाते हैं। आलोचकों और क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक विनोद कांबली की प्रतिभा तेंदुलकर से ज्यादा थी, लेकिन वे अपनी प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर सके और असाधारण तरीके से शुरू हुए उनके करियर का अंत निराशाजनक रहा। विनोद कांबली का जन्म 18 जनवरी 1972 को मुंबई में हुआ था। उनका करियर सचिन के समानांतर ही था। बचपन से ही भारत के लिए खेलने का सपना देखने वाले विनोद कांबली पहली बार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ स्कूल क्रिकेट में इतिहास रच दिया। शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए दोनों ने 664 रन की नाबाद साझेदारी की थी, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। कांबली की टाइमिंग और बल्लेबाजी के बेखौफ अंदाज ने उन्हें जल्द ही घरेलू क्रिकेट में बड़ी पहचान दी थी। घरेलू क्रिकेट की सफलता के बाद कांबली ने 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया। अपने दूसरे ही टेस्ट में मुंबई में उन्होंने 224 रन की शानदार पारी खेली। दिल्ली में जिम्बाब्वे के खिलाफ 227 रन बनाए। इन दो पारियों के दम पर वह सबसे तेज 1,000 टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। इस प्रदर्शन के बाद कांबली को भारत का अगला महानतम बल्लेबाज माना जाने लगा था, लेकिन वे अपनी शुरुआती सफलता को बरकरार नहीं रख सके और उसे बनाए रखने के लिए शायद जरूरी समर्पण नहीं दिखा सके। समय के साथ उनकी कमजोरियां भी सामने आने लगीं। विदेशी पिचों पर तेज और उछाल वाली गेंदबाजी के खिलाफ उन्हें परेशानी हुई। चोटें, फिटनेस और टेम्परामेंट से जुड़े सवालों ने भी उनके करियर को प्रभावित किया। मैदान के बाहर अपनी लाइफस्टाइल और विवादों की वजह से वे चर्चा में रहे, जिसने उनके करियर को प्रभावित किया। निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कांबली को टीम से ड्रॉप कर दिया गया और एक बड़ी संभावना वाले करियर का निराशाजनक अंत हो गया। कांबली ने 1993 से 1995 के बीच 17 टेस्ट मैचों की 21 पारियों में 4 शतक लगाते हुए 1,084 रन बनाए। वहीं, 1991 से 2000 के बीच 104 वनडे की 97 पारियों में 2 शतक और 14 अर्धशतकों की मदद से 2,477 रन बनाए। वर्तमान में कांबली आर्थिक और शारीरिक परेशानी से गुजर रहे हैं।

लाइफस्टाइल

बॉडी डिटॉक्स से मजबूत इम्युनिटी तक : सुबह खाली पेट गुनगुने नींबू पानी के जबरदस्त फायदे

सुबह खाली पेट गुनगुने नींबू पानी के जबरदस्त फायदे

नई दिल्ली। शरीर की साफ-सफाई सिर्फ बाहर से नहीं, बल्कि अंदरूनी तौर पर भी बहुत जरूरी है। इसके लिए महंगे उपायों की जरूरत नहीं। बस हर सुबह उठते ही खाली पेट एक गिलास गुनगुना पानी में ताजा नींबू निचोड़कर पी लें। यह आसान आदत अपनाने से पाचन बेहतर होता है, शरीर डिटॉक्स होता है और सेहत में कई गुना सुधार आता है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने भी इस सरल घरेलू नुस्खे को काफी फायदेमंद बताया है। यह आदत न केवल सेहत को बेहतर बनाती है, बल्कि रोजमर्रा की कई छोटी-मोटी परेशानियों से भी छुटकारा दिला सकती है।एक्सपर्ट के अनुसार, सुबह खाली पेट गर्म नींबू पानी पीने के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी होता है, जो शरीर की रक्षा प्रणाली को सक्रिय रखता है और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से बचाव में मदद करता है। यह वजन घटाने में भी कारगर है। गुनगुना नींबू पानी पाचन तंत्र को तेज करता है, मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है और शरीर में जमा अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होता है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक आसान उपाय है।इसके नियमित सेवन से पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याएं भी दूर रहती हैं। यह लिवर के लिए बहुत अच्छा है। नींबू पानी लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट पीने से लिवर टॉक्सिन्स को आसानी से बाहर निकाल पाता है, जिससे यह स्वस्थ और मजबूत रहता है। यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है। नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-सी त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं। यह मुंहासों को कम करता है, दाग-धब्बों को हल्का करता है और त्वचा को जवां रखने में मदद करता है। नियमित पीने से चेहरा निखरता है और त्वचा स्वाभाविक रूप से स्वस्थ दिखती है।यह नुस्खा बनाना भी बहुत आसान है। एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर मिलाएं। स्वाद के लिए थोड़ा शहद भी डाल सकते हैं, लेकिन चीनी से बचें। ध्यान रखें कि बहुत गर्म पानी न लें, सिर्फ गुनगुना ही काफी है।

