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उपकार नहीं, सेवा करना हमारा धर्म : RSS चीफ ने मप्र से दिया संदेश, कहा - स्वयं के दु:ख के साथ समाज व देश का दु:ख दूर करना भारत का स्वभाव

 RSS चीफ ने मप्र से दिया संदेश, कहा  - स्वयं के दु:ख के साथ समाज व देश का दु:ख दूर करना भारत का स्वभाव

इंदौर/कसरावद । सभी परमेश्वर के स्वरूप है, अत: उपकार नहीं, सेवा करना हमारा धर्म है। हमारे यहां चैरिटी नहीं, अपितु सेवा है। जीवन में सेवा के जो भी अवसर मिलें, उसमें सेवा करना चाहिए। सेवा से हमारी शुद्धि होती हैं। जिसके पास जो हो, वो देना चाहिए। उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहनरावजी भागवत ने बुधवार को कसरावद के लेपा स्थित श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन में आयोजित 'मनुष्य निर्माण से राष्ट्र निर्माण विषय पर व्यक्त किए।डॉ. भागवत ने कहा कि मनुष्य देखकर ही सीखता है, सुनकर या बोलकर नहीं। भारत की यात्रा में यह सत्य सिद्ध हुआ कि सुख बाहर नहीं, अपितु मनुष्य के अंदर ही है। भारत में मनुष्य के अंदर की खोज की यात्रा प्रारंभ हुई। मनुष्य के अंदर की यात्रा से हमें शाश्वत सुख प्राप्त होता है। हमारे पूर्वजों ने अनुभव के आधार पर बताया कि माया का आधार अध्यात्म ही होना चाहिए। ईश्वर ने मनुष्य को संवेदना दी है। मनुष्य की संवेदना दूसरे के सुख-दु:ख को जानती है। किसी की उपेक्षा करके सुख भोगना, मनुष्य की संवेदना में नहीं है। जीवन मूल्यों के लिए जीवन में शिक्षा और शुचिता का आवश्यक है। मनुष्य को शिक्षा इसीलिए चाहिए कि उसे स्वयं का दु:ख दूर तो करना ही है, किंतु समाज और देश का भी दु:ख दूर करना है, यह स्वभाव भारत का स्वभाव है। ऐसा धर्म जब हमने दुनिया को दिया, तब भारत बना। परतंत्रता में भी हमारा स्वाभाव नहीं बदला।भारत का अर्थ स्वभाव हैभारतीय संदर्भों में शिक्षा के बारे में डॉ. भागवत ने कहा कि जन्मांतर का ज्ञान मनुष्य के मस्तिष्क में है, इसीलिए जो ज्ञान अंदर है, उसे बाहर निकालना चाहिए। टंट्या मामा और गाडगे महाराज जैसे महापुरुषों ने कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली थी, किंतु आज भी उनका सम्मान है। हमारे अंदर दैवीय गुण निहित है, उन्हें बाहर निकालना होगा उसका ज्ञान प्राप्त करना होगा। मनुष्य को विश्व मानवता का ज्ञान दिलाने वाली शिक्षा, आत्मनिर्भर बनाने वाली शिक्षा, श्रम की प्रतिष्ठा वाली शिक्षा ही वास्तविक शिक्षा है। व्यक्ति की बजाय कर्म की मान्यता और परिणाम की बजाय प्रामाणिक और उत्कृष्ट कार्य करना, भारत का स्वभाव है। भारत का अर्थ केवल भूगोल नहीं, अपितु स्वभाव है। भारत की उन्नति का मतलब जल, जंगल, नदी, पहाड़, जानवर और मनुष्य सभी की उन्नति है। मंच पर भारती ताई ठाकुर, संस्था के उपाध्यक्ष महेश डाबक एवं संस्था के अध्यक्ष नीतीन करमलकर उपस्थित थे। कार्यक्रम में गोष्ट-नर्मदालयाची आडियोबुक का विमोचन भी हुआ।संस्थान 15 वर्षों से शिक्षा व कौशल विकास क्षेत्र में कार्य कर रहायह संस्थान पिछले 15 वर्षों से शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में कार्यरत है। श्री रामकृष्ण विश्व सद्भावना निकेतन में प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 17-20 जनवरी को संपन्न हुआ, तत्पश्चात निकेतन और प्रकल्प के दर्शनार्थ पूजनीय सरसंघचालकजी का प्रवास लेपा में हो रहा है। संस्थान वनवासी क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों को शिक्षा एवं कौशल विकास के कार्य करती है।निमाड़ अभ्युदय विद्यालय में 800 बच्चे अध्ययनरतसंस्थान वनवासी बच्चों के लिए कक्षा दसवीं तक एवं बेसिक रूरल टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा शिक्षा का प्रबंध कर रहा है। निमाड़ अभ्युदय के विद्यालयों में लगभग आठ सौ बच्चे अध्ययनरत है। अपनी नर्मदा परिक्रमा में वनवासी बच्चों का शिक्षा का संकल्प करने पर सुश्री भारती ठाकुर दीदी ने यह संस्थान प्रारंभ किया। रक्षा मंत्रालय की नौकरी छोड़ कर सुश्री भारती ठाकुर दीदी ने यह प्रकल्प प्रारंभ किया। दीदी को नागा साधु को पुनर्वास में मिला आश्रम दान में प्राप्त हुआ, जहां गौशाला सहित ये प्रकल्प चल रहा है।यह थे उपस्थितइस गरिमामय अवसर पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा ताई महाजन, प.पू. प्रतापे महाराज, भारती दीदी, मेवालाल पाटीदार, नितिन करमलकर, महेश दाबक, पद्मश्री महेश शर्मा, प्रांत प्रचारक राजमोहन तथा क्षेत्र प्रचारक स्वप्निल कुलकर्णी, प्रांत संघचालक डॉ. शास्त्री, प्रांत कार्यवाह विनित नवाथे, श्रीनाथ गुप्ता, राकेश भावसार, विकास दवे सहित कार्यक्रम में अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी एवं खरगोन जिलों से लगभग 300 गणमान्य अतिथि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

