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आई-पैक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : ईडी ने दीदी पर लगाए दस्तावेज चोरी के आरोप, डीजीपी को भी कटघरे में किया खड़ा

ईडी ने दीदी पर लगाए दस्तावेज चोरी के आरोप, डीजीपी को भी कटघरे में किया खड़ा

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आई-पैक छापेमारी मामले में आरोप लगाए हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दस्तावेजों की चोरी की। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं आरोपी हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने सहयोगी की भूमिका निभाई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ईडी के अधिकारियों को छापे वाली जगह पर कुछ दस्तावेजों के बारे में सूचना मिली थी, जो जांच के दायरे में हैं। स्थानीय पुलिस को छापेमारी की जानकारी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने गैरकानूनी तरीके से छापे की जगह पहुंचकर दस्तावेजों की चोरी की। उन्होंने मांग की कि कोर्ट को ऐसा आदेश देना चाहिए ताकि जांच में बाधा डालने वाले अधिकारियों के लिए एक नजीर बन सकेममता बनर्जी प आरोपएसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में ईडी का पक्ष करते हुए कहा कि छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री परिसर में घुसीं और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करते हुए उन्होंने सभी डिजिटल डिवाइस और तीन आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में लिए और दोपहर 12ः15 बजे चली गईं। सीएम समेत सभी की हिम्मत हुई कि वे जांच से जुड़े दस्तावेज अपने साथ चोरी करके ले गए।एएसजी ने बंगाल पुलिस की भूमिका पर उठाए सवालएएसजी एसवी राजू ने मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर की मांग की। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक संज्ञेय अपराध का होना जरूरी है। एफआईआर के लिए संज्ञेय अपराध का प्रथम दृष्टया मामला ही काफी है। यह चोरी और लूट का मामला है। इसके साथ ही, एएसजी राजू ने पश्चिम बंगाल पुलिस की सहयोगी भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सीबीआई से जांच कराने का आदेश देने की मांग की।टीएमसी की ओर से सिब्बल ने रखा पक्षसुप्रीम कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने सवाल उठाए, आई-पैक के पास पार्टी का सारा चुनावी गोपनीय डाटा है और वह सब वहीं रखा हुआ है। उम्मीदवारों के बारे में बहुत सारी जानकारी होगी। चुनाव के बीच में वहां ईडी क्यों गई? कोयला घोटाले में आखिरी बयान 24 फरवरी, 2024 को रिकॉर्ड किया गया था। तब से ईडी क्या कर रही थी? चुनाव के बीच में इतनी दिलचस्पी क्यों?ममता पर लगे आरोपों को सिब्बल ने किया खारिजकपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी के दस्तावेज चोरी के आरोपों को खारिज किया। सिब्बल ने कहा, ईडी सुबह 6ः20 बजे पहुंची थी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर 12 बजे आईं। वे 12ः15 बजे चली गईं। ममता बनर्जी के ऊपर आरोप लगाया गया है कि वे सारे डिवाइस लेकर गईं, लेकिन यह गलत है। मुख्यमंत्री सिर्फ अपना लैपटॉप और आईफोन ही ले गई थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट लंच के बाद दोबारा सुनवाई करेगा।

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नरक चतुर्दशी विशेष

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पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

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गुप्त नवरात्री पर विशेष

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आज की बुलेटिन 28 June

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'मेरी तुलना ओम पुरी से करना संभव नहीं' : 'फ्रीडम एट मिडनाइट 2' में कैमियों को लेकर बोले अभिषेक बनर्जी

