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ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026ः : लगातार 24वें मेजर के तीसरे राउंड में पहुंचीं वर्ल्ड नंबर 2 खिलाड़ी, ऐसा करने वाली बनी पहली महिला प्लेयरदुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी : मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे : ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थेकोई साधारण फल नहीं है सिंघाड़ा : बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगरमैं कभी नहीं करता रेंज हिटिंग : कीवियों की कुटाई के बाद बोले अभिषेक, नेट सेशन में बनाता हूं योजना

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जम्मू-कश्मीर में बड़ा सड़क हादसा : डोडा में 200 फीट गहरी खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवानों का बलिदान, 7 घायल, इनमें तीन हालत गंभीर

डोडा में 200 फीट गहरी खाई में गिरा सेना का वाहन, 10 जवानों का बलिदान, 7 घायल, इनमें तीन हालत गंभीर

डोडा। जम्मू-कश्मीर में गुरुवार को दर्दनाक सड़क हादसा हो गया है। यहां के डोडा जिले में सेना का एक वाहन फिसलकर 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा है। इस भीषण हादसे में जहां 10 जवानों की जान चली गई है। वहीं 7 घायल हुए हैं। जिन्हें बचाव दल और स्थानीय लोगों ने मिलकर खाईं से निकाला। वाहन में कुल 17 जवान सवार थे। हादसा भद्रवाह-चंबा मार्ग पर खन्नी टॉप के पास हुआ। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि सेना का बुलेटप्रूफ वाहन निकट के पोस्ट की तरफ जा रहा था। इसी दौरान चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह 200 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस हादसे में 10 जवानों की जान चली गई है, जबकि अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। तीन जवानों की हालत गंभीरजानकारी पर सेना और पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू शुरू किया। मौके से दस जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सात जवानों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया। इसमें से तीन की हालत गंभीर है। उन्हें विशेष उपचार के लिए एयरलिफ्ट कर उधमपुर स्थित सैन्य अस्पताल भेजा गया है। अन्य घायलों का इलाज नजदीकी सैन्य चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है। हादसे की जांच शुरूसेना ने एक बयान जारी कर कहा है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और घायल जवानों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले जवानों के परिवारों को सूचना दे दी गई है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे : ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थे

ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थे

मुंबई । हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि समय के साथ इतिहास की याद दिलाने का काम भी करती हैं। अक्षय कुमार और निमरत कौर अभिनीत फिल्म 'एयरलिफ्ट' को रिलीज हुए अब पूरे दस साल हो चुके हैं। इस खास मौके पर अभिनेत्री निमरत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया और एक बार फिर इस ऐतिहासिक फिल्म को चर्चा में ला दिया।निमरत ने फिल्म के सेट की कई पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ''10 साल पहले आज के दिन यह सेलुलॉइड मैजिक हुआ था। संगीत, यादगार लम्हे और प्यार... सब कुछ समय के साथ और बढ़ता ही गया है।'' उनके इस पोस्ट में उस दौर की याद भी थी, जिसे 'एयरलिफ्ट' ने बड़े पर्दे पर जीवंत किया था। फिल्म 'एयरलिफ्ट' साल 1990 की उस सच्ची घटना पर आधारित है, जब सद्दाम हुसैन की अगुवाई वाले इराक ने पड़ोसी देश कुवैत पर हमला कर दिया था। इस युद्ध के कारण कुवैत में रह रहे करीब एक लाख सत्तर हजार भारतीय नागरिक जंग के बीच फंस गए थे। हालात इतने खराब थे कि जान-माल की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी।ऐसे समय में भारत सरकार, एयर इंडिया और भारतीय सेना के सहयोग से एक विशाल निकासी अभियान चलाया गया। यह मिशन 59 दिनों तक चला और इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा मानवीय बचाव अभियान माना गया, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 'एयरलिफ्ट' इसी ऐतिहासिक घटना को आम दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करती है।फिल्म की कहानी रंजीत कात्याल नाम के एक भारतीय मूल के कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार अक्षय कुमार ने निभाया है। रंजीत कुवैत में रहता है और वहीं की सुख-सुविधाओं में रमा हुआ है। उसकी पत्नी अमृता कात्याल और एक छोटी बेटी है। शुरुआत में रंजीत का भारत या कुवैत में फंसे भारतीयों से कोई खास भावनात्मक जुड़ाव नहीं दिखता, लेकिन युद्ध के हालात और आसपास घटती हिंसक घटनाएं उसकी सोच बदल देती हैं। अपने ड्राइवर की मौत के बाद वह भीतर से टूट जाता है और फिर भारतीयों के दुखों को समझते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने की मुहिम में जुट जाता है। फिल्म इसी बदलाव और संघर्ष की कहानी को सामने रखती है।

