Download App

Latest News

राज्यसभा चुनाव को लेकर मप्र कांग्रेस हलचल : जीतू के बाद अब अरुण यादव ने दावेदारी को लेकर लिया बड़ा बयान, क्या कहा जानेंरुपया धड़ाम, मप्र में सियासत तेज : कांग्रेस के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां, इंदौर में लगे महानायक के पोस्टर, ईनाम की भी घोषणाआईपीएल-2026 : टाइटल डिफेंड करने किंग कोहली ने टीम को किया प्रेरित, कहा- हर खिलाड़ी को देना होगा 120 फीसदीधुरंधर: द रिवेंज : स्वामी गोपालाचार्य ने की स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म की तारीफ, बोले-सच्चाई दिखाने वाली फिल्मों की जरूरतसास का खूनी खेल : मामूली विवाद ने ले ली बहू और अजन्मे बच्चे की जान, पन्ना का है दिल दहलाने वाला मामा

बड़ी ख़बर

TV 27 News - Latest Hindi News, Live TV, and Breaking News

फिल्मी पर्दे पर ‘धुरंधर’ का तहलका : जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली कहानी

जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली  कहानी

नीलम अहिरवारफिल्मी पर्दे पर धुरंधर और धुरंधर -2 का ताडंव जारी है। इसके पहले हिस्से के अंत में दिखाया गया था रणवीर सिंह भारतीय एजेंट होता है, जो कि दुश्मन की जमीन पर रहकर ही दुश्मन का खात्मा करेगा। देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ऐसे एजेंट सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी होते हैं। आम नागरिक देश के भीतर आराम से रह सके, अपनी नॉर्मल दिनचर्या जी सके उसके लिए देश की रक्षा में लगे लाखों लोग अलग-अलग तरीकों से देश के लिए काम करते हैं, उन्हीं में से एक ये एजेंट भी होते हैं। जानिए कौन थे हमारे देश के असली धुरंधर...रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत- पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे। 1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग ने भर्ती कर लिया। उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया - नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो।सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से स्स्ठ की डिग्री हासिल की। इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे।1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी। इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे। इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची। उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था।गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया। 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया। वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे।लेकिन 21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में दम तोड़ दिया... भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते गुमनामहैं। उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है। कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है।

लाइव टीवी

Loading live stream...

वायरल न्यूज़

Advertisment

adverstisment

पॉडकास्ट

image

नरक चतुर्दशी विशेष

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

image

Podcast E124

image

गुप्त नवरात्री पर विशेष

image

पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

image

आज की बुलेटिन 28 June

image

आज की बुलेटिन 26 June

image

आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

फिल्मी पर्दे पर ‘धुरंधर’ का तहलका : जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली कहानी

जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली  कहानी

नीलम अहिरवारफिल्मी पर्दे पर धुरंधर और धुरंधर -2 का ताडंव जारी है। इसके पहले हिस्से के अंत में दिखाया गया था रणवीर सिंह भारतीय एजेंट होता है, जो कि दुश्मन की जमीन पर रहकर ही दुश्मन का खात्मा करेगा। देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ऐसे एजेंट सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी होते हैं। आम नागरिक देश के भीतर आराम से रह सके, अपनी नॉर्मल दिनचर्या जी सके उसके लिए देश की रक्षा में लगे लाखों लोग अलग-अलग तरीकों से देश के लिए काम करते हैं, उन्हीं में से एक ये एजेंट भी होते हैं। जानिए कौन थे हमारे देश के असली धुरंधर...रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत- पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे। 1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग ने भर्ती कर लिया। उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया - नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो।सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से स्स्ठ की डिग्री हासिल की। इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे।1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी। इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे। इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची। उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था।गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया। 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया। वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे।लेकिन 21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में दम तोड़ दिया... भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते गुमनामहैं। उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है। कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है।

बिज़नेस

कीमती धातुओं के भाव गिरे : सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

मुंबई। सोने और चांदी की कीमत में सोमवार को कमजोरी देखी जा रही है, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 3,500 रुपए तक कम हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएस) पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1,192 रुपए या 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,57,274 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,57,347 का उच्चतम स्तर और 1,56,665 रुपए का न्यूनतम स्तर बनाया है। 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी का दाम 3,435 रुपए या 1.19 प्रतिशत कम होकर 2,56,340 रुपए था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,367 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,56,444 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरे सोन-चांदी के भावअंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है। सोना 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,028 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.70 डॉलर प्रति औंस पर थी। सोने की कीमत में गिरावट की यह है वजहजानकारों के मुताबिक, सोने की कीमत में गिरावट की वजह 17 मार्च से शुरू होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक है, जिसका परिणाम 18 मार्च को आएगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए अमेरिकी फेड ब्याज दरों को यथावत रख सकता है, जिसके चलते इस बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इस बैठक के निर्णय सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, कच्चे तेल के लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, ईरान संघर्ष में कम होने के कोई संकेत नहीं दिखे, क्योंकि सप्ताहांत में अमेरिका और इजरायल ने एक प्रमुख निर्यात टर्मिनल पर हमला किया, जिसके बाद तेहरान की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

