Download App

Latest News

सर्राफा बाजार में सुनामी : चांदी 12,000 टूटी, सोना भी फिसला जोर से, क्या रहे गिरावट के कारण जानें कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत ईरान-इजरायल मुद्दे पर गरमाई सियासत : सरकार का बचाव कर थरूर ने पार्टी लाइन को दिखाया आइना, निशाने पर रही सोनियानई जंग, नए हथियार : रक्षा मंत्री ने सेना को ड्रोन और काउंटर-ड्रोन में आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेशकेरलः चुनावी रण से पहले कांग्रेस कमजोर! : सांसद के. सुधाकरन के फैसले से उड़ी पार्टी की नींद, अगले कदम का जल्द करेंगे ऐलान

बड़ी ख़बर

TV 27 News - Latest Hindi News, Live TV, and Breaking News

इंदौर भीषण अग्निकांड : पीड़ित परिवारों से मिले सीएम मोहन, शोक व्यक्त कर बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का भी दिया आश्वासन

पीड़ित परिवारों से मिले सीएम मोहन, शोक व्यक्त कर बंधाया ढांढस, हर संभव मदद का भी दिया आश्वासन

इंदौर। इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में दो परिवारों के आठ लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। लौमहर्षक घटना से आहत मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव गुरुवार को पीड़ित परिवारों से मिलने इंदौर पहुंचे और उनसे मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने मृतकों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया तथा घायलों का हालचाल जाना।मुख्यमंत्री ओल्ड पलासिया स्थित 13 पंथी जैन समाज धर्मशाला पहुंचे, जहां उन्होंने करीब 20 मिनट तक परिजनों के साथ समय बिताया। इस दौरान उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए। वहीं सीएम ने ईवी चार्जिंग को लेकर एसओपी बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की बारीकी से जांच की जाएगी। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद करेंगे।हादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोशहादसे को लेकर पीड़ित परिवारों में भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की देरी से आने की शिकायत की। मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंची। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ फायर टैंकरों में पानी नहीं था और एक वाहन गलत गली में चला गया, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ और नुकसान बढ़ गया।आग लगने के अलग-अलग दावेपरिजनों के अनुसार आग सुबह करीब 4 बजे लगी थी। प्रारंभिक जानकारी में आग का कारण गाड़ी की चार्जिंग बताया गया था, लेकिन सौरभ का दावा है कि आग बिजली पोल में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई। पहले कार में आग लगी, जो धीरे-धीरे घर के अंदर खड़ी बाइकों और फिर पूरे मकान में फैल गई। इस हादसे में पुगलिया परिवार का घर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। बचने वाले सदस्य फिलहाल रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाती, तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

वायरल न्यूज़

Advertisment

adverstisment

पॉडकास्ट

image

नरक चतुर्दशी विशेष

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 3

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 2

image

पितृ पक्ष का महत्त्व - एपिसोड 1

image

Podcast E124

image

गुप्त नवरात्री पर विशेष

image

पूरी और प्रभु जगन्नाथ पर विशेष

image

आज की बुलेटिन 28 June

image

आज की बुलेटिन 26 June

image

आज की बुलेटिन 24 June

मनोरंजन

फिल्म सूबेदार : अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

अनिल कपूर के एक्शन सीन की दीवानी हुईं विद्या बालन, पोस्टर शेयर कर खास अंदाज में सराहा

