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दिल्लीः पूर्व विधायक भाजपा में शामिल : आप को बड़ा झटका, राजेश गुप्ता केजरीवाल पर लगाया गंभीर आरोप

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नई दिल्ली। दिल्ली में आम आदमी पार्टी को बडा झटका लगा है। आप के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने शनिवार को भाजपा में शामिल हो गए हैं। वे दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, विधायक राजकुमार भाटिया और मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। वीरेंद्र सचदेवा ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर पार्टी में शामिल कराया। इस मौके पर वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि एक जागरुक विधायक के रूप में राजेश गुप्ता ने अपनी एक अलग पहचान बनाई, लेकिन उस पहचान की कद्र आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने नहीं की। आज जिस प्रकार से केजरीवाल दिल्ली से गायब हैं और जिस स्थिति में उन्होंने दिल्ली छोड़ा उस पर अध्ययन करने की जरूरत है।दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केजरीवाल को लिया निशाने परउन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली को पिछले 12 सालों में इस स्थिति में ला दिया है कि आज उसका बोझ नई सरकार पर भी आया है और भाजपा सरकार उसको धीरे-धीरे कम करने की कोशिश भी कर रही है, लेकिन अरविंद केजरीवाल, जो खुद को दिल्ली का बेटा बताते हैं, आज पूरी तरह से गायब हैं क्योंकि उन्हें पता है कि दिल्ली उनकी हकीकत से वाकिफ हो चुकी है।आप मुखिया ने सभी को दिया धोखाः पूर्व विधायक का हमलाइस दौरान राजेश गुप्ता ने भावुक होते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की जब शुरुआत हुई थी, उस वक्त कई बड़े नाम एक नई ऊर्जा के साथ अरविंद केजरीवाल के लिए इकट्ठा हुए, लेकिन आप मुखिया ने सभी को धोखा दिया और आज सभी एक-एक करके उन्हें छोड़ने में ही अपनी भलाई समझी। आज मैं भी दुर्भाग्यपूर्ण रूप से उसी लिस्ट में शामिल हो गया।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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मनोरंजन

कल्ट क्लासिक फिल्म पड़ोसन ने पूरे किए 57 साल : बिंदू का किरदार निभाने से सायरा बानो ने किया था इनकार

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मुंबई। कल्ट क्लासिक फिल्म पड़ोसन हिंदी सिनेमा की सबसे ज्यादा पसंद की गई फिल्मों में से एक है। हास्य और रोमांस को पर्दे पर दिखाती इस फिल्म ने 57 साल पूरे कर लिए हैं। फिल्म में सायरा बानों की अदाकारी और किशोर कुमार, महमूद और सुनीत दत्त की कॉमेडी ने फैंस का दिल जीत लिया था। फिल्म को बीते साल पर्दे पर रि-रिलीज भी किया गया था और फिल्म को फर्स्ट डे रिलीज जैसा ही रिस्पांस मिला।राजश्री फिल्म प्रोडक्शन ने फिल्म के 57 साल पूरे होने की खुशी में प्यारा सा पोस्ट डाला है और फिल्म के चार आइकॉनिक किरदार को याद किया है, जिसमें किशोर कुमार, महमूद, सुनीत दत्त और सायरा बानो को शामिल किया है। फिल्म में और कई कलाकार थे, जिन्होंने फिल्म को पर्दे पर हिट कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।फिल्म पड़ोसन की गिनती अपने समय की क्लासिक कल्ट फिल्मों में होती है। फिल्म में एक साथ चार बड़े चेहरों को शामिल किया गया। फिल्म में सुनील दत्त ने भोला तो किशोर कुमार ने विद्यापति का रोल प्ले किया। दोनों की दोस्ती पर्दे पर निखर के सामने आई कि कैसे अपने दोस्त के प्यार को सफल बनाने के लिए दूसरा दोस्त अपनी आवाज दे देता है, जबकि महमूद साहब ने मास्टर पिल्लाई बनकर भोला और विद्यापति के प्लान पर पानी फेर दिया।फिल्म की कहानी और डायलॉग दोनों ही मजेदार हैं और शायद यही वजह रही कि फिल्म अपने समय की छठी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म रही। फिल्म ने दुनिया भर में 2.8 करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म का बजट 1 करोड़ से भी कम था, लेकिन बेहतरीन कास्ट और पटकथा ने फैंस का दिल जीत लिया।बहुत कम लोग ये बात जानते हैं कि इस फिल्म में पड़ोसन बिंदू का किरदार पहले सायरा बानो नहीं निभाना चाहती थीं। एक्ट्रेस की तभी शादी हुई थी और वे फिल्में छोड़कर अपने पर्सनल लाइफ पर फोकस करना चाहती थीं, लेकिन महमूद साहब के समझाने और मनाने के बाद वे फिल्म में काम करने के लिए राजी हुई थीं। उनके लिए खास तौर पर मद्रास में फिल्म का सेट लगाया गया था। पड़ोसन की शूटिंग के बारे में बात करते हुए सायरा ने बताया था कि सेट पर शूटिंग के समय इतना मजा आता था कि कई बार ज्यादा देर तक हंसने की वजह से शूटिंग रोकनी पड़ती थी।

