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ऑस्ट्रेलियन ओपन : नोवाक जोकोविच दो सेट हारने के बाद भी सेमीफाइनल में, लोरेंजो मुसेट्टी की इंजरी वरदान बनी प्रयागराज : माघ मेले से बिना स्नान किए लौटेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- औरंगजेब के समय भी नहीं हुआ ऐसा यासीन मलिक टेरर फंडिंग केस : जवाब दाखिल करने एनआईए को मिला 4 सप्ताह का समय, हाईकोर्ट अब 22 को करेगा सुनवाईदेश में राजनेता भी सुरक्षित नहीं : अजीत पवार की मौत पर ममता ने लगाए गंभीर आरोप, युप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांगएक खराब दिन सबकुछ बिगाड़ सकता है : विश्व कप से पहले पूर्व कोर्च ने टीम इंडिया को दिया संदेशचौथा टी-20 आजः धमाल मचाने को तैयार टीम इंडिया : बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग है विशाखापत्तनम की पिच, भारतीय फैंस की संजू पर रहेंगी निगाहेंसंसद के बजट सत्र का आगाज : राष्ट्रपति अभिभाषण को लेकर बोले स्पीकर, वीडियो शेयर कर बताया बजट का इतिहास भी

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अजित दादा पवार के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू : राजकीय सम्मान के साथ होगी विदाई, बारामती पहुंचे शाह-नितिन नबीन और शरद पवार

राजकीय सम्मान के साथ होगी विदाई, बारामती पहुंचे शाह-नितिन नबीन और शरद पवार

बारामती। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार को हुए प्लेन क्रैश हादसे में निधन हो गया है। हादसा प्लेन के लैंडिंग के वक्त हुआ था। इस दर्दनाक घटना में अजित पवार सहित पायलट कैप्टन सुमित कपूर, को-पायलट शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदीप जाधव की मौत हो गई थी। अजीत पवार का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके राजनीतिक गढ़ बारामती में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा, जिनकी एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। अजीत पवार के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए विद्या प्रतिष्ठान मैदान में रखा गया जहां उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे पहले अजित पवार को गन सैल्यूट दिया गया। वहीं अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई सीनियर नेता पहुंचे हैं। इनके अलावा एनसीपी-एसपी प्रमुख शरद पवार, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे और राज्य मंत्री हसन मुश्रीफ, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए बारामती पहुंचे हैं।बता दें कि अजित पवार से पूरा महाराष्ट्र शोक में डूबा हुआ है। उन्हें बारामती का लाडला भी कहा जाता था। प्रदेश ने सरकार अजित पवार को राजकीय सम्मान देते हुए तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राज्यभर की सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।उड्डयन मंत्रालय द्वारा दी गई पूरी जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त विमान लीयरजेट 45 था जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-एसएसके था और इसे ऑपरेटर वीएसआर वेंचर्स मैनेज कर रहा था।फ्लाइट क्रू द्वारा पहले लैंडिंग के शुरुआती सीक्वेंस को रद्द करने का फैसला करने के बाद फ्लाइट को ठीक 8रू43 बजे रनवे 11 पर उतरने की अनुमति दी गई थी।मंत्रालय ने एक चिंताजनक मिसाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि 14 सितंबर, 2023 को इसी कंपनी का एक और लीयरजेट 45, जिसका रजिस्ट्रेशन वीटी-डीबीएल था, मुंबई एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक अलग दुर्घटना का शिकार हो गया था। वह पिछली घटना अभी अधिकारियों की जांच के दायरे में है।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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मनोरंजन

शहनाज गिल: फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं पंजाब के कुड़ी की जिंगदी : बिग बाॅस 13 से मिली शोहरत ने दिलाया पंजाब की कैटरीना का खिताब

