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रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य : वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

वैश्विक अस्थिरता पर सेबी चीफ की सलाह, बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में न दें प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।उन्होंने कहा, रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। पांडे ने कहा, हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा, भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा बड़ा असर उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है। पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहींउन्होंने कहा, एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते। वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है। उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।आज के दौर में बहुत तेजी से फैलती है जानकारीसेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं। उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

सिनेमा का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं : संवेदनशीलता भी बड़ी जिम्मेदारी : प्रकाश झा

 संवेदनशीलता भी बड़ी जिम्मेदारी : प्रकाश झा

मुंबई । फिल्म निर्माता-निर्देशक प्रकाश झा अक्सर गंभीर विषयों पर बेबाकी से अपनी राय रखते नजर आते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने समाज में दमन और क्रांति के बीच गहरा संबंध बताते हुए कहा कि जब दमन एक निश्चित हद पार कर जाता है, तो क्रांति होना तय हो जाता है। यह किसी ट्रेन दुर्घटना की तरह अचानक नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सुलगते हुए फूट पड़ती है।प्रकाश झा ने बताया, "क्रांति स्वाभाविक और कुदरती प्रक्रिया है। ज्वालामुखी फटेगा ही। दमन से अंदर बहुत कुछ जमा होता रहता है और जब बर्दाश्त की सीमा पार हो जाती है, तो वह फूट पड़ता है। हम अचानक नींद से नहीं जागते। क्रांतियां भी धीरे-धीरे बनती हैं। समय सबसे बड़ा शिक्षक है। अगर हम समय के साथ जिएं और उसे समझें, तो वह हमें सब कुछ सिखा देता है।" प्रकाश झा का मानना है कि सिनेमा समाज को आईना दिखाने का माध्यम है। यह दमन, असमानता और अन्याय जैसे मुद्दों पर बात कर सकता है, लेकिन हमेशा जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ।प्रकाश झा ने सिनेमा की जिम्मेदारी पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर को हर संवाद, हर छवि और हर कहानी की संवेदनशीलता समझनी चाहिए। सिनेमा का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ना और कुछ खास भावनाएं जगाना भी है। अगर आप कुछ कहना चाहते हैं, तो कहिए, लेकिन संवेदनशीलता के साथ। लोगों से कतराना नहीं चाहिए, अस्थिरता नहीं फैलानी चाहिए। रचनात्मक तरीके से बातचीत करनी चाहिए, इसे दिलचस्प और आकर्षक बनाए रखना चाहिए।"फिल्ममेकर ने थिएटर और ओटीटी के बीच बढ़ते अंतर पर भी बात की। वे खुद जमशेदपुर में एक मल्टीप्लेक्स चलाते हैं, इसलिए उन्हें भारत के थिएटर इकोसिस्टम की जमीनी हकीकत अच्छी तरह पता है। उन्होंने कहा कि बड़े बजट वाली मनोरंजक फिल्में स्क्रीन शेयरिंग में छोटी फिल्मों को पीछे छोड़ देती हैं, लेकिन हर फिल्म का अपना मार्केट होता है और हर फिल्म के लिए जगह है। ओटीटी पर सीधे रिलीज का फैसला ज्यादातर व्यावसायिक कारणों से लिया जाता है, क्योंकि थिएटर में रिलीज के जोखिम और खर्च ज्यादा होते हैं।

बिज़नेस

खनन क्षेत्र में नया इतिहासः : एनएचडीसी ने एक साल में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन कर रचा कीर्तिमान

एनएचडीसी ने एक साल में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन कर रचा कीर्तिमान

