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कीमती धातुओं के भाव जमीन पर : चांदी की कीमत में आई भारी गिरावट, सोना भी लुढ़का

चांदी की कीमत में आई भारी गिरावट, सोना भी लुढ़का

नई दिल्ली। सोने और चांदी में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बड़ी गिरावट देखी जा रही है और कीमती घातुओं के दाम 10 प्रतिशत तक कम हो गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोपहर 2ः16 पर 2 अप्रैल 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में सोने की कीमत 4.70 प्रतिशत कम होकर 1,75,307 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।सोने के साथ चांदी में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट में चांदी की कीमत 10.77 प्रतिशत कम होकर 3,56,831 रुपए प्रति किलो हो गई है।वायदा के साथ हाजिर बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिल रही है।इंडिया बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की ओर से दोपहर 12 बजे जारी की गई कीमतों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 6,865 रुपए कम होकर 1,68,475 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,75,340 रुपए प्रति 10 ग्राम था। चांदी की कीमत 22,825 रुपए कम होकर 3,57,163 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 3,79,988 रुपए प्रति किलो थी।सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में गिरावट होना है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 4.07 प्रतिशत कम होकर 5,137 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 9.28 प्रतिशत कम होकर 103 डॉलर प्रति औंस हो गई है।जानकार इस बिकवाली को मुनाफावसूली मान रहे हैं। वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ने और अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ के कारण सोने ने बीते एक साल में 80 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है, जबकि इस दौरान चांदी ने 220 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। हाल ही में आई वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट में बताया गया था कि सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के कारण इस साल देश में ज्वेलरी की मांग में गिरावट आ सकती है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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मनोरंजन

'मर्दानी-3' पब्लिक रिव्यू : बेहतरीन एक्टिंग और कहानी ने जीता दिल, दर्शकों ने बताया 'वन टाइम वॉच'

बेहतरीन एक्टिंग और कहानी ने जीता दिल, दर्शकों ने बताया 'वन टाइम वॉच'

मुंबई । क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' का तीसरा पार्ट 'मर्दानी-3' सिनेमाघरों में रिलीज हो चुका है। फिल्म में एक बार फिर रानी बहादुर अफसर शिवानी शिवाजी रॉय के अवतार में दिखीं हैं, जो क्रिमिनल गतिविधियों को रोकने के लिए अपनी जान दांव पर लगाती दिख रही हैं। रिलीज के साथ फिल्म को दर्शकों से बहुत अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। एक बार फिर रानी अपनी एक्टिंग से फैंस का दिल जीतने में कामयाब रही हैं।फिल्म देखकर आए दर्शक ने बताया, "फिल्म गंभीर मुद्दे चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर बनी है, जो समाज के काले सच को उजागर करती है। फिल्म में रानी मुखर्जी का रोल बहुत दमदार है और फिल्म ने शुरू से लेकर आखिर तक दर्शकों को बांधने की कोशिश की है। फिल्म थ्रिलर और सस्पेंस से भरी है। फिल्म में विलेन के तौर पर नए चेहरों को उतारा गया है, लेकिन अगर मर्दानी-1 और मर्दानी-2 की बात की जाए तो मर्दानी-3 थोड़ी कमजोर है। फिल्म वन टाइम वॉच है।"एक दूसरे दर्शक ने कहा, "क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी 'मर्दानी' की वजह से ही हम फिल्म का तीसरा पार्ट देखने के लिए आए, और फिल्म वाकई शानदार है। फिल्म में रानी मुखर्जी ने दमदार एक्शन किया है, लेकिन बीच में कहीं-कहीं फिल्म स्लो हो जाती है, लेकिन फिल्म अच्छी है। तीनों फिल्मों की कहानी अलग रही है, लेकिन तीनों पार्ट अपनी-अपनी जगह सही हैं। सबको फिल्म जरूर देखनी चाहिए, क्योंकि ये समाज के खतरनाक मुद्दों को दिखाती है।"एक अन्य दर्शक ने कहा, "फिल्म की कहानी के साथ रानी की एक्टिंग लाजवाब है। रानी जिस तरीके से परिस्थितियों को संभालती है और एक्शन करती हैं, वो दिल जीतने वाला है।" उन्होंने आगे कहा, "फिल्म का स्क्रीनप्ले, कहानी और बाकी कलाकारों ने भी शानदार काम किया है। फिल्म को देखकर बोरिंग नहीं लगेगा। फिल्म के जरिए ये भी संदेश देने की कोशिश की गई है कि हमारी पुलिस हमारी रक्षा करने के लिए कितने खतरनाक काम करती है। मेरा मानना है कि फिल्म को परिवार के साथ देखना चाहिए।"फिल्म का पहला शो देखकर लौटे दर्शकों को फिल्म में रानी मुखर्जी की एक्टिंग शानदार लगी। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को भी बहुत प्यार मिल रहा है। दर्शकों के प्यार के साथ फिल्म पहले दिन कितने करोड़ की ओपनिंग करती है, ये तो आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल फिल्म को बहुत सारा प्यार मिल रहा है।