बिग बाॅस 13 से मिली शोहरत ने दिलाया पंजाब की कैटरीना का खिताब

मुंबई। हर बड़े सपने की कीमत होती है और उसे पूरा करने के लिए कई मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। सिनेमा की दुनिया में नाम कमाने के लिए पंजाब की कैटरीना को भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। जी हां, हम बात कर रहे हैं शहनाज गिल की, जो आज किसी पहचान की मोहताज नहीं रहीं। शहनाज ने पढ़ाई छोड़कर मॉडलिंग की राह चुनी, परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर एक्टिंग के लिए घर से भागीं। शुरुआती दिनों में घरवालों से नाता टूटा, अकेलेपन से जूझना पड़ा, लेकिन हिम्मत और लगन ने उन्हें सफलता भी दिलाई। संघर्ष, परिवार से बगावत और मेहनत से मिली सफलता की कहानी शहनाज गिल की है।पंजाबी सिनेमा और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाने वाली शहनाज गिल का जन्मदिन 27 जनवरी को है। उनकी जिंदगी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। मॉडलिंग के चक्कर में पढ़ाई छोड़ना, पिता से अनबन, घर से भागकर एक्ट्रेस बनने की ठानना और फिर बिग बॉस 13 से मिली शोहरत ने उन्हें पंजाब की कैटरीना का खिताब दिलाया।शहनाज गिल का जन्म पंजाब के जालंधर में हुआ। डलहौजी के डलहौजी हिलटॉप स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें मॉडलिंग का शौक हो गया। स्कूल के दिनों में ही उन्होंने छोटे-मोटे मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स शुरू कर दिए। स्कूलिंग पूरी होते ही उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बी.कॉम में दाखिला लिया, लेकिन मॉडलिंग की जिद में पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इस फैसले से उनका परिवार उनसे नाराज भी रहा। मॉडलिंग से दूर रखने के लिए शादी की बात करने लगे, लेकिन शहनाज ने मना कर दिया। काम मिलता रहा, लेकिन पिता से अनबन बढ़ती गई। आखिरकार शहनाज ने घर छोड़ दिया और मॉडलिंग, एक्टिंग के लिए मुंबई की राह पकड़ ली। उन्होंने कसम खाई कि फेमस होने के बाद ही घर लौटेंगी।साल 2015 में एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट से उनके करियर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्हें एक म्यूजिक वीडियो में काम मिला। फिर माझे दी जट्टी, पिंड दियां कुड़ियां जैसे कई गाने आए। असली पहचान उन्हें गैरी संधू के येह बेबी रेफिक्स से मिली। पंजाबी फिल्मों में भी उन्होंने श्सत श्री अकाल, काला-शा-काला में काम किया।हिमांशी खुराना के साथ विवादों के बाद वह बिग बॉस 13 में पहुंची, जहां शहनाज ने खुद को पंजाब की कैटरीना कैफ कहकर सबका ध्यान खींचा। उनकी हाजिरजवाबी, टूटी-फूटी इंग्लिश और सिद्धार्थ शुक्ला से बढ़ती नजदीकियां चर्चा में रहीं। शो के दौरान उनके पिता घर पहुंचे और उन्हें सपोर्ट किया। शहनाज शो की विनर तो नहीं बन पाईं, मगर सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले प्रतिभागियों में से एक बनीं।बिग बॉस के बाद शहनाज का करियर चमका। उन्होंने सिद्धार्थ शुक्ला के साथ भुला दूंगा, कह गई सॉरी, कुर्ता पजामा, वादा है, शोना शोना जैसे कई हिट म्यूजिक वीडियोज किए। उन्होंने बॉलीवुड में सलमान खान की किसी का भाई किसी की जान से डेब्यू किया और थैंक यू फॉर कमिंग में भी नजर आईं। फिलहाल शहनाज अपनी पंजाबी रोमांटिक कॉमेडी इक कुड़ी से सुर्खियों में हैं, जिसे दर्शकों से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।

बिज़नेस

सोन-चांदी की कीमतों पर नहीं लग रही लगाम : कीमती धातुओं ने बनाया एक और रिकार्ड, गोल्ड में 4%का आया उछाल, 3.30 लाख के पार पहुंची सिल्वर

कीमती धातुओं ने बनाया एक और रिकार्ड, गोल्ड में 4%का आया उछाल, 3.30 लाख के पार पहुंची सिल्वर

नई दिल्ली। कीमती धातुओं की भाव आसमान छूते जा रहे हैं। बुधवार को सोने की कीमतों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल देखने को मिली और यह एक बार फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। चांदी ने भी अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया उच्चतम स्तर छू लिया। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार संघर्ष बढ़ने और डॉलर के कमजोर होने की आशंका के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प यानी सोने-चांदी का रुख कर रहे हैं। बुधवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी वायदा 1,58,339 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,35,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.50 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 7,363 रुपए यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,57,928 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। जबकि, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,499 रुपए यानी 3.24 प्रतिशत चढ़कर 3,34,171 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया। कॉमेक्स पर अमेरिकी सोना 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतें 92.5 से 95.7 डॉलर के दायरे में बनी रहीं। कीमतों में यह तेजी उस खबर के बाद आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही जून तक इन टैरिफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इसके जवाब में यूरोपीय देश भी अमेरिका के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।चांदी का भविष्य दिख रहा मजबूतविशेषज्ञों का कहना है कि मध्यम और लंबी अवधि में चांदी का भविष्य काफी मजबूत दिख रहा है। सप्लाई की कमी और उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण 2026 तक चांदी की कीमत 110 से 120 डॉलर तक जा सकती है। एमसीएक्स पर चांदी के फ्यूचर्स में फिलहाल 3,30,000 से 3,32,000 रुपए का स्तर अहम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह कीमत 3,35,000 से 3,50,000 रुपए प्रति किलो तक भी जा सकती है।