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क (आयरन ओर) उत्पादक कंपनी एनएमडीसी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के खत्म होने से पहले ही 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही एनएमडीसी एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है। सरकारी बयान के अनुसार, यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी की उत्पादन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन में एनएमडीसी की मजबूत भूमिका को भी दिखाती है। एनएमडीसी की स्थापना 1958 में भारत के लौह अयस्क संसाधनों के विकास के उद्देश्य से की गई थी। इस सरकारी कंपनी को इस्पात मंत्रालय के तहत श्नवरत्न सीपीएसईश् का दर्जा प्राप्त है।कंपनी ने 1978 में लगभग 10 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। लेकिन, पिछले कई दशकों में उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है। अब वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो करीब पांच गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है। सरकारी बयान में कहा गया है कि यह उपलब्धि एनएमडीसी के धीरे-धीरे भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन की रीढ़ बनने की यात्रा को दर्शाती है। एनएमडीसी की वृद्धि विशेष रूप से पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई है। कंपनी का उत्पादन 2015 में लगभग 30 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है।पिछले करीब एक दशक में उत्पादन में करीब दो-तिहाई की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि वर्तमान उत्पादन क्षमता का लगभग एक-पांचवां हिस्सा पिछले चार वर्षों में ही जोड़ा गया, जो कंपनी के इतिहास का सबसे तेज विस्तार माना जा रहा है। एनएमडीसी लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमितवा मुखर्जी ने इस उपलब्धि को कंपनी के लिए बेहद अहम बताया।उन्होंने कहा, 50 मिलियन टन उत्पादन तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है और यह एनएमडीसी 2.0 के तहत हमारे मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। जिस क्षमता को बनाने में पहले दशकों लगे, उसे हमने बेहतर कार्यान्वयन, जिम्मेदार खनन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए कुछ ही वर्षों में तेज कर दिया है।उन्होंने यह भी कहा कि देश की सबसे बड़ी आयरन ओर उत्पादक कंपनी होने के नाते एनएमडीसी पर बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी की खदानें मुख्य रूप से खनिज संपन्न राज्यों छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में स्थित हैं, जहां अत्याधुनिक और बड़े पैमाने पर मशीनीकृत खनन किया जाता है। एनएमडीसी देश की आयरन ओर सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है।कंपनी ने कहा कि आगे भी उसका ध्यान ऑपरेशनल उत्कृष्टता, नई तकनीकों के उपयोग और जिम्मेदार खनन पर रहेगा, ताकि विकास के अगले चरण को हासिल किया जा सके। भारत ने 2030 तक इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में देश में लौह अयस्क की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना एक रणनीतिक प्राथमिकता है, जिसमें एनएमडीसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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खेल

1983-2011 के सामने फीका टी20 वर्ल्ड कप! : महशहूर कमेंटेटर के बयान से मचा बवाल

महशहूर कमेंटेटर के बयान से मचा बवाल

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब टीम इंडिया ने अपने नाम कर लिया है। अहमदाबाद के नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में बीते रविवार को खेले गए फाइनल मैच में भारत ने 96 रनों से शानदार जीत हासिल की और तीसरी बार ये खिताब अपने नाम कर लिया। लेकिन टीम इंडिया के चैंपियन बनने के बाद पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा दौर के मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर ने कुछ ऐसा बयान दे दिया है, जिसको लेकर वह सुर्खियों में आ गए हैं। दरअसल संजय मांजरेकर की नजर में वनडे के 2 विश्व कप (1983, 2011) की तुलना में टी20 विश्व कप (2007, 2024 और 2026) की जीत कम अहमियत रखती है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ष्समय के साथ हमें हर साल दिए जाने वाले इन विश्व कप खिताबों को सही नजरिए से देखना होगा। भारत की टी20 विश्व कप जीत, कपिल देव की कप्तानी में 1983 और धोनी की कप्तानी में 2011 की 50 ओवर की विश्व कप जीत के मुकाबले, अपनी असली चुनौती और पवित्रता के मामले में कहीं नहीं ठहरती।भारतीय टीम के टी20 विश्व कप 2026 जीतने के ठीक बाद आया मांजरेकर का यह बयान उन्हें फिर से आलोचना के घेरे में ले आया है। मांजरेकर को भारतीय क्रिकेट फैंस की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय क्रिकेट टीम ने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में वेस्टइंडीज को हराकर अपना वनडे विश्व कप जीता था। दूसरा वनडे विश्व कप जीतने में भारत को 28 साल का समय लगा। यह इंतजार 2011 में समाप्त हुआ जब एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता। भारत ने अपना पहला टी20 विश्व कप एमएस धोनी की कप्तानी में ही 2007 में जीता था। दूसरे टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम को 17 साल का इंतजार करना पड़ा। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका को फाइनल में हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता था। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने 8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को फाइनल में हराकर टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीता। टीम इंडिया लगातार 2 टी20 विश्व कप और कुल 3 टी20 विश्व कप जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बनी। इसके अलावा अपने घर में टी20 विश्व कप जीतने का रिकॉर्ड भी टीम इंडिया के नाम दर्ज हो गया।