बिज़नेस

ट्रंप की नए टैरिफ धमकी से कीमती धुओं की कीमतों में लगी आग : तीन लाख के पार पहुंची चांदी, सोने ने भी बनाया रिकार्ड

तीन लाख के पार पहुंची चांदी, सोने ने भी बनाया रिकार्ड

मुंबई। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने और चांदी की कीमतें एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। कीमती धातुओं में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 8 यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी खरीदना शुरू कर दिया। सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना जहां रिकॉर्ड 1,45,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी ने 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड स्तर छू लिया। वहीं, खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स गोल्ड फरवरी वायदा 2,438 रुपए यानी 1.71 प्रतिशत बढ़कर 1,44,955 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, वहीं एमसीएक्स सिल्वर मार्च वायदा 13,062 रुपए यानी 4.54 प्रतिशत की उछाल के साथ 3,00,824 रुपए प्रति किलो हो गई।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़े सोने के दामअंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत में तेज उछाल देखा गया। स्पॉट गोल्ड 1.6 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 4,700 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया और बाद में 4,670 डॉलर के आसपास स्थिर हुआ। इस दौरान सोने ने अब तक का सबसे ऊंचा स्तर भी छुआ। सोने और चांदी में तेजी तब और बढ़ गई जब राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक यूरोप के आठ देशों से आने वाले सामान पर ज्यादा टैक्स लगाएगा, जब तक अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं मिलती। इस बयान के बाद यूरोपीय संघ के देशों ने अमेरिका को मनाने और जरूरत पड़ने पर जवाबी कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी।राजनीतिक अस्थिरता कीमतों को दे रहीं सहारामेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री ने बताया कि दुनिया में राजनीतिक अस्थिरता, अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर सवाल और लगातार चल रहे भू-राजनीतिक तनाव भी सोने की कीमतों को सहारा दे रहे हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका में ब्याज दरों में आगे कटौती की उम्मीद भी सोने और चांदी की कीमतों को ऊपर बनाए हुए है, खासकर 2025 में अच्छे प्रदर्शन के बाद।विशेषज्ञों ने जताया भरोसाविशेषज्ञों के अनुसार, इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसकी वजह डॉलर की कीमतों में अस्थिरता और अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट का टैरिफ पर आने वाला फैसला है। विश्लेषकों ने बताया कि सोने को 1,41,650 से 1,40,310 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,44,150 से 1,45,670 रुपए के बीच इसमें रेजिस्टेंस आ सकती है। चांदी के लिए 2,85,810 से 2,82,170 रुपए का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2,94,810 से 2,96,470 रुपए पर रेजिस्टेंस है।

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खेल

टी-20 सीरीजः आज स्पेशल शतक लगाएंगे टीम इंडिया के कप्तान : अब तक रो-को और पांड्या के नाम दर्ज है उपलब्धि

