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मऊगंज के जमीनी विवाद ने लिया रहमस्यी मोड़ : मामले में हुई चौंकाने वाली एंट्री, पढ़ें खबर

मामले में हुई चौंकाने वाली एंट्री, पढ़ें खबर

मऊगंज। मध्यप्रदेश के मऊगंज का जमीनी विवाद अब एक रहस्यमयी मोड़ ले चुका है। सत्ताधारी दल के विधायक प्रदीप पटेल पिछले 23 दिनों से अज्ञातवास पर हैं और अपनी ही सरकार में खुद को असुरक्षित बता रहे हैं, लेकिन अब इस मामले में एक और चौंकाने वाली एंट्री हुई है। विवाद के दूसरे पक्ष अनिल पांडे उर्फ लल्लू पांडे पिछले 36 घंटे से लापता बताए जा रहे हैं। उनके परिजनों ने सीधे तौर पर विधायक प्रदीप पटेल और कांग्रेस नेता विनोद मिश्रा पर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायती पत्र दिया है। आखिर इस बेशकीमती जमीन के खेल में कौन किसे डरा रहा है ?टहलने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटेमऊगंज की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर अब लापता होने की शिकायतों में बदल गया है। कल देर शाम अनिल पांडे के भाई अनुपेंद्र पांडे ने मऊगंज थाने पहुंचकर एक लिखित आवेदन दिया। शिकायत में कहा गया है कि उनके भाई अनिल पांडे उर्फ लल्लू रात 9 बजे टहलने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों का सीधा आरोप है कि विधायक प्रदीप पटेल और विनोद मिश्रा द्वारा जमीन हड़पने की कोशिशों के कारण लल्लू पांडे भारी तनाव में थे।विधायक प्रदीप के विवादित जमीन पर धरने पर बैठने से बिगड़ा मामलाअसल में यह पूरा विवाद विनोद मिश्रा और लल्लू पांडे के बीच था। लेकिन 4 जनवरी की रात जब विधायक प्रदीप पटेल अचानक इस विवादित जमीन पर धरने पर बैठ गए, तो मामला बिगड़ गया। उस रात लल्लू पांडे ने आत्मदाह की कोशिश की थी, और अब उनके गायब होने से इलाके में तनाव और बढ़ गया है। परिजनों को डर है कि जमीन विवाद के चलते उनके साथ कोई अप्रिय घटना घट सकती है।एमएलए ने बताया ‘मूसा गैंग’ से जान का खतराएक तरफ लल्लू पांडे का परिवार विधायक पर दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ विधायक प्रदीप पटेल का दावा बिल्कुल उलट है। विधायक का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को ‘मूसा गैंग’ से जान का खतरा है। पिछले 23 दिनों से विधायक का मोबाइल बंद है, उन्होंने अपनी सुरक्षा छोड़ दी है और उनके नाती अर्जुन पटेल घर में अंदर से शटर में ताला बंद करके कैद होकर रह रहे हैं।एसपी ने नकारामऊगंज पुलिस के लिए यह मामला अब सिरदर्द बन चुका है। एसपी दिलीप सोनी ‘मूसा गैंग’ के अस्तित्व को नकार रहे हैं, लेकिन विधायक के डर और अब दूसरे पक्ष के व्यक्ति के लापता होना अब पुलिस के चुनौती बन गया है। आखिर सत्य क्या है ? क्या वाकई विधायक खतरे में हैं या फिर लल्लू पांडे का लापता होना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है ? विधायक प्रदीप पटेल का अज्ञातवास और अनिल पांडे की गुमशुदगी- ये दोनों घटनाएं अब मऊगंज प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। अब देखना होगा कि पुलिस इस उलझी हुई गुत्थी को कब तक सुलझा पाती है।

पॉडकास्ट

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

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Podcast E124

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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आज की बुलेटिन 26 June

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आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

'अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे!' : झकझोर देगा 'द केरल स्टोरी 2' का टीजर

