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ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026ः : लगातार 24वें मेजर के तीसरे राउंड में पहुंचीं वर्ल्ड नंबर 2 खिलाड़ी, ऐसा करने वाली बनी पहली महिला प्लेयरदुग्ध उत्पादकों के लिए खुशखबरी : मप्र में आकार ले रही पहली काॅपरेटिव सेक्टर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला, उपभोक्ता करा सकेंगे दूध की जांच'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे : ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थेकोई साधारण फल नहीं है सिंघाड़ा : बीपी और थायरॉइड की समस्या से निजात दिलाने में कारगरमैं कभी नहीं करता रेंज हिटिंग : कीवियों की कुटाई के बाद बोले अभिषेक, नेट सेशन में बनाता हूं योजना

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रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन : आसमान में सिंदूर फार्मेशन बनाएंगे एयरफोर्स के फाइटर, राफेल-मिग, सुखोई और जगुआर दिखाएंगे करतब

आसमान में सिंदूर फार्मेशन बनाएंगे एयरफोर्स के फाइटर, राफेल-मिग, सुखोई और जगुआर दिखाएंगे करतब

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस समारोह में वायुसेना का फ्लाई पास्ट इस बार बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। वायुसेना के फाइटर जेट फ्लाई पास्ट के दौरान आसमान में ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन बनाएंगे। इस फॉर्मेशन में 2 राफेल, 2 मिग 29, दो सुखोई-30 और एक जैगुआर विमान नजर आएगा। भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बीते साल पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। आतंकी ठिकानों को नष्ट करने वाले ये भारतीय लड़ाकू विमान अब इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर उड़ान भरने जा रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के तहत इन भारतीय लड़ाकू विमानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।कर्तव्य पथ पर नजर आएंगे 29 विमानभारतीय वायुसेना के मुताबिक, 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर वायुसेना के कुल 29 विमान कर्तव्य पथ के ऊपर आसमान में नजर आएंगे। इनमें 16 फाइटर जेट, 4 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और 9 हेलीकॉप्टर शामिल हैं। 26 जनवरी को फ्लाई पास्ट में भारतीय वायुसेना के चार एमआई-17 हेलीकॉप्टर ध्वज फॉर्मेशन में नजर आएंगे। ये हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज, आर्मी, नेवी और भारतीय वायुसेना के ध्वज लहराते हुए नजर आएंगे। इसके अलावा वायुसेना के फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट जेट व हेलिकॉप्टर गणतंत्र दिवस समारोह में प्रहार, गरुड़ अर्जन, वरुणा, वजरंग और विजय फॉर्मेशन में उड़ान भरेंगे।वायुसेना करेगी प्रभावी प्रदर्शनगणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय समारोह में भारतीय वायुसेना अनुशासन, नेतृत्व और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रभावशाली प्रदर्शन करेगी। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से लेकर कर्तव्य पथ पर होने वाली भव्य परेड तक, वायुसेना के अधिकारी एवं बैंड महत्वपूर्ण भूमिकाओं में उपस्थित रहेंगे। 26 जनवरी को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आयोजित होने वाले श्रद्धांजलि समारोह में स्क्वाड्रन लीडर हेमंत सिंह कन्यार गार्ड ऑफ ऑनर के कमांडर रहेंगे। उनकी देखरेख में वायुसेना का दल सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।जिम्मेदारी निभाएंगी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता ढांकर कर्तव्य पथ पर ध्वजारोहण से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाएंगी। यह अवसर युवा नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक होगा। वहीं, स्क्वाड्रन लीडर जगदेश कुमार के नेतृत्व में भारतीय वायुसेना का मार्चिंग कॉन्टिन्जेंट 26 जनवरी को कर्तव्य पथ से गुजरेगा और सटीक कदमताल एवं अनुशासन का प्रदर्शन करेगा। गणतंत्र दिवस 2026 ‘वंदे मातरम’ के गौरवशाली 150 वर्षों को समर्पित रहेगा। भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की स्पष्ट व प्रभावी छाप दिखाई देगी।वायुसेना के बैंड इससे जुड़ी धुनें बजाते हुए दिखाई देंगे। परेड में विभिन्न सर्विसिस की कुल 18 मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड शामिल रहेंगे। परेड के तुरंत बाद वायुसेना के फ्लाई पास्ट में राफेल, सुखोई-30, सी-295, मिग-29, अपाचे, एलसीएच, एएलएच, एमआई-17 जैसे विमान व हेलीकॉप्टर शामिल रहेंगे। गणतंत्र दिवस परेड में तीनों सेनाओं के स्वदेशी उपकरण एवं हथियार भी प्रदर्शित किए जाएंगे। गणतंत्र दिवस परेड 2026 की शुरुआत 100 सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा पारंपरिक युद्ध-संगीत के साथ की जाएगी।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