लाइफस्टाइल

ऐसी है बॉलीवुड की होली: : ‘शो मैन’ ने सिखाया रंगों से खेलना, यश चोपड़ा और बच्चन का ट्रेडिशनल रंग और ‘वक्त’ ने होली संस्कार

‘शो मैन’ ने सिखाया रंगों से खेलना,  यश चोपड़ा और बच्चन का ट्रेडिशनल रंग और ‘वक्त’ ने होली संस्कार

नीलम अहिरवार (इंटरटेनमेंट डेस्क)। कहते हैं रंगों में इतनी ताकत होती है कि वह दो दुश्मनों को भी करीब लेकर आ जाता है। फिल्मों और फेस्टिवल का नाता तो काफी पुराना है। दिलीप कुमार और राज कुमार  की फिल्म 'सौदागर' हो या फिर प्रियंका चोपड़ा और अक्षय कुमार की फिल्म 'वक्त',  इस रंग भरे फेस्टिवल की चमक आज भी फिल्मों में देखने को मिलती है क्योंकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में होली का त्योहार पारंपरिक उत्साह, संगीत और जीवंत रंगों के साथ मनाया जाता है. रील और रीयल लाइफ दोनों में यह प्यार, दोस्ती और मस्ती का प्रतीक है।  जहां सितारे एक-दूसरे पर गुलाल लगाकर जश्न मनाते हैं। फिल्मों में तो होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन तो हमने देखा ही है, लेकिन इंडस्ट्री में भी राज कपूर से लेकर अमिताभ बच्चन और समेत कई सितारे ऐसे हैं, जो अपने घरों में होली का सेलिब्रेशन बहुत ही धूमधाम से करते थे. राज कपूर की ऐतिहासिक होली बॉलीवुड के शोमैन के नाम से पहजाने जाने वाले राज कपूर की होली पार्टी की रौनक अलग होती थी। उनके आर के स्टूडियो में ढोल-नगाड़ों के साथ होली सेलिब्रेशन शुरू होता था। खुद राज कपूर साहब मेहमानों को अटैंड किया करते थे। राज कपूर की होली पार्टी पूरे बॉलीवुड इंडस्ट्री के लिए होती थी, क्योंकि ये होली पार्टियां सिर्फ सितारों तक ही सीमित नहीं थीं। हर डिपार्टमेंट से टेक्निशियन, प्रोडक्शन स्टाफ और क्रू इसका हिस्सा होते थे। एक दौर था, जब राज कपूर के आर के स्टूडियो में पूरा बॉलीवुड जमा होता था। खूब रंग-गुलाल उड़ता था, एक बड़ी सी पानी की टंकी हुआ करती थी, जिसमें खूब सारा रंग भरा होता था। जो मेहमान आता था उसे रंग भरी टंकी में डूबो दिया जाता था। खाने-पीने और नाच गाने का लंबा दौर चलता था। फिल्मी दुनिया की होली की जब भी बात होती है तो सबसे पहला नाम राज कपूर का ही आता है। आरके स्टूडियो में होने वाली होली के बारे में 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान अपने परदादा की इस होली पार्टी के बारे में एक्टर रणबीर कपूर ने भी बताया था। उन्होंने कहा था कि उस वक्त वो बहुत छोटे थे और काले पीले रंगों में रंगे लोगों को देख वो काफी घबरा जाते थे। रणबीर ने कहा था, “मैं बहुत छोटा था तो मेरे लिए ये बहुत डरावना माहौल होता था। हर कोई काले और कई रंगों से रंगा होता था, सबको ऐसे ट्रंक में फेंका जा रहा है।” आरके स्टूडियो में होली पार्टी का सिलसिला साल 1998 तक चलता रहा। लेकिन राज कपूर के निधन के बाद ये पार्टी बंद हो गई। कहते हैं कि करीब 32 साल से इस स्टूडियो में होली रौनक देखने को नहीं मिली। निर्माता यश चोपड़ा की यादगार होली इंडस्ट्री के निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा को होली बेहद पसंद थी।  'सिलसिला' और ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ सहित कई यादगार फिल्में देने वाले यश चोपड़ा को होली खेलना बेहद पसंद था।  इसका अंदाजा आप उनकी फिल्मों से भी लगा सकते हैं। यश चोपड़ा अपने ग्रैंड स्टूडियो 'यशराज' में होली पार्टी का आयोजन करते थे। उनकी होली पार्टी में अमिताभ बच्चन से लेकर रूमी जाफरी सहित बॉलीवुड सितारे तो शामिल होते ही थे।  बड़े-बड़े बिजनेसमैन भी इसका हिस्सा बनते थे। हालांकि यश चोपड़ा के निधन के बाद उनके परिवार ने भी होली का ग्रैंड सेलिब्रेशन बंद कर दिया। 