Download App

Latest News

राज्यसभा चुनाव को लेकर मप्र कांग्रेस हलचल : जीतू के बाद अब अरुण यादव ने दावेदारी को लेकर लिया बड़ा बयान, क्या कहा जानेंरुपया धड़ाम, मप्र में सियासत तेज : कांग्रेस के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां, इंदौर में लगे महानायक के पोस्टर, ईनाम की भी घोषणाआईपीएल-2026 : टाइटल डिफेंड करने किंग कोहली ने टीम को किया प्रेरित, कहा- हर खिलाड़ी को देना होगा 120 फीसदीधुरंधर: द रिवेंज : स्वामी गोपालाचार्य ने की स्पाई एक्शन थ्रिलर फिल्म की तारीफ, बोले-सच्चाई दिखाने वाली फिल्मों की जरूरत

बड़ी ख़बर

TV 27 News - Latest Hindi News, Live TV, and Breaking News

व्यंग्य : चादर की एक कथा-व्यथा

चादर की एक कथा-व्यथा

गणेश साकल्ले एक अदद चादर की असली अहमियत मनुष्य को घर से बाहर निकलने और खासतौर पर रेल यात्रा के दौरान ही समझ में आती है। वैसे तो कवि वृंद का वह दोहा प्राइमरी स्कूल से ही हमारे दिमाग में इंस्टॉल कर दिया गया था कि ‘अपनी पहुंच बिचारि के करतब करिये ठौर, तेते पांव पसारिए जैती लांबी सौर।' सीधा-सा गणित है कि अपनी हैसियत के अनुसार पहले से ही अपनी चादर की इंच-टेप से पैमाइश कर लेनी चाहिए। पिछले दिनों पंजाब मेल से मुंबई की यात्रा का सुयोग बना। टिकट तो फर्स्ट एसी का कटाना चाह रहे थे, मगर फिर कवि वृंद का वही दोहा याद आ गया। तो हमने अपनी ‘चादर' के अनुसार सेकेंड एसी का टिकट कटाया और कोच में दाखिल हो गए। अटेंडेंट महोदय अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ आए और एक कंबल, एक तकिया और दो चादरों का सेट रखकर चले गए। रात्रिभोज के पश्चात बर्थ पर बैठे मुसाफिरों के बीच शुरू हो गई वैश्विक युद्धों जैसे विषयों पर गपशप। हर कोई ट्रम्प को गरियाने के मूड में नजर आ रहा था और वार्ता का लब्बोलुआब यही था कि ट्रम्प महोदय के लिए गाजा या सीरिया तक तो ठीक था, मगर उन्हें अपनी चादर ईरान तक तानने की क्या जरूरत थी? खैर, अपन ने एक चादर बर्थ की मर्यादा बचाने के लिए बिछाई और दूसरी ओढ़ने के लिए उठा ली। पर जैसे ही चादर ओढ़ी, एक दार्शनिक संकट खड़ा हो गया। पांव ढंकता तो सिर लावारिस हो जाता और सिर ढंकता तो पांव। बरबस किसी शायर की ये पंक्तियां दिमाग में चली आईं कि ‘इतनी छोटी है मेरी चादर कि जिसमें पांव ढांकूं तो मेरा सर खुल जाता है।' आसपास के सहयात्रियों का जहां खर्राटा ‘संगीत समारोह' शुरू हो गया था, मैं आधे घंटे तक इसी ‘चादर-युद्ध' में उलझा रहा और इस उधेड़बुन में लगा रहा कि पांव सिकोड़ूं या सिर? तभी जेहन में एक और शेर कौंधा, ‘पांव सिकोड़ूं तो चादर बड़ी हो जाती है, ये हुनर आ जाए तो मुश्किलें खड़ी नहीं होतीं।’ दार्शनिक विचारों के इस घटाटोप के बीच ‘सिस्टम' का नुमाइंदा यानी अटेंडेंट फिर से हत्थे चढ़ गया। हमने उसे अपनी समस्या बताई। वह किसी मंझे हुए राजनेता की तरह जोर से ठहाका मारकर हंसा और चुटीले अंदाज में बोला, ‘बाबूजी, चादर छोटी पड़ गई? कोई बात नहीं, हम आपको दूसरी दे देते हैं।’ उसने अपने साथी को आवाज लगाई और कहा कि इन्हें एक लंबी चादर लाकर दे दो। उसका साथी बिजली की गति से गया और मुझे एक नई व लंबी चादर थमा दी। मैंने अपने पत्रकार स्वभाव के चलते उसे थोड़ा और कुरेदने की कोशिश की, मगर वह यह कहकर चलता बना, ‘बाबूजी, अब आप सो जाइए। दुनियादारी शायद आप मुझसे ज्यादा जानते होंगे।’ उसके इन शब्दों के मायने मैं आधी रात तक खोजता रहा। उसने कहा नहीं, मगर वह शायद यही कहना चाहता था कि यहां तो पूरा सिस्टम ही अनावृत है। कहां-कहां ढंकोंगे। जितना ढंक जाए, उतने में ही खैरियत समझो। नींद तो नहीं आई, अलबत्ता सिस्टम के कई पहलू मन-मस्तिष्क में घुमड़ते रहे। आखिर में मन को यह समझाकर सोना ही मुनासिब समझा कि इस दौर में ‘कागजों की इमारतें और फाइलों के ढेर हैं, बिना कमीशन के यहां कानून भी अंधेर है।' इसे दूसरे रूप में देखें तो आज का सच यही है कि ‘बिकता है यहां इंसाफ भी बस दाम लगाइए, ईमान की क्या बात है, कभी बाजार आइए!'