'एयरलिफ्ट' को 10 साल पूरे : ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थे

ऐसी फिल्म जिसने याद दिलाया वो इतिहास, जिसे हम भूल गए थे

मुंबई । हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि समय के साथ इतिहास की याद दिलाने का काम भी करती हैं। अक्षय कुमार और निमरत कौर अभिनीत फिल्म 'एयरलिफ्ट' को रिलीज हुए अब पूरे दस साल हो चुके हैं। इस खास मौके पर अभिनेत्री निमरत कौर ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म से जुड़ी अपनी यादों को साझा किया और एक बार फिर इस ऐतिहासिक फिल्म को चर्चा में ला दिया।निमरत ने फिल्म के सेट की कई पुरानी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, ''10 साल पहले आज के दिन यह सेलुलॉइड मैजिक हुआ था। संगीत, यादगार लम्हे और प्यार... सब कुछ समय के साथ और बढ़ता ही गया है।'' उनके इस पोस्ट में उस दौर की याद भी थी, जिसे 'एयरलिफ्ट' ने बड़े पर्दे पर जीवंत किया था। फिल्म 'एयरलिफ्ट' साल 1990 की उस सच्ची घटना पर आधारित है, जब सद्दाम हुसैन की अगुवाई वाले इराक ने पड़ोसी देश कुवैत पर हमला कर दिया था। इस युद्ध के कारण कुवैत में रह रहे करीब एक लाख सत्तर हजार भारतीय नागरिक जंग के बीच फंस गए थे। हालात इतने खराब थे कि जान-माल की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई थी।ऐसे समय में भारत सरकार, एयर इंडिया और भारतीय सेना के सहयोग से एक विशाल निकासी अभियान चलाया गया। यह मिशन 59 दिनों तक चला और इसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा मानवीय बचाव अभियान माना गया, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज है। 'एयरलिफ्ट' इसी ऐतिहासिक घटना को आम दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश करती है।फिल्म की कहानी रंजीत कात्याल नाम के एक भारतीय मूल के कारोबारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार अक्षय कुमार ने निभाया है। रंजीत कुवैत में रहता है और वहीं की सुख-सुविधाओं में रमा हुआ है। उसकी पत्नी अमृता कात्याल और एक छोटी बेटी है। शुरुआत में रंजीत का भारत या कुवैत में फंसे भारतीयों से कोई खास भावनात्मक जुड़ाव नहीं दिखता, लेकिन युद्ध के हालात और आसपास घटती हिंसक घटनाएं उसकी सोच बदल देती हैं। अपने ड्राइवर की मौत के बाद वह भीतर से टूट जाता है और फिर भारतीयों के दुखों को समझते हुए उन्हें सुरक्षित निकालने की मुहिम में जुट जाता है। फिल्म इसी बदलाव और संघर्ष की कहानी को सामने रखती है।

बिज़नेस

बीसीसीएल का शेयर मार्केट में धमाकेदार डेब्यू : आईपीओ की कीमत से लगभग दोगुने पर लिस्टिंग