80 के दशक में महानायक के घर पर होती थी होली पार्टी सदी के महानायक अमिताभ बच्चन के घर होने वाली होली पार्टी की अलग रौनक होती थी। अपने आइकॉनिक होली गीतों पर अमिताभ डांस करते थे। सभी मेहमानों को खुद जाकर बिग बी अटेंड करते थे। जिन-जिन सेलेब्स ने उस दौर में अमिताभ बच्चन की होली पार्टी अटेंड की थी,  आज भी वो लोग उस पार्टी को याद करते हैं। वक्त बदला सितारों के रंग भी बदले और होली के रंग धीरे धीरे चुनिंदा परिवारों तक सीमित रह गई। जावेद और शबाना की ‘दिलवालों की होली’ लेखक और संगीतकार जावेद अख्तर और उनकी पत्नी शबाना आजमी के घर की होली का इंतजार हर किसी को रहता है। वहीं जावेद अख्तर और शबाना आजमी हर साल पूरी मस्ती के साथ होली खेलते हैं। इस होली के वीडियो सामने आते रहते हैं। यहां कपल सफेद कपड़े पहनते हैं, सिर पर पगड़ियां बांधते हैं। यही नहीं, जहां दोनों रंग में सराबोर है,  वहीं एक दूसरे के खूब रंग भी लगा रहे हैं। वहीं बॉलीवुड इंडस्ट्री के जाने माने सितारे इनकी होली पार्टी में शामिल होते हैं। एकता कपूर और टीवी स्टार्स की होली बॉलीवुड की फेमस निर्माता-निर्देशक और टीवी इंडस्ट्री की क्वीन एकता कपूर कीहोली पार्टी टेलीविजन और बॉलीवुड इंडस्ट्री में बहुत मशहूर हैं, जो अक्सर उनके मुंबई स्थित आवास पर आयोजित की जाती हैं। यहां टीवी इंडस्ट्री के जाने माने सितारे मौजूद रहते हैं। पार्टी में डांस डीजे के साथ रंग गुलाल का फुल ऑन इंतजाम रहता है। यहां सितारे एक दूसरे के गिले शिकवे भूलकर एक साथ एक मंच पर होली खेलते नजर आते हैं। टीवी के अधिकतर सितारे एकता कपूर की होली पार्टी में शिरकत करना नहीं भूलते हैं। उनकी होली पार्टी की फोटोज भी देखने लायक होती हैं। अंकिता लोखंडे और विक्की जैन की महंगी पार्टीटीवी एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे और उनके पति विक्की जैन शादी के बाद से ही ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते आ रहे हैं। उनकी होली पार्टी में टीवी सितारों का भी खूब मेला लगता है। बीते साल अंकिता-विक्की की होली पार्टी में 'बिग बॉस 17' स्टार्स ने भी शिरकत की थी। इनकी होली पार्टी में पूरा वीडियो शूट भी होता है जिसे अंकिता अपने ब्लॉग पर भी शेयर करती हैं। होली पार्टी की शुरूआत पूजा से होती फिर अंकिता अपने पति विक्की जैन को रंग लगाती हैं और सितारों का मेला भी शुरू हो जाता है। यहां जमकर मस्ती धमाल मचाया जाता है। अंकिता लोखंडे मुंबई के एक बड़े होटल में शानदार होली पार्टी रखती हैं। रवि दुबे और सरगुन मेहता की रंगीली होलीटीवी इंडस्ट्री के एक्टर और प्रोड्यूसर जोड़ी रवि दुबे और सरगुन मेहता भी हर साल ग्रैंड होली पार्टी का आयोजन करते हैं। वे अपने साथ काम कर चुके सितारों के साथ तो जश्न मनाते ही हैं, साथ ही इंडस्ट्री में मौजूद खास दोस्तों को भी न्योता देना नहीं भूलते। बीते साल रवि-सरगुन ने मुंबई में दोस्तों के साथ होली मनाई थी। वहीं टीवी की फेमस एक्ट्रेस रूपाली गांगुली यूं तो 'अनुपमा' के सेट पर ही सभी कलाकारों के साथ होली मना लेती हैं। लेकिन एक्ट्रेस घर पर भी पार्टी करने का कोई मौका नहीं छोड़ती हैं। रुपाली गांगुली की होली पार्टी में परिवार के साथ-साथ खास दोस्त भी शामिल होते हैं। अंबानी परिवार की होली और बॉलीवुड का नाताअब बात उस परिवार की जिसकी हर पार्टी में शामिल होना हर किसी का सपना होता है। यहां स्टाइल और फैशन के साथ ही संस्कारों का रंग भी देखने को मिलता है। मुकेश अंबानी और नीति अंबानी की होली पार्टी लग्जिरियस होती है। यहां बॉलीवुड,  टीवी,  बिजनेस और क्रिकेट जगत के लोग शामिल होते हैं। इनकी पार्टी की बात की निराली होती है। आखिर इस दुनिया की सबसे महंगी होली पार्टी माना जाता है। दुनिया भर में अंबानी की पार्टीज की चर्चा कई दिनों तक होती है। इनकी पार्टी में स्टार्स फैशनेबल दिखने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भई यही तो मौका होता वर्ल्ड लेवल पर अपने रंगत बिखेरने का। आखिर आम लोगों के साथ ही सितारों में भी इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करने की उत्सुकता देखने को मिलती है। यही वो टाइम भी होता है, जब बी टाउन के सितारे एक से बढ़कर एक लैविश ड्रेस पहन हाई प्रोफाइल पार्टी अटेंड करते हैं।

