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पेट से जुड़े रोगों के लिए खा रहे हैं अजवाइन : सेवन की यह गलती बिगाड़ सकती है पाचन...फिर भी पूरे देश में शोर मचा रही कांग्रेस : नकवी ने ऐसे साधा निशाना, टारगेट में रहीं दीदी भी, शहजाद ने भी कांग्रेस को कोसाफिल्म सूबेदार : अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

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राज्यसभा सांसदों का विदाई समारोह बना यादगार : खरगे के चुटीले बयान से सदन में लगे जमकर ठहाके, निशाने पर रहे देवगौड़ा-अठावले

खरगे के चुटीले बयान से सदन में लगे जमकर ठहाके, निशाने पर रहे देवगौड़ा-अठावले

नई दिल्ली। राज्यसभा में विदाई समारोह के दौरान एक हल्का-फुल्का लेकिन यादगार माहौल देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने खास अंदाज में चुटीले बयान देकर पूरे सदन को हंसी से भर दिया। उनके भाषण में राजनीतिक तंज, हास्य और भावनाओं का अनोखा मिश्रण देखने को मिला।खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि वह उन्हें पिछले 54 वर्षों से जानते हैं और लंबे समय तक साथ काम किया। लेकिन फिर उन्होंने हल्के व्यंग्य में कहा, “मोहब्बत हमसे की, लेकिन शादी नरेंद्र मोदी जी के साथ कर ली।” इस टिप्पणी पर सदन में जोरदार ठहाके लगे और खुद प्रधानमंत्री मोदी भी मुस्कुराते नजर आए।आठवले की कविताओं पर ली चुटकीयही नहीं, खरगे ने केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले पर भी चुटकी ली। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अठावले की कविताओं में हमेशा प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ ही सुनाई देती है, मानो उन्हें उसी विषय पर सबसे ज्यादा महारत हासिल हो। इस टिप्पणी ने भी सदन का माहौल और खुशनुमा बना दिया।सच्चे प्रतिनिधि निभाते रहते हैं जिम्मेदारीहालांकि इस हास्य के बीच खरगे ने एक गंभीर संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में कभी वास्तविक “सेवानिवृत्ति” नहीं होती। जनसेवा का भाव पद और कार्यकाल से कहीं ऊपर होता है, और सच्चे जनप्रतिनिधि हमेशा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते रहते हैं।सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को दी शुभकामनाएंअपने संबोधन में खरगे ने अप्रैल से जुलाई के बीच सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों को शुभकामनाएं भी दीं। उल्लेखनीय है कि वे स्वयं भी जून में राज्यसभा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्यसभा में बिताया गया समय उनके लिए बेहद सीखने वाला और संतोषजनक रहा।पवार के पुनः सदन आने पर जताई खुशीइसके अलावा, उन्होंने शरद पवार के पुनः सदन में आने पर खुशी जताई और दिग्विजय सिंह, के.टी.एस. तुलसी तथा अभिषेक मनु सिंघवी के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने संसदीय बहसों को समृद्ध किया है और उनकी भूमिका हमेशा याद रखी जाएगी।कुल मिलाकर, यह विदाई सत्र हंसी, सम्मान और प्रेरणा से भरा रहा, जिसने संसद की गरिमा के साथ-साथ मानवीय पहलुओं को भी उजागर किया।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