बिज़नेस

पीयूष गोयल : इजरायल के वर्ल्ड-क्लास मोबिलिटी टेक्नोलॉजी का केन्द्रीय मंत्री ने लिया अनुभव, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर की भी देखी झलक

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नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने इजरायल विजिट के दौरान वर्ल्ड-क्लास मोबिलिटी टेक्नोलॉजी का अनुभव लिया। साथ ही, उन्होंने किबुत्ज रमत राचेल का भी भ्रमण किया। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने यरुशलम के किबुत्ज रमत राचेल का भी भ्रमण किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, यह कम्युनिटी-ड्रिवन इनोवेशन, सस्टेनेबल एग्रीकल्चर और को-ऑपरेटिव लिविंग की प्रेरणादायक झलक थी।उन्होंने एक ऑटोनोमस ड्राइविंग कंपनी मोबाइलआई को लेकर कहा, यरुशलम में मोबाइलआई के जरिए ऑटोनोमस ड्राइव के साथ सटीकता और इंजीनियरिंग का एक बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। मोबिलिटी टेक्नोलॉजी के लिए आने वाला समय बेहद रोमांचक है। मोबाइलआई की ऑफिशियल वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, कंपनी एआई, एक्सटेंसिव रीयल-वर्ल्ड एक्सपीरियंस और प्रैक्टिकल विजन को मिलाकर स्मार्ट और सुरक्षित मोबिलिटी की ओर विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।प्रोफेसर अमन शाशुआ ने 1999 में मोबाइलआई की स्थापना की थी। शाशुआ ने यरुशलम के हिब्रू यूनिवर्सिटी में अपने एकेडमिक रिसर्च को एक मोनोक्यूलर विजन सिस्टम में विकसित किया था, जो केवल एक कैमरा और प्रोसेसर पर सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम का इस्तेमाल कर व्हीकल को डिटेक्ट कर सकता था।इस कंपनी की स्थापना के लिए कॉन्सेप्ट डेमो के लिए एक एशियाई ओईएम के साथ मीटिंग के बाद फंड की सुविधा प्राप्त हुई। शाशुआ ने अपने दो करीबी दोस्तों, जिव अविराम और नोरियो इचिहाशी के साथ एक टीम बनाई थी। नए स्टार्टअप के मैनेजमेंट में शाशुआ और अविराम एक साथ काम करने लगे, जहां अविराम ऑपरेशन, फाइनेंस और इन्वेस्टर रिलेशंस के लिए जिम्मेदार थे और शाशुआ टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, और कंपनी के स्ट्रेटेजिक विजन के लिए जिम्मेदार थे।2014 में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी सार्वजनिक हो गई और ये दोनों व्यक्ति 2017 तक कंपनी की कमान संभालते रहे। इसके बाद मोबाइलआई का इंटेल कॉर्प द्वारा अधिग्रहण कर लिया गया। अधिग्रहण के बाद, अविराम रिटायर हो गए और शाशुआ ने सीईओ का पद संभाला।

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खेल

भारत-साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज : ब्लू जर्सी में वापस लौटकर खुश ऋतुराज, कही यह बात