मुंबई। अभिनेता अनिल कपूर की हालिया रिलीज फिल्म सूबेदार का फीवर हर किसी के सर पर चढ़कर बोल रहा है। फिल्म की कहानी और एक्शन सीन ने हर किसी को दीवाना बना दिया है। बुधवार को अभिनेत्री विद्या बालन ने इसे खास अंदाज में सराहा।अभिनेत्री ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर फिल्म का पोस्टर पोस्ट किया। उन्होंने फिल्म को अनिल कपूर के स्टाइल में झक्कास नाम से संबोधित किया। विद्या ने अनिल कपूर और पूरी टीम के समर्पण की जमकर तारीफ की। अभिनेत्री ने लिखा, अनिल कपूर, आप हर फिल्म में इतना समर्पित कैसे रहते हैं? हमेशा कमाल।साथ ही, विद्या ने अन्य कलाकारों के काम को सराहा। उन्होंने राधिका को बड़ी गुंडी और मोना सिंह को बड़ी शैतान बताया। वहीं, निर्देशक सुरेश त्रिवेण की तारीफ में लिखा, मुझे यकीन नहीं हो रहा कि वे स्क्रीन पर इतनी हिंसा करने में कैसे सक्षम रहे। क्या शानदार काम किया। बहुत मजा आया। इसके अलावा विद्या ने प्रोडक्शन टीम की भी सराहना की। उन्होंने बाबु अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट, ओपनिंग इमेज ऑफिशियल और प्राइम वीडियो इंडिया को बधाई दी।सुरेश त्रिवेणी द्वारा निर्देशित एक्शन-ड्रामा फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर का एक्शन अवतार देखने को मिल रहा है, जिसे देखकर लोगों में दीवानियत और बढ़ रही है। वहीं, राधिका ने अभिनेता की लड़की श्यामा का मुख्य किरदार निभाया है, जिसमें वह भावनात्मक रूप से टूटी होने के बावजूद बाहरी रूप से बेहद मजबूत और फाइटर के रूप में नजर आती हैं। राधिका ने इस जटिल भूमिका में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है।अनिल के साथ-साथ राधिका के अभिनय की भी जमकर तारीफ हो रही है क्योंकि इस फिल्म में दोनों दुश्मनों से लड़ते नजर आ रहे हैं। यह फिल्म एक सेवानिवृत्त फौजी (सूबेदार अर्जुन मौर्या) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी बेटी के साथ रिश्ते सुधारने और स्थानीय गुंडों का सामना करने के लिए फिर से हथियार उठाता है। फिल्म सूबेदार में अनिल कपूर के अलावा राधिका मदान, आदित्य रावल और फैसल मलिक जैसे कलाकार हैं। निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने इस एक्शन-ड्रामा को बेहतरीन तरीके से पेश किया है।

बिज़नेस

खनन क्षेत्र में नया इतिहासः : एनएचडीसी ने एक साल में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन कर रचा कीर्तिमान

एनएचडीसी ने एक साल में 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन कर रचा कीर्तिमान

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क (आयरन ओर) उत्पादक कंपनी एनएमडीसी ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के खत्म होने से पहले ही 50 मिलियन टन लौह अयस्क उत्पादन का आंकड़ा पार कर लिया है। इसके साथ ही एनएमडीसी एक ही वित्त वर्ष में 50 मिलियन टन उत्पादन करने वाली भारत की पहली खनन कंपनी बन गई है। सरकारी बयान के अनुसार, यह उपलब्धि न सिर्फ कंपनी की उत्पादन क्षमता को दर्शाती है, बल्कि भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन में एनएमडीसी की मजबूत भूमिका को भी दिखाती है। एनएमडीसी की स्थापना 1958 में भारत के लौह अयस्क संसाधनों के विकास के उद्देश्य से की गई थी। इस सरकारी कंपनी को इस्पात मंत्रालय के तहत श्नवरत्न सीपीएसईश् का दर्जा प्राप्त है।कंपनी ने 1978 में लगभग 10 मिलियन टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। लेकिन, पिछले कई दशकों में उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है। अब वित्त वर्ष 2025-26 में उत्पादन बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जो करीब पांच गुना बढ़ोतरी को दर्शाता है। सरकारी बयान में कहा गया है कि यह उपलब्धि एनएमडीसी के धीरे-धीरे भारत की आयरन ओर सप्लाई चेन की रीढ़ बनने की यात्रा को दर्शाती है। एनएमडीसी की वृद्धि विशेष रूप से पिछले कुछ वर्षों में काफी तेज हुई है। कंपनी का उत्पादन 2015 में लगभग 30 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है।पिछले करीब एक दशक में उत्पादन में करीब दो-तिहाई की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि वर्तमान उत्पादन क्षमता का लगभग एक-पांचवां हिस्सा पिछले चार वर्षों में ही जोड़ा गया, जो कंपनी के इतिहास का सबसे तेज विस्तार माना जा रहा है। एनएमडीसी लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अमितवा मुखर्जी ने इस उपलब्धि को कंपनी के लिए बेहद अहम बताया।उन्होंने कहा, 50 मिलियन टन उत्पादन तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है और यह एनएमडीसी 2.0 के तहत हमारे मजबूत प्रदर्शन को दर्शाता है। जिस क्षमता को बनाने में पहले दशकों लगे, उसे हमने बेहतर कार्यान्वयन, जिम्मेदार खनन और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के प्रति प्रतिबद्धता के जरिए कुछ ही वर्षों में तेज कर दिया है।उन्होंने यह भी कहा कि देश की सबसे बड़ी आयरन ओर उत्पादक कंपनी होने के नाते एनएमडीसी पर बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी की खदानें मुख्य रूप से खनिज संपन्न राज्यों छत्तीसगढ़ और कर्नाटक में स्थित हैं, जहां अत्याधुनिक और बड़े पैमाने पर मशीनीकृत खनन किया जाता है। एनएमडीसी देश की आयरन ओर सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है।कंपनी ने कहा कि आगे भी उसका ध्यान ऑपरेशनल उत्कृष्टता, नई तकनीकों के उपयोग और जिम्मेदार खनन पर रहेगा, ताकि विकास के अगले चरण को हासिल किया जा सके। भारत ने 2030 तक इस्पात उत्पादन क्षमता को 300 मिलियन टन तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। ऐसे में देश में लौह अयस्क की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना एक रणनीतिक प्राथमिकता है, जिसमें एनएमडीसी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Youtube