'फ्रीडम एट मिडनाइट 2' में कैमियों को लेकर बोले अभिषेक बनर्जी

मुंबई। भारतीय सिनेमा ने हमेशा से ही कई दिग्गज कलाकार दिए हैं, जिनकी कला और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। ऐसे ही एक अभिनेता थे ओम पुरी, जिन्हें उनकी बेहतरीन अदाकारी और सच्चे सिनेमा प्रेम के लिए याद किया जाता है। ओम पुरी ने कभी बड़े या छोटे रोल की परवाह किए बिना हर किरदार में जान डाल दी। इस बीच अभिनेता अभिषेक बनर्जी ने अपने एक छोटे से रोल को उन्हें समर्पित किया। आईएएनएस से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, "मुझे हमेशा से ओम पुरी बेहद पसंद रहे हैं; उनका काम शानदार था। उन्होंने अपने करियर में जो रास्ता अपनाया, जो किरदार निभाए, वह किसी असली हीरो से कम नहीं था। उन्होंने कभी यह नहीं सोचा कि रोल बड़ा है या छोटा, बस इस बात पर जोर दिया कि किरदार कैसे निभाया जाए। यही सोच मैंने अपनी कैमियो भूमिका में अपनाई।"'फ्रीडम एट मिडनाइट' सीरीज में अभिषेक का किरदार एक ऐसे आदमी का है, जो अपनी गर्भवती पत्नी को सांप्रदायिक हिंसा में खो देता है। उसका किरदार बदले की भावना से भरा है, लेकिन कहानी उसे अंततः महात्मा गांधी के सामने आत्मसमर्पण की ओर ले जाती है। यह कहानी केवल व्यक्तिगत दुख तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत और पाकिस्तान के विभाजन के समय की धार्मिक और सामाजिक जटिलताओं को भी दर्शाती है।यह किरदार ऐतिहासिक रूप से भी खास है, क्योंकि इसकी भावना ओम पुरी द्वारा फिल्म 'गांधी' (1982) में निभाए गए किरदार को दर्शाती है। इस फिल्म में बेन किंग्सले मुख्य भूमिका में थे और फिल्म का निर्देशन रिचर्ड एटनबरो ने किया था। अभिषेक ने कहा, "जब निर्देशक निखिल ने मुझे यह रोल ऑफर किया, तो मैंने तुरंत हां कर दी। मेरा मानना है कि इंडस्ट्री की असली भावना यह है कि कलाकार को हमेशा अपनी भूमिका निभाने का मौका मिलना चाहिए, चाहे वह रोल छोटा ही क्यों न हो।"अभिषेक ने कहा, ''मेरी तुलना ओम पुरी से करना संभव नहीं है। ओम पुरी एक सिनेमा के आइकॉन हैं, और उनके नक्शेकदम पर चलना अपने आप में सम्मान की बात है। छोटे रोल कभी-कभी सबसे बड़ा असर छोड़ते हैं, और 'फ्रीडम एट मिडनाइट 2' के रिलीज के बाद मुझे सोशल मीडिया पर दर्शकों की ओर से काफी प्रशंसा मिली।'' सीरीज के दूसरे सीजन में विभाजन के बाद के समय की अशांति, सांप्रदायिक हिंसा, शरणार्थियों की समस्या, रियासतों का विलय और नेताओं के बीच राजनीतिक तनाव को भी दिखाया गया है। 'फ्रीडम एट मिडनाइट 2' सोनी लिव पर स्ट्रीम है।

बिज़नेस

एसआईपी निवेश : दिसंबर में बना नया रिकॉर्ड एएमएफआई ने जारी किए आंकड़े, एक महीने में 31,002 करोड़ का हुआ इन्वेस्टमेंट

दिसंबर में बना नया रिकॉर्ड एएमएफआई ने जारी किए आंकड़े, एक महीने में 31,002 करोड़ का हुआ इन्वेस्टमेंट