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रांची। भारत-साउथ अफ्रीका के बीच रविवार से तीन वनडे मैचों की सीरीज का आगाज होने जा रहा है। सीरीज का पहला मुकाबला रांची के मैदान में खेला जाएगा। ऋतुराज गायकवाड़ को वनडे सीरीज में मौका दिया गया है। गायकवाड़ ब्लू जर्सी में वापस लौटकर काफी खुश हैं। वह इंटरनेशनल क्रिकेट में टीम के लिए फिर से योगदान देने को लेकर उत्सुक हैं। ऋतुराज गायकवाड़ ने आखिरी बार 19 दिसंबर 2023 को साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच खेला था, जबकि 13 जुलाई 2024 को जिम्बाब्वे के खिलाफ आखिरी बार टी20 फॉर्मेट में उतरे थे। कप्तान शुभमन गिल गर्दन में चोट की वजह से इस सीरीज में नहीं खेलेंगे, जबकि श्रेयस अय्यर स्प्लीन इंजरी की वजह से इस सीरीज का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में ऋतुराज गायकवाड़ को सीरीज में शामिल किया गया है। केएल राहुल को टीम की कमान सौंपी गई है।भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें गायकवाड़ ने कहा, ब्लू जर्सी में वापस लौटकर अच्छा लगा। मुझे टीम इंडिया के लिए फिर से खेलने का इंतजार है।गायकवाड़ के वनडे टीम में शामिल होने पर यह बोले थे मोर्कलभारत के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने शुक्रवार को गायकवाड़ के वनडे टीम में शामिल होने के बारे में कहा था, उनका यहां होना बहुत अच्छा है। वह पिछले कई वर्षों से एक क्वालिटी प्लेयर रहे हैं। अगर उन्हें यह मौका मिलता है, तो मुझे पूरा यकीन है कि वह देश को बहुत गर्व महसूस कराएंगे।ष् गायकवाड़ ने हाल ही में राजकोट में साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था। इस दौरान उन्होंने 117, 68’ और 25 रन की पारियां खेलीं।अय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी करने का पेश कर सकते दावाअय्यर नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए दावा पेश कर सकते हैं, जबकि बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा और ऋषभ पंत इस पोजीशन के लिए सबसे आगे हैं। भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 30 नवंबर को वनडे सीरीज का पहला मैच रांची में खेला जाएगा, जिसके बाद 3 दिसंबर को दूसरा मुकाबला रायपुर में आयोजित होगा। तीसरा मैच 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाना है।साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की वनडे टीमः रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, केएल राहुल, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, ऋतुराज गायकवाड़, हर्षित राणा, ध्रुव जुरेल, प्रसिद्ध कृष्णा और अर्शदीप सिंह।