50 की उम्र में लीसा रे ने बदली 'बीच बॉडी' की परिभाषा, : बोलीं- 'अब मंजूरी नहीं, आजादी जरूरी'

बोलीं- 'अब मंजूरी नहीं, आजादी जरूरी'

मुंबई । फिल्म और फैशन की दुनिया में फिटनेस और लुक्स काफी मायने रखते हैं। ऐसे में एक्ट्रेसेस के लिए उम्र बढ़ने के साथ यह दबाव और भी बढ़ता जाता है, लेकिन कुछ अभिनेत्रियां ऐसी हैं, जिन्होंने इन दबावों को नहीं माना और अपनी शर्तों पर जिंदगी जीती हैं। अभिनेत्री लीसा रे उन्हीं में से एक हैं। 50 साल की उम्र में उन्होंने 'बीच बॉडी' की सोच को नए मायने दिए हैं और इसे आत्मस्वीकृति, आजादी और आत्मसम्मान से जोड़कर देखा है। लीसा रे ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर बीच से अपनी कुछ तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ''एक समय था जब बीच पर खूबसूरत दिखने का मतलब एक तय इमेज से जोड़ा जाता था, रेड स्विमसूट, रेड लिपस्टिक और हर हाल में परफेक्ट दिखने का दबाव। साल 1991 के ग्लैडरैग्स कवर ने मेरी यही छवि लोगों के मन में बसा दी थी और इसी छवि के सहारे मैंने अपना करियर भी बनाया। लेकिन, आज मेरे लिए सबसे ज्यादा मायने आज रखती है।''उन्होंने आगे लिखा, ''शरीर समय के साथ बदला है, जिंदगी में उतार-चढ़ाव आए हैं, बीमारियों से लड़ी हूं और खुद को फिर से खड़ा किया है। अब दूसरों की मंजूरी से ज्यादा सुकून अपने आप को स्वीकार करने में मिलता है। उन असंभव सुंदरता मानकों से बाहर निकलना ही मुझे असली राहत है। ये मानक महिलाओं के लिए बनाए ही ऐसे गए थे कि उन्हें पूरा करना मुश्किल लगता है।'' लीसा रे ने हॉलीवुड अभिनेत्री पामेला एंडरसन का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "पामेला कभी रेड स्विमसूट में दिखाई देने वाली सबसे बड़ी फैंटेसी मानी जाती थीं। लेकिन आज वह खुद उस छवि को तोड़ चुकी हैं और अपनी पहचान खुद गढ़ रही हैं।"लीसा ने कहा, ''मुझे ग्लैमर या मेकअप से कोई परेशानी नहीं है। शूट, रील्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सजना-संवरना मजेदार लगता है। बीच मेरे लिए वह जगह है, जहां मैं पूरी तरह नेचुरल रहना चाहती हूं।'' उन्होंने कहा, ''1990 के दशक में सनस्क्रीन का ज्यादा चलन नहीं था। मैं कई बार धूप में बुरी तरह झुलसी हूं। आज उसकी छाप मेरी त्वचा पर दिखती है। लेकिन यह मेरी कमजोरी नहीं है। यह सब उनकी जिंदगी का हिस्सा है और मैं इसके साथ पूरी तरह सहज हूं।''