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गाँधी जी के तीन बंदर पप्पू, टप्पू और अप्पू #politicalnews #trending #cmyogi#viral #latestnews #news

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सनातन विरोधी कार्य स्वीकार नहीं किया जाएगा #politicalnews #cmyogi #trending #viralfeed #breakingnews

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अजीत पवार के निधन पर दिलीप जायसवाल ने व्यक्त की संवेदना #politicalnews #ajitpawar #trending #news

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समय आने पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी भी रहेगी #politicalnews #cmyogi #latestnews #breakingnews #viral

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#shorts :पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू मारा जाता है #politicalnews #cmyogi #trending #viral

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देश के प्रति कितना संकल्प #politicalnews #trending #latestnews #news #republicday #news #breaking

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खेल

ऑस्ट्रेलियन ओपन : नोवाक जोकोविच दो सेट हारने के बाद भी सेमीफाइनल में, लोरेंजो मुसेट्टी की इंजरी वरदान बनी

नोवाक जोकोविच दो सेट हारने के बाद भी सेमीफाइनल में, लोरेंजो मुसेट्टी की इंजरी वरदान बनी

मेलबर्न । दस बार के ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन 38 साल के नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। यह 13वां मौका है जब जोकोविच ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। नोवाक जोकोविच को इस बार भाग्य का सहारा मिला है। बुधवार को मेलबर्न पार्क में पांचवीं सीड इटली के लोरेंजो मुसेट्टी के खिलाफ मुकाबले में जोकोविच दो सेट से पिछड़ रहे थे, लेकिन तीसरे सेट में इंजरी की वजह से मुसेट्टी को कोर्ट से हटना पड़ा और इस वजह से जोकोविच का 13वीं बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल में पहुंचना निश्चित हो गया। मुसेट्टी ने मुकाबले की शुरुआत शानदार अंदाज में की थी। उन्होंने पहला सेट 6-4 और दूसरा सेट 6-3 से अपने नाम किया था। शुरुआती दो सेटों में इटैलियन खिलाड़ी की सर्विस और बेसलाइन खेल ने जोकोविच को दबाव में रखा। उन्होंने अपने हर शॉट में पेस और सटीकता दिखाई, जिससे जोकोविच को लगातार बैकफुट पर रहना पड़ा। पहले सेट में एक अहम रैली को शार्प एंगल्ड फोरहैंड विनर से समाप्त करके मुसेट्टी ने बढ़त हासिल की। दूसरे सेट में भी उनका मोमेंटम बना रहा और उन्होंने सर्विस ब्रेक के साथ 6-3 से सेट अपने नाम किया।हालांकि, तीसरे सेट के तीसरे गेम में मुसेट्टी के दाहिने पैर में चोट लगी और उनकी हड्डी टूट गई। फिजियो ट्रीटमेंट के बाद उन्होंने खेल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन अंततः दो घंटे और आठ मिनट के संघर्ष के बाद उन्हें रिटायर होना पड़ा। मुसेट्टी के रिटायर होते हीं जोकोविच सेमीफाइनल में पहुंच गए। मुसेट्टी ने पहले दो सेट में जो दबाव बनाया, वह यादगार था। उनके क्लीन रिटर्न, तेज फोरहैंड और महत्वपूर्ण ग्राउंडस्ट्रोक ने जोकोविच पर नियंत्रण बनाए रखा। लेकिन तीसरे सेट में लगी चोट ने इटैलियन खिलाड़ी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जोकोविच ने मैच के बाद कहा, "मुझे नहीं पता क्या कहना है, सिवाय इसके कि मुझे उसके लिए बहुत दुख है। वह आज जीत का हकदार था। खेल में ऐसी चीजें होती हैं, लेकिन ग्रैंड स्लैम क्वार्टरफाइनल में दो सेट जीतने के बाद रिटायर होना बहुत बुरा है। मैं उसके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।" जोकोविच शुक्रवार को दूसरे सीड जैनिक सिनर और आठवें सीड बेन शेल्टन के बीच होने वाले क्वार्टरफाइनल विजेता से सेमीफाइनल में भिड़ेंगे।