वायरल न्यूज़

Advertisment

adverstisment

पॉडकास्ट

image

नरक चतुर्दशी विशेष

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

image

Podcast E124

image

गुप्त नवरात्री पर विशेष

image

पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

image

आज की बुलेटिन 28 June

image

आज की बुलेटिन 26 June

image

आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

फिल्मी पर्दे पर ‘धुरंधर’ का तहलका : जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली कहानी

जानिए गुमनाम ‘धुरंधर’ की असली  कहानी

नीलम अहिरवारफिल्मी पर्दे पर धुरंधर और धुरंधर -2 का ताडंव जारी है। इसके पहले हिस्से के अंत में दिखाया गया था रणवीर सिंह भारतीय एजेंट होता है, जो कि दुश्मन की जमीन पर रहकर ही दुश्मन का खात्मा करेगा। देश की सुरक्षा के लिए काम करने वाले ऐसे एजेंट सिर्फ फिल्मों में नहीं, हकीकत में भी होते हैं। आम नागरिक देश के भीतर आराम से रह सके, अपनी नॉर्मल दिनचर्या जी सके उसके लिए देश की रक्षा में लगे लाखों लोग अलग-अलग तरीकों से देश के लिए काम करते हैं, उन्हीं में से एक ये एजेंट भी होते हैं। जानिए कौन थे हमारे देश के असली धुरंधर...रवींद्र कौशिक का जन्म 11 अप्रैल 1952 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में हुआ, जो भारत- पाकिस्तान सीमा के बहुत करीब है. वो एक प्रतिभाशाली थिएटर कलाकार थे। 1973 में मात्र 21 साल की उम्र में रवींद्र को रिसर्च एंड एनालिसिस विंग ने भर्ती कर लिया। उन्होंने दिल्ली में दो साल (1973-1975) की कड़ी ट्रेनिंग ली, उनकी असली पहचान मिटा दी गई और नया नाम दिया गया - नबी अहमद शाकिर. उनका खतना भी कराया गया ताकि कवर पूरी तरह मजबूत हो।सन 1975 में, 23 साल की उम्र में रवींद्र (नबी अहमद शाकिर) सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचे। उन्होंने कराची यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और वहां से स्स्ठ की डिग्री हासिल की। इससे उनकी सामाजिक स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने एक स्थानीय लड़की अमानत से शादी की और परिवार बसाया . वे पूरी तरह पाकिस्तानी समाज में घुल-मिल गए थे।1979 से 1983 तक उन्होंने रॉ को अत्यंत महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी भेजी। इसमें पाक आर्मी की तैनाती, ऑपरेशन प्लान, बॉर्डर पर मूवमेंट्स आदि शामिल थे। इन जानकारियों से भारत को कई हमलों से बचने में मदद मिली और हजारों भारतीय सैनिकों की जान बची। उनकी बहादुरी देखकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें द ब्लैक टाइगर का कोड नेम दिया, जो रॉ के इतिहास में बहुत दुर्लभ सम्मान था।गिरफ्तारी के बाद रवींद्र को लंबी और क्रूर पूछताछ का सामना करना पड़ा। उन्हें विभिन्न जेलों में रखा गया। 1985 में मौत की सजा सुनाई गई, लेकिन बाद में इसे उम्रकैद में बदल दिया गया. उन्होंने 16 साल से ज्यादा जेल में काटे, जहां यातना, बीमारी और उपेक्षा का सामना किया। वे कभी टूटे नहीं और भारत के प्रति वफादार रहे।लेकिन 21 नवंबर 2001 को, 49 साल की उम्र में रवींद्र कौशिक ने पाकिस्तानी जेल में दम तोड़ दिया... भारत में उन्हें कोई आधिकारिक सम्मान नहीं मिला, लेकिन वो देश के सबसे महान जासूसों में गिने जाते गुमनामहैं। उनकी कहानी बलिदान की मिसाल है। कहा जा रहा है कि सलमान खान ने अपनी फिल्म टाइगर और जॉन इब्राहिम ने भी अपनी स्पाई फिल्मों इन्हें से इनस्पायर किरदार निभाया है वहीं अब ताजा रोल धुरंधर रणवीर सिंह का किरदार इन्ही रॉ एजेंट द ब्लैक टाइगर से इंस्पायर बताया जा रहा है।