झकझोर देगा 'द केरल स्टोरी 2' का टीजर

मुंबई । फिल्ममेकर विपुल अमृतलाल शाह की आने वाली फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोइज बियॉन्ड' का टीजर रिलीज हो चुका है। यह फिल्म पहली 'द केरल स्टोरी' की कहानी को आगे बढ़ाती है और सामाजिक मुद्दों को बड़े पर्दे पर उतारने का बड़ा प्रयास है। इस बार कहानी संवेदनशील के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण और भावनाओं से भरी है। फिल्म का टीजर दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देगा। टीजर में दिखाया गया है कि तीन हिंदू लड़कियों की जिंदगी अचानक बदल जाती है। इन लड़कियों की भूमिका उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया ने निभाई है। कहानी में तीनों का मुस्लिम लड़कों से प्यार और संबंध दिखाया गया है, लेकिन धीरे-धीरे यह पता चलता है कि इनके रिश्तों के पीछे एक गहरी साजिश है। प्यार और विश्वास के रिश्ते धीरे-धीरे धोखे और धर्म परिवर्तन की जटिलताओं में बदल जाते हैं।टीजर में उल्का, ऐश्वर्या और अदिति हिजाब पहने अपना दर्द बयां करती हैं कि कैसे उन्हें प्यार के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन किया गया, लेकिन इस बार वह सिर्फ हालात का शिकार बनकर नहीं रहेंगी, बल्कि सवाल करेंगी, आवाज उठाएंगी और अपने साथ हुए धोखे का जवाब देंगी। टीजर के आखिर में एक डायलॉग सुनाई देता है- 'अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे।' विपुल अमृतलाल शाह के प्रोडक्शन में बनी इस फिल्म को आशीष ए. शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है। वहीं निर्देशन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कामाख्या नारायण सिंह ने संभाली है।'द केरला स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म के पहले पार्ट यानी 'द केरल स्टोरी' में अदा शर्मा, योगिता बिहानी और सिद्धि इदनानी लीड रोल में थीं, जिन्होंने केरल की तीन हिंदू लड़कियों शालिनी, नीमा और गीतांजलि की भूमिका निभाई थी। वह इस्लाम में परिवर्तित करने के एक गुप्त एजेंडा का शिकार हो जाती है। इसके बाद उन्हें आईएसआईएस आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान भेजा जाता है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की थी।

बिज़नेस

कीमती धातुओं ने फिर बनाया नया रिकार्ड : 3.20 लाख के करीब पहुंची सिल्वर, गोल्ड की कीमतों भी आया तेज उछाल

3.20 लाख के करीब पहुंची सिल्वर, गोल्ड की कीमतों भी आया तेज उछाल

मुंबई। बढ़ते वैश्विक तनावों के बीच सोने और चांदी ने मंगलवार के कारोबारी सत्र में एक और नया रिकॉर्ड बना लिया है। एमसीएक्स पर कीमती धातुओं की कीमतें पिछले दिन के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। गोल्ड फरवरी वायदा 1,47,996 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं सिल्वर मार्च वायदा 3,19,949 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।सोमवार के ट्रेडिंग सेशन में एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना जहां रिकॉर्ड 1,45,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सिल्वर की कीमत 94.320 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। तो वहीं गोल्ड 4,708.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले के सत्र में सोने ने 4,689.39 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।चांदी की कीमतों में 2.35 का आया उछालखबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 1.55 प्रतिशत यानी 2,255 रुपए की तेजी के साथ 1,47,894 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि मार्च डिलीवरी वाली चांदी 7,279 रुपए यानी 2.35 प्रतिशत की उछाल के साथ 3,17,554 रुपए प्रति किलोग्राम पर थी। यह तेजी उस समय आई थी जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नया टैरिफ लगाने का ऐलान किया।ट्रंप की यूरोपीय देशों की धमकी के बाद कीमती धातुओं में आ रहा उछालकीमती धातुओं में यह उछाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड मुद्दे का विरोध करने वाले आठ यूरोपीय देशों पर नए टैरिफ लगाने की धमकी के बाद आई। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बल प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी दोहराया कि यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाले सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी पर वे अमल करेंगे।मांग बढ़ने से कीमती धातुओं की कीमतों में आ रही तेजीविशेषज्ञों के अनुसार, कीमती धातुओं में आई यह तेजी सुरक्षित निवेश के साथ-साथ चांदी की औद्योगिक मांग को भी दिखाती है। चांदी का उपयोग सोलर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है। विश्लेषकों ने कहा कि तकनीकी रूप से कॉमेक्स पर चांदी का रुख अभी मजबूत बना हुआ है। 85 से 88 डॉलर प्रति औंस का स्तर आने वाले समय में कीमतों को सहारा दे सकता है।मुनाफा वसूली के कारण कीमतों में आ सकती है गिरावटऑगमोंट की एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मुनाफावसूली के कारण कीमतों में थोड़ी गिरावट आ सकती है और चांदी 84 डॉलर प्रति औंस या 2,60,000 रुपए प्रति किलो तक आ सकती है, इसके बाद फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि बहुत तेज बढ़त के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर सकते हैं, लेकिन उनका मानना है कि आपूर्ति की चिंताओं और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण लंबे समय में सोने और चांदी का रुझान मजबूत बना रहेगा।