बिज़नेस

शेयर मार्केट को रास नहीं आ रहा निर्मला का बजट : आज भी बदली-बदली नजर आ रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

आज भी बदली-बदली नजर आ रही सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

मुंबई। शेयर बाजार में बीते कारोबारी दिन रविवार को भारी गिरावट देखने को मिली थी। यही नहीं सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश हो गए थे। शेयर बाजार में बजट का असर सोमवार को भी जारी रहा। सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स की चाल बदली-बदली नजर आई है, कभी ग्रीन, तो कभी रेड जोन में ये कारोबार करते दिखे।बीएसई सेंसेक्स 167.26 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 80,555.68 पर खुला, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 28.95 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,796.50 पर खुला। हालांकि कुछ ही मिनटों बाद बाजार हरे निशान में आ गया। खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 9.34 बजे) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 331.67 अंकों यानी 0.41 प्रतिशत की तेजी के साथ 81,054.61 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 72.80 अंकों यानी 0.29 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,898.25 पर था।व्यापक बाजार की बात करें तो शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.30 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वहीं विभिन्न सेक्टर्स में निफ्टी मेटल और निफ्टी ऑयल एंड गैस को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में थे।सेंसेक्स पैक में शुरुआती कारोबार के दौरान एनटीपीसी, आईटीसी, बजाज फिनसर्व, टाइटन और ट्रेंट टॉप लूजर्स वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें 1.79 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। जबकि लार्सन एंड टुब्रो, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स और इंडिगो 2.5 प्रतिशत तक की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स रहे।रविवार, 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा और अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफ एंड ओ) पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में बढ़ोतरी करने की घोषणा की और फ्यूचर्स पर एसटीटी बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया। तो वहीं, ऑप्शंस प्रीमियम पर एसटीटी को 0.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया।इस बड़ी घोषणा के बाद घरेलू बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी धराशायी हो गए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 79,899.42 के निचले स्तर तक पहुंच गया था और करीब 3,000 अंकों की इंट्राडे गिरावट देखने को मिली। वहीं, निफ्टी50 भी फिसलकर 24,572 तक आ गया।चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने बताया कि पिछले कारोबारी सत्र में निफ्टी ने एक मजबूत बेयरिश कैंडल बनाई है और यह 200-डे ईएमए से नीचे बंद हुआ है, जो ट्रेंड के कमजोर होने का संकेत देता है। फिलहाल 24,950-25,000 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस है, जबकि 24,650-24,700 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। आरएसआई घटकर 31 पर आ गया है, जो ओवरसोल्ड स्थिति दिखाता है। वहीं, इंडिया वीआईएक्स में 10.73 प्रतिशत की तेजी आई और यह 15.09 पर पहुंच गया, जिससे बाजार में बढ़ी हुई घबराहट साफ दिखती है।एक्सपर्ट ने आगे कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं और बढ़ती वोलैटिलिटी को देखते हुए निवेशकों और ट्रेडर्स को फिलहाल चुनिंदा और अनुशासित रणनीति अपनाने की सलाह दी जाती है। गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही नजर रखें। निफ्टी में 25,000 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ ब्रेकआउट आने के बाद ही नई लॉन्ग पोजिशन बनाना बेहतर रहेगा, क्योंकि यही स्तर बाजार की धारणा में वास्तविक सुधार का संकेत देगा।