बिज़नेस

कीमती धातुओं के भाव गिरे : सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

सोना 1200 रुपए हुआ सस्ता, चांदी की चमक भी पड़ी फीकी

मुंबई। सोने और चांदी की कीमत में सोमवार को कमजोरी देखी जा रही है, जिससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 3,500 रुपए तक कम हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएस) पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोना 1,192 रुपए या 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,57,274 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में सोने ने 1,57,347 का उच्चतम स्तर और 1,56,665 रुपए का न्यूनतम स्तर बनाया है। 5 मई 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी का दाम 3,435 रुपए या 1.19 प्रतिशत कम होकर 2,56,340 रुपए था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,54,367 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,56,444 रुपए का उच्चतम स्तर छूआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी गिरे सोन-चांदी के भावअंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में गिरावट देखी जा रही है। सोना 0.66 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,028 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.70 डॉलर प्रति औंस पर थी। सोने की कीमत में गिरावट की यह है वजहजानकारों के मुताबिक, सोने की कीमत में गिरावट की वजह 17 मार्च से शुरू होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक है, जिसका परिणाम 18 मार्च को आएगा। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी को देखते हुए अमेरिकी फेड ब्याज दरों को यथावत रख सकता है, जिसके चलते इस बैठक से पहले निवेशक सतर्क बने हुए हैं। इस बैठक के निर्णय सोने की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा, कच्चे तेल के लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण डॉलर की स्थिति मजबूत बनी हुई है, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। वहीं, ईरान संघर्ष में कम होने के कोई संकेत नहीं दिखे, क्योंकि सप्ताहांत में अमेरिका और इजरायल ने एक प्रमुख निर्यात टर्मिनल पर हमला किया, जिसके बाद तेहरान की ओर से कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इससे सोने और चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

