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बाबा महाकाल : भोलेनाथ की भक्ति में लीन हुईं टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री, दर्शन के अनुभव को बताया 'दिव्य'हिन्दू धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व : सच्चे मन और श्रद्धा भक्ति करने पर बनी रहती है मां की कृपा, बचें इस तरह की गलतियों सेभाजपा की सोच ने देश और लोकतंत्र को किया कलंकित : मुकेश मल्होत्रा की विधायकी शून्य होने पर भड़के जीतू, ट्रेड डील को लेकर भी किया वारकटनी सड़क हादसे में 4 युवकों की दर्दनाक मौत : बड़वारा में मोटरसाकिल और कार के बीच हुई भीषण टक्कर, मृतकों में तीन मजदूरमप्र : अधिक वेतन लेने वालों की पेंशन कटौती तय, वित्त विभाग ने पेंशन अधिकारियों को दिए दो टूक निर्देश

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कांग्रेस की एक कॉलम की हार : राज्यसभा के लिए किस दिग्गज का नया दांव, पुलिस ऑफिसर्स मेस की दास्तान....

राज्यसभा के लिए किस दिग्गज का नया दांव, पुलिस ऑफिसर्स मेस की दास्तान....

TV27 पर हर सप्ताह पढ़ें संदीप भम्मरकर का विशेष काॅलम-बामुलाहिजा....विजयपुर में कांग्रेस के जीते हुए विधायक को नामांकन फॉर्म में आपराधिक जानकारी छिपाने की वजह से अपनी विधायकी गंवानी पड़ी। अदालत का फैसला आया तो कांग्रेस इसे कानूनी लड़ाई बताने लगी, लेकिन असल सवाल कहीं और है। चुनाव के वक्त नामांकन भरवाने के लिए वकीलों और विशेषज्ञों की पूरी टीम तैनात रहती है, ताकि कागज की एक-एक पंक्ति जांची जा सके। फिर भी इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? बीजेपी की सतर्कता अपनी जगह है, लेकिन कांग्रेस की लापरवाही भी कम जिम्मेदार नहीं। अब दलीलों का दौर चल रहा है, पर असली पड़ताल उस टीम की होनी चाहिए जिसने यह फॉर्म भरवाया। क्योंकि राजनीति में कभी-कभी हार चुनाव से नहीं, एक कॉलम से होती है।दिल्ली में चला ‘मास्टर स्ट्रोक’मध्यप्रदेश कांग्रेस के एक दिग्गज नेता ने राज्यसभा को लेकर ऐसा दांव चला है कि दिल्ली दरबार में भी भौंचक माहौल है। सूत्र बताते हैं कि इस फॉर्मूले पर मंथन शुरू हो चुका है और अगर बात बन गई तो एमपी से इन्हीं दिग्गज को राज्य सभा की की सीट मिल सकती है। राज की बात यह है कि दिग्गज लीडर ने एक जोरदार फॉर्मूला दिया है, इससे कांग्रेस को दूसरे राज्यों के रास्ते भी राज्यसभा जाने का मौका मिल सकता है। दिलचस्प यह भी कि ये वही नेता हैं जो पिछले कुछ दिनों से अचानक मुख्यधारा से गायब नजर आ रहे थे। राष्ट्रीय राजनीति में जिनका भौकाल रहा है, उनका नाम अचानक सामने आए तो हैरान मत होइएगा३ क्योंकि दिल्ली की राजनीति में कई बार चाल नहीं, पूरा शतरंज बदल दिया जाता है।