बिज़नेस

शिखर पर पहुंचे सोने-चांदी के भाव : सिल्वर ने तोड़े सारे रिकार्ड, गोल्ड पहुंचा 1.60 लाख के करीब

 सिल्वर ने तोड़े सारे रिकार्ड, गोल्ड पहुंचा 1.60 लाख के करीब

मुंबई। अमेरिकी डॉलर की लगातार कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। दिन के शुरुआती कारोबार में सोना 2.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,59,820 रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे हाई स्तर है। हालांकि बाद में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आई।वहीं चांदी पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 3,59,800 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। हालांकि खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 10.47 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 1.45 प्रतिशत या 2,270 रुपए की उछाल के साथ 1,58,307 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 4.84 प्रतिशत यानी 16,197 रुपए की तेजी के साथ 3,50,896 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। दुनिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी की ओर बढ़ रहे हैं।अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद होने की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत नए टैरिफ की धमकियों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की कारों, लकड़ी और दवाइयों के आयात पर टैरिफ लगाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर वह चीन से समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।अमेरिका में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गए। इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.1 प्रतिशत कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया। लगातार सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और दुनिया भर में नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीद से कीमतों को सहारा मिल रहा है। वहीं कॉमेक्स चांदी 99 डॉलर के स्तर को पार कर गई है और नए रिकॉर्ड बना रही है।इस हफ्ते अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरें नहीं बदली जाएंगी, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है। राजनीतिक दबाव की चर्चाओं ने सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश को और बढ़ा दिया है।विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपए के बीच सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपए पर रेजिस्टेंस है। चांदी के लिए 3,38,810 और 3,22,170 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,55,810 और 3,62,470 रुपए पर रेजिस्टेंस मानी जा रही है।एक अन्य विश्लेषक का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। हाल की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी में तेज उछाल के बाद अब ऊंचे स्तरों पर स्थिरता या थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है, क्योंकि निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं।

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अजित पवार के बाद NCP एकता पर संकट #breakingnews #news #newstoday  #tv27newsdigital #latestnews

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खेल

एक खराब दिन सबकुछ बिगाड़ सकता है : विश्व कप से पहले पूर्व कोर्च ने टीम इंडिया को दिया संदेश

विश्व कप से पहले पूर्व कोर्च ने टीम इंडिया को दिया संदेश

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में हो रही है। भारतीय टीम डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में टूर्नामेंट में उतरेगी। टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप 2024 का खिताब फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर जीता था। पिछले 2 साल में भारतीय टीम काफी बदल चुकी है। हेड कोच रहे राहुल द्रविड़ और कप्तान रहे रोहित शर्मा, विराट कोहली, और रवींद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं हैं। गौतम गंभीर की कोचिंग और सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम अपने खिताब की रक्षा करने विश्व कप में उतरेगी। पूर्व कोच राहुल द्रविड़ ने विश्व कप से पहले भारतीय टीम के लिए खास संदेश दिया है। कोई टीम अच्छी पारी खेलकर कर सकती है परेशानएक निजी कार्यक्रम में राहुल द्रविड़ ने कहा कि विश्व कप में हम फेवरेट के तौर पर उतरेंगे और सेमीफाइनल तक जरूर पहुंचेंगे, लेकिन मेरा अपना अनुभव ये कहता है कि मैच में कौन सी टीम बेहतर खेलती है इसपर काफी कुछ निर्भर करेगा। कोई अच्छी पारी खेलकर आपको परेशान कर सकता है। टीम इंडिया कितनी भी मजबूत क्यों न हो, एक खराब दिन सबकुछ बिगाड़ सकता है। एक खराब दिन आपकी पूरी मेहनत पर पानी फेर सकता है।अनुभवों के आधार पर द्रविड़ ने कही यह बातराहुल द्रविड़ के इस बयान का अर्थ भारतीय टीम का हर सदस्य और हर भारतीय क्रिकेट फैन अच्छी तरह समझता है। वनडे विश्व कप 2003 में पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेलने के बाद टीम इंडिया फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। राहुल द्रविड़ ने उस विश्व कप में विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाई थी। ठीक 20 साल बाद 2023 में भी ऐसा ही हुआ था। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम इंडिया पूरे विश्व कप में अजेय रही। माना जा रहा था कि भारतीय टीम ही चैंपियन बनेगी, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से एक बार फिर हमें हार का सामना करना पड़ा। राहुल द्रविड़ इस टीम के हेड कोच थे। राहुल ने इन्हीं अनुभवों के आधार पर कहा है कि एक खराब दिन हमारी सारी उम्मीदों और सपनों को तोड़ सकता है। इसलिए हमें हमेशा सावधान रहना होगा। प्रचंड फार्म में टीम इंडियाभारतीय टीम टी20 फॉर्मेट में प्रचंड फॉर्म में चल रही है। भारत और श्रीलंका में विश्व कप का आयोजन और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को फेवरेट माना जा रहा है। अगर भारतीय टीम टी20 विश्व कप जीतने में कामयाब रहती है, तो लगातार दो टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगी, साथ ही कुल 3 विश्व कप खिताब के साथ सर्वाधिक टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम बन जाएगी। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में 2007 में खेला गया टी20 विश्व कप का पहला संस्करण जीता था।