Youtube

Video thumbnail
Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

खेल

कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

लखनऊ। दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को क्रिकेट करियर में अभी तक वह मुकाम हासिल नहीं हो पाया है, जिसके लिए वे कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक खूब पसीना बहा रहे हैं। आईपीएल 2026 के लिए भी वह अर्जुन खूब मेहनत कर रहे हैं। हालांकि इस सीजन में वे मुंबई इंडियंस की बजाय लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। कुल मिलाकर अर्जुन तेंदुलकर को कप्तान ऋषभ पंत के साथ काम करना है। एलएसजी ने अभ्यास सत्र का एक वीडियो साझा किया है जिसमें पंत और अर्जुन एक दूसरे से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पंत अर्जुन के बल्ले का वजन जानकर हैरान हो जाते हैं। वीडियो में पंत ने अर्जुन से उनके बल्ले का वजन पूछा। अर्जुन ने बताया, 1220 ग्राम। इतना सुनकर पंत हैरान रह गए। पंत ने पूछा कि भारी बल्ले से खेलने का क्या फायदा है, तो अर्जुन ने जवाब दिया, इसे छूने पर भी उड़ता है। पापा 1310-1315 के साथ खेलते थे। मैं 1200 से नीचे नहीं जाता।पंत ने की अर्जुन के डेडिकेशन की तारीफअर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए एलएसजी कैंप में मिलते ही दोनों दोस्त बन गए हैं। वीडियो में पंत एक जगह अर्जुन से यह कहते हुए दिखते हैं कि जब भी जरूरत होगी, वह उनके लिए मौजूद रहेंगे। पंत ने अर्जुन के डेडिकेशन की भी तारीफ की कि वह अपनी शादी के ठीक एक दिन बाद सीजन की तैयारी के लिए युवराज सिंह से जुड़ गए। अर्जुन गोवा की तरफ से खेलते हैं घरेलू क्रिकेटबाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट में गोवा की तरफ से खेलते हैं। अर्जुन ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से 2023 में केकेआर के खिलाफ डेब्यू किया था। 26 साल के इस खिलाड़ी ने 5 मैचों की 1 पारी में 13 रन बनाए हैं और 3 विकेट लिए हैं। आईपीएल 2026 से पहले अर्जुन एलएसजी से जुड़े थे।

लाइफस्टाइल

पेट से जुड़े रोगों के लिए खा रहे हैं अजवाइन : सेवन की यह गलती बिगाड़ सकती है पाचन

सेवन की यह गलती बिगाड़ सकती है पाचन

नई दिल्ली । गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधि के कम होने के कारण आज के समय में पेट से जुड़े विकार सबसे ज्यादा परेशान करते हैं। भूख का कम लगना या खाने के बाद पेट फूलना जैसी परेशानियां होने लगती हैं। पहले तो इन परेशानियों को छोटा समझकर नजर नजरअंदाज कर दिया जाता है, लेकिन यहीं छोटी-छोटी दिक्कतें सेहत को बुरी तरीके से प्रभावित करती हैं। कई लोग रोग पाचन से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए रोजाना अजवाइन खाते हैं, लेकिन यह नहीं जानते हैं कि कैसे और कितनी मात्रा में अजवाइन खाना लाभकारी होता है।अजवाइन में थाइमोल नाम का यौगिक पाया जाता है, जो पाचन से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है और इसकी गर्म तासीर सर्दी और खांसी से भी बचाती हैं। हालांकि अजवाइन का सेवन करने से पहले उसके सेवन का तरीका भी जान लेना जरूरी है। कुछ लोग अजवाइन को कच्चा ही खा लेते हैं और किसी भी समय खाली पेट या फिर रात के समय इसका सेवन बेधड़क करते हैं लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है।अजवाइन को खाने से पहले हल्का भून लेना चाहिए। अजवाइन को इतना भूनना चाहिए कि उसके रंग में किसी तरह का परिवर्तन न हो लेकिन उसमें से हल्की-हल्की सुगंध आने लगे। ऐसे में आधे से कम चम्मच का सेवन करना चाहिए और सेवन भी हमेशा गुनगुने पानी के साथ करना करना चाहिए। गुनगुने पानी के साथ सेवन से अजवाइन के गुण बढ़ जाते हैं और पाचन तेजी से ठीक होता है। इससे पेट की जठराग्नि तेज होती है और भूख भी समय पर लगती है।अब सवाल है कि किस समय अजवाइन का सेवन करना लाभकारी है। कुछ लोग सुबह के वक्त खाली पेट अजवाइन का पानी या सूखी अजवाइन का सेवन करते हैं, लेकिन यह तरीका बिल्कुल गलत है। अजवाइन को हमेशा भोजन के बाद ही लेना चाहिए। खाना खाने के बाद तकरीबन आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से इसका सेवन किया जा सकता है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि अजवाइन का सेवन तब ही करें जब पाचन में परेशानी हो, बिना परेशानी के उसे अपने दिनचर्या का हिस्सा न बनाएं। गर्म तासीर होने की वजह से यह पेट में जलन कर सकती है। इसलिए जब गैस और पेट फूलने की परेशानी हो, तभी इसका सेवन करें।

