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गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न : ‘बॉर्डर’ से ‘इक्कीस’ तक, देखें भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती ये वॉर फिल्में

‘बॉर्डर’ से ‘इक्कीस’ तक, देखें भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती ये वॉर फिल्में

मुंबई । गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है। इस दिन हम वीर सैनिकों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा की। बॉलीवुड की फिल्मों में युद्ध के कठिन हालात, सेना के साहस और बलिदान की कहानियों को शानदार तरीके से दिखाया गया है, जो दर्शकों को रोमांचित करने के साथ-साथ भावुक भी करती है। इसी कड़ी में कई वॉर-ड्रामा फिल्में हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर अपने परिवार के साथ देखना बेहतरीन अनुभव साबित होता है। 'बॉर्डर'- साल 1997 में जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' रिलीज हुई थी, जिसे बॉलीवुड में एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी बताती है, जहां 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं। फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में थे। युद्ध के बीच सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा बड़े ही रोमांचक अंदाज में पर्दे पर दिखाई गई। 'बॉर्डर' ने दर्शकों को भावुक किया और उस साल की बड़ी हिट भी रही। इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसकी सीक्वल 'बॉर्डर 2' रिलीज हुई। इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है।'एलओसी कारगिल'—साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म 'एलओसी कारगिल' बनाई थी। यह फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी। इसमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कलाकार शामिल थे। फिल्म ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इसमें कारगिल युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'—2019 में आई 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' एक नई तरह की वॉर फिल्म थी। आदित्य धर ने इस फिल्म का लेखन और निर्देशन किया। यह 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया और फिल्म ने अपने रिलीज के समय काफी चर्चा बटोरी। इसे दर्शकों ने न केवल पसंद किया, बल्कि यह साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक बन गई।'शेरशाह': साल 2021 में सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'शेरशाह' रिलीज हुई। यह मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक थी, जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश के खातिर अपनी जान दे दी थी। फिल्म के जरिए दर्शकों को उनकी बहादुरी और देशभक्ति का अनुभव कराया गया। विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित यह फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है, बल्कि दर्शकों में देशभक्ति की भावना भी भर देती है।'इक्कीस': साल 2026 की शुरुआत में आई 'इक्कीस' फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित थी। यह धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थी। 'इक्कीस' सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताती, बल्कि युद्ध के दर्द, सैनिकों के संघर्ष और उनके साहस को भी दर्शाती है।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का जश्न : ‘बॉर्डर’ से ‘इक्कीस’ तक, देखें भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती ये वॉर फिल्में

‘बॉर्डर’ से ‘इक्कीस’ तक, देखें भारतीय सेना के शौर्य को सलाम करती ये वॉर फिल्में

मुंबई । गणतंत्र दिवस का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और देशभक्ति का प्रतीक है। इस दिन हम वीर सैनिकों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सीमाओं की रक्षा की। बॉलीवुड की फिल्मों में युद्ध के कठिन हालात, सेना के साहस और बलिदान की कहानियों को शानदार तरीके से दिखाया गया है, जो दर्शकों को रोमांचित करने के साथ-साथ भावुक भी करती है। इसी कड़ी में कई वॉर-ड्रामा फिल्में हैं, जिन्हें गणतंत्र दिवस पर अपने परिवार के साथ देखना बेहतरीन अनुभव साबित होता है। 'बॉर्डर'- साल 1997 में जेपी दत्ता की फिल्म 'बॉर्डर' रिलीज हुई थी, जिसे बॉलीवुड में एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान राजस्थान के लोंगेवाला पोस्ट की कहानी बताती है, जहां 120 भारतीय सैनिक अपनी पोस्ट की रक्षा करते हैं। फिल्म में सनी देओल, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और अक्षय खन्ना जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में थे। युद्ध के बीच सैनिकों की हिम्मत, दोस्ती और देशभक्ति का जज्बा बड़े ही रोमांचक अंदाज में पर्दे पर दिखाई गई। 'बॉर्डर' ने दर्शकों को भावुक किया और उस साल की बड़ी हिट भी रही। इस कड़ी में बीते शुक्रवार इसकी सीक्वल 'बॉर्डर 2' रिलीज हुई। इसमें सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी ने आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ऑफिसर्स की भूमिका निभाई है।'एलओसी कारगिल'—साल 2003 में जेपी दत्ता ने एक और वॉर-ड्रामा फिल्म 'एलओसी कारगिल' बनाई थी। यह फिल्म भारतीय सेना के ऑपरेशन विजय पर आधारित थी। इसमें संजय दत्त, अभिषेक बच्चन और अजय देवगन जैसे कलाकार शामिल थे। फिल्म ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया। इसमें कारगिल युद्ध की कठिनाइयों और सैनिकों की बहादुरी को बड़े ही प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया।'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'—2019 में आई 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' एक नई तरह की वॉर फिल्म थी। आदित्य धर ने इस फिल्म का लेखन और निर्देशन किया। यह 2016 में पाकिस्तान में आतंकियों के ठिकानों पर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित थी। विक्की कौशल ने मेजर विहान सिंह शेरगिल का किरदार निभाया और फिल्म ने अपने रिलीज के समय काफी चर्चा बटोरी। इसे दर्शकों ने न केवल पसंद किया, बल्कि यह साल की सबसे हिट फिल्मों में से एक बन गई।'शेरशाह': साल 2021 में सिद्धार्थ मल्होत्रा की 'शेरशाह' रिलीज हुई। यह मेजर विक्रम बत्रा की बायोपिक थी, जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश के खातिर अपनी जान दे दी थी। फिल्म के जरिए दर्शकों को उनकी बहादुरी और देशभक्ति का अनुभव कराया गया। विष्णुवर्धन द्वारा निर्देशित यह फिल्म न केवल भावनाओं को छूती है, बल्कि दर्शकों में देशभक्ति की भावना भी भर देती है।'इक्कीस': साल 2026 की शुरुआत में आई 'इक्कीस' फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभाई। यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और परमवीर चक्र विजेता अरुण खेत्रपाल के बलिदान पर आधारित थी। यह धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म थी। 'इक्कीस' सिर्फ युद्ध की कहानी नहीं बताती, बल्कि युद्ध के दर्द, सैनिकों के संघर्ष और उनके साहस को भी दर्शाती है।