लाइफस्टाइल

सेहत : कहीं आप रेनॉड्स सिंड्रोम के शिकार तो नहीं, सर्द मौसम में ध्यान देना जरूरी

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ठंड में कइयों के हाथ-पैर अचानक बर्फ जैसे ठंडे पड़ जाते हैं, रंग बदल जाता है और कुछ समय तक कुछ महसूस ही नहीं होता है। अक्सर इसे लोग सामान्य ठंड समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह एक खास मेडिकल स्थिति भी हो सकती है, जिसे रेनॉड्स सिंड्रोम कहते हैं।सरल भाषा में कहें तो ठंडी हवा या तनाव के कारण हाथ-पैर की छोटी रक्त नलिकाएं अचानक बहुत ज्यादा सिकुड़ जाती हैं। जैसे ही खून का बहाव कम होता है, अंगों का रंग पहले सफेद, फिर नीला और बाद में लाल हो जाता है। इस दौरान ये सुन्न पड़ जाते हैं।यह शरीर की एक ऐसी प्रतिक्रिया है जो ठंड से खुद को बचाने के लिए होती है, लेकिन कुछ लोगों में यह जरूरत से ज्यादा तीव्र हो जाती है। महिलाएं पुरुषों की तुलना में इससे ज्यादा प्रभावित होती हैं, और यह समस्या प्रायः किशोरावस्था या युवावस्था में शुरू होती है। भावनात्मक तनाव भी इसका एक बड़ा कारण हो सकता हैकृजब मन घबराता है, शरीर की नसें सिकुड़ सकती हैं और उंगलियां ठंडी पड़ सकती हैं।वैज्ञानिकों ने इसकी दो किस्में बताई हैं। पहली, प्राइमरी रेनॉड्सकृजो अपने आप होती है और गंभीर नहीं मानी जाती। दूसरी, सेकेंड्री रेनॉड्सकृजो किसी अन्य बीमारी जैसे स्क्लेरोडर्मा या ल्युपस से जुड़ी हो सकती है और कभी-कभी उंगलियों में घाव का कारण भी बन सकती है। इसलिए अगर यह अक्सर और बहुत तीव्र रूप से हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।एक महत्वपूर्ण अध्ययन (2023),लैंसेट रूमेटोलॉजी में प्रकाशित हुआ, जिसमें पाया गया कि जिन मरीजों में सेकेंड्री रेनॉड्स होता है, उनमें माइक्रोवेस्कुलर (बहुत छोटी रक्त नलिकाओं) को होने वाली क्षति जल्दी पकड़ में आ जाती है। शुरुआती पहचान से गंभीर जटिलताओं को रोका जा सकता है। एक और स्टडी, जो जर्नल ऑफ ऑटोइम्युनिटी में छपी, इस बात पर जोर देती है कि रेनॉड्स कई बार ऑटोइम्यून रोगों का पहला संकेत हो सकता है, इसलिए इसे हल्के में लेना उचित नहीं।दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं, जैसे सर्दी से बचाव के लिए हमेशा दस्ताने और गर्म मोजे पहनना, अचानक तापमान परिवर्तन से बचना, धूम्रपान छोड़ना, तनाव कम करना और ऐसी चीजों से दूर रहना जिनमें हाथों पर कंपन ज्यादा पड़ता हो। कुछ लोगों को गर्म पानी में हाथ-पैरों को डुबोना तुरंत राहत देता है। जिन मरीजों में यह अधिक गंभीर होता है, डॉक्टर ब्लड वेसल्स फैलाने वाली दवाइयां देते हैं ताकि खून का प्रवाह ठीक बना रहे।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समस्या को शर्म या नजरअंदाज करने की चीज न समझें। यदि हाथ-पैर बार-बार सफेद-नीले हो रहे हों, दर्द व सुन्न-पन लंबे समय तक बना रहे या त्वचा पर घाव बनने लगें, तो यह संकेत है कि शरीर किसी बड़ी दिक्कत की ओर इशारा कर रहा है। समय पर जांच और सही देखभाल से रेनॉड्स पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है और सामान्य जीवन जिया जा सकता है।

राजनीती

बिहार में मफियाओं पर होगा करारा प्रहार : डिप्टी सीएम की चेतावनी, किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा ऐसे अपराधियों को

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पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बढ़ते अपराध पर लगाम लगाने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तैयारी के साथ अपराधियों के खिलाफ उतर चुकी है और आने वाले कुछ दिनों में इसका असर साफ दिखने लगेगा।सम्राट चौधरी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि शराब, बालू और जमीन से जुड़े माफियाओं पर कड़ा प्रहार किया जाएगा। उन्होंने कहा, “इन तीन तरह के माफियाओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।” सरकार की ओर से अब तक 400 अपराधियों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी जल्द गिरफ्तारी होगी। इसके अतिरिक्त 1,200 और अपराधियों की सूची तैयार की गई है, जिन्हें शीघ्र ही जेल भेजा जाएगा।बिहार में व्यापक पैमाने पर लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरेउन्होंने बताया कि पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और व्यापक निगरानी नेटवर्क विकसित किया जाएगा ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। सम्राट चैधरी के अनुसार, “कोई भी अपराधी इन कैमरों से बच नहीं पाएगा। कोर्ट के आदेशों के बाद शराब, बालू और जमीन माफिया का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा।”शिक्षण संस्थाओं के बाहर भी पुलिस की रहेगी पैनी नजरसम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू किए गए सुशासन के मॉडल को और मजबूत व विस्तारित किया जाएगा। शैक्षणिक संस्थानों के बाहर भी पुलिस की सख्त निगरानी रहेगी। उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेज के पास छेड़छाड़ या “रोमियो जैसी हरकतों” को रोकने के लिए विशेष बल तैनात किया जाएगा और स्कूल समय में विशेष अभियान चलाए जाएंगे ताकि छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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