अब तक रो-को और पांड्या के नाम दर्ज है उपलब्धि

नागपुर। भारत-न्यूजीलैंड के बीच आज बुधवार से 5 टी20 मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला जाएगा। यह मुकाबला भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव के कुछ ज्यादा ही खास होने वाला है। दरअसल वे पहले टी20 मैच में स्पेशल शतक लगाएंगे। ऐसा करने वाले वह भारत के चैथे खिलाड़ी बनेंगे। सूर्यकुमार यादव ने अपने करियर में अब तक 99 टी20 मैच खेले हैं। नागपुर में खेला जाने वाला मुकाबला उनके करियर का 100वां टी20 होगा। नागपुर में वह टी20 मैचों का शतक लगाएंगे और ऐसा करने वाले भारत के चैथे खिलाड़ी बनेंगे। सूर्यकुमार यादव से पहले भारत के लिए 100 या उससे अधिक टी20 खेलने की उपलब्धि रोहित शर्मा, विराट कोहली और हार्दिक पांड्या के नाम है। रोहित शर्मा ने सबसे ज्यादा 159 टी20 खेले हैं। दूसरे स्थान पर 125 मैचों के साथ विराट कोहली हैं। हार्दिक पांड्या 124 मैचों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। हार्दिक नागपुर में कोहली की बराबरी कर लेंगे। पांचवें स्थान पर पूर्व कप्तान एमएस धोनी हैं जिन्होंने 98 टी20 खेले थे। रोहित और विराट टी20 से संन्यास ले चुके हैं। हार्दिक के पास रोहित को सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में पछाड़ने का मौका है। कप्तान के 100वें टी20 मैच को यादगार बनाने का अवसर भारतीय कप्तान के पास अपने 100वें टी20 मैच को यादगार बनाने का अवसर है। सूर्यकुमार यादव के लिए साल 2025 बतौर बल्लेबाज किसी बुरे स्वप्न से कम नहीं था। पिछले साल की 22 पारियों में उनके बल्ले से एक भी अर्धशतक नहीं आया। साल के इस पहले और अपने 100वें मैच में एक बड़ी पारी खेल सूर्यकुमार यादव अपनी खोई फॉर्म हासिल कर सकते हैं, जो भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्या का रहा है शानदार प्रदर्शनन्यूजीलैंड के खिलाफ सूर्यकुमार यादव का प्रदर्शन अच्छा रहा है। 2021 से 2023 के बीच इस टीम के खिलाफ सूर्यकुमार ने 8 टी20 मैचों में 47.33 की औसत और 153.51 की स्ट्राइक रेट से 284 रन बनाए हैं। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 111 रहा है। भारतीय कप्तान के टी20 करियर पर नजर डालें तो 99 टी20 मैचों की 93 पारियों में 4 शतक और 21 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 2,788 रन बनाए हैं।

लाइफस्टाइल

कोई साधारण फल नहीं है सिंघाड़ा : बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगर

बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगर

नई दिल्ली । सर्दियों में सिंघाड़ा के सेवन का खासा महत्व है। लोग इसे कच्चा खाते हैं, उबालकर नमक-मिर्च के साथ चटखारे लेते हैं, भूनकर या फिर सिंघाड़े के आटे से हलवा, पूरी और पकौड़े बनाते हैं। स्वाद के साथ-साथ यह फल औषधीय गुणों से भी भरपूर है। सिंघाड़े में आयोडीन, पोटेशियम, मैंगनीज, फाइबर और विटामिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो थायरॉइड को सपोर्ट करते हैं, पानी की अधिकता कम करते हैं, ब्लड प्रेशर संतुलित रखते हैं और पेट को आराम देते हैं।सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा ने सिंघाड़े (वाटर चेस्टनट) के एक खास और दिलचस्प स्वास्थ्य लाभ पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि सिंघाड़ा देखने में छोटी थायरॉइड ग्लैंड जैसा दिखता है और मजेदार बात यह है कि इसके पोषक तत्व भी थायरॉइड के कार्य को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।सिंघाड़े में आयोडीन, पोटेशियम और मैंगनीज जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाने के लिए जरूरी होता है, जबकि मैंगनीज और पोटेशियम टी4 हार्मोन को सक्रिय टी3 हार्मोन में बदलने की प्रक्रिया में मदद करते हैं। यह परिवर्तन थायरॉइड फंक्शन को सुचारू रूप से चलाने के लिए बेहद आवश्यक है। कई लोगों को थायरॉइड संबंधी समस्याएं होने पर यह जानकारी उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि सिंघाड़ा एक प्राकृतिक और आसानी से उपलब्ध फल है।इसके अलावा, सिंघाड़ा शरीर में अतिरिक्त पानी जमा होने को कम करने में भी कारगर होता है। यह खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो थायरॉइड की वजह से सूजन या भारीपन महसूस करते हैं। पोटेशियम की अच्छी मात्रा ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में सहायता करती है, जिससे हृदय स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचता है।सिंघाड़ा पेट के लिए भी आरामदायक होता है। यह हल्का होने के कारण पाचन तंत्र को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। सिंघाड़ा सर्दियों में आसानी से मिलने वाला एक साधारण फल है, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ काफी हैं। इसे कच्चा खाया जा सकता है, उबालकर, भूनकर या सिंघाड़े के आटे से बने व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी स्वास्थ्य समस्या के मामले में डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहता है।