फिल्म सूबेदार : अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

मुंबई। अभिनेता अनिल कपूर की हालिया रिलीज फिल्म सूबेदार का फीवर हर किसी के सर पर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की कहानी और एक्शन सीन ने हर किसी को दीवाना बना दिया है। बुधवार को अभिनेत्री विद्या बालन ने इसे खास अंदाज में सराहा।अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर पोस्ट किया। उन्होंने फिल्म को अनिल कपूर के स्टाइल में झक्कास नाम से संबोधित किया। विद्या ने अनिल कपूर और पूरी टीम के समर्पण की जमकर तारीफ की। अभिनेत्री ने लिखा, अनिल कपूर, आप हर फिल्म में इतना समर्पित कैसे रहते हैं? हमेशा कमाल।साथ ही, विद्या ने अन्य कलाकारों के काम को सराहा। उन्होंने राधिका को बड़ी गुंडी और मोना सिंह को बड़ी शैतान बताया। वहीं, निर्देशक सुरेश त्रिवेण की तारीफ में लिखा, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वे स्क्रीन पर इतनी हिंसा करने में कैसे सक्षम रहे। क्या शानदार काम किया। बहुत मजा आया। इसके अलावा विद्या ने प्रोडक्शन टीम की भी सराहना की। उन्होंने बाबु अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज ऑफिशियल और प्राइम वीडियो इंडिया को बधाई दी।सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित एक्शन-ड्रामा फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर का एक्शन अवतार देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर लोगों में दीवानियत और बढ़ रही है। वहीं, राधिका ने अभिनेता की लड़की श्यामा का मुख्य किरदार निभाया है, जिसमें वह भावनात्मक रूप से टूटी होने के बावजूद बाहरी रूप से बेहद मजबूत और फाइटर के रूप में नजर आती हैं। राधिका ने इस जटिल भूमिका में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है।अनिल के साथ-साथ राधिका के अभिनय की भी जमकर तारीफ हो रही है क्योंकि इस फिल्म में दोनों दुश्मनों से लड़ते नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक सेवानिवृत्त फौजी (सूबेदार अर्जुन मौर्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी के साथ रिश्ते सुधारने और स्थानीय गुंडों का सामना करने के लिए फिर से हथियार उठाता है। फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर के अलावा राधिका मदान, आदित्य रावल और फैसल मलिक जैसे कलाकार हैं। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने इस एक्शन-ड्रामा को बेहतरीन तरीके से पेश किया है।

बिज़नेस

औंधे मुंह गिरे सेंसेक्स-निफ्टी : घरेलू शेयर बाजार फिर सहमा, निवेशकों को लगा करोड़ों का चूना

घरेलू शेयर बाजार फिर सहमा, निवेशकों को लगा करोड़ों का चूना

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार दूसरे दिन बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। शुक्रवार को बाजार खुलते ही दबाव में आ गया और कुछ ही घंटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आ गई। इससे पहले गुरुवार को भी निवेशकों को लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। गिरावट के चलते बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर लगभग 433 लाख करोड़ रुपये रह गया है।कारोबार के दौरान सेंसेक्स 923.58 अंक यानी करीब 1.21 प्रतिशत गिरकर 75,117.6 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं निफ्टी 50 भी 310 अंक या 1.32 प्रतिशत टूटकर 23,323 के स्तर पर आ गया। बैंकिंग शेयरों में भी भारी दबाव रहा और बैंक निफ्टी में 1000 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 26 लाल निशान में रहे, जबकि केवल 4 शेयरों में ही बढ़त देखने को मिली। टाटा स्टील, बीईएल, इंडिगो और एलएंडटी जैसे दिग्गज शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।बाजार की गिरावट के कई कारणबाजार की इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आया उछाल है। दरअसल ईरान द्वारा दो तेल टैंकरों पर हमले की खबर के बाद तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते सप्लाई बाधित होने की आशंका पैदा हो गई। इसी कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जिससे वैश्विक बाजारों में भी दबाव बढ़ गया।इन कंपनियों के शेयर गिरेवैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भी भारतीय बाजार की धारणा को प्रभावित किया। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी भारी बिकवाली रही और डॉव जोन्स 700 अंकों से अधिक गिरकर इस साल पहली बार 47,000 के स्तर से नीचे बंद हुआ।विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार पर बना रही दबावइसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को एफआईआई ने भारतीय बाजार में 7,049 करोड़ रुपये से अधिक के शेयर बेचे। मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक करीब 39,000 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।निवेशकों की नजर अमेरिका की बैठक परअब निवेशकों की नजर अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर टिकी हुई है, जो 17 मार्च को होने वाली है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल यह उम्मीद की जा रही है कि फेड ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा, लेकिन उसके संकेतों का असर वैश्विक बाजारों पर जरूर पड़ेगा।

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खेल

टी20 वर्ल्ड कप से दूरी पड़ी भारी! : बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर जांच की तलवार, ईद के बाद शुरु होगा एक्शन

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पर जांच की तलवार, ईद के बाद शुरु होगा एक्शन

