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झूठा दावा, सच्ची मौतें : काबुल में 400 लोगों की जान लेने वाला हमला, वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के खतरनाक इरादे उजागर

काबुल में 400 लोगों की जान लेने वाला हमला, वैश्विक मंच पर पाकिस्तान के खतरनाक इरादे उजागर
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admin

Mar 17, 202612:28 PM

नई दिल्ली। पाकिस्तान की नापाक साजिशों ने वैश्विक मंच पर एक बार फिर उसके खतरनाक इरादों को उजागर कर दिया है। आतंकियों का पनाहगार पाकिस्तान इतना मसरूफ हो गया है कि निर्दोष लोगों की जान भी उसके लिए मामूली बन गई है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल में एयरस्ट्राइक कर जहां नशा मुक्ति अस्पताल तबाह को तबाह कर दिया है। वहीं 400 मौतें और 250 बेगुनाहों के घायल होने की खबर है। लेकिन वहीं, पाकिस्तान ने अस्पताल पर हमले के आरोपों को खारिज किया है।

पाकिस्तान का दावा है कि केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इस बमबारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि 400 से अधिक लोग जान गंवा चुके हैं। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के प्रवक्ता ने कहा है कि पाकिस्तान ने इस कार्रवाई के दौरान बेगुनाह लोगों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि एयरस्ट्राइक अस्पताल पर की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।

मलबे से निकाले जा रहे शव

फितरत ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि बचाव कार्य जारी है और मलबे से शव निकाले जा रहे हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के बाद अस्पताल में आग लग गई थी, जिसे बुझाने में दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमले से पहले लड़ाकू विमानों की आवाज सुनी गई और उसके बाद बम गिराए गए।

पाकिस्तान ने आरोपों को किया खारिज

हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता ने कहा कि उनकी सेना ने केवल आतंकवादी ठिकानों और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया था, न कि किसी अस्पताल को। उनका दावा है कि ये कार्रवाई उन ठिकानों के खिलाफ थी, जहां से पाकिस्तान के खिलाफ हमलों की योजना बनाई जा रही थी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर जताई जा रही घटना पर चिंता

इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है। अफगानिस्तान के प्रसिद्ध क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना युद्ध अपराध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।

गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच सीमा पर गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई थीं, जिनमें लोगों की जान गई थी। कुल मिलाकर, इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। दोनों देशों के दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन फिलहाल निर्दोष नागरिकों की मौत ने मानवता को झकझोर कर रख दिया है।

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