Youtube

Video thumbnail
Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

खेल

कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

लखनऊ। दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को क्रिकेट करियर में अभी तक वह मुकाम हासिल नहीं हो पाया है, जिसके लिए वे कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक खूब पसीना बहा रहे हैं। आईपीएल 2026 के लिए भी वह अर्जुन खूब मेहनत कर रहे हैं। हालांकि इस सीजन में वे मुंबई इंडियंस की बजाय लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। कुल मिलाकर अर्जुन तेंदुलकर को कप्तान ऋषभ पंत के साथ काम करना है। एलएसजी ने अभ्यास सत्र का एक वीडियो साझा किया है जिसमें पंत और अर्जुन एक दूसरे से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पंत अर्जुन के बल्ले का वजन जानकर हैरान हो जाते हैं। वीडियो में पंत ने अर्जुन से उनके बल्ले का वजन पूछा। अर्जुन ने बताया, 1220 ग्राम। इतना सुनकर पंत हैरान रह गए। पंत ने पूछा कि भारी बल्ले से खेलने का क्या फायदा है, तो अर्जुन ने जवाब दिया, इसे छूने पर भी उड़ता है। पापा 1310-1315 के साथ खेलते थे। मैं 1200 से नीचे नहीं जाता।पंत ने की अर्जुन के डेडिकेशन की तारीफअर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए एलएसजी कैंप में मिलते ही दोनों दोस्त बन गए हैं। वीडियो में पंत एक जगह अर्जुन से यह कहते हुए दिखते हैं कि जब भी जरूरत होगी, वह उनके लिए मौजूद रहेंगे। पंत ने अर्जुन के डेडिकेशन की भी तारीफ की कि वह अपनी शादी के ठीक एक दिन बाद सीजन की तैयारी के लिए युवराज सिंह से जुड़ गए। अर्जुन गोवा की तरफ से खेलते हैं घरेलू क्रिकेटबाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट में गोवा की तरफ से खेलते हैं। अर्जुन ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से 2023 में केकेआर के खिलाफ डेब्यू किया था। 26 साल के इस खिलाड़ी ने 5 मैचों की 1 पारी में 13 रन बनाए हैं और 3 विकेट लिए हैं। आईपीएल 2026 से पहले अर्जुन एलएसजी से जुड़े थे।

लाइफस्टाइल

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज : 'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

नई दिल्ली । स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है। स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है 'बचाव'।स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। वहीं, 'बचाव' फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है।च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें। अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें।आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें। अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है। व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें।हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है। स्ट्रोक को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन 'बचाव' फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है।

राजनीती

मप्र में निवेश की तलाश : सीएम मोहन आज राजस्थान के चुनिंदा उद्योगपतियों से होंगे रूबरू, रेखांकित करेंगे सरकार की प्राथमिकताओं को

सीएम मोहन आज राजस्थान के चुनिंदा उद्योगपतियों से होंगे रूबरू, रेखांकित करेंगे सरकार की प्राथमिकताओं को

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज शनिवार को राजस्थान के जयपुर स्थित आईटीसी राजपूताना में आयोजित होने वाले एक इंटरैक्टिव सत्र के दौरान उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) के प्रबंध निदेशक चंद्रमावली शुक्ला इस कार्यक्रम में सीएम के साथ उपस्थित रहेंगे। इस सत्र के दौरान, राज्य की स्पष्ट नीति, प्रशासनिक तत्परता और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण को देश भर के प्रमुख औद्योगिक समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।इस सत्र में मध्य प्रदेश की औद्योगिक नीति, क्षेत्र-वार प्रोत्साहन, विकसित औद्योगिक क्षेत्रों की उपलब्धता, बुनियादी ढांचे का विस्तार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, कौशल विकास इकोसिस्टम और त्वरित अनुमोदन प्रणालियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति शामिल होगी।सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे सीएमइस चर्चा के दौरान, मुख्यमंत्री यादव राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे और इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि मध्य प्रदेश निवेशकों के लिए एक स्थिर नीतिगत वातावरण, पारदर्शी प्रक्रियाएं और समय-सीमा के अंदर निर्णय लेने की प्रक्रिया कैसे सुनिश्चित कर रहा है। शुक्रवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री निवेश को रोजगार सृजन, कौशल वृद्धि और औद्योगिक विस्तार से जोड़ने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को भी प्रस्तुत करेंगे।चुनिंदा उद्योगपतियों के साथ आमने-सामने करेंगे बैठकमुख्यमंत्री यादव का मुख्य भाषण राज्य की औद्योगिक दिशा और दीर्घकालिक विकास दृष्टिकोण पर केंद्रित होगा। वह प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा करने के लिए चुनिंदा उद्योगपतियों के साथ आमने-सामने बैठकें भी करेंगे। सरकार ने कहा कि जयपुर में होने वाला यह निवेश संवाद एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल होने की उम्मीद है, जो मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय औद्योगिक समुदाय से जोड़ेगी।मप्र सरकार द्वारा आयोजित किया गया कार्यक्रमइससे पहले, भीलवाड़ा में कपड़ा क्षेत्र पर केंद्रित इसी तरह का एक चर्चा सत्र आयोजित किया गया था। यह राजस्थान में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित किया गया इस तरह का दूसरा कार्यक्रम है। उद्योग विभाग के अनुसार, इस कार्यक्रम का उद्देश्य जयपुर और पूरे राजस्थान के उद्योगपतियों तथा निवेशकों को मध्य प्रदेश में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों के बारे में जानकारी देना और उन्हें राज्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

Advertisment

adverstisment
Placeholder