आईपीओ की कीमत से लगभग दोगुने पर लिस्टिंग

मुंबई। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के आईपीओ की सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त लिस्टिंग हुई है। कंपनी के शेयर बीएसई पर 45.21 रुपए पर लिस्ट हुए, जो आईपीओ कीमत 23 रुपए से करीब 96.57 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, एनएसई पर शेयर 45 रुपए पर लिस्ट हुआ, यानी करीब 95.65 प्रतिशत का प्रीमियम देखने को मिला। कंपनी का आईपीओ बोली के तीसरे दिन बंद हुआ और इसे कुल 145 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इस आईपीओ में सबसे ज्यादा मांग बड़े संस्थागत निवेशकों की ओर से देखने को मिली। यह साल 2026 का पहला आईपीओ था, जिसे लॉन्च के पहले ही दिन पूरी तरह सब्सक्राइब कर लिया गया था। यह 2026 का पहला मेन-बोर्ड आईपीओ भी रहा और इसमें सभी तरह के निवेशकों की ओर से रिकॉर्ड तोड़ मांग देखी गई।आईपीओ में कुल 1.17 लाख करोड़ की लगी बोलियां भारत कोकिंग कोल के आईपीओ में कुल 1.17 लाख करोड़ रुपए की बोलियां आईं। इससे यह आईपीओ कुल मिलाकर 146.87 गुना सब्सक्राइब हुआ। यह सब्सक्रिप्शन के हिसाब से दूसरा सबसे ज्यादा सब्सक्राइब होने वाला पीएसयू आईपीओ बना, जबकि कुल बोली राशि के मामले में यह तीसरे नंबर पर रहा।निवेशकों को दिखाई दे रहा भरोूसाशेयर बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि हाल के वर्षों में किसी भी पब्लिक इश्यू में इतनी ज्यादा मांग कम ही देखने को मिली है। इससे निवेशकों का कंपनी और सरकारी कंपनियों (पीएसयू) में निवेश को लेकर भरोसा साफ दिखाई देता है।पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल था आईपीओ यह 1,300 करोड़ रुपए का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल था, जिसमें प्रमोटर कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने अपनी 46.57 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे। इस आईपीओ का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपए के बीच तय किया गया था। आईपीओ के बुक रनिंग लीड मैनेजर आईडीबीआई कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज लिमिटेड हैं।

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महाराष्ट्र चुनाव मेयर पद के लिए आज निकलेगी लॉटरी #tv27newsdigital #politicalnews #latestnews #news

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शामली में अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह का भंडाफोड़ #tv27newsdigital #currentaffairs #latestnews #news

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गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सिनेमा की झलक#tv27newsdigital #republicday #trending #viralfeed #viral

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भाई ने ही की दोनों की हत्या #tv27newsdigital #currentaffairs #latestnews #breakingnews #news

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ट्विंकल को लेकर अक्षय का मजेदार खुलासा #entertainment #trending #viralfeed #viralvideo #news

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रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का आज दूसरा वर्ष #tv27newsdigital #ayodhya #ayodhyarammandir #trending

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खेल

ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026ः : लगातार 24वें मेजर के तीसरे राउंड में पहुंचीं वर्ल्ड नंबर 2 खिलाड़ी, ऐसा करने वाली बनी पहली महिला प्लेयर

लगातार 24वें मेजर के तीसरे राउंड में पहुंचीं वर्ल्ड नंबर 2 खिलाड़ी, ऐसा करने वाली बनी पहली महिला प्लेयर

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियन ओपन में वर्ल्ड नंबर 2 इगा स्वियातेक ने तीसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। दूसरे दौर के खेल में इगा स्वियातेक ने मैरी बुजकोवा को 6-2, 6-3 से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही वे लगातार 24वें ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाने में कामयाब हो गई। बता दें कि स्वियातेक 2006-12 के दौरान स्वेतलाना कुजनेत्सोवा (26) के बाद लगातार 25 ग्रैंड स्लैम में तीसरे दौर में पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। वह अब ओपन एरा में किसी भी दशक के पहले 24 मेजर्स में तीसरे दौर में पहुंचने वाली एकमात्र महिला हैं। वह पिछली बार यूएस ओपन 2019 के दौरान दूसरे दौर में बाहर हुई थीं। जहां उन्हें अनास्तासिजा सेवस्तोवा से हार का सामना करना पड़ा।जॉन केन एरिना में बुजकोवा के खिलाफ मुकाबले में स्वियातेक ने सर्व ब्रेक करके पहला सेट 6-2 से जीता। स्वियातेक का आक्रामक बेसलाइन खेल बेहद शक्तिशाली साबित हुआ, उनके ग्राउंडस्ट्रोक की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही थी, जिससे बुजकोवा लगातार डिफेंसिव पोजीशन में जाने के लिए मजबूर होती रहीं।पहले सेट की जीत ने स्वियातेक को पूरा कंट्रोल दे दिया, और उन्होंने शांत होकर सर्व करते हुए मैच खत्म किया। दूसरे सेट में 6-3 से जीत हासिल करके सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से जीत पूरी की। दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने शुरुआती कुछ तनाव भरे पलों के बावजूद मजबूत इरादे दिखाए। एक अनफोर्स्ड एरर से पहला प्वाइंट गंवाने के बाद, स्वियातेक ने शक्तिशाली सर्व और आक्रामक बेसलाइन खेल से कंट्रोल वापस हासिल कर लिया।हालांकि, बुजकोवा ने शानदार शॉट लगाकर दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन स्वियातेक की क्वालिटी निर्णायक साबित हुई। 9 शॉट की एक शानदार रैली फोरहैंड विनर के साथ खत्म हुई, जिससे ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में उनकी जगह पक्की हो गई। इसके बाद ओक्साना सेलेखमेतेवा ने अपने करियर की पहली टॉप 30 जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन में पिछले साल की सेमीफाइनलिस्ट पाउला बाडोसा को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई।सेलेखमेतेवा अब तीसरे राउंड में नंबर 6 वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से भिड़ेंगी। वह अपने करियर में पहली बार टॉप 20 खिलाड़ी का सामना करने जा रही हैं। दूसरी ओर, लॉरा सीगमंड को 6-4, 6-7(3), 7-6 (7) से मात देकर लोकल क्वालीफायर मैडिसन इंग्लिस भी तीसरे राउंड में पहुंच गई हैं। यह मुकाबला 3 घंटे और 20 मिनट तक चला, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे लंबा मैच था।