राजनीती

गायत्री परिवार ने तोड़ीं रूढ़ियां : महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार - बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

महिलाओं को दिया मंत्र का अधिकार - बोले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में गुरुवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी और अखंड दीप शताब्दी वर्ष पर आयोजित शताब्दी वर्ष समारोह 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, आज पंडित श्रीराम शर्मा ने लाखों लोगों को गायत्री मंत्र, गायत्री पूजा और गायत्री साधना से जोड़ा। अब इन लाखों लोगों की जिम्मेदारी है कि वे चिन्मय पंड्या के नेतृत्व में नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अगले सौ सालों तक आगे बढ़ें। पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी ने अपने जीवनकाल में कई युगों का काम किया। उनके आंदोलन के तहत, 15 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स आध्यात्मिकता के रास्ते पर चल रहे हैं और आज अखंड ज्योति की शताब्दी मनाई जा रही है। 1925-26 राष्ट्रीय पुनर्जागरण का वर्ष था और उसी वर्ष, संघ परिवार की स्थापना हुई थी।सप्तऋषियों ने जगाया करोड़ों लोगों की आत्माओं कोउन्होंने कहा कि जो लोग सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और भारत के इतिहास को भली-भांति जानते हैं, वे इस बात में दृढ़ विश्वास रखते हैं कि यदि विश्व की समस्त समस्याओं का समाधान कहीं निहित है, तो वह भारतीय परंपरा में ही है। हरिद्वार कुंभ की भूमि है, सप्तऋषियों की तपस्या की भूमि है। अनगिनत संतों ने इसी भूमि पर न केवल अपनी आत्मा को बल्कि करोड़ों लोगों की आत्माओं को भी जगाया है और उन्हें आध्यात्मिकता के मार्ग पर मार्गदर्शन दिया है।यह स्थल आस्था-आध्यात्म और संस्कृति का संगमकेंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि यह स्थल आस्था, आध्यात्म और संस्कृति का संगम है। पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा ने इन तीनों को पुनर्जीवित करने के लिए व्यक्ति-निर्माण का मार्ग चुना। आज ‘अखंड ज्योति सम्मेलन’ में आकर मैं सही अर्थ में अखंड ऊर्जा और चेतना की अनुभूति कर रहा हूं।हरिद्वार सप्त ऋषियों की तपस्या की पावन भूमि अमित शाह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में कदम रखते ही हजारों वर्षों की तपस्या की ऊर्जा का अनुभव होता है। हरिद्वार कुंभ क्षेत्र है, सप्त ऋषियों की तपस्या की पावन भूमि है। अनगिनत संतों ने यहां स्वयं की आत्मा के साथ-साथ करोड़ों लोगों की आत्मा को जागृत कर उन्हें आध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर किया है। इसी भूमि पर पंडित राम शर्मा जी और वंदनीय माता जी ने गायत्री ऊर्जा को जागृत करने का महान कार्य किया।सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थींकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, गायत्री मंत्र ने एक तरह से आध्यात्मिक जीवन को फिर से जिंदा किया। सनातन धर्म में कई कठोर प्रथाएं थीं, उदाहरण के लिए, महिलाओं को गायत्री मंत्र का जाप करने की इजाजत नहीं थी। उन्हें इजाजत क्यों नहीं थी, इसका जवाब कोई नहीं दे सका। पंडित श्रीराम शर्मा ने इस कठोर परंपरा को तोड़ने का काम किया। उन्होंने गायत्री मंत्र की शक्ति के जरिए जाति, समुदाय या लिंग की परवाह किए बिना, हर आत्मा की भलाई के लिए एक रास्ता बनाया।

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