ढाका। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का टी20 विश्व कप 2026 से बाहर रहने का फैसला एक बार फिर से चर्चा में है। बांग्लादेश की नई सरकार ने इस मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। युवा एवं खेल राज्य मंत्री अमीनुल इस्लाम ने कहा है कि ईद के बाद एक नई जांच कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या भारत और श्रीलंका में आयोजित इस टूर्नामेंट से हटने का फैसला स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में विफलता का नतीजा था।मंत्री अमीनुल इस्लाम ने कहा कि सरकार यह समझना चाहती है कि क्या यह स्थिति टाली जा सकती थी। उन्होंने कहा, “हमें यह गहराई से जांचना होगा कि हम विश्व कप में हिस्सा क्यों नहीं ले पाए और हमारी स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी में कमी कहां रह गई।” उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय खेल संबंधों और निर्णय लेने की प्रक्रिया में मौजूद कमियों को भी उजागर करता है।अनियमितताओं से जोड़कर देखा जा रहा जांच कोसरकार इस जांच को बीसीबी के हालिया चुनावों में कथित अनियमितताओं से जोड़कर भी देख रही है। मंत्री के मुताबिक क्लब और जिला स्तर के कई स्टेकहोल्डर्स ने शिकायतें दर्ज कराई हैं, जिनकी जांच पहले से चल रही है। बीसीबी ने हाल ही में मंत्रालय से पिछली जांच बंद करने की अपील की थी, लेकिन इसके ठीक अगले दिन नई जांच की घोषणा ने बोर्ड और सरकार के बीच बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है।विवाद की यहां से हुई थी शुरुआतविवाद की शुरुआत तब हुई थी जब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। आईसीसी के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद बोर्ड अपने रुख पर कायम रहा, जिसके बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया। अब इस पूरे मामले पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि जांच के नतीजे न सिर्फ बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन बल्कि वैश्विक क्रिकेट में उसकी साख पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।

लाइफस्टाइल

स्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज : 'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

'बचाव' फॉर्मूला से बनेगी बात

नई दिल्ली । स्ट्रोक या ब्रेन अटैक एक गंभीर और जानलेवा स्थिति है। यह तब होता है जब मस्तिष्क तक खून पहुंचने में रुकावट आ जाती है, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। ऐसे में हर मिनट मायने रखता है, क्योंकि जितनी जल्दी इलाज मिले, उतनी बेहतर रिकवरी की संभावना होती है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह देता है, क्योंकि समय पर पहचान और त्वरित कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है। ऐसे में एनएचएम आसान और कारगर बचाव फॉर्मूला के बारे में जानकारी देता है। स्ट्रोक के मुख्य लक्षणों को याद रखने का सबसे आसान तरीका है 'बचाव'।स्ट्रोक में देरी मतलब मस्तिष्क में स्थायी नुकसान है। इसके लिए तुरंत अस्पताल पहुंचने से क्लॉट-बस्टिंग दवाएं या अन्य इलाज दिए जा सकते हैं, जो रिकवरी में मदद करते हैं। स्ट्रोक से बचाव के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखें, धूम्रपान-शराब छोड़ें, नियमित व्यायाम करें और संतुलित आहार लें। वहीं, 'बचाव' फॉर्मूला लक्षणों को आसानी से समझाता है-ब मतलब बाजू (बाहों में कमजोरी): व्यक्ति से दोनों बाहें ऊपर उठाने को कहें। अगर एक बाजू नीचे गिर जाए या कमजोर लगे, तो यह स्ट्रोक का संकेत है।च मतलब चेहरा (चेहरा असमान): मुस्कुराने को कहें। अगर चेहरे का एक हिस्सा लटक जाए या असमान दिखे, तो ध्यान दें।आ मतलब आवाज (बोलने में कठिनाई): व्यक्ति से कोई सरल वाक्य बोलने या दोहराने को कहें। अगर आवाज अस्पष्ट, तुतलाती हो या बोलना मुश्किल हो, तो यह बड़ा खतरा है। व मतलब वक्त (समय): ऊपर के कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत समय बर्बाद न करें। 108 पर कॉल करें, एम्बुलेंस बुलाएं और नजदीकी अस्पताल (जहां सीटी स्कैन उपलब्ध हो, जैसे जिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज) पहुंचें।हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ये लक्षण अचानक दिखते हैं और ज्यादातर शरीर के एक तरफ प्रभावित होते हैं। अन्य संकेतों में अचानक संतुलन बिगड़ना, आंखों में धुंधलापन या गंभीर सिरदर्द शामिल हो सकता है। स्ट्रोक को 'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है, क्योंकि कभी-कभी बिना चेतावनी के आ जाता है, लेकिन 'बचाव' फॉर्मूला से 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जल्दी पहचान संभव है।