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#shorts : राहुल गांधी ने पूरे सिख समुदाय को गाली दी #political #rahulgandhi #breakingnews #viral

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#shorts एंटी-कैंसर डाइट से सेहत की ढाल #breakingnews #news #newstoday #tv27newsdigital

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#video मध्य प्रदेश में अवैध कटाई पर त्वरित कार्यवाई #tv27newsdigital #latestnews #madyapardesh

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#shorts 'घूसखोर पंडित’ बनकर लौटे मनोज बाजपेयी #breakingnews #news #newstoday #tv27newsdigital

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#video  मध्यप्रदेश में ठगी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार #tv27newsdigital #hindinews #breakingnews

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#shorts ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा पर हमला #breakingnews   #tv27newsdigital

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खेल

अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया : सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, इंग्लैंड से होगा खिताबी मुकाबला

सेमीफाइनल में अफगानिस्तान को 7 विकेट से रौंदा, इंग्लैंड से होगा खिताबी मुकाबला

हरारे। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार को टीम इंडिया का सामना अफगानिस्तान से हुआ। हरारे के हरारे स्पोर्ट्स क्लब में हुए इस मुकाबले में भारत ने सात विकेट से जीत हासिल की। इसी जीत के साथ टीम इंडिया ने 10वीं बार खिताबी मुकाबले में जगह बना ली है। भारत का फाइनल में सामना 6 फरवरी को इंग्लैंड से इसी ग्राउंड पर होगा। टीम इंडिया के जीत के हीरों वैभव सूर्यवंशी और आरोन जार्ज रहे। सूर्यवंशी ने जहां 33 गेंदों में 68 रन की पारी खेली। वहीं जार्ज ने 104 गेंदों में 115 रन बनाए।मैच की बात करें तो टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनते हुए अफगानिस्तान ने 4 विकेट खोकर 310 रन बनाए। इस टीम को उस्मान सादात और खालिद अहमदजई की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरूआत दिलाई। दोनों खिलाड़ियों ने पहले विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी की। अहमदजई 31 रन बनाकर पवेलियन लौटे। यहां से सादात ने फैसल शिनोजादा के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 117 के स्कोर तक पहुंचाया। सादात ने 39 रन टीम के खाते में जोड़े।अफगान टीम ने 117 के स्कोर तक 2 विकेट गंवा दिए थे। यहां से शिनोजादा ने उजैरउल्लाह नियाजी के साथ 130 गेंदों में 148 रन जोड़कर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचा दिया। शिनोजादा 93 गेंदों में 15 चौकों के साथ 110 रन बनाकर पवेलियन लौटे, जबकि उजैरउल्लाह नियाजी ने 86 गेंदों में 2 छक्कों और 12 चौकों के साथ 101 रन की नाबाद पारी खेली। भारत की तरफ से दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान ने 2-2 विकेट अपने नाम किए।आयुष म्हात्रे से ने खली 62 रन की पारीविशाल स्कोर का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने 41.1 ओवरों में जीत दर्ज कर ली। वैभव सूर्यवंशी ने आरोन जॉर्ज के साथ 9.3 ओवरों में 90 रन की साझेदारी की। वैभव 33 गेंदों में 68 रन बनाकर पवेलियन लौटे। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 9 चौके शामिल थे। इसके बाद जॉर्ज ने कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ दूसरे विकेट के लिए 114 रन जुटाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। कप्तान म्हात्रे 59 गेंदों में 4 छक्कों और 5 चौकों के साथ 62 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद जॉर्ज ने विहान मल्होत्रा के साथ तीसरे विकेट के लिए 96 रन जुटाकर भारत को जीत की दहलीज पर पहुंचा दिया।विहान ने खेली 38 रनों की नाबाद पारीजॉर्ज 104 गेंदों में 2 छक्कों और 15 चौकों के साथ 115 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद विहान मल्होत्रा ने 47 गेंदों में 38 रन की नाबाद पारी खेलते हुए भारत को आसान जीत दिलाई। अफगानिस्तान की तरफ से नूरिस्तानी उमरजई ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि वहीदुल्लाह जादरान ने 1 विकेट चटकाया।