नई दिल्ली। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) द्वारा शुक्रवार को जारी मासिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड (एमएफ) में 28,054.06 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जिसमें एसआईपी की भूमिका सबसे अहम रही। इस महीने सिस्टैमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) ने अब तक का सबसे ज्यादा निवेश करते हुए एक नया रिकॉर्ड बनाया। एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में म्यूचुअल फंड एसआईपी के तहत निवेश बढ़कर 31,002 करोड़ रुपए हो गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। नवंबर में यह राशि 29,445 करोड़ रुपए थी। इससे पता चलता है कि छोटे निवेशकों का भरोसा अभी भी बना हुआ है। इतना ही नहीं, दिसंबर में गोल्ड ईटीएफ फंड में 11,647 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो नवंबर में 3,742 करोड़ रुपए था। इससे स्पष्ट है कि निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा है।हालांकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपए की निकासी दर्ज की गई, जबकि नवंबर में 32,755 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश हुआ था। हालांकि निवेश घटा है, फिर भी कुछ कैटेगरी में अच्छी हिस्सेदारी बनी रही। एएमएफआई के मुताबिक, दिसंबर में सभी इक्विटी फंड कैटेगरी में नवंबर की तुलना में निवेश कम हुआ, लेकिन फ्लेक्सी-कैप फंड सबसे आगे रहे। फ्लेक्सी-कैप फंडों में निवेश बढ़कर 10,019 करोड़ रुपए हो गया, जबकि नवंबर में यह 8,135 करोड़ रुपए था।लार्ज-कैप फंड्स में दिसंबर में 1,567 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में यह 1,640 करोड़ रुपए था। वहीं, मिड-कैप फंड में 4,176 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया, जो नवंबर के 4,487 करोड़ रुपए से कम है। स्मॉल-कैप फंड में दिसंबर में 3,824 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में यह 4,407 करोड़ रुपए था।सेक्टर और थीम आधारित फंड्स में निवेश में 49 प्रतिशत की गिरावट आई। दिसंबर में इस कैटेगरी में 946 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में यह 1,865 करोड़ रुपए था। डेट म्यूचुअल फंड से दिसंबर में 1.32 लाख करोड़ रुपए की निकासी हुई, जो नवंबर में 25,692.63 करोड़ रुपए थी। ओवरनाइट फंड्स में दिसंबर में 254.25 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में इसमें 37,624.5 करोड़ रुपए का निवेश हुआ था। लिक्विड फंड्स से दिसंबर में 47,307.95 करोड़ रुपए की निकासी दर्ज की गई, जो नवंबर से अधिक है।हाइब्रिड स्कीम्स में दिसंबर में 10,755.57 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में यह 13,299.20 करोड़ रुपए था। आर्बिट्राज फंड्स में भी इस महीने 126.31 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि नवंबर में इसमें 4,191.90 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया था। दिसंबर में कई नए फंड ऑफर भी लॉन्च किए गए। अन्य ईटीएफ कैटेगरी में सबसे अधिक 8 नए फंड शुरू किए गए, जबकि नवंबर में कुल 23 नए फंड लॉन्च हुए थे, जिनमें 4,074 करोड़ रुपए का निवेश हुआ था। इससे पहले महीने में 24 नए फंड लॉन्च हुए थे, जिनमें 3,126 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया था।

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डेटिंग की अफवाहों में EX की एंट्री #breakingnews #news #newstoday  #tv27newsdigital #hindinews

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अफसर बनते ही पति पर की FIR #breakingnews #newstoday #news  #tv27newsdigital #tv27news #hindinews

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चाकू से गोदकर युवक की हत्या #breakingnews #news #newstoday  #tv27newsdigital #tv27news #hindinews

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क्या चीन ईरान में तनाव बढ़ा रहा है ? #breakingnews #newstoday  #tv27newsdigital #tv27news #hindinews

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ममता बनर्जी पर BJP सांसद का बयान #breakingnews #news #newstoday  #tv27newsdigital  #tv27news

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जबलपुर में 75 किसानों से ट्रैक्टर की ठगी का मामला #tv27newsdigital #tv27news #breakingnews

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फुटबॉल लीग कोपा डेल रे : रियल मैड्रिड को देखना पड़ हार का मुह, सफर भी हुआ खत्म, अल्बासेटे ने 3-2 से शिकस्त देकर सबको चौंकाया

रियल मैड्रिड को देखना पड़ हार का मुह, सफर भी हुआ खत्म, अल्बासेटे ने 3-2 से शिकस्त देकर सबको चौंकाया