राजनीती

खूबसूरत लड़की दिखने पर दिमाग हो जाता है विचलित : कांग्रेस विधायक ने रेप को लेकर पेश की थ्योरी, बरैया ने कहा- सहवास करने मिलता तीर्थ का फल

कांग्रेस विधायक ने रेप को लेकर पेश की थ्योरी, बरैया ने कहा- सहवास करने मिलता तीर्थ का फल

भोपाल। अपने बयानों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाले भांडेर से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का एक शर्मनाक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मीडिया से बातचीत के दौरान बरैया ने कथित तौर पर बलात्कार को लेकर एक “थ्योरी” प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि बलात्कार की एक थ्योरी यह है कि यदि कोई खूबसूरत लड़की दिख जाए तो व्यक्ति का दिमाग विचलित हो सकता है और बलात्कार जैसी घटना घट सकती है।बरैया यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे यह भी कहा कि एसटी, एससी और ओबीसी समाज में कोई खूबसूरत लड़की नहीं होती, फिर भी उनके साथ बलात्कार की घटनाएं होती हैं। इसके पीछे उन्होंने तर्क दिया कि कुछ लोग यह सोचते हैं कि लड़की के साथ सहवास करने से उन्हें किसी प्रकार का पुण्य या तीर्थ का फल मिलेगा। इसी सोच के कारण एससी-एसटी-ओबीसी समाज की बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। उनके इस शर्मनाक बयान का वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है।बलात्कार करने धर्म ग्रंथों में दिए गए निर्देशदतिया जिले की भांडेर सीट से कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया वीडियो में कह रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा रेप शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब और मोस्ट ओबीसी से होता है। रेप की थ्योरी ये है कि कोई भी...कैसे भी दिमाग का व्यक्ति रास्ते में जा रहा है, उसे खूबसूरत अति सुंदर लड़की यदि दिखी तो उसका ब्रेन विचलित हो सकता है तो रेप हो सकता है। आदिवासियों में, एससी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है? मोस्ट ओबीसी में ऐसी स्त्रियां, सुंदरियां हैं? क्यों होता है बलात्कार, क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं?इन जातियों के साथ सहवास करने से मिलेगा तीर्थ का फलबरैया से पूछा जाता है कि क्या हिन्दू धर्म ग्रंथों में लिखा है? तो वे कहते हैं अब वे हिन्दू हैं या नहीं, उस पर मुझे कुछ नहीं कहना, लेकिन मेरा तात्पर्य ये है कि धर्मग्रंथों में लिखा है कि (बरैया कुछ जातिसूचक नामों का उल्लेख करते हैं) इन जातियों के साथ सहवास करने से यह तीर्थ का फल मिलेगा। बरैया ने ये बातें सोशल मीडिया पर दिए इंटरव्यू में कही हैं।बरैया बोले- तीर्थ करने नहीं जा सकता तो ये विकल्प दिया गयाबरैया ने आगे कहा कि वो तीर्थ करने नहीं जा सकता तो ये विकल्प दिया गया है कि इन वर्गों की औरतों को घर बैठे पकड़कर सहवास कर दो तो वह फल मिल जाएगा। क्या कोई तैयार हो जाएगा इसके लिए? तो फिर अंधेरे, उजाले में पकड़ने की कोशिश करेगा।एक व्यक्ति एक महिला का कभी रेप नहीं कर सकता। यदि वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा? चार महीने, दस महीने और एक साल की बच्चियों के साथ रेप क्यों होते हैं? उसके ऑर्गेन्स रेप के लिए तैयार हैं क्या? नहीं... उसे दिखाई देता है इस जाति की महिला के साथ, लड़की के साथ रेप करूंगा तो मुझे वो फल मिलेगा।

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