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धमकियों से नहीं घबराएगा कोई भी ईरानी : ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर अराघची का करारा जवाब

ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम पर अराघची का करारा जवाब

नई दिल्ली। मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग के करीब 25 दिन बीत गए हैं, लेकिन यह युद्ध अभी तक अंजाम तक नहीं पहुंचा है। अमेरिका-इजरायल जहां ईरान को लगातार परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हैं। वहीं ईरान भी मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी देने से बाज नहीं आ रहा है। इस बीच होर्मुज खोलने को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 48 घंटे वाले अल्टीमेटम वाले बयान पर ईरान ने करारा जवाब दिया है। बता दें कि ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि होर्मुज खोलो, वरना बिजलीघर तबाह कर देंगे। ट्रंप के इस अल्टीमेटम पर ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया कि ईरान ने इस सामरिक समुद्री मार्ग को बंद नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जहाजों की आवाजाही में आ रही कमी का मुख्य कारण बीमा कंपनियों में व्याप्त युद्ध का भय है, जिसकी वजह से शिपिंग कंपनियां इस क्षेत्र से गुजरने में संकोच कर रही हैं। अराघची ने इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी विदेश मंत्री ने ट्रंप को दिखाया आईनासोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर युद्ध शुरू करने का आरोप लगाते हुए कहा, होर्मुज स्ट्रे्ट बंद नहीं हुई है। शिपिंग कंपनियां इसलिए हिचकिचा रही हैं क्योंकि बीमा कंपनियों को उस युद्ध का डर है जो ईरान ने नहीं, बल्कि आपने ही शुरू किया है। कोई भी बीमा कंपनी और कोई भी ईरानी और धमकियों से नहीं घबराएगा। सम्मान करने की कोशिश करें। समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी तभी संभव है जब व्यापार करने की आजादी हो। अगर आप इन दोनों का सम्मान नहीं करेंगे, तो आपको दोनों में से कुछ भी नहीं मिलेगा।आईडीएफ ने ईरान को लेकर किया यह दावाइजरायली डिफेंस फोर्स का कहना है कि उसने तेहरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए हैं, जिनका निशाना ईरान के आतंकवादी शासन का इंफ्रास्ट्रक्चर है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में हुए धमाकों की आवाज बहुत ज्यादा है। फार्स न्यूज एजेंसी ने तेहरान के पांच इलाकों में धमाकों की भयानक आवाजें आने की खबर दी।ईरानी मीडिया ने कहा कि हमले एरिया 1, 4, 11, 13 और 21 में हुए और कितना नुकसान हुआ और कितने लोग मारे जा सकते हैं, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। वहीं ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम शहर के पूर्वी हिस्से में एक्टिवेट हो गए हैं। इसका मतलब है कि ईरान अमेरिका-इजरायली ड्रोन का जवाब दे रहे हैं।मिडिल ईस्ट के हालात बहुत गंभीरइंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट में हालात बहुत गंभीर हैं और 1970 के दशक के दो एनर्जी संकटों को मिलाकर भी उनसे ज्यादा खराब हैं। ऑस्ट्रेलिया के नेशनल प्रेस क्लब में एक भाषण में बिरोल ने कहा कि मौजूदा संकट का सबसे बड़ा समाधान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना है, जिसे ईरान ने देश पर अमेरिका-इजरायल हमले के बाद असरदार तरीके से ब्लॉक कर दिया है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

फिल्मी पर्दे पर ‘धुरंधर’ का तहलका : जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली कहानी

जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली  कहानी

नीलम अहिरवारफिल्मी पर्दे पर धुरंधर और धुरंधर -2 का ताडंव जारी है। इसके पहले हिस्से के अंत में दिखाया गया था रणवीर सिंह भारतीय एजेंट होता है, जो कि दुश्मन की जमीन पर रहकर ही दुश्मन का खात्मा करेगा। देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ऐसे एजेंट सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी होते हैं। आम नागरिक देश के भीतर आराम से रह सके, अपनी नॉर्मल दिनचर्या जी सके उसके लिए देश की रक्षा में लगे लाखों लोग अलग-अलग तरीकों से देश के लिए काम करते हैं, उन्हीं में से एक ये एजेंट भी होते हैं। जानिए कौन थे हमारे देश के असली धुरंधर...रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत- पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे। 1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग ने भर्ती कर लिया। उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया - नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो।सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से स्स्ठ की डिग्री हासिल की। इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे।1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी। इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे। इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची। उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था।गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया। 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया। वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे।लेकिन 21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में दम तोड़ दिया... भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते गुमनामहैं। उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है। कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है।

बिज़नेस

कीमती धातुओं के भाव गिरे : सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

मुंबई। सोने और चांदी की कीमत में सोमवार को कमजोरी देखी जा रही है, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 3,500 रुपए तक कम हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएस) पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1,192 रुपए या 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,57,274 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,57,347 का उच्चतम स्तर और 1,56,665 रुपए का न्यूनतम स्तर बनाया है। 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी का दाम 3,435 रुपए या 1.19 प्रतिशत कम होकर 2,56,340 रुपए था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,367 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,56,444 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरे सोन-चांदी के भावअंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है। सोना 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,028 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.70 डॉलर प्रति औंस पर थी। सोने की कीमत में गिरावट की यह है वजहजानकारों के मुताबिक, सोने की कीमत में गिरावट की वजह 17 मार्च से शुरू होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक है, जिसका परिणाम 18 मार्च को आएगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए अमेरिकी फेड ब्याज दरों को यथावत रख सकता है, जिसके चलते इस बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इस बैठक के निर्णय सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, कच्चे तेल के लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, ईरान संघर्ष में कम होने के कोई संकेत नहीं दिखे, क्योंकि सप्ताहांत में अमेरिका और इजरायल ने एक प्रमुख निर्यात टर्मिनल पर हमला किया, जिसके बाद तेहरान की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

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खेल

टी20 वर्ल्ड कप से दूरी पड़ी भारी! : बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर जांच की तलवार, ईद के बाद शुरु होगा एक्शन

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर जांच की तलवार, ईद के बाद शुरु होगा एक्शन

ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का टी20 विश्व कप 2026 से बाहर रहने का फैसला एक बार फिर से चर्चा में है। बांग्लादेश की नई सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि ईद के बाद एक नई जांच कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या भारत और श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट से हटने का फैसला स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में विफलता का नतीजा था।मंत्री अमीनुल इस्लाम ने कहा कि सरकार यह समझना चाहती है कि क्या यह स्थिति टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा, “हमें यह गहराई से जांचना होगा कि हम विश्व कप में हिस्सा क्यों नहीं ले पाए और हमारी स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी कहां रह गई।” उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है।अनियमितताओं से जोड़कर देखा जा रहा जांच कोसरकार इस जांच को बीसीबी के हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं से जोड़कर भी देख रही है। मंत्री के मुताबिक क्लब और जिला स्तर के कई स्टेकहोल्डर्स ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनकी जांच पहले से चल रही है। बीसीबी ने हाल ही में मंत्रालय से पिछली जांच बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके ठीक अगले दिन नई जांच की घोषणा ने बोर्ड और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।विवाद की यहां से हुई थी शुरुआतविवाद की शुरुआत तब हुई थी जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। आईसीसी के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद बोर्ड अपने रुख पर कायम रहा, जिसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि जांच के नतीजे न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन बल्कि वैश्विक क्रिकेट में उसकी साख पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।

लाइफस्टाइल

मोटापा सिर्फ बढ़ता वजन नहीं : कई बीमारियों की बड़ी वजह, आसान उपाय संग ऐसे करें कंट्रोल

