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मिडिल ईस्ट वार : जंग जारी रही तो होंगे घातक परिणाम, राज्यसभा से पीएम मोदी ने देश को किया आगाह, और क्या कहा पढ़े खबर

जंग जारी रही तो होंगे घातक परिणाम, राज्यसभा से पीएम मोदी ने देश को किया आगाह, और क्या कहा पढ़े खबर
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admin

Mar 24, 202603:07 PM

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया जंग पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने मंगलवार को राज्यसभा में कहा है कि इस युद्ध ने पूरी दुनिया में बड़ा ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। अगर यह जंग जारी रही, तो इसके गंभीर दुष्परिणाम होंगे। जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने जंग छोड़कर संवाद का रास्ता सुझाया है। हम सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में हैं।

पीएम ने कहा कि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन भारत लगातार कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत हर सेक्टर में यह प्रयास कर रहा है कि किसी भी सेक्टर में दूसरे देशों पर बहुत अधिक निर्भरता न हो। पीएम ने शिप बिल्डिंग से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक, आत्मनिर्भरता के प्रयास गिनाए और कहा इस संकट ने दुनिया को हिला दिया है। इससे रिकवर करने में भी दुनिया को काफी समय लगेगा। सरकार पल-पल बदलते हालात पर नजर रखे हुए है।

समस्या के समाधान के लिए भारत ने सुझाया संवाद का रास्ता

पीएम ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र के राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर दो दौर की बातचीत की है और ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी निरंतर संवाद जारी है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है। उन्होंने बताया कि स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ी संख्या में जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें भारतीय क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में इस तरह की रुकावट और कमर्शियल जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। भारत इस स्थिति में अपने जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।

भारत ने हमलों का किया विरोध

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने नागरिकों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ढांचों पर हमलों का कड़ा विरोध किया है। किसी भी तरह का हिंसक संघर्ष मानवता के हित में नहीं है, और भारत सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति के रास्ते पर आने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।

भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता

विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस संकट के दौरान अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लौटे हैं। केवल ईरान से ही 1,000 से अधिक भारतीय लौटे हैं, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं।

संघर्ष में कुछ भारतीयों की भी हुई मौत

प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इस संघर्ष के दौरान कुछ भारतीयों की मौत हुई है और कुछ घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था की गई है। सरकार इस कठिन समय में पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों से सकारात्मक आश्वासन भी मिला है।

पीएम ने देश की जनता को दिलाया भरोसा

ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कई देशों से तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत पहुंचे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश की जरूरतों से जुड़े सभी आवश्यक सामान सुरक्षित रूप से भारत में पहुंचते रहें।

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