मैड्रिड। अल्बासेटे के कार्लोस बेलमोंटे स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल लीग कोपा डेल रे में रियल मैड्रिड को हार का सामना करना पड़ा। उनकी टीम को दूसरी टियर की टीम अल्बासेटे ने 3-2 से शिकस्त दी। अल्वारो अर्बेलोआ का रियल मैड्रिड के कोच के तौर पर यह डेब्यू मुकाबला था, जिसमें उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।घने कोहरे के बीच हुए मुकाबले के लिए आर्बेलोआ ने अपनी पुरानी टीम कास्तिया बी-टीम के खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और युवा खिलाड़ियों जॉर्ज सेस्टेरो और डेविड जिमेनेज को शुरुआती एकादश में शामिल किया। दूसरी ओर, अल्बासेटे ने भी अपने कई नियमित खिलाड़ियों को आराम दिया था।रिपोर्ट के मुताबिक, मैच का पहला गोल 42वें मिनट में अल्बासेटे की ओर से आया। कॉर्नर किक पर जावी विल्लार ने शानदार तरीके से गेंद को जाल में पहुंचाकर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। पहले हाफ के अंतिम पलों में रियल मैड्रिड ने वापसी की। इंजरी टाइम में फ्रैंको मस्तांतुओनो ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल में डीन हॉयसन के हेडर से मिली मदद अहम रही।दूसरे हाफ के अंतिम चरण में मुकाबला और रोमांचक हो गया। 82वें मिनट में जेफ्टे बेटानकोर ने अल्बासेटे को फिर से बढ़त दिला दी। यह गोल तब आया जब गोंजालो गार्सिया गेंद को ठीक से क्लियर नहीं कर सके और बेटानकोर ने वॉली मारकर गेंद को गोल में डाल दिया।इसके बाद लगा कि रियल मैड्रिड मैच को एक्स्ट्रा टाइम में ले जाएगा। गोंजालो गार्सिया ने कॉर्नर से हेडर लगाकर 2-2 की बराबरी कर दी, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। इंजरी टाइम के चैथे मिनट यानी 94वें मिनट में जेफ्टे बेटानकोर ने तेज काउंटर अटैक के बाद निर्णायक गोल कर अल्बासेटे को ऐतिहासिक जीत दिला दी। उनका पहला शॉट भले ही रोका गया, लेकिन रीबाउंड पर उन्होंने शांति से गेंद को गोलकीपर आंद्रेई लूनिन के ऊपर से चिप कर नेट में पहुंचा दिया।इस बीच, कोपा डेल रे के अन्य मुकाबलों में रियल बेटिस ने एल्चे को 2-1 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। एल्चे ने 58वें मिनट में लियो पेट्रोट के गोल से बढ़त बनाई, लेकिन चिमी अविला ने 68वें और 81वें मिनट में दो गोल दागकर मैच का रुख पलट दिया।एक अन्य मैच में डेपोर्टिवो अलावेस ने रायो वायेकानो को 2-0 से हराकर 2018 के बाद पहली बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अलावेस की ओर से टोनी मार्टिनेज और कार्लोस विसेंटे ने गोल किए। वहीं रायो के लिए यह रात बेहद खराब रही, जहां सर्जियो कैमेलो चोटिल हो गए और इसी पलाजोन को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया।

लाइफस्टाइल

सर्दी, खांसी और जुकाम से चाहिए राहत? : घर में मौजूद यह विंटर कॉम्बो देगा आराम

घर में मौजूद यह विंटर कॉम्बो देगा आराम

नई दिल्ली । सर्दियों में जैसे-जैसे पारा गिरता है, लोग गले में खराश, छींक और सर्दी-जुकाम की शिकायत करने लगते हैं। ऐसे में लोग अक्सर सिरप और दवा की तरफ भागते हैं, लेकिन सच कहें तो रसोई में ही मौजूद एक आसान और असरदार नुस्खा इस परेशानी का हल है। यह है गुड़ और सोंठ। आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार, गुड़ और सोंठ दोनों की तासीर गर्म होती है। इसका फायदा यह है कि यह शरीर में जमा कफ और ठंड को पिघलाने में मदद करता है। गुड़ श्वसन नली को साफ करता है और आयरन की प्रचुर मात्रा के कारण हीमोग्लोबिन बढ़ाता है, जिससे शरीर को ठंड से लड़ने की ताकत मिलती है।सोंठ में मौजूद जिंजरॉल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरा है, जो फेफड़ों की सूजन कम करने और इंफेक्शन दूर करने में कारगर है। पुराने आयुर्वेदिक ग्रंथों में भी इसे खांसी, जुकाम और शरीर में बढ़े कफ को दूर करने वाला बताया गया है।इसे इस्तेमाल करने के कई तरीके हैं। सूखी खांसी के लिए गुड़ और सोंठ की गोलियां बनाई जा सकती हैं। आधा कप कद्दूकस किया हुआ गुड़ लें, उसमें 2 चम्मच सोंठ पाउडर और एक चुटकी काली मिर्च मिलाकर थोड़ा घी डालें और गोलियां बना लें। दिन में 2-3 बार एक गोली चूसने से गले की खराश और खांसी में राहत मिलती है।जमे हुए कफ के लिए गुनगुना काढ़ा भी फायदेमंद है। एक गिलास पानी में गुड़ और सोंठ डालकर आधा उबालें और रात को सोने से पहले पिएं। यह छाती में जमा बलगम साफ करने में मदद करता है। वहीं, शरीर को गर्म रखने और ठंड से बचने के लिए सोंठ और गुड़ के लड्डू बनाने की पुरानी परंपरा है। इसे सुबह दूध के साथ खाने से जुकाम और जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है।हालांकि, ध्यान रहे कि गुड़ और सोंठ की तासीर गर्म होती है। इसलिए सीमित मात्रा में ही सेवन करें। नाक से खून आने, बवासीर या पेट की अल्सर जैसी समस्या वाले लोग इसे कम लें। हमेशा गहरे रंग या जैविक गुड़ का ही चुनाव करें। साथ ही इसे गुनगुने पानी या घी के साथ लेना सबसे अच्छा रहता है।