Video thumbnail
Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

Tv27NewsLIVE :24x7 | Live Updates | Breaking News | Hindi News | देश-दुनिया की बड़ी खबरें|

खेल

कोई जरूरत हो तो बताना : अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

अर्जुन तेंदुलकर से बोले एलएसजी के कप्तान, बल्ले का वजन जानकर हैरान हुए पंत

लखनऊ। दुनिया के महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर को क्रिकेट करियर में अभी तक वह मुकाम हासिल नहीं हो पाया है, जिसके लिए वे कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक खूब पसीना बहा रहे हैं। आईपीएल 2026 के लिए भी वह अर्जुन खूब मेहनत कर रहे हैं। हालांकि इस सीजन में वे मुंबई इंडियंस की बजाय लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेलते हुए नजर आएंगे। कुल मिलाकर अर्जुन तेंदुलकर को कप्तान ऋषभ पंत के साथ काम करना है। एलएसजी ने अभ्यास सत्र का एक वीडियो साझा किया है जिसमें पंत और अर्जुन एक दूसरे से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पंत अर्जुन के बल्ले का वजन जानकर हैरान हो जाते हैं। वीडियो में पंत ने अर्जुन से उनके बल्ले का वजन पूछा। अर्जुन ने बताया, 1220 ग्राम। इतना सुनकर पंत हैरान रह गए। पंत ने पूछा कि भारी बल्ले से खेलने का क्या फायदा है, तो अर्जुन ने जवाब दिया, इसे छूने पर भी उड़ता है। पापा 1310-1315 के साथ खेलते थे। मैं 1200 से नीचे नहीं जाता।पंत ने की अर्जुन के डेडिकेशन की तारीफअर्जुन तेंदुलकर और ऋषभ पंत की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है। इसलिए एलएसजी कैंप में मिलते ही दोनों दोस्त बन गए हैं। वीडियो में पंत एक जगह अर्जुन से यह कहते हुए दिखते हैं कि जब भी जरूरत होगी, वह उनके लिए मौजूद रहेंगे। पंत ने अर्जुन के डेडिकेशन की भी तारीफ की कि वह अपनी शादी के ठीक एक दिन बाद सीजन की तैयारी के लिए युवराज सिंह से जुड़ गए। अर्जुन गोवा की तरफ से खेलते हैं घरेलू क्रिकेटबाएं हाथ के तेज गेंदबाज और बाएं हाथ के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज अर्जुन तेंदुलकर घरेलू क्रिकेट में गोवा की तरफ से खेलते हैं। अर्जुन ने आईपीएल में मुंबई इंडियंस की तरफ से 2023 में केकेआर के खिलाफ डेब्यू किया था। 26 साल के इस खिलाड़ी ने 5 मैचों की 1 पारी में 13 रन बनाए हैं और 3 विकेट लिए हैं। आईपीएल 2026 से पहले अर्जुन एलएसजी से जुड़े थे।

लाइफस्टाइल

प्रेग्नेंसी में इन फलों का करें सेवन : मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

 मां के साथ शिशु के लिए भी फायदेमंद

नई दिल्ली । मां बनना जीवन का सबसे खूबसूरत और भावुक अहसास है। गर्भावस्था के इस खास सफर में मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। सही और संतुलित पोषण इस दौरान नींव की तरह काम करता है। ऐसे में सेब, अनार, संतरा और केला का नियमित सेवन मां को एनर्जी देता है। शिशु के विकास को बढ़ावा देता है और दोनों को सेहतमंद रखता है। नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार मां की ताकत और बच्चे की अच्छी शुरुआत का आधार बनता है। इस दौरान कुछ फलों को रोजाना डाइट में शामिल करने से मां और बच्चे दोनों को भरपूर फायदा मिलता है। ये फल विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो प्राकृतिक रूप से सेहतमंद रहने में मदद करते हैं।सेब गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो पाचन सुधारते हैं और कब्ज से राहत देते हैं। नियमित सेवन से बच्चे के विकास में भी मदद मिलती है।अनार हीमोग्लोबिन बढ़ाने का बेहतरीन स्रोत है। यह आयरन, फोलेट और विटामिन से भरपूर होता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है। अनार का सेवन मां को एनर्जी देता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और बच्चे की ग्रोथ को सपोर्ट करता है। यह मॉर्निंग सिकनेस और थकान में भी राहत देता है।संतरा विटामिन सी का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है, संक्रमण से बचाता है और आयरन को एब्जॉर्ब करने में मदद करता है। संतरे में फोलेट भी होता है, जो बच्चे के ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड के विकास के लिए जरूरी है। यह हाइड्रेशन बनाए रखता है और क्रेविंग्स को कंट्रोल करता है।केला गर्भावस्था में आने वाली थकान और कमजोरी को दूर करने में मददगार और एनर्जी देता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 और फाइबर भरपूर होता है, जो मसल क्रैंप्स रोकता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखता है और पाचन सुधारता है। केला आसानी से पच जाता है। इन सुपरफ्रूट्स को रोजाना थाली में शामिल करने से मां को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। डॉक्टर की सलाह से इन्हें संतुलित मात्रा में खाएं।