लाइफस्टाइल

सेहत : सुबह के नाश्ते से रात के खाने तक, आपकी सेहत का भरोसेमंद साथी है दलिया

 सुबह के नाश्ते से रात के खाने तक, आपकी सेहत का भरोसेमंद साथी है दलिया

नई दिल्ली। सुबह की शुरुआत अगर हल्के, स्वादिष्ट और सेहतमंद नाश्ते से हो जाए तो पूरा दिन अच्छा निकलता है। ऐसे में दलिया एक ऐसा भोजन है, जो सुबह के नाश्ते से लेकर रात के खाने तक आपकी सेहत का भरोसेमंद साथी बन सकता है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर जंक फूड या बाहर का तला-भुना खाना खा लेते हैं जो पेट और सेहत दोनों के लिए नुकसानदायक होता है, लेकिन अगर आप रोज के खाने में दलिया शामिल कर लें, तो यह शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ-साथ आपको कई बीमारियों से भी बचाने में मदद करता है। दलिया पचने में हल्का होता है और पेट पर बोझ नहीं डालता, इसलिए इसे किसी भी समय खाया जा सकता है।दलिया में भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। नियमित रूप से दलिया खाने से कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में काफी राहत मिलती है। यही वजह है कि डॉक्टर और आयुर्वेद विशेषज्ञ भी इसे रोजाना खाने की सलाह देते हैं।अगर वजन कम करना चाहते हैं तो दलिया आपके लिए बेहतरीन विकल्प है, क्योंकि यह कम कैलोरी वाला भोजन है और लंबे समय तक पेट भरा रखता है। इससे बार-बार भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बचते हैं।दलिया दिल की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर और जरूरी पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी दलिया अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देता। बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर लोगों के लिए दूध वाला दलिया ऊर्जा देने वाला आहार है, जबकि सब्जियों या दाल के साथ बना नमकीन दलिया लंच या डिनर के लिए परफेक्ट रहता है। रात के खाने में हल्का दलिया खाने से नींद भी अच्छी आती है और पेट साफ रहता है। बस ध्यान रखें कि इसमें ज्यादा तेल-मसाले न डालें।

राजनीती

प्रयागराज : माघ मेले से बिना स्नान किए लौटेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- औरंगजेब के समय भी नहीं हुआ ऐसा

माघ मेले से बिना स्नान किए लौटेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- औरंगजेब के समय भी नहीं हुआ ऐसा

प्रयागराज। प्रयागराज में माघ अमावस्या के दिन से ही प्रशासन और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच संघर्ष जारी है। अब अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वे माघ मेले से बिना स्नान किए जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और कहा कि ये सभी दोहरे चरित्र वाले लोग हैं। एक तरफ सनातन धर्म की बात करते हैं और दूसरी तरफ शंकराचार्य, बटुकों और ब्राह्मणों का अपमान करते हैं।शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने घोषणा की है कि वे संगम में स्नान किए बिना माघ मेले से लौटेंगे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, अगर प्रशासन अपनी गलती के लिए क्षमा-याचना कर सकता है, तब तो ठीक है, बाकी हमें आपसे कुछ नहीं चाहिए। जो हमारा है, वह आपको हमें देना ही होगा, अगर आज नहीं तो कल। यह हमारा अधिकार है, आपकी तरफ से दिया गया दान नहीं। जिस असली मुद्दे के लिए हम दस दिन शांतिपूर्वक बैठे रहे, उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। हमने आपको विचार करने और अन्याय के परिणामों का सामना करने या माफी मांगने के लिए पर्याप्त समय दिया। लेकिन 10-11 दिन बाद भी, जब हमने जाने का फैसला किया, तो हमारे सामने इस तरह का प्रस्ताव आया है।उन्होंने आगे कहा, हमने प्रस्ताव को ठुकरा दिया है क्योंकि ये उस दिन आया है, जब हम बिना स्नान किए वापस जा रहे हैं। प्रस्ताव को अगर स्वीकार कर लेते तो ये हमारे धर्म, हमारे और शिष्यों के साथ हुए अत्याचार को भूलने जैसा होता। हमारा मन बहुत भारी है, लेकिन जो चीजें ब्राह्मणों और शंकराचार्य के साथ औरंगजेब के समय नहीं हुईं, वो तथाकथित हिंदू सरकारों के राज में हो रही हैं।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद ने निशाना साधते हुए कहा, एक तरफ देश के गृह मंत्री कहते हैं कि साधु-संतों पर अत्याचार करने वाली और सनातनियों की सुध न लेने वाली सरकारें कभी भी स्थायी नहीं हो सकती हैं। एक तरफ इतना बड़ा ज्ञान दिया जा रहा है और दूसरी तरफ हिंदू धर्म के सबसे बड़े प्रतीक शंकराचार्य, ब्राह्मण, बटुक और संन्यासियों पर अत्याचार किया जा रहा है। ये सरकार का दोहरा चरित्र है, जिसके बारे में जनता को पता होना चाहिए।

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