लाइफस्टाइल

वर्ल्ड कैंसर डे : बचाव संभव, इन आदतों से तौबा, तो इन्हें करें दिनचर्या में शामिल

बचाव संभव, इन आदतों से तौबा, तो इन्हें करें दिनचर्या में शामिल

नई दिल्ली । कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसका नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सही आदतें अपनाकर और कुछ बुरी आदतों से पूरी तरह दूर रहकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने, इस बीमारी के कारणों को समझने और बचाव के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए समर्पित है। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय कैंसर से बचाव के लिए कुछ आसान और प्रभावी सुझाव देता है, जिन्हें रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल कर लिया जाए तो जोखिम काफी कम हो सकता है। ये छोटी-छोटी आदतें अपनाकर न केवल कैंसर से बचा जा सकता है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर कर सकते हैं।मंत्रालय के अनुसार, कैंसर से बचाव के लिए सबसे जरूरी कदम है, सबसे पहले तंबाकू और इसके सभी उत्पादों (सिगरेट, गुटखा, बीड़ी, पान मसाला, हुक्का आदि) से पूरी तरह दूर रहें। तंबाकू कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से एक है, खासकर मुंह, फेफड़े, गले और पेट के कैंसर का। दूसरा, शरीर का वजन संतुलित रखें। मोटापा कई तरह के कैंसर (स्तन, आंत, किडनी, गर्भाशय आदि) का जोखिम बढ़ाता है। इसलिए संतुलित वजन बनाए रखना बहुत जरूरी है। तीसरी जरूरी चीज है, नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियां। रोजाना कम से कम 30-45 मिनट पैदल चलना, योग, साइकिलिंग या कोई भी शारीरिक व्यायाम कैंसर के खतरे को कम करता है। वहीं, फल, सब्जियां और पौष्टिक आहार का सेवन बढ़ाएं। रंग-बिरंगे फल-सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और कम प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स बढ़ते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद करते हैं। कैंसर के बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें। डॉक्टर की सलाह से समय पर स्क्रीनिंग जैसे मैमोग्राफी, पेप स्मीयर, कोलोनोस्कोपी करवाएं। शुरुआती स्टेज में कैंसर पकड़ में आ सकता है, जिससे इलाज आसान और सफल होता है।

राजनीती

पश्चिम बंगाल एसआईआर पर सुप्रीम सुनवाई : दीदी ने रखा अपना पक्ष, ईसी पर भी किया प्रहार, अब 9 को होगी सुनवाई

