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चीखों के बीच बुझ गई जिंदगी : कार में अचानक भड़की आग में जिंदा जला 4 साल का मासूम, पिता के सामने चिराग ने तोड़ा दम

कार में अचानक भड़की आग में जिंदा जला 4 साल का मासूम, पिता के सामने चिराग ने तोड़ा दम

इंदौर। इंदौर से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहां के महू स्थित सिमरोल थाना क्षेत्र में शनिवार करीब 12 बजे स्विफ्ट कार में आग लगने से 4 साल का मासूम जिंदा जल गया है। बताया जा रहा है कि चार वर्षीय चिराग अपने पिता संजय बढ़िया के साथ घूमने निकाला था। चिराग के पिता पेशे से मेकेनिक हैं। वे इंदौर-खंडवा रोड सेल सिटी के सामने वह डीजे वाली गाड़ी का काम कर रहे थे। चिराग उस समय कार के अंदर बैठा था। इसी दौरान कार अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी कार उसकी चपेट में आ गई और चिराग भी जिंदा जल गया। आसपास मौजूद राहगीरों और लोगों ने जब तक मदद के लिए हाथ बढ़ाया और आग बुझाने का प्रयास किया तब तक मासूम चिराग इसकी चपेट में आ चुका था।शॉर्ट सर्किट हो सकती है वजहघटना की सूचना मिलते ही सिमरोल पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सिमरोल थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही बच्चा दम तोड़ चुका था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्राथमिक तौर पर आग लगने का कारण कार में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है।घटना के बाद बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए महू सिविल अस्पताल लाया गया है। इधर, हादसे के बाद से पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। फिलहाल वह बात करने की हालत में नहीं हैं। मौके पर मौजूद संजू वर्मा ने बताया कि पहले कार से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग विकराल हो गई। आग की लपटें उठ रही थीं। कोई पास नहीं जा पा रहा था।लोग आग बुझाने के लिए पानी और मिट्टी फेंक रहे थे। बड़ी मुश्किल से आग बुझी तो देखा बच्चा कार के अंदर जल चुका था। सिमरोल पुलिस ने कार के कांच तोड़ कर बच्चे को बाहर निकाला।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

एक्टिंग के बाद अब माॅडलिंग : अनुपम खेर का नया एक्सपेरिमेंट, फॉर्मल वियर ब्रांड्स को किया आवेदन

अनुपम खेर का नया एक्सपेरिमेंट, फॉर्मल वियर ब्रांड्स को किया आवेदन

मुंबई। बालीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर आज के समय किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अभिनय की दुनिया में खास पहचान बनाई है। अभिनेता अपने अभिनय के साथ साथ शरीर पर भी पूरा ध्यान रखते हैं और रोजाना जिम जाते हैं। यही कारण है कि वे 71 की उम्र में भी इतने फिट नजर आते हैं। हाल ही में उन्होंने फॉर्मल कपड़ों के ब्रांड्स से भी आत्मविश्वास के साथ अपील की और कहा कि वह मॉडलिंग करने के लिए तैयार हैं।अभिनेता हाल ही में एक आयोजन में गए हुए थे, जिसमें वे रेड कलर का फॉर्मल आउटफिट पहनते नजर आ रहे थे। इसकी कुछ तस्वीरें उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कीं। फॉर्मल कपड़ों में बेहद स्टाइलिश दिखते हुए उन्होंने फॉर्मल वियर ब्रांड्स को सीधे आवेदन कर दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे मॉडलिंग करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।अनुपम ने लिखा, मैं एक साधारण परिवार से आता हूं, जहां एक अच्छी शर्ट होना भी लग्जरी जैसा लगता था। मैं कभी सोचा नहीं था कि एक दिन मैं सिर्फ फॉर्मल कपड़े पहनूंगा ही नहीं, बल्कि उन्हें स्टाइल के साथ पहनूंगा।उन्होंने आगे बताया कि अब जब वे फॉर्मल कपड़ों वाली तस्वीरों को देखते हैं तो उन्हें लगता है कि उन्होंने खुद को काफी अच्छे से संवार लिया है। अनुपम खेर ने लिखा, 71 साल की उम्र में अपने आप में सेक्सी, एलिगेंट और बहुत आरामदायक महसूस कर रहा हूं और दोस्तों, यही सबसे बेहतरीन आउटफिट है जिसे कोई पहन सकता है।अपने खास अंदाज में हास्य के साथ अनुपम खेर ने सभी फॉर्मल ब्रांड्स को खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने लिखा, अगर कोई ब्रांड 71 साल के एक युवा मॉडल की तलाश में है, जो अनुभव, आत्मविश्वास और थोड़ा स्वैग लेकर आए, तो मैं उपलब्ध हूं। जय हो।अभिनेता जल्द ही आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म खोसला का घोसला 2 में नजर आएंगे। अनुपम खेर और बोमन ईरानी मुख्य भूमिकाओं में वापसी कर रहे हैं, जबकि इस बार फिल्म का निर्देशन प्रशांत भागिया कर रहे हैं। यह फिल्म दिल्ली की पृष्ठभूमि पर आधारित एक फैमिली ड्रामा है।