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खेल

इंस्टाग्राम पर फिर लौटे विराट कोहली : अकाउंट डीएक्टिव होने से फैंस के बीच मच गई थी अफरा-तफरी

अकाउंट डीएक्टिव होने से फैंस के बीच मच गई थी अफरा-तफरी

नई दिल्ली। कुछ घंटे गायब रहने के बाद विराट कोहली इंस्टाग्राम पर फिर से लौट आए हैं। उनका इंस्टाग्राम अकाउंट पहले की तरह सार्वजनिक रूप से दिखाई दे रहा है। विराट कोहली का इंस्टाग्राम अकाउंट शुक्रवार की सुबह डीएक्टिवेट हो गया था। इससे उनके फैंस के बीच अफरा-तफरी मच गई थी। दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले एथलीटों में शामिल कोहली का इस तरह सोशल मीडिया से अचानक गायब होना लोगों के लिए चैंकाने वाला था। अकाउंट नजर न आने के कारण सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। विराट कोहली का अकाउंट एक्टिव होने के बाद उनके फैंस खुश हैं। हालांकि, अब तक विराट कोहली, उनकी मैनेजमेंट टीम या इंस्टाग्राम की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अकाउंट जानबूझकर डीएक्टिवेट किया गया था या फिर यह किसी तकनीकी गड़बड़ी का नतीजा था। इसी चुप्पी ने फैंस की चिंता और उत्सुकता दोनों को बढ़ा दिया।फैंस की देखने को मिलीं अलग-अलग प्रतिक्रियाएंकोहली के अकाउंट के अचानक गायब होने पर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ फैंस ने चिंता जताई, तो कई लोगों ने मजाकिया अंदाज में इंस्टाग्राम के आधिकारिक हैंडल को टैग कर सवाल पूछे। विराट कोहली के इंस्टाग्राम से खुद को गायब करने को लेकर फैंस कई तरह के कयास लगा रहे हैं। फैंस का मानना है कि ये पीआर के लिए सोची समझी योजना के तहत उठाया कदम हो सकता है।विराट के फैसले ने डिजिटल वेलनेस को ला दिया चर्चा मेंविराट कोहली के इंस्टाग्राम से दूर रहने के फैसले ने डिजिटल वेलनेस को चर्चा में ला दिया था। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया से भरी रोजमर्रा की जिंदगी के जमाने में, चैबीसों घंटे कनेक्टिविटी को आम बात माना जा रहा है। क्षमता और संपर्क के लिए अपने डिजिटल डिवाइस पर हम जितना भरोसा करते हैं, उतना ही लंबे समय तक स्क्रीन पर रहना मेंटल क्लैरिटी, भावनात्मक स्थिरता और स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। गायब होने की वजह अब भी रहस्यविशेषज्ञों की भाषा में इसे डिजिटल ओवरलोड भी कहा जाता है। इस वजह से मानसिक स्थिरता और दिमाग को रिसेट करने के साथ ही किसी खास चीज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए भी लोग डिजिटल ब्रेक ले रहे हैं। हालांकि, अब विराट कोहली का अकाउंट वापस आ चुका है, लेकिन उसके अचानक गायब होने की वजह अब भी रहस्य बनी हुई है, जिससे फैंस अब भी जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