बिज़नेस

सोन-चांदी की कीमतों पर नहीं लग रही लगाम : कीमती धातुओं ने बनाया एक और रिकार्ड, गोल्ड में 4%का आया उछाल, 3.30 लाख के पार पहुंची सिल्वर

कीमती धातुओं ने बनाया एक और रिकार्ड, गोल्ड में 4%का आया उछाल, 3.30 लाख के पार पहुंची सिल्वर

नई दिल्ली। कीमती धातुओं की भाव आसमान छूते जा रहे हैं। बुधवार को सोने की कीमतों में 4 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल देखने को मिली और यह एक बार फिर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया। चांदी ने भी अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नया उच्चतम स्तर छू लिया। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार संघर्ष बढ़ने और डॉलर के कमजोर होने की आशंका के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्प यानी सोने-चांदी का रुख कर रहे हैं। बुधवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स पर गोल्ड फरवरी वायदा 1,58,339 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,35,000 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.50 बजे) एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 7,363 रुपए यानी 4.89 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,57,928 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। जबकि, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,499 रुपए यानी 3.24 प्रतिशत चढ़कर 3,34,171 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने बनाया नया रिकॉर्ड अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया। कॉमेक्स पर अमेरिकी सोना 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमतें 92.5 से 95.7 डॉलर के दायरे में बनी रहीं। कीमतों में यह तेजी उस खबर के बाद आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। साथ ही जून तक इन टैरिफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है। इसके जवाब में यूरोपीय देश भी अमेरिका के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।चांदी का भविष्य दिख रहा मजबूतविशेषज्ञों का कहना है कि मध्यम और लंबी अवधि में चांदी का भविष्य काफी मजबूत दिख रहा है। सप्लाई की कमी और उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण 2026 तक चांदी की कीमत 110 से 120 डॉलर तक जा सकती है। एमसीएक्स पर चांदी के फ्यूचर्स में फिलहाल 3,30,000 से 3,32,000 रुपए का स्तर अहम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह कीमत 3,35,000 से 3,50,000 रुपए प्रति किलो तक भी जा सकती है।

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कैजुअल लुक में airport पर स्पॉट हुईं Kareena Kapoor #entertainment #bollywood #viral #trending

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Traditional outfit में जुहू में स्पॉट हुईं Hansika Motwani #entertainment #southindian #bollywood

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फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे अंधेरा है #tv27newsdigital #entertainment #viralfeed #viral

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Reality Show से पहले Shiny पहुंची Siddhivinayak #tv27newsdigital #entertainment #viralfeed #news

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लोकतंत्र पर सिनेमा की चुप्पी  #tv27newsdigital #trending #latestnews #news #politicalnews #republic

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वसंत पंचमी और नमाज पर सुप्रीम कोर्ट बड़ा आदेश #politicalnews #trending #news #viralfeed #latestnews