लाइफस्टाइल

कैल्शियम से भरपूर है शंख भस्म : हड्डियों और जोड़ों को देती है नया जीवन

हड्डियों और जोड़ों को देती है नया जीवन

नई दिल्ली । आयुर्वेद में उपचार के लिए सदियों से दुर्लभ जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल होता आया है। जड़ी-बूटियों के गुण बड़े से बड़े रोग से मुक्ति दिलाने की शक्ति रखते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आयुर्वेद में भस्म के जरिए भी रोगों को दूर करने का काम पहले से होता आया है। हम बात कर रहे हैं शंख भस्म की, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी भस्म के नाम से जाना जाता है।शंख भस्म एक आयुर्वेदिक औषधि है जिसका उपयोग एसिड रिफ्लक्स जैसी समस्याओं के उपचार में किया जाता है। इसमें अम्लरोधी गुण होते हैं जो सीने में जलन और दर्द जैसे लक्षणों से राहत प्रदान करते हैं। रसशास्त्र में शंख को शुद्ध वर्ग के अंतर्गत एक खनिज के रूप में वर्णित किया गया है। शंख भस्म आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा दैनिक अभ्यास में उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण भस्मों में से एक है।शंख भस्म का उपयोग पेट से जुड़े विकारों से लेकर हड्डियों और जोड़ों के विकारों को ठीक करने में किया जाता है, लेकिन ध्यान रखने वाली बात ये है कि बिना चिकित्सक के शंख भस्म का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इसे सीधा खाया नहीं जाता है, बल्कि किसी न किसी चीज में मिक्स कर इसका सेवन किया जाता है। ये स्वाद में तीखी होती है और रोग के अनुसार इसके सेवन की मात्रा तय की जाती है।अगर पेट की पाचन अग्नि कमजोर हो गई है, पेट में दर्द रहता है, गैस बनने की वजह से उल्टी की परेशानी या सिर में दर्द होता है, तो शंख भस्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। शंख भस्म पाचन अग्नि को रीसेट करती है, जिससे खाना अच्छे से पचता है और पाचन की प्रक्रिया में सुधार आता है।शंख भस्म मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट होता है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने, ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने और दांतों की मजबूती को बनाए रखने में मदद करता है। अगर शरीर में कैल्शियम की कमी है, तब भी शंख भस्म का सेवन किया जा सकता है, लेकिन गर्भवती महिलाएं सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।शंख भस्म शरीर में वात और कफ दोषों को संतुलित करने का काम भी करती है। अगर ये दोनों ही दोष शरीर में असंतुलित हैं तो कई बीमारियों का जन्म होता है। इससे पेट से लेकर स्किन से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। इसके अलावा, चेहरे के मुहांसों और दाग धब्बों से छुटकारा पाने के लिए भी शंख भस्म का लेपन और सेवन कर सकते हैं।

राजनीती

धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला : हिन्दू सुबह से शाम तक कर सकेंगे पूजा, नमाज के लिए मिले सिर्फ 2 घटें, राज्य-जिला प्रशासन को दी हिदायत

हिन्दू सुबह से शाम तक कर सकेंगे पूजा, नमाज के लिए मिले सिर्फ 2 घटें, राज्य-जिला प्रशासन को दी हिदायत