राजनीती

राज्यसभा चुनाव : हरियाणा की दोनों सीटें जीतने भाजपा ने कसी कमर, विधायकों को प्रशिक्षण देने ले जाया गया चंडीगढ़

हरियाणा की दोनों सीटें जीतने भाजपा ने कसी कमर, विधायकों को प्रशिक्षण देने ले जाया गया चंडीगढ़

चंडीगढ़। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी तैयारी की है। सभी 47 विधायकों को एक बस में बैठाकर चंडीगढ़ के सेक्टर 35 स्थित एक निजी होटल में ले जाया गया, जहां उन्हें राज्यसभा चुनाव से पहले वोटिंग के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष मोहन लाल बडोली बस में सभी 47 विधायकों को लेकर रवाना हुए। भाजपा विधायकों के अलावा कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी रवाना हुए। मोहन लाल बडोली ने आईएएनएस से कहा, एक छोटा सा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें यह समझाया जाएगा कि (राज्यसभा चुनावों के लिए) वोटिंग की पूरी प्रक्रिया कैसे होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायक यहीं मौजूद हैं।यह बोले मंत्री महिपाल ढांडावहीं, हरियाणा के मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा, हम कहीं नहीं जा रहे हैं। हम चंडीगढ़ में ही हैं। हम तो बस ट्रेनिंग के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 मार्च को मतदान करना है, इसलिए हर विधायक को चुनाव प्रक्रिया का पता होना चाहिए। एक छोटी से गलती नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए सभी विधायकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।नलवा विधायक ने कांग्रेस पर साधा निशानानलवा विधानसभा से विधायक रणधीर पनिहार ने कहा, सभी विधायक एकजुट हैं। हमें कुछ देर पहले ही जानकारी दी गई थी और इसके बाद सभी विधायक एकजुट हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी डरी हुई है। लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती है। भाजपा लोकतंत्र में विश्वास करती है और अपने विधायकों पर भी भरोसा करती है।राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने की अहम नियुक्तियांवहीं, भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए हरियाणा में अहम नियुक्तियां की हैं। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को चुनाव एजेंट बनाया गया है, जबकि कैबिनेट मंत्री रणवीर सिंह गंगवा और विधायक योगेंद्र राणा को काउंटिंग एजेंट नियुक्त किया है। पार्टी प्रतिनिधि और पार्टी एर्जेंट के तौर पर खेल मंत्री गौरव गौतम और विधायक सुनील सांगवान को जिम्मेदारी दी गई है। बता दें कि हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है, जिसके बाद मतदान कराए जाने हैं। 16 मार्च को वोटिंग होगी। भाजरी की ओर से संजय भाटिया और कांग्रेस की ओर से कर्मवीर सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।

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