बिज़नेस

रुपया संभालने की मुहिम : आरबीआई का बड़ा फैसला, बैंकों की खुली पोजिशन पर रोक

 आरबीआई का बड़ा फैसला, बैंकों की खुली पोजिशन पर रोक

नई दिल्ली। रुपए में गिरावट को रोकने और सट्टेबाजी (स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग) पर लगाम लगाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को नया निर्देश दिया है। आरबीआई ने अधिकृत डीलर के रूप में काम करने वाले बैंकों को कहा है कि वे दिन के अंत तक रुपए में अपनी ओपन पोजीशन को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित रखें।यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिकी-इजरायल और ईरान के बीच तनाव के कारण व्यापार घाटा बढ़ा है और रुपए पर दबाव बढ़ गया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि सभी कमर्शियल बैंक इस रोजाना लिमिट को 10 अप्रैल तक लागू करें। साथ ही, जरूरत पड़ने पर बाजार की स्थिति के अनुसार यह लिमिट बदली भी जा सकती है।आरबीआई आगे और भी उठा सकता है सख्त कदमविशेषज्ञों का कहना है कि अगर रुपए में गिरावट जारी रहती है तो आरबीआई आगे और भी सख्त कदम उठा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रुपए को सहारा देने के लिए आरबीआई ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) का काफी इस्तेमाल किया है, जिससे उसकी हस्तक्षेप करने की क्षमता कुछ सीमित हो गई है।पहली बार 94 प्रति डाॅलर के नीचे गया रुपयाशुक्रवार को रुपया पहली बार 94 प्रति डॉलर के नीचे चला गया और करीब 1 प्रतिशत गिरा। अमेरिकी-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक इसमें कुल मिलाकर 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। वहीं ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है, जो आरबीआई के अक्टूबर में तय किए गए 70 डॉलर के अनुमान से काफी ज्यादा है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ा है और महंगाई व मुद्रा संतुलन बनाए रखना आरबीआई के लिए मुश्किल हो गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है और बाजार का वैल्यूएशन (पी-ई रेशियो) कम होता है, तो भारतीय बाजार में तेजी लौट सकती है।

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खेल

बंद दरवाजों के पीछे खेला जाएगा पीएसएल : कंगाल पीसीबी की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती

कंगाल पीसीबी की फिर हुई इंटरनेशनल बेइज्जती

नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) हमेशा से ही पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) की तुलना इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) से करता रहा है। हालांकि, बीसीसीआई की तरह पीसीबी कभी भी पीएसएल का आयोजन नहीं कर सका है। इसका ताजा उदाहरण आगामी सीजन की शुरुआत से पहले ही सामने आ गया है। पाकिस्तान सुपर लीग 2026 का आयोजन बंद दरवाजों के पीछे किया जाएगा, मतलब दर्शकों को स्टेडियम में आने की परमिशन नहीं होगी। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि पीएसएल के सभी मुकाबले अब छह की जगह महज दो शहरों में खेले जाएंगे। पीसीबी ने अपने इस फैसले का कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईंधन संकट को बताया है। पीसीबी ने खर्च कटौती का दिया हवालापाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि खर्चे में कटौती करने की खातिर टूर्नामेंट का आयोजन सिर्फ दो वेन्यू पर करने का निर्णय लिया गया है। पीएसएल की शुरुआत 26 मार्च से होनी है और फाइनल मुकाबला 3 मई को खेला जाना है।आईपीएल के आयोजनों में कोई कमी नहींअमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव का असर जितना पाकिस्तान पर हो रहा है, उतना ही भारत पर भी हो रहा है। तेल की कीमतों में यहां भी उछाल आया है और बाकी चीजों के दाम भारत में भी बढ़े हैं। हालांकि, इसके बावजूद आईपीएल 2026 के आयोजन में कोई कमी नहीं रखी गई है। पीएसएल का आयोजन तो छह शहरों में किया जाना था, जबकि आईपीएल 2026 कुल 10 शहरों में खेला जाना है। इसके बावजूद खर्चे में कटौती के नाम पर बीसीसीआई ने टूर्नामेंट के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया है। यह दर्शाता है कि पीसीबी के मुकाबले बीसीसीआई का कद काफी ऊंचा है।पीएसएल छोड़कर आईपीएल से जुड़ रहे विदेशी खिलाड़ीसिर्फ यही नहीं, बल्कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने के लिए विदेशी खिलाड़ी बिना कुछ सोचे ही पाकिस्तान सुपर लीग को छोड़कर भारत आ रहे हैं। ब्लेसिंग मुजारबानी और दासुन शनाका इसके ताजा उदाहरण भी हैं। पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने पीएसएल छोड़कर आईपीएल में खेलने जा रहे खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही है। हालांकि, इसके बावजूद खिलाड़ी आईपीएल की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। इसका पहला कारण आईपीएल में मिलने वाला पैसा तो है ही, लेकिन इसके साथ ही पीएसएल के मुकाबले आईपीएल की ज्यादा लोकप्रियता भी है। पीएसएल को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के दावे एक बार फिर खोखले साबित हो रहे हैं। वहीं, आईपीएल की बराबरी करना पीएसएल और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए अभी दूर की कौड़ी ही लगता है।

लाइफस्टाइल

क्या है लेटेंट टीबी? : नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, जानें लक्षण और बचाव

 नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, जानें लक्षण और बचाव

नई दिल्ली । टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो बैक्टीरिया माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होती है और मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है। साथ ही दिमाग, हड्डी, किडनी और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। यह हवा के जरिए फैलती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो टीबी खतरनाक हो सकती है और जान भी ले सकती है। लेकिन टीबी की एक स्थिति ऐसी होती है, जिसमें टीबी के बैक्टीरिया शरीर में मौजूद होते हैं, लेकिन वे निष्क्रिय अवस्था में रहते हैं।24 मार्च को हर साल विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद लेटेंट टीबी के बारे में जागरूक करता है। यह वह स्थिति है जिसमें टीबी के बैक्टीरिया शरीर में मौजूद होते हैं, लेकिन वे निष्क्रिय अवस्था में रहते हैं। इस स्थिति में व्यक्ति में कोई लक्षण नहीं दिखते, न ही वह बीमार महसूस करता है और न ही वह दूसरों में संक्रमण फैलाता है।आयुर्वेद इंस्टीट्यूट के अनुसार, लेटेंट टीबी को सक्रिय टीबी रोग से अलग समझना जरूरी है। इसमें संक्रमित व्यक्ति टीबी का वाहक बना रहता है, लेकिन रोग नहीं फैलाता। हालांकि, अगर समय पर ध्यान न दिया जाए और इलाज न किया जाए, तो यह निष्क्रिय संक्रमण किसी भी समय सक्रिय टीबी में बदल सकता है, जो खांसी, बुखार, वजन घटना, रात में पसीना आना और थकान जैसे लक्षण पैदा करता है। लेटेंट टीबी आमतौर पर उन लोगों में पाई जाती है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है, जैसे एचआईवी संक्रमित, डायबिटीज के मरीज, कैंसर रोगी, या जो लंबे समय से स्टेरॉयड दवाएं ले रहे हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों में भी इसका खतरा अधिक होता है।विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया में भर की बड़ी आबादी लेटेंट टीबी से संक्रमित है। भारत जैसे देश में यह संख्या और भी ज्यादा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लेटेंट टीबी का पता लगाना और समय पर इलाज करना बहुत जरूरी है। आसान ब्लड टेस्ट या ट्यूबरकुलिन स्किन टेस्ट से इसका पता लगाया जा सकता है। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, तो डॉक्टर आमतौर पर 3 से 9 महीने तक की दवा देते हैं, जिससे संक्रमण को सक्रिय होने से रोका जा सकता है।एक्सपर्ट के अनुसार, अगर परिवार में किसी को लंबी खांसी, बुखार या वजन घटने की शिकायत है, तो तुरंत जांच कराएं। लेटेंट टीबी को नजरअंदाज करने से बाद में सक्रिय टीबी हो सकती है, जो न सिर्फ व्यक्ति के लिए बल्कि पूरे परिवार और समाज के लिए खतरा बन सकती है।