राजनीती

आई-पैक मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई : ईडी ने दीदी पर लगाए दस्तावेज चोरी के आरोप, डीजीपी को भी कटघरे में किया खड़ा

ईडी ने दीदी पर लगाए दस्तावेज चोरी के आरोप, डीजीपी को भी कटघरे में किया खड़ा

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आई-पैक छापेमारी मामले में आरोप लगाए हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दस्तावेजों की चोरी की। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री स्वयं आरोपी हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने सहयोगी की भूमिका निभाई। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ईडी के अधिकारियों को छापे वाली जगह पर कुछ दस्तावेजों के बारे में सूचना मिली थी, जो जांच के दायरे में हैं। स्थानीय पुलिस को छापेमारी की जानकारी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने गैरकानूनी तरीके से छापे की जगह पहुंचकर दस्तावेजों की चोरी की। उन्होंने मांग की कि कोर्ट को ऐसा आदेश देना चाहिए ताकि जांच में बाधा डालने वाले अधिकारियों के लिए एक नजीर बन सकेममता बनर्जी प आरोपएसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में ईडी का पक्ष करते हुए कहा कि छापेमारी के बीच मुख्यमंत्री परिसर में घुसीं और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करते हुए उन्होंने सभी डिजिटल डिवाइस और तीन आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में लिए और दोपहर 12ः15 बजे चली गईं। सीएम समेत सभी की हिम्मत हुई कि वे जांच से जुड़े दस्तावेज अपने साथ चोरी करके ले गए।एएसजी ने बंगाल पुलिस की भूमिका पर उठाए सवालएएसजी एसवी राजू ने मामले में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआईआर की मांग की। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक संज्ञेय अपराध का होना जरूरी है। एफआईआर के लिए संज्ञेय अपराध का प्रथम दृष्टया मामला ही काफी है। यह चोरी और लूट का मामला है। इसके साथ ही, एएसजी राजू ने पश्चिम बंगाल पुलिस की सहयोगी भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में सीबीआई से जांच कराने का आदेश देने की मांग की।टीएमसी की ओर से सिब्बल ने रखा पक्षसुप्रीम कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने सवाल उठाए, आई-पैक के पास पार्टी का सारा चुनावी गोपनीय डाटा है और वह सब वहीं रखा हुआ है। उम्मीदवारों के बारे में बहुत सारी जानकारी होगी। चुनाव के बीच में वहां ईडी क्यों गई? कोयला घोटाले में आखिरी बयान 24 फरवरी, 2024 को रिकॉर्ड किया गया था। तब से ईडी क्या कर रही थी? चुनाव के बीच में इतनी दिलचस्पी क्यों?ममता पर लगे आरोपों को सिब्बल ने किया खारिजकपिल सिब्बल ने ममता बनर्जी के खिलाफ ईडी के दस्तावेज चोरी के आरोपों को खारिज किया। सिब्बल ने कहा, ईडी सुबह 6ः20 बजे पहुंची थी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोपहर 12 बजे आईं। वे 12ः15 बजे चली गईं। ममता बनर्जी के ऊपर आरोप लगाया गया है कि वे सारे डिवाइस लेकर गईं, लेकिन यह गलत है। मुख्यमंत्री सिर्फ अपना लैपटॉप और आईफोन ही ले गई थीं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट लंच के बाद दोबारा सुनवाई करेगा।

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