कांग्रेस में रंगों की राजनीतिमध्यप्रदेश कांग्रेस में इस बार होली सिर्फ रंगों की नहीं, संदेशों की भी रही। भोपाल में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ होली मिलन का आयोजन किया, जो लंबे समय से केवल चर्चा में ही था। दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासियों के साथ रंगपंचमी मनाकर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर लीं। दोनों आयोजनों में रंग भी उड़े और सियासी जलसा भी खूब सजा। अब पार्टी के भीतर इसे ताकत के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। रंग तो दोनों तरफ चढ़े हैं, लेकिन चर्चा इस बात की है कि भविष्य में रंग किसका जमेगा?३ क्योंकि राजनीति की होली में रंग में सियासी मायने छिपे होते हैं। जब वर्दी ने वर्दी को सलाम कियामध्यप्रदेश पुलिस में एक ऐसा पल आया, जिसने वर्दी की परंपरा को फिर जिंदा कर दिया। देश के पहले आईपीएस बैच ( वर्ष 1948) के अफसर और मध्यप्रदेश के पूर्व डीजीपी रहे एचएम जोशी की सौवीं सालगिरह पर मौजूदा डीजीपी कैलाश मकवाना ने पुलिस ऑफिसर्स मेस में सादा लेकिन गरिमामय आयोजन रखा। उम्र की सदी पार कर चुके जोशी का हाथ जब आज की पुलिस ने थामा, तो माहौल भावुक भी हुआ और गर्व से भरा भी। कई अफसर इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने। खास बात यह रही कि इस मौके पर सियासत का शोर नहीं था, सिर्फ वर्दी का सम्मान था। क्योंकि परंपरा तब जिंदा रहती है, जब नई वर्दी पुरानी विरासत को सलाम करती है।फिर रामेश्वर के हुए विश्वासबीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के सालाना कवि सम्मेलन में कभी कुमार विश्वास की मौजूदगी लगभग तय मानी जाती थी। लेकिन जब कुमार विश्वास आम आदमी पार्टी की नींव रखने वालों में शरीक हुए, तो राष्ट्रवादी खेमे ने थोड़ी दूरी बना ली। इसके बाद तो रामेश्वर के आयोजन से भी उनके आने का सिलसिला ही थम गया। अब वक्त ने फिर करवट ली है। रामेश्वर शर्मा के मंच पर कुमार विश्वास की आमद फिर है। उधर कुमार विश्वास भी इन दिनों ऐसे आयोजनों में ज्यादा नजर आने लगे हैं, जिन्हें भगवाधारी खेमे में पसंद किया जाता है। अब देखना दिलचस्प होगा३ यह सिर्फ कविता की वापसी है या सियासत की नई पंक्ति लिखी जा रही है।कांटों का ताज बनी कमिश्नर की कुर्सीभोपाल नगर निगम कमिश्नर की कुर्सी किसी इम्तिहान से कम नहीं। बीते तीन-चार कमिश्नरों का हाल देखें तो तस्वीर साफ नजर आती है। आते समय जोश ऐसा कि लगता है शहर की सूरत बदल देंगे और काम का ऐसा प्रोफाइल बनाएंगे कि मंत्रालय की पांचवीं मंजिल तक चर्चा पहुंचे। लेकिन कुछ ही महीनों में जनप्रतिनिधियों की खींचतान, फंड की कमी और छोटे-छोटे कामों के दबाव की आंधी उस जोश की लौ को धीमा कर देती है। मौजूदा अफसर के साथ भी कुछ वैसी ही कहानी बनती दिख रही है। शुरुआत तेज थी, मगर अब उत्साह ठंडा पड़ता नजर आ रहा है। खबर सही जगह तक पहुंचा दी गई है, अब देखना है३ कुर्सी टिकती है या कमिश्नर।

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बाबा महाकाल : भोलेनाथ की भक्ति में लीन हुईं टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री, दर्शन के अनुभव को बताया 'दिव्य'

भोलेनाथ की भक्ति में लीन हुईं टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री, दर्शन के अनुभव को बताया 'दिव्य'