राजनीती

सृष्टि के आरंभ की अमृत बेला का पर्व है नव संवत्सर : कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम में बोले सीएम, की ब्रह्म ध्वज की स्थापना

कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम में बोले सीएम, की ब्रह्म ध्वज की स्थापना

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत कोटि सूर्य उपासना कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। सीएम दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों को सृष्टि के आरंभ दिवस, गुड़ी पड़वा, चेटी चंड, नववर्ष विक्रम संवत् 2083 के आरंभ, घट स्थापना, नवरात्रि आरंभ, ज्योर्तिविज्ञान दिवस, नवरेह सहित आज देशभर में मनाये जा रहे सभी पर्वों की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि आज गुड़ी पड़वा है। संपूर्ण सृष्टि में गुड़ जैसी मिठास फैल गई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हमारी भारतीय संस्कृति में आज से नव संवत्सर एवं नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि नव संवत्सर सृष्टि के आरंभ दिवस की अमृत बेला को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाने वाला पर्व है। आज से एक नए संवत् और भारतीय नववर्ष का प्रारंभ हो गया है। विक्रमादित्य ने रखी सामाजिक सद्भाव की नींव हमारे यहां संवत् सृष्टि के साथ, प्रकृति के सानिध्य में और शासक के पुरुषार्थ से प्रारंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने शकों को परास्त किया। तत्कालीन समाज के अराजक तत्वों और आतताईयों का दमन किया। उन्होंने अपनी संपूर्ण प्रजा को कर्जमुक्त बनाया। सच्चे अर्थों में सामाजिक सद्भाव की नींव रखी। वे लोकतंत्र के महानायक थे। उनके पुरुषार्थ से ही प्रारंभ किया गया विक्रम संवत् आज 2083 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सम्रामट विक्रमादित्य के आदर्शों पर चल रही सरकारमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सम्राट विक्रमादित्य के ओजस्वी शासन उनके शौर्य, साहस, पराक्रम एवं न्याय के प्रतिमानों को आत्मसात करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का प्रयास किया। हम समाज के हर वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए प्रयासरत हैं। हमने वीर विक्रमादित्य शोधपीठ सहित वैदिक घड़ी की भी स्थापना की है।देश की सेवा करने की प्रेरणा देता हे ध्वजइस दौरान सीएम ने ब्रम्ह ध्वज की स्थापना कर कहा कि यह ध्वज हमें सदैव एकजुट रहकर देश-प्रदेश की सेवा करने की प्रेरणा देता है। विक्रमोत्सव-2026 के आयोजन में निहित भावों और इसकी रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने अपनी शासन व्यवस्था से राज व्यवस्था को लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलने का सूत्रपात्र किया। उनका नेतृत्व और राज-काज शैली ऐसी थी, जिसमें बाद के शासकों को जनकल्याणकारी शासन व्यवस्था के लिए प्रेरित किया। विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को लागू करना चाहती हैं सरकारेंआज यदि दो हजार साल बाद भी सम्राट विक्रमादित्य को याद कर रहे हैं, तो इसके पीछे यह भाव परिलक्षित होता है कि भारत राष्ट्र की सरकार और राज्य सरकारें, वीर विक्रमादित्य की शासन व्यवस्था को अंगीकृत करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज स्वस्फूर्त और अनुशासित समाज है। हमने हमेशा जियो और जीने दो सहित सबको लेकर चलने की भावना से जीना सीखा है। सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र को बढ़ावा दिया, इसी से लोकतंत्र के सूत्र हम भारतीयों के शरीर में रक्त की तरह प्रवाहित है और अब यह हमारे अस्तित्व की पहचान भी बन गया है।

Advertisment

adverstisment
Placeholder