लाइफस्टाइल

हिन्दू धर्म के लिए बेहद खास है माघ शुक्ल पक्ष की सप्तमी : सूर्य और देवी उपासकों को सभी कष्टों से मिलती है मुक्ति

सूर्य और देवी उपासकों को सभी कष्टों से मिलती है मुक्ति

नई दिल्ली। माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है। गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन के साथ ही इस दिन सूर्य देव की आराधना को समर्पित भानु सप्तमी की विशेष तिथि भी पड़ रही है, जो सूर्य और देवी उपासकों के लिए बेहद खास है। 25 जनवरी को भानु सप्तमी का पर्व है। यह दिन सूर्य देव की विशेष आराधना का है, जब रविवार और शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि का संयोग बनता है तो उसे भानु सप्तमी या रवि सप्तमी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव की पूजा-पाठ विशेष तौर पर फलित होती है और सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और करियर में उन्नति मिलती है। साथ ही शारीरिक-मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है।रविवार को गुप्त नवरात्रि का सातवां दिन भी है। गुप्त नवरात्रि माघ मास में शुक्ल पक्ष में शुरू होती है, जिसमें देवी की गुप्त साधना की जाती है। यह नवरात्रि तंत्र-मंत्र साधकों के लिए विशेष महत्व रखती है। रविवार को भानु सप्तमी पड़ने से यह दिन और भी पुण्यकारी हो गया है।भानु सप्तमी पर सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व है। स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देने, लाल चंदन, रोली, लाल फूल, गुड़, चावल और जल से पूजा करने का विधान है। इसके साथ ही साधक को ओम ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः, घृणि सूर्याय नमरू, सूर्य देवताभ्याम नमरू मंत्र का का कम से कम 108 बार जप करना चाहिए। पूजा के बाद अपनी क्षमता अनुसार दान जैसे गुड़, गेहूं, लाल वस्त्र या तांबे का दान करना शुभ माना जाता है।धार्मिक मान्यता है कि भानु सप्तमी पर सूर्य देव की भक्ति से जातक को नया ऊर्जा मिलती है। करियर में प्रगति होती है, रोगों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। गुप्त नवरात्रि के दिन देवी साधना के साथ सूर्य पूजा करने से दोहरी शक्ति मिलती है।दृक पंचांग के अनुसार, रविवार को शुक्ल सप्तमी तिथि रात 11 बजकर 10 मिनट तक रहेगी। रेवती नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 35 मिनट तक है, उसके बाद अश्विनी शुरू होगा। चंद्रमा मीन राशि में संचार करेंगे। वहीं, सूर्योदय 7 बजकर 13 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 54 मिनट पर होगा।किसी भी शुभ या नए कार्य से पहले मुहूर्त का विचार महत्वपूर्ण है। रविवार को राहुकाल दोपहर 4 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा, इस दौरान कोई शुभ कार्य न करें। अन्य अशुभ समय जैसे यमगंड दोपहर 12 बजकर 34 मिनट से 1 बजकर 54 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 14 मिनट से 4 बजकर 34 मिनट तक है।पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक है।

राजनीती

अजीत पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र सियासी रस्साकसी हुई तेज : दादा के करीबी ने किया चौंकाने वाला खुलासा, अहम विभागों पर पकड़ बनाए रखने NCP नेताओं ने CM से की गुफ्तगू

दादा के करीबी ने किया चौंकाने  वाला खुलासा, अहम विभागों पर पकड़ बनाए रखने NCP नेताओं ने CM से की गुफ्तगू