उज्जैन । टेलीविजन इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री कनिका मान मध्य प्रदेश के उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंची। इस दौरान उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया और काफी देर तक हाथ जोड़कर बाबा के भक्ति रस में डूबी नजर आईं। माथे पर लाल चंदन लगाए नंदी महाराज के पास मौजूद अभिनेत्री बाबा महाकाल को निहारती नजर आईं। दर्शन के बाद उन्होंने बताया कि यह उनके लिए महाकाल के दर्शन का पहला अवसर था।कनिका ने कहा, "यहां मैं पहली बार बाबा के दर्शन के लिए आई हूं और मुझे नहीं पता था कि मेरा अनुभव इतना खास व यादगार होगा। मैं बाबा की सच्ची भक्त हूं, इसलिए मंदिर जाना मेरे लिए उत्साह था, लेकिन यहां का अनुभव वाकई और भी अद्भुत था।"उन्होंने भस्म आरती के बारे में खास तौर पर बात की। कनिका ने कहा, "भस्म आरती का अनुभव मेरे लिए बहुत खास रहा। वहां बहुत भीड़ थी, लेकिन मुझे ऐसा बिल्कुल महसूस नहीं हुआ कि कोई परेशानी हो रही है। जब मैं पीछे मुड़ी तो देखा कि इतनी बड़ी भीड़ है, फिर भी हर कोई शांति से और आराम से दर्शन कर रहा था। मुझे लगा कि सब वही दिव्य अनुभव ले रहे हैं जो मैं ले रही थी। मैं आगे की पंक्ति में बैठी थी और सब बहुत खुश नजर आ रहे थे।"अभिनेत्री ने मंदिर प्रबंधन की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मंदिर कमिटी ने सारे इंतजाम इतने अच्छे तरीके से किए हैं कि किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। सब कुछ बहुत सुव्यवस्थित था। इसलिए मैं सबको कहना चाहूंगी कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। लोग सोचते हैं कि भीड़ ज्यादा है, दर्शन नहीं हो पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। आप जरूर आ सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं होगी। मैं खुद लास्ट मिनट में आई थी और फिर भी अच्छे से आगे बैठकर दर्शन किए।"

बिज़नेस

शेयर बाजार में आई सुनामी जैसी तेजी : ट्रंप का बयान बना टर्निंग पॉइंट, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बने राॅकेट

 ट्रंप का बयान बना टर्निंग पॉइंट, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बने राॅकेट

नई दिल्ली। वैश्विक तनाव और युद्ध की आशंकाओं के कारण पिछले कुछ दिनों से गिरावट झेल रहे भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार वापसी देखने को मिली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर हालात में नरमी के संकेत मिलने के बाद बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटा और प्रमुख सूचकांक तेज उछाल के साथ खुले।मंगलवार को बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,566 के मुकाबले करीब 800 अंकों की तेजी के साथ 78,375 पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही इसमें और तेजी आई और यह 900 अंक से अधिक चढ़कर लगभग 78,526 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 भी मजबूती के साथ 24,280 पर खुला और कुछ ही देर में 24,303 के स्तर तक पहुंच गया।यूएस की भूमिका को लेकर वैश्वि बाजारों में अस्थिरतादरअसल, बीते कुछ दिनों से ईरान और इजरायल के बीच युद्ध की स्थिति और यूनाइटेड स्टेट की भूमिका को लेकर वैश्विक बाजारों में भारी अस्थिरता बनी हुई थी। सोमवार को भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स करीब 1,352 अंक गिरकर 77,566 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी भी कमजोर होकर 24,028 के स्तर पर बंद हुआ था।ट्रंप का दावाः ईरानी सेना हो चुकी है काफी कमजोर मंगलवार को बाजार में आई तेजी के पीछे डोनाल्ड ट्रंप के बयान को अहम माना जा रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी सेना काफी कमजोर हो चुकी है और युद्ध अपने अंतिम चरण में हो सकता है। इस बयान के बाद वैश्विक बाजारों में तनाव कुछ कम हुआ और निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला।90-91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचा कच्चा तेलइसी के साथ कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज गिरावट आई। हाल ही में 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा कच्चा तेल घटकर करीब 90-91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया। तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देशों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, जिससे शेयर बाजार में खरीदारी बढ़ी। मजबूत वैश्विक संकेतों का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा। जापान और साउथ कोरिया समेत कई एशियाई बाजार तेजी के साथ कारोबार करते नजर आए। इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दिया।कई शेयरों में दिखी तेजीतेजी के माहौल में कई प्रमुख शेयरों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। इंटरग्लोब एविएशन इंडिगो एशियन पेंट्स टाइटन कंपनी वीकेएसजे और एचडीएफसी बैंक जैसे लार्जकैप शेयर बढ़त में रहे। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की खरीदारी देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और स्थिरता देखने को मिल सकती है।