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खेल

आईसीसी से मुंह की खाकर पाक की अक्ल आई ठिकाने : पीसीबी बोला- टी-20 विश्व कप से नहीं हटेंगे पीछे

पीसीबी बोला- टी-20 विश्व कप से नहीं हटेंगे पीछे

मुंबई। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के उस फैसले से पाकिस्तान में निराशा देखी जा रही है, जिसमें बांग्लादेश के आगामी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप के मैच तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में ही कराने का निर्णय लिया गया है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर बांग्लादेश का समर्थन जरूर कर रहा है, लेकिन टूर्नामेंट से हटने पर किसी भी तरह से विचार नहीं किया जा रहा है।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों को भारत से हटाकर श्रीलंका में कराने की मांग की थी, लेकिन आईसीसी ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। इस फैसले के बाद पाकिस्तान के कुछ पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट से जुड़े लोगों ने नाराजगी जताई। टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सूत्रों ने कहा, ष्पाकिस्तान ने सिद्धांत के तौर पर बांग्लादेश का समर्थन किया, क्योंकि भारत की जिद पर पाकिस्तान के मैच पाकिस्तान से हटाकर दुबई में कराए गए थे, लेकिन जब बांग्लादेश ने उसी आधार पर अपनी बात रखी, तो उसे स्वीकार नहीं किया गया, जो निराशाजनक है।पाक का टूर्नामेंट से हटना नहीं रहा विकल्पसूत्रों ने यह भी साफ किया कि पाकिस्तान इस मुद्दे पर अलग-अलग विकल्पों पर विचार जरूर कर रहा है, लेकिन टूर्नामेंट से हटना कभी भी एक विकल्प नहीं रहा है। सूत्रों ने बताया, पाकिस्तान के अधिकारी समझते हैं कि उनके पास इवेंट का बहिष्कार करने का कोई ठोस कारण नहीं है, क्योंकि वे पहले से ही एक न्यूट्रल वेन्यू पर खेल रहे हैं, जहां उन्हें किसी तरह की सुरक्षा चिंता नहीं है।ज्यादातर खबरें अफवाहों पर थी आधारितरिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कभी टूर्नामेंट से हटने की धमकी नहीं दी। सोशल मीडिया पर चल रही ज्यादातर खबरें अफवाहों पर आधारित थीं। इस बीच, पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आईसीसी का यह निर्णय अपेक्षित था।अकमल ने आईसीसी पर लगाया पक्षपाक्ष का आरोपअकमल ने टेलीकॉम एशिया से कहा, आईसीसी के ज्यादातर फैसले भारत के पक्ष में होते हैं। सदस्य देशों के साथ बराबरी का व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत की इच्छा को मान लिया गया, क्योंकि वह आईसीसी के लिए बड़ा राजस्व उत्पन्न करता है। अकमल के अनुसार, 2023 एशिया कप को भी हाइब्रिड मॉडल पर आयोजित कराने में भारत की भूमिका अहम रही थी।आईसीसी का फैसला मुश्किल भराहालांकि, अकमल ने यह भी माना कि इस मामले में भी आईसीसी का फैसला मुश्किल भरा था। शेड्यूल पहले ही तय हो चुका था और इस समय उसे बदलना आसान नहीं था। पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से 8 मार्च तक किया जाएगा।

लाइफस्टाइल

बसंत पंचमी : बुद्धि-विद्या की देवी माता सरस्वती की आराधना का दिन, मां को सबसे प्रिय हैं पीली वस्तुएं

बुद्धि-विद्या की देवी माता सरस्वती की आराधना का दिन, मां को सबसे प्रिय हैं पीली वस्तुएं