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू पक्ष की नई याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है। शीर्ष अदालत ने आदेश दिया है कि धार भोजशाला में वसंत पंचमी की पूजा और नमाज दोनों होगी। कोर्ट ने हिन्दुओं को जहां सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने की अनुमति दी है। तो वहीं नमाज के लिए 1 से 3 बजे का समय निर्धारित किया है। नमाज के लिए मंदिर परिसर में ही अलग से जगह निर्धारित होगी। वसंत पंचमी की पूजा के लिए भी अलग जगह निर्धारित होगी। बता दें कि बसंत पंचमी और शुक्रवार को जुमे की नमाज एक ही दिन होने के कारण भोजशाला का ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम दोनों पक्षों से अपील करते हैं कि वे आपसी सम्मान और सहयोग बरकरार रखें। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य और जिला प्रशासन को कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने कहा कि कल दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की संख्या जिला प्रशासन को बता दी जाए, पीठ ने कहा कि ये संख्या जिला प्रशासन को आज ही बता दी जाए। प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भोजशाला आने वालों के लिए पास जारी कर सकता है या कोई और सही तरीका अपना सकता है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।हिन्दू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने दलील में कहा, सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा होती है.राज्य सरकार - हम कानून व्यवस्था का ख्याल रखेंगेसीजेआई- दोनों समुदायों के लोग प्रार्थना कर सकते हैं ? कानून व्यवस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए. ⁠कल के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं ? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि जरूरत पड़ने पर दोनों समुदायों हिंदू और मुस्लिमों के लिए पूजा की विशेष व्यवस्था की जानी चाहिए सीजेआई ने टिप्पणी करते हुए कहा, इसका मतलब है कि बसंत पंचमी के लिए विशेष व्यवस्था करनी होगी. हिंदुओं की पूजा और मुस्लिमों की जुमे की नमाज के लिए व्यवस्था कीजिए. इस पर एमपी सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (।ैळ) ने कोर्ट को आश्वस्त करते हुए कहा, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न होहिंदू पक्ष ने आग्रह किया, नमाज पांच बजे के बाद पढ़ी जा सकती है. ⁠तब तक हिंदुओं को पूजा की इजाजत दी जाएचीफ जस्टिसः दोपहर 1 बजे तक हिंदू पूजा क्यों नहीं कर सकते? 1 से 3 बजे तक नमाज होगी, उसके बाद बसंत पंचमी की पूजा हो सकती है?सुप्रीम कोर्ट क्यों पहुंचा विवाद?बता दें कि हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें मांग की गई है कि बसंत पंचमी के पूरे दिन धार भोजशाला में अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए। बसंत पंचमी इस साल शुक्रवार के दिन पड़ रही है और शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग धार भोजशाला में जुमे की नमाज पढ़ते हैं। यही वजह है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई की। हिंदू फॉर जस्टिस की तरफ से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन दलील पेश की। साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने बाबा कमाल मौलाना वेलफेयर सोसाइटी की ओर से पक्ष रखा। क्या है विवाद?मध्य प्रदेश के धार में एक एएसआई संरक्षित स्मारक है। हिंदू पक्ष के लोग इसे देवी सरस्वती का मंदिर मानते हैं।साथ ही यहां मौलाना कमालुद्दीन की मजार है, जिसके चलते मुस्लिम पक्ष भी इस स्मारक पर अपना दावा करता है। 18वीं सदी में यहां अंग्रेज सरकार ने खुदाई कराई थी, जिसमें देवी सरस्वती की प्रतिमा भी निकली थी। इस प्रतिमा को अंग्रेज लंदन ले गए थे, जो आज भी लंदन संग्रहालय में मौजूद है।देवी सरस्वती की उस प्रतिमा को भी वापस लाने की कोशिश चल रही है। दोनों पक्ष इस स्मारक पर दावा करते हैं।ऐसे में एएसआई द्वारा जारी आदेश के अनुसार, हिंदू पक्ष के लोगों को हर मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार को भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ने की अनुमति मिली हुई है। इस साल शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ रही है। ऐसे में हिंदू पक्ष ने पूरे दिन सरस्वती पूजा करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।सुरक्षा के कड़े इंतजामसुप्रीम कोर्ट में धार भोजशाला विवाद पर सुनवाई के चलते धार में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धार में आठ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार विभिन्न इलाकों में पेट्रोलिंग की जा रही है। धार भोजशाला में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। वॉच टावर के साथ ही पुलिस चैकी भी बनाई गई है और पुलिस द्वारा संवेदनशील इलाकों में गश्त की जा रही है।

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