 कई बीमारियों की बड़ी वजह, आसान उपाय संग ऐसे करें कंट्रोल

नई दिल्ली। मोटापा अब सिर्फ दिखावे की समस्या नहीं रहा, बल्कि यह हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर समेत कई गंभीर बीमारियों का बड़ा कारण बन चुका है। ऐसे में बढ़ती वजन की समस्या से परेशान लोगों को हेल्थ एक्सपर्ट कुछ आसान उपाय की सलाह देते हैं, जो मोटापे की समस्या को खत्म करने में कारगर हैं। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, यह समस्या अब बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों में तेजी से फैल रही है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जंक फूड का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधि की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना और अनियमित जीवनशैली मोटापे की मुख्य वजह बन गई है। बच्चे मोबाइल-टीवी पर ज्यादा समय बिताते हैं, जिससे उनकी शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है। वहीं, बड़ों में ऑफिस की नौकरी, तनाव और फास्ट फूड की आदत ने मोटापे को और बढ़ावा दिया है।ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापा सिर्फ वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर में सूजन पैदा करता है, इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ाता है और धमनियों में फैट जमा होने से हृदय रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एनएचएम ने लोगों को मोटापे से बचने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय बताए हैं।वास्तव में मोटापा एक ऐसी समस्या है, जिसे दवाइयों से ज्यादा जीवनशैली में बदलाव से नियंत्रित किया जा सकता है। अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, जोड़ों के दर्द और यहां तक कि अन्य गंभीर रोगों का कारण भी बन सकता है।इसके लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करें। तेज चलना, साइकिल चलाना, योग या खेलकूद इसमें शामिल हो सकता है। संतुलित और पौष्टिक आहार लें। घर का बना खाना, ताजी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और कम तेल-चीनी का इस्तेमाल करें। जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं। स्क्रीन टाइम को सीमित करें। खासकर बच्चों को टीवी, मोबाइल या कंप्यूटर पर दो घंटे से ज्यादा समय न बिताने दें। पर्याप्त नींद लें। रात को 7-8 घंटे की अच्छी नींद मोटापे को नियंत्रित रखने में बहुत मदद करती है। एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाएं। लिफ्ट की बजाय सीढ़ियां चढ़ें, छोटे-छोटे काम खुद करें और बैठे रहने की आदत छोड़ें।

राजनीती

राज्यसभा चुनाव को लेकर मप्र कांग्रेस हलचल : जीतू के बाद अब अरुण यादव ने दावेदारी को लेकर लिया बड़ा बयान, क्या कहा जानें

जीतू के बाद अब अरुण यादव ने दावेदारी को लेकर लिया बड़ा बयान, क्या कहा जानें

बुरहानपुर। मध्यप्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर जून में चुनाव होना है। वर्तमान में दो सीटें भाजपा और एक सीट कांग्रेस के पास है। यही आंकड़ा आगामी चुनाव में भी रहने की उम्मीद है। खास बात यह है कि चुनाव से पहले ही राज्यसभा चुनाव को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। इसकी सबसे ज्यादा हलचल कांग्रेस में देखने को मिल रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह के मैदान से हटने के बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कहा था कि मैं इस रेस में नहीं हूं। वहीं अब पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने दावेदारी को लेकर बड़ा बयान दे दिया है। जो सियासी गलियारों में चर्चा का भी विषय बन गया है।बुरहानपुर में ईद मिलन समारोह में शामिल होने पहुंचे अरुण यादव से जब मीडिया ने राज्यसभा चुनाव में दावेदारी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मैं इस रेस में शामिल नहीं हूं, मप्र कांग्रेस से राज्यसभा का कौन उम्मीदवार होगा यह निर्णय दिल्ली हाईकमान लेगा।मप्र में हार्स ट्रेडिंग जैसी कोई बात नहीं बिहार में कांग्रेस विधायकों द्वारा किए गए भीतरघात पर अरुण यादव ने कहा मध्यप्रदेश में कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। यहां कोई मतभेद नहीं है। एक सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार की जीत तय है। हार्स ट्रेडिंग जैसी कोई बात नहीं है।

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