राजनीती

नवरात्र से रमजान तक सुरक्षित माहौल : सरकार के 9 साल पूरे होने पर बोले योगी, उपलब्धियों के लिए जनता को दी बधाई

सरकार के  9 साल पूरे होने पर बोले योगी, उपलब्धियों के लिए जनता को दी बधाई

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में अभूतपूर्व विकास और सतत समृद्धि के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बुधवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में नव निर्माण के 9 वर्ष पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व उनकी विजनरी नेतृत्व क्षमता के तहत बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह डबल इंजन सरकार की नीतियों, पार्टी कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनप्रतिनिधियों की सेवा भावना और जनता जनार्दन के सहयोग का परिणाम है। सीएम योगी ने प्रदेश की जनता को इन 9 वर्षों की उपलब्धियों के लिए हृदय से बधाई देते हुए कहा कि यह परिवर्तन 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सामूहिक शक्ति का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि कल से नवरात्र प्रारंभ हो रही है, इस दौरान रमजान का महीना भी चल रहा है। परसों अलविदा की नमाज होगी और 20 या 21 को ईद भी हो सकती है। कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व और त्योहार मनाए जा रहे हैं कहीं कोई हलचल नहीं। यही है सुरक्षा। कल से त्योहार है लोगों में खुशी है। कोई भय, तनाव, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू का भय नहीं, दंगे का भय नहीं।फिर भी आत्महत्या के लिए मजबूर था किसानउन्होंने इन 9 वर्षों की यात्रा को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि 2017 से पहले प्रदेश की स्थिति क्या थी। उत्तर प्रदेश जैसे असीम संभावनाओं वाले राज्य को पहचान के संकट का सामना करना पड़ रहा था। दुनिया की सबसे उर्वर भूमि और प्रचुर जल संसाधनों के बावजूद किसान आत्महत्या के लिए मजबूर था।युवाओं के सामने पहचान-रोजगार का था संकटउन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का कारीगर, जो अपनी कला के लिए प्रसिद्ध था, वह उद्यमी बनने के बजाय श्रमिक बनकर पलायन करने को विवश था। युवाओं के सामने पहचान और रोजगार का संकट था, भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और वसूली से प्रभावित थीं। कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी थी कि न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, और न ही आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करता था। प्रदेश में विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन नहीं था, जिसके कारण युवा वर्ग निराश होकर या तो पलायन करता था या संघर्ष में उलझा रहता था।बदल चुकी है यूपी की तस्वीरसीएम योगी ने कहा कि आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। पिछले 9 वर्षों में डबल इंजन सरकार ने सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, किसानों के कल्याण, महिलाओं के सशक्तीकरण और गरीबों के उत्थान के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए हैं। कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से दलितों, वंचितों और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने का काम किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सेवा क्षेत्रों में सुधार करते हुए सुशासन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही प्रदेश की आस्था, संस्कृति व परंपराओं को सम्मान देते हुए उन्हें नई पहचान दिलाने के प्रयास भी लगातार जारी हैं, जिससे उत्तर प्रदेश आज एक नई पहचान के साथ देश और दुनिया में उभर रहा है।उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने 9 दिन होंगे कार्यक्रममुख्यमंत्री ने बताया कि इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 9 विषयों पर आधारित 9 दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो बसंत नवरात्र से प्रारंभ हो रहा है। इसका उद्देश्य है कि यह जन-चर्चा का विषय बने और समाज के सभी वर्ग, युवा, किसान, श्रमिक, महिलाएं और गरीब इसमें सहभागी बनें। संवाद के माध्यम से न केवल बीते 9 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया जाएगा, बल्कि आने वाले समय के लिए विकास का विजन भी तय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 9 एक शुभ अंक है, जो पूर्णता का प्रतीक है, और यह कार्यक्रम भी उसी पूर्णता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।बजट यूपी के संतुलित विकास को देगा नई गतिमुख्यमंत्री ने कहा कि 9 वर्ष पूरे होने पर प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 9 लाख 12 हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है, जो उत्तर प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास को नई गति देगा। यह बजट प्रदेश को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उत्तर प्रदेश आज सुरक्षा, सुशासन और विकास के नए मानक स्थापित कर रहा है और यह परिवर्तन आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा।

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