राजनीती

दस साल तक फाइलों में दबा रहा जेवर एयरपोर्ट : सपा-कांग्रेस पर पीएम मोदी का तीखा हमला, कहा- नहीं पड़ने दी नींव तक

सपा-कांग्रेस पर पीएम मोदी का तीखा हमला, कहा- नहीं पड़ने दी नींव तक

ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तरप्रदेश की जनता को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने शनिवार को गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट चरण (फेज-1) का उद्घाटन कर दिया है। करीब 11,200 करोड़ रुपए की लागत से बने इस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाईआईएपीएल) द्वारा विकसित और संचालित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की भी भागीदारी है। यूपी के विकास का इंजन बन रहा नोएडाजेवर में एयरपोर्ट के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने सपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा एयरपोर्ट बन रहा है, जहां हर दो मिनट में एक जहाज उड़ान भरेगा। पहले सपा वालों ने नोएडा को अपनी लूट का एटीएम बना लिया था। कांग्रेस और उत्तर प्रदेश की पिछली सरकारों ने इस एयरपोर्ट की नींव तक नहीं पड़ने दी थी। लेकिन आज भाजपा सरकार में वही नोएडा उत्तर प्रदेश के विकास का सशक्त इंजन बन रहा है। जेवर एयरपोर्ट डबल इंजन सरकार की कार्य संस्कृति का भी बहुत अच्छा उदाहरण है।फाइलों में ही दबा रहा एयरपोर्टउन्होंने कहा कि 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस एयरपोर्ट को मंजूरी दी थी, लेकिन एयरपोर्ट नहीं बना। केंद्र में कांग्रेस और यहां (उत्तर प्रदेश) की पहले की सरकारों ने सालों तक इस एयरपोर्ट की नींव तक नहीं पड़ने दी। 2004 से 2014 तक यह एयरपोर्ट फाइलों में ही दबा रहा। जब हमारी सरकार बनी तो उस समय उत्तर प्रदेश में सपा की सरकार की थी। शुरू के दो तीन सालों में सपा वालों ने इस पर काम नहीं होने दिया, लेकिन जैसे ही यहां भाजपा की सरकार बनी, तो जेवर एयरपोर्ट की नींव पड़ी, निर्माण भी हुआ और आज उद्घाटन भी हो गया है।अंधविश्वास के चलते अपने हाल पर छोड़ दिया गया था नोएडा कोपीएम मोदी ने कहा, नोएडा को पहले अंधविश्वास के कारण अपने हाल पर छोड़ दिया गया था, कुर्सी जाने के डर से पहले के सत्ताधारी यहां आने से डरते थे। मुझे याद है, जब यहां सपा सरकार थी और मैंने नोएडा आने का कार्यक्रम बनाया, तो मुख्यमंत्री इतने डरे हुए थे कि वे उस कार्यक्रम में नहीं आए। मुझे भी डराने की कोशिश की गई, कहा गया कि नोएडा मत जाइए मोदी जी, अभी-अभी प्रधानमंत्री बने हैं। मैंने कहा कि मैं उस धरती का आशीर्वाद लेने जा रहा हूं, जो मुझे लंबे अरसे तक सेवा करने का मौका देगी। आज वही इलाका पूरी दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है। यह पूरा क्षेत्र आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सशक्त कर रहा है।प्रगति को भी उड़ान देते हैं एयरपोर्टकार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश में एयरपोर्ट सिर्फ एक सामान्य सुविधा नहीं होती। ये एयरपोर्ट प्रगति को भी उड़ान देते हैं। साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, आज 160 से अधिक एयरपोर्ट हो चुके हैं। अब महानगरों के अलावा, देश के छोटे-छोटे शहरों तक भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है। पहले की सरकारें मानती थीं कि हवाई यात्रा सिर्फ अमीरों के लिए होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सरकार ने सामान्य भारतीयों के लिए भी हवाई यात्रा को आसान बना दिया है।

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