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खेल

भारत ने फिर फतह किया टी20 विश्व कप : किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं जीत की कहानी, एक हार से बनी खिताब की राह

किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं जीत की कहानी, एक हार से बनी खिताब की राह

अहमदाबाद। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड की टीम को हराकर टी 20 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही भारतीय टीम तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने में सफल रही। इससे पहले भारत ने आईसीसी मेंस टी-20 विश्व कप 2007 और 2024 में भी ट्रॉफी जीती थी।इस बार की जीत की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं रही। पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली टीम इंडिया को एक ऐसी हार मिली, जिसने आगे की रणनीति बदल दी और वही हार अंततः खिताब की राह बन गई।ग्रुप स्टेज में दमदार शुरुआतभारतीय टीम ने ग्रुप स्टेज में शानदार खेल दिखाया और अपने चारों मैच जीत लिए। इस दौरान चिर-प्रतिद्वंद्वी च्ंापेजंद दंजपवदंस बतपबामज जमंउ के खिलाफ भी भारत ने एकतरफा जीत दर्ज की। हालांकि जीत के बावजूद टीम की बल्लेबाजी को लेकर कुछ सवाल उठने लगे थे। कई मैचों में टॉप ऑर्डर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।साउथ अफ्रीका से हार ने बदली दिशासुपर-8 में भारत का पहला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका की टीम से हुआ। इसी मैदान पर खेले गए इस मैच में भारतीय टीम को 76 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और टीम का नेट रन रेट भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस हार के बाद ऐसा लगा कि भारत का टूर्नामेंट में सफर मुश्किल हो सकता है। लेकिन यही हार टीम के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई।रणनीति में बड़ा बदलावहार के बाद टीम मैनेजमेंट ने रणनीति में बड़े बदलाव किए। प्लेइंग इलेवन में संजू सैमसन को बतौर ओपनर मौका दिया गया। ईशान किशन को नंबर-3 पर भेजा गया, जबकि ज्पसंा टंतउं के बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव किया गया। इन बदलावों का असर तुरंत दिखाई दिया। भारतीय बल्लेबाजी पहले से ज्यादा आक्रामक और संतुलित नजर आने लगी।गेंदबाजी में भी दिखी चतुराईगेंदबाजी में भी कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम मैनेजमेंट ने शानदार रणनीति अपनाई। हार्दिक पंडया और वरुण चक्रवर्ती का इस्तेमाल परिस्थितियों के अनुसार किया गया, जबकि Jasprit Bumrah के ओवरों को डेथ ओवरों के लिए बचाकर रखा गया। इस रणनीति की बदौलत भारत ने यूएस, वेस्टइंडीज और इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों को हराते हुए फाइनल में जगह बनाई।तीसरी बार बना वर्ल्ड चैंपियनफाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने इतिहास रच दिया। तीन बार टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारत पहली टीम बन गई। साथ ही मेजबान के तौर पर खिताब जीतने का गौरव भी टीम इंडिया को मिला। इस तरह एक हार से शुरू हुई नई रणनीति ने अंततः टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बना दिया और क्रिकेट इतिहास में एक यादगार अध्याय जोड़ दिया।

लाइफस्टाइल

प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन : मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

 मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

नई दिल्ली । मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत और भावुक अहसास है। गर्भावस्था के इस खास सफर में मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। सही और संतुलित पोषण इस दौरान नींव की तरह काम करता है। ऐसे में सेब, अनार, संतरा और केला का नियमित सेवन मां को एनर्जी देता है। शिशु के विकास को बढ़ावा देता है और दोनों को सेहतमंद रखता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार मां की ताकत और बच्चे की अच्छी शुरुआत का आधार बनता है। इस दौरान कुछ फलों को रोजाना डाइट में शामिल करने से मां और बच्चे दोनों को भरपूर फायदा मिलता है। ये फल विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से सेहतमंद रहने में मदद करते हैं।सेब गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो पाचन सुधारते हैं और कब्ज से राहत देते हैं। नियमित सेवन से बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है।अनार हीमोग्लोबिन बढ़ाने का बेहतरीन स्रोत है। यह आयरन, फोलेट और विटामिन से भरपूर होता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। अनार का सेवन मां को एनर्जी देता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और बच्चे की ग्रोथ को सपोर्ट करता है। यह मॉर्निंग सिकनेस और थकान में भी राहत देता है।संतरा विटामिन सी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, संक्रमण से बचाता है और आयरन को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है। संतरे में फोलेट भी होता है, जो बच्चे के ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड के विकास के लिए जरूरी है। यह हाइड्रेशन बनाए रखता है और क्रेविंग्स को कंट्रोल करता है।केला गर्भावस्था में आने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने में मददगार और एनर्जी देता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 और फाइबर भरपूर होता है, जो मसल क्रैंप्स रोकता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है और पाचन सुधारता है। केला आसानी से पच जाता है। इन सुपरफ्रूट्स को रोजाना थाली में शामिल करने से मां को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। डॉक्टर की सलाह से इन्हें संतुलित मात्रा में खाएं।

राजनीती

इंदौर भागीरथपुरा पानी कांड : राज्य स्तरीय समिति तत्काल प्रभाव से निरस्त, अब कमेटी की जिम्मेदारियों को संभालेगा आयोग

राज्य स्तरीय समिति तत्काल प्रभाव से निरस्त, अब कमेटी की जिम्मेदारियों को संभालेगा आयोग

इंदौर। दो महीने पहले इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण दो दर्जन से अधिक मौतों के बाद गठित राज्य स्तरीय जांच समिति को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। समिति निरस्तीकरण का कारण विधानसभा में कांड की जांच के लिए एकल सदस्यीय आयोग का गठन बताया गया है। अब आयोग राज्य स्तरीय समिति की जिम्मेदारियों को संभालेगा।राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल थे। इसमें प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी पी. नरहरि, आयुक्त संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास संकेत भोंडवे और आयुक्त इंदौर संभाग सुदाम खाड़े सदस्य-सचिव थे। समिति का उद्देश्य घटना की विस्तृत समीक्षा कर सुझाव और अनुशंसाएं तैयार करना था, जो अब एकल सदस्यीय आयोग करेगा।सरकार ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय आयोग गठित किया है। आयोग को चार हफ्ते में रिपोर्ट जमा करनी है, जिसमें मृतकों की संख्या, रोग की प्रकृति, मेडिकल रिस्पांस, निवारक उपायों की समीक्षा और दीर्घकालिक सुधार के सुझाव शामिल होंगे। आयोग को प्रभावितों के मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करने के अधिकार भी दिए गए हैं।समिति निरस्तीकरण और आयोग गठन से सरकार की जांच प्रक्रिया तेज और केंद्रीकृत होगी। अधिकारियों को अभिलेख प्राप्त करने, स्थल निरीक्षण करने और जल जांच के आदेश देने का अधिकार आयोग को प्राप्त है। समय सीमा पूरी होने में अभी एक हफ्ता शेष है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया जा सकता है। इस निर्णय से अब भागीरथपुरा कांड की जांच में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की उम्मीद है।

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