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नई दिल्ली। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव एक बार फिर गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। डूरंड लाइन पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच हालात बेहद संवेदनशील हो गए हैं। अफगान तालिबान के एक खुफिया अधिकारी जबर नोमानी ने पश्तून और बलूच नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है, जिससे क्षेत्र में चिंता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, सीमा से सटे स्पिन बोल्डक, शोरबक और अली शेर में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। आरोप है कि पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने सीमावर्ती गांवों में मोर्टार और तोपखाने से हमले किए, जिनमें नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। तालिबान अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का दोष अफगान पक्ष पर मढ़ने की साजिश रची जा रही है।
जबर नोमानी ने एक बयान में पश्तून और बलूच समुदाय के लोगों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि से सावधान रहें और अपने परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने दावा किया कि कुछ पाकिस्तानी कमांडरों को नागरिक क्षेत्रों में गोलाबारी के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बीच, काबुल में स्थित अफगान रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार, अफगान बलों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कई पाकिस्तानी सैन्य चैकियों को निशाना बनाया। रिपोर्टों में कहा गया है कि तीन चैकियों पर कब्जा कर लिया गया है और संघर्ष में तीन पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने तथा एक सैनिक के पकड़े जाने की सूचना है।
तनाव केवल कंधार प्रांत तक सीमित नहीं है, बल्कि खोस्त प्रांत और अन्य सीमावर्ती इलाकों में भी सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि कूटनीतिक स्तर पर शीघ्र पहल नहीं की गई तो यह टकराव व्यापक संघर्ष में बदल सकता है। फिलहाल, दोनों देशों की सीमाओं पर सतर्कता बढ़ा दी गई है और स्थानीय नागरिकों में भय और अनिश्चितता का माहौल है।
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