दीदी ने रखा अपना पक्ष, ईसी पर भी किया प्रहार, अब 9 को होगी सुनवाई

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर चल रहा विवाद सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंच गया है। यही नहीं बुधवार को इस विवाद पर सुनवाई भी हुई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने की। इस दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद वकीलों के बीच मौजूद थी। उन्होंने अदालत में अपनी बात रखने की कोशिश भी की। हालांकि बेंच ने इसकी अनुमति नहीं दी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी सोमवार को होगी. मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें पश्चिम बंगाल के अपने दो साथी न्यायाधीशों से जानकारी मिली, जिन्होंने पास प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया समझाई और इसी समझ के आधार पर इस मुद्दे को शामिल किया गया। मामले में सीएम ममता बनर्जी का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने बताया कि न्यायालय ने पहले तार्किक विसंगतियों की सूची प्रदर्शित करने का निर्देश दिया था। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि न्यायालय को सूचित किया गया था कि सूची संचार का एकमात्र माध्यम नहीं है और संबंधित व्यक्तियों को व्यक्तिगत नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं- बंगाल सरकारअधिवक्ता श्याम दीवान ने न्यायालय से याचिकाकर्ता के संक्षिप्त नोट पर विचार करने का आग्रह किया और बताया कि इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए केवल चार दिन शेष हैं। उन्होंने कहा कि 32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं हैं, 1.36 करोड़ नाम तार्किक विसंगति सूची में हैं, और 63 लाख मामलों की सुनवाई अभी लंबित है। उन्होंने यह भी बताया कि 8,300 सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो संविधान के तहत परिकल्पित श्रेणी नहीं है। दीवान ने आगे कहा कि निवास प्रमाण पत्र, आधार और ओबीसी प्रमाण पत्र सहित कई स्वीकृत दस्तावेजों को अस्वीकार किया जा रहा है, जिससे लोगों को चार से पांच घंटे तक कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।चुनाव आयोग पर ममता के आरोपवहीं ममता बनर्जी ने कहा कि वह न्याय के लिए अदालत आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने चुनाव आयोग को तमाम फैक्ट्स बताए थे, लेकिन उन्हें नहीं सुना गया। इस पर सीजेआई ने साफ किया कि आपकी नई याचिका में कुछ नए मुद्दे जरूर हैं, लेकिन जो बातें आप कह रही हैं, वे आपके वकील पहले ही अदालत के सामने रख चुके हैं.वोटर्स के नाम हटाए जा रहे हैंः ममता बनर्जीसुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने रवींद्रनाथ टैगोर की स्पेलिंग में बदलावों का जिक्र करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है और राज्य में बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।सिर्फ नाम हटाने के लिए हो रहा एसआईआर का इस्तेमालः ममतामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह ठोस उदाहरण दे रही हैं और प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित तस्वीरें भी दिखा सकती हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया का उपयोग केवल नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। उदाहरण देते हुए, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब कोई बेटी शादी के बाद अपने ससुराल जाती है, तो सवाल उठते हैं कि वह अपने पति का उपनाम क्यों इस्तेमाल कर रही है। उनके अनुसार, ऐसी कई महिलाओं के नाम एकतरफा तरीके से मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि फ्लैट खरीदने या निवास स्थान बदलने वाले गरीब लोगों के नाम भी हटाए जा रहे हैं। सीएम ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि इन परिस्थितियों के बावजूद, अधिकारी ऐसे मामलों को श्गलत मानचित्रणश् बताकर अदालत के पूर्व निर्देशों का उल्लंघन कर रहे हैं।ममता ने चुनाव आयोग को व्हाट्सएप आयोग कहासुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को श्व्हाट्सएप आयोगश् कहा और कहा कि चुनाव आयोग व्हाट्सएप के माध्यम से अनौपचारिक आदेश जारी कर रहा था। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस दौरान कहा कि चार राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, 24 साल बाद, तीन महीने में यह सब करने की क्या जल्दी थी? जब फसल कटाई का मौसम चल रहा है...जब लोग यात्रा कर रहे हैं...100 से अधिक लोग मारे गए! बीएलओ की मौत हो गई, कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। एसआईआर असम क्यों नहीं किया जा रहा है? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगे कहा कि 58 लाख नाम काट दिए गए, उनके पास अपील करने का विकल्प नहीं था। केवल बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है - पश्चिम बंगाल के लोगों को कुचलने के लिए। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि शायद अधिकारियों की उपलब्धता के बाद सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की आवश्यकता नहीं होगी। इस पर चुनाव आयोग से मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अपने अधिकारियों को भी बताएं कि वे संवेदनशील रहें और नोटिस जारी न करें...बंगाल एसआईआर पर 9 फरवरी को सुनवाई, सीएम ने जताया आभारमुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एक व्यावहारिक समाधान निकाला जा सकता है और निर्देश दिया कि सोमवार तक राज्य को ग्रुप बी के उन अधिकारियों की सूची प्रस्तुत करनी चाहिए जिन्हें कार्यमुक्त किया जा सकता है और उपलब्ध कराया जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश ने दोनों याचिकाओं पर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि एक अन्य याचिका भी है जिसमें भारत निर्वाचन आयोग पहले ही हलफनामा दाखिल कर चुका है और उसमें उठाए गए मुद्दे वर्तमान मामले से संबंधित होंगे। मुख्य न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि उक्त मामले पर भी सोमवार को सुनवाई की जाए और कहा कि न्यायालय उस दिन इससे संबंधित सभी मुद्दों पर सुनवाई करेगा। सीएम ममता बनर्जी ने न्यायालय से जनता के अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह किया और पीठ के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ को बहस का अवसर देने के लिए शुभकामनाएं दीं और सर्वोच्च न्यायालय से लोकतंत्र को बचाने का आग्रह किया।

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