मुंबई। महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार का 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। गुरुवार को बारामती में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इन सबके बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां उनके एक करीबी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया है वो जल्द एनसीपी के दोनों गुटों का विलय करने जा रहे थे।वहीं एनसीपी के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास वर्षा पर पहुंचकर अहम मुलाकात की है। पार्टी का अहम मकसद कैबिनेट में अजित पवार के पास रहे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी पकड़ बनाए रखना है। सूत्रों की मानें तो अजित पवार के निधन से पैदा हुए खालीपन को भरने के लिए एनसीपी के दिग्गज नेताओं ने मुख्यमंत्री से लंबी चर्चा की। एनसीपी नेताओं ने इस बात पर दिया जोरप्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के पास रहे विभागों का प्रभार किसी अन्य सहयोगी दल को नहीं जाना चाहिए। यह मीटिंग न केवल प्रशासनिक कामकाज सुचारू रखने के लिए थी, बल्कि पार्टी के अंदर भविष्य के नेतृत्व को लेकर संकेत देने की भी एक कोशिश मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो एनसीपी नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री को एक औपचारिक पत्र सौंपने वाला है, जिसमें मांग की जाएगी कि अजित पवार के पुराने विभाग- वित्त, राज्य उत्पाद शुल्क और खेल विभाग पूरी तरह से एनसीपी के कोटे में ही रखे जाएं। पार्टी का मानना है कि गठबंधन सरकार में शक्ति संतुलन बनाए रखने के लिए इन मंत्रालयों का एनसीपी के पास रहना जरूरी है। मुख्यमंत्री और गठबंधन सहयोगियों के बीच इन विभागों की कमान किसे सौंपी जाए, इसे लेकर गहन मंथन जारी है।भारी-भरकम विभागों पर नजरअजित पवार के पास वित्त और राज्य उत्पाद शुल्क जैसे बेहद शक्तिशाली मंत्रालय थे। इन विभागों के जरिए राज्य की तिजोरी और राजस्व पर सीधा नियंत्रण रहता है। एनसीपी की चिंता यह है कि अगर ये विभाग किसी और दल के पास चले गए, तो गठबंधन में पार्टी का प्रभाव कम हो सकता है। इसीलिए पार्टी अब लिखित रूप में इन मंत्रालयों पर अपना दावा पेश करने की तैयारी में है, जिससे भविष्य में किसी विवाद की गुंजाइश न रहे।अजीत पवार की आखिरी इच्छा का करीबी ने किया खुलासाइधर बारामती में विद्या प्रतिष्ठान के सदस्य और पवार परिवार के करीबी किरण गुजर ने कहा, आज यहां अजित पवार की अस्थियों का विसर्जन किया गया। दादा की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुटों का विलय हो। सभी को एकजुट होना चाहिए। इस बारे में पूरे परिवार में बात हो रही थी। उनसे मेरी आखिरी फोन कॉल में उन्होंने मुझसे चुनाव से जुड़े कुछ कागजात मांगे थे।करीबी सहयोगी किरण गुजर का बड़ा खुलासादिवंगत अजित पवार के करीबी किरण गुजर ने दावा किया कि वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के विलय के लिए उत्सुक थे, और यह जल्द ही होने वाला था। दिग्गज नेता के निधन के दो दिन बाद उनके किरण गुजर ने बताया कि उनसे यह बात खुद अजित पवार ने साझा की थी। विमान हादसे से पांच दिन पहले बताया था1980 के दशक के मध्य में राजनीति में आने से पहले से ही किरण गुजर अजित पवार से जुड़े हुए थे। वो दिवंगत नेता के करीबी सहयोगी और विश्वसनीय सहयोगी थे। अब किरण गुजर ने गुरुवार (29 जनवरी) को न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि अजित पवार ने बुधवार (28 जनवरी) को विमान दुर्घटना से सिर्फ पांच दिन पहले ही उन्हें इस बारे में बताया था।

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