राजनीती

रुपया धड़ाम, मप्र में सियासत तेज : कांग्रेस के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां, इंदौर में लगे महानायक के पोस्टर, ईनाम की भी घोषणा

 कांग्रेस के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां, इंदौर में लगे महानायक के पोस्टर, ईनाम की भी घोषणा

इंदौर। अमेरिकी डाॅलर के रुपये की गिरती कीमत को लेकर मप्र का सियासी पारा हो गई है। बता दें कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 93 रुपए के पार पहुंच गया है। जिसको लेकर सियासत शुरू हो गई है। यही नहीं कांग्रेस नेताओं ने पोस्टर वार शुरू कर दिया है। हालांकि इस बार कांग्रेसी नेताओं के निशाने पर बालीवुड की दिग्गज हस्तियां हैं। कांग्रेस नेताओं ने इंदौर में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के पोस्टर लगवाए हैं, जिसमें लिखा है- अमिताभ बच्चन को गिरते रुपयों पर ट्वीट करने वाले को ईनाम देंगे। पोस्टर में साल 2013 का अमिताभ बच्चन का एक पुराना ट्वीट दिखाया गया है। उस ट्वीट में उन्होंने रुपये की गिरावट पर चिंता जताई थी। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब पहले रुपये की कमजोरी को देश की प्रतिष्ठा से जोड़ा जाता था, तो अब हालात और खराब होने के बावजूद वही आवाजें खामोश क्यों हैं। पोस्टरों में तंज कसते हुए लिखा गया है कि जो लोग पहले आर्थिक मुद्दों पर खुलकर बोलते थे, वे अब चुप्पी साधे हुए हैं।शहर की राजनीति में बढ़ी हलचलमामले को और ज्यादा गर्माते हुए कांग्रेस नेताओं ने एक अनोखी घोषणा भी की है। उन्होंने कहा है कि जो व्यक्ति अमिताभ बच्चन से रुपये की गिरावट पर ट्वीट करवा देगा, उसे 51 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इतना ही नहीं, अगर खुद अमिताभ बच्चन इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हैं, तो यह इनाम उन्हें ही दिया जाएगा। इस ऐलान के बाद शहर की राजनीति में हलचल और बढ़ गई है।इन कलाकारों की चुप्पी पर खड़े किए सवालकांग्रेस ने केवल अमिताभ बच्चन ही नहीं, बल्कि अन्य कलाकारों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने जूही चावला, अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे नामों का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग पहले सोशल मीडिया पर हर मुद्दे पर सक्रिय रहते थे, वे अब रुपये की गिरावट पर कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं।कांग्रेस ने केन्द्र सरकार पर साधा निशानाकांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि रुपये की कमजोरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। आयात महंगा होने से पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ते हैं, जिससे महंगाई बढ़ती है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई और इलाज भी महंगे हो जाते हैं, कंपनियों की लागत बढ़ती है और रोजगार पर असर पड़ता है।पार्टी नेताओं का कहना है कि यह मुद्दा सिर्फ पोस्टर वार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे लेकर आगे भी आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने मांग की है कि जो लोग पहले रुपये के गिरने पर देशभक्ति की बातें करते थे, वे अब सामने आकर देश की अर्थव्यवस्था पर अपनी राय रखें।

Advertisment

adverstisment
Placeholder