लाइफस्टाइल

सेहत : ब्रेन फॉग कहीं दिल की बीमारी का संकेत तो नहीं? जानें वैज्ञानिक कारण

ब्रेन फॉग कहीं दिल की बीमारी का संकेत तो नहीं? जानें वैज्ञानिक कारण

नई दिल्ली । आज की तेजतर्रार जिंदगी में अक्सर लोग थकान, तनाव और भूलने की आदत को आम परेशानी मान लेते हैं। लेकिन, कभी‑कभी यह केवल मानसिक थकान नहीं होती, बल्कि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। कई डॉक्टर मानते हैं कि बार‑बार ध्यान भटकना, नाम भूलना या दिमाग का भारी लगना सिर्फ दिमाग की कमजोरी नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। हार्ट डिजीज हमेशा सीने में दर्द या सांस फूलने के जरिए ही सामने नहीं आती। कई बार यह धीरे‑धीरे दिमाग के लक्षणों के जरिए सामने आती है। ब्रेन फॉग दिमाग की उस हालत को कहते हैं जब आपको चीजें याद नहीं रहतीं, सोचने में दिक्कत होती है, और आप खुद को थोड़ा सुस्त महसूस करते हैं। अक्सर लोग इसे उम्र बढ़ने या तनाव का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।दिमाग और दिल के बीच गहरा संबंध है। जब दिल सही से काम करता है, तो दिमाग भी सही ढंग से काम करता है और जब दिल कमजोर होता है, तो दिमाग भी थक जाता है। यही वजह है कि ब्रेन फॉग सिर्फ दिमाग की समस्या नहीं, बल्कि दिल की बीमारी का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसे पहचानना, जांच कराना और समय पर इलाज शुरू करना बेहद जरूरी है।डॉक्टर बताते हैं कि यह केवल सतही कमजोरी नहीं होती, बल्कि कई मामलों में दिमाग तक पहुंचने वाले ब्लड सर्कुलेशन में कमी का कारण होती है। जब दिल ठीक से ब्लड पंप नहीं करता, तो दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता, जिससे मेमोरी, फोकस, और सोचने‑समझने की क्षमता प्रभावित होती है।जनरल ऑफ सेरेब्रल ब्लड फ्लो एंड मेटाबॉलिज्म में 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दिल की हल्की कमजोरी भी दिमाग तक ब्लड फ्लो घटा सकती है। इसका असर सीधे याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता पर पड़ता है। अगर आप अक्सर भूलते हैं, ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते या सोचने में सुस्ती महसूस करते हैं, तो यह सिर्फ दिमाग की समस्या नहीं, बल्कि दिल की चेतावनी भी हो सकती है।ऐसे में अपने दिल की जांच कराएं। छोटे‑छोटे बदलाव जैसे ब्लड प्रेशर, हार्ट रेट या ब्लड फ्लो का निरीक्षण करना आपके लिए बड़े फायदे ला सकता है।

राजनीती

MP news : मोहन के मंत्री ने नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर ऐसे दिया उदाहरण

मोहन के मंत्री ने नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर ऐसे दिया उदाहरण

इंदौर। इंदौर के एक स्कूल के कार्यक्रम में नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण पर बात करते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसकी चर्चा राजनीतिक हलकों में होने लगी है। वे बच्चों के चरित्र निर्माण को लेकर बात कर रहे थे और उन्होंने कहा कितनी भी शिक्षा नीति बना लो, लेकिन घर के अंदर वातावरण ऐसा है कि यदि पिता पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर हो और कपड़े दिलाने ठेकेदार ले जाए तो फिर कैसा चरित्र निर्माण होगा।विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि शाम को माता-पिता बच्चों के सामने पार्टी करेंगे तो बच्चा वही सीखेगा जो देखेगा। फिर हम चाहे जितने भी ज्ञान-चरित्र एकता की बात करें, कोई मतलब नहीं। मेरा मानना है कि स्कूली शिक्षा के साथ बच्चे के साथ माता-पिता का सिलेबस भी होना चाहिए। विजयवर्गीय ने कहा कि श्दुनिया में कौन सा संगठन है जो राष्ट्रभक्त बनाने की बात करता है। हम इंजीनियर, डॉक्टर बनाने की बात करते हैं। हमारा बेटा चरित्रवान और राष्ट्रभक्त हो, यह चर्चा का विषय नहीं होता है।आपको बता दें कि मंत्री विजयवर्गीय पिछले दिनों दस दिन के अवकाश पर गए थे। पारिवारिक सदस्य के निधन का हवाला देकर उन्होंने छुट्टी पर जाने की वजह सोशल मीडिया पर बताई थी, हालांकि अब वे फिर से सार्वजनिक आयोजनों में नजर आने लगे हैं। गुरुवार को उन्होंने एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर एक बैठक भी ली थी।

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