नई दिल्ली। बसंत पंचमी हिंदू कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन ज्ञान, संगीत, कला और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित है। बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक होने के साथ ही यह श्री पंचमी या सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु अज्ञानता, आलस्य और सुस्ती से मुक्ति पाने के लिए मां सरस्वती की उपासना करते हैं। कई जगह छोटे बच्चों का बसंत पंचमी के दिन ही पहला अक्षर लिखवाने या विद्या आरंभ की परंपरा है। वहीं, स्कूलों में सुबह सरस्वती पूजा का आयोजन होता है। दृक पंचांग के अनुसार, 22 जनवरी की देर रात 1 बजकर 46 मिनट पर पंचमी तिथि शुरू होगी और अगले दिन तक रहेगी। नक्षत्र पूर्व भाद्रपद दोपहर 2 बजकर 33 बजे तक है, उसके बाद उत्तर भाद्रपद शुरू होगा। चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर करेंगे। सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर मिनट पर होगा। पूरे दिन पंचक रहेगा।वहीं, राहुकाल सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक है। इस दौरान कोई भी शुभ या नया कार्य न करें। अन्य अशुभ समय में यमगंड 3 बजकर 13 मिनट से 4 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक माना गया है। यह समय स्वयं सिद्ध मुहूर्त है, जिसमें पूजा करना अत्यंत फलदायी होता है।शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक, अभिजीत मुहूर्त 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 54 मिनट तक और विजय मुहूर्त 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 2 मिनट तक है।बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की उपासना का विशेष विधान है। सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र (विशेषकर पीले रंग के) पहनें। पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। लकड़ी की चैकी पर पीला वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती का ध्यान करें। सबसे पहले गणपति की पूजा पहले करें। मां को गंगाजल से स्नान कराएं, फिर चंदन, रोली, कुमकुम, अक्षत और सिंदूर का तिलक लगाएं। पीले फूलों की माला, आम के पत्ते और शृंगार सामग्री अर्पित करें। पुस्तकें, कलम और वाद्य यंत्र उनके समक्ष रखें। पूजन के बाद ओम ऐं सरस्वत्यै नमः का कम से कम 108 बार जप करें। माता की आरती उतारें और भोग लगाएं।मां सरस्वती को पीले रंग की चीजें प्रिय हैं। भोग में केसर युक्त हलवा, मालपुआ, बूंदी के लड्डू, केसरिया चावल, दूध से बनी मिठाई, तिल के लड्डू, पके केले, नारियल और पीली मिठाई, मालपुआ चढ़ाएं। फल, पीले फूल और गुलाल उनके चरणों में जरूर लगाएं।

राजनीती

77वां गणतंत्र दिवसः देश भक्ति के रंग में डूबा मप्र : राज्यपाल ने राजधानी में तो मोहन ने शिप्रा के तट पर फहराया तिरंगा, कई बड़ी घोषणाओं के साथ किए दावे भी

राज्यपाल ने राजधानी में तो मोहन ने शिप्रा के तट पर फहराया तिरंगा, कई बड़ी घोषणाओं के साथ किए दावे भी

भोपाल/उज्जैन। 26 जनवरी को राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गणतंत्र दिवस की धूम देखने को मिल रही है। शहर-चैराहा, गली जहां भी देखो तिरंगा लहरा रहा था। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने तिरंगा फहराया। वहीं मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित शिप्रा के तट पर ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इसके अलावा मंत्री, विधायक, अफसरों ने भी तय स्थान पर झंडा वंदन किया हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में झंडा फहरा कर 22 प्लाटून की संयुक्त परेड की सलामी ली। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड ने राष्ट्रगान की प्रस्तुति दी। हर्ष फायर के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी गई। समारोह में सशस्त्र बलों और पुलिस की संयुक्त परेड का आयोजन हुआ। जिसमें अलग-अलग बलों की कुल 23 टुकड़ियां शामिल हुई। परेड में अश्वारोही दल और श्वान दस्ता भी शामिल रहा।77वें गणतंत्र दिवस पर उज्जैन ने रचा नया इतिहासवहीं 77वें गणतंत्र दिवस पर उज्जैन ने नया इतिहास रच दिया। पहली बार प्रदेश के किसी मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी के किनारे राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री ने कार्तिक मेला ग्राउंड पर परेड की सलामी ली और आमजन को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।सीएम ने की विकास से जुड़ी कई बड़ी घोषणाएंपरेड के बाद मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा- इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर मेट्रोपॉलिटन सिटी विकसित की जा रही है। सांदीपनि आश्रम को विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा- उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट की जल्द शुरुआत होगी और उज्जैन एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।पात्र हितग्राहियों को 106 योजनाओं का मिल रहा लाभमुख्यमंत्री ने कहा- सरकार ने डेढ़ लाख से अधिक लोगों को विधिक सहायता दी है और स्कूलों की ड्रॉप-आउट दर को शून्य प्रतिशत तक लाने का दावा किया है। उन्होंने कहा- जनकल्याण योजना के तहत 106 प्रकार की योजनाओं का लाभ शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को दिया गया है।लाड़ली बहनों को अब तक दिए जा चुके हैं 50 हजार करोड़लाडली बहना योजना के तहत अब महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह दिए जा रहे हैं। बीते दो वर्षों में इस योजना के तहत करीब 50 हजार करोड़ रुपए बांटे जा चुके हैं। महिला सम्मान को बढ़ावा देने के लिए क्रांति गोंड को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दिए जाने की भी जानकारी दी गई।

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