Download App

Latest News

मप्र में बिजली कंपनियों की मनमानी : स्मार्ट मीटर के नाम पर उपभोक्ताओं को थमा रहीं हजारों का बिल, शिकातयों के आंकड़ा एक लाख के पारवल्लभ भवन दलालों का अड्डा बना, : जीतू ने सरकार को घेरा, कहा- भाजपा जो आरोप कांग्रेस पर लगाती थी, वही अब लग रहे स्वयं परशैक्षणिक उपयोग के लिए आरक्षित जमीन पर फर्जीवाड़ा : 40,600 वर्गफीट भूमि कब्जाने वालों पर ईओडब्ल्यू ने कसा शिकंजा, दर्ज की एफआईआरसनराइजर्स लीड्स का कदम देश विरोधी : पाकिस्तानी स्पिनर की खरीदी पर फूटा क्रिकेट फैंस का गुस्सा, SRH को IPL में दी परिणाम भुगताने की चेतावनीकर्नाटक का श्री रेणुका येल्लम्मा मंदिर, : भक्तों किए दान को गिनने में लगे चार दिन, जानें कितना सोना-चांदी और रुपया मिला चढ़ावे में

इस्लामाबाद से क्वेटा तक दहशत की उलटी गिनती? : एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान का पाकिस्तान को खतरनाक अल्टीमेटम

एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान का पाकिस्तान को खतरनाक अल्टीमेटम
a

admin

Mar 13, 202612:00 PM

नई दिल्ली। अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान और तालिबान के बीच तनाव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान की ओर से हवाई हमले जारी रहे तो पाकिस्तान के प्रमुख शहरों को निशाना बनाया जा सकता है।

अफगानिस्तान के बल्ख प्रांत के तालिबान गवर्नर के प्रवक्ता हाजी जाहिद ने कथित तौर पर कहा कि पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर इस्लामाबाद, कराची और क्वेटा जैसे बड़े शहरों को भी निशाना बनाया जा सकता है। उनका कहना है कि अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भीतर हमले बंद नहीं किए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

पाकिस्तान की सेना ने अफगान के कई इलाकों में किए हमले

तालिबान प्रशासन ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने हाल ही में अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में राजधानी काबुल और कंधार समेत कुछ अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन दावों को लेकर पाकिस्तान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

विश्लेषकों का यह है मानना

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। दोनों देशों के बीच की सीमा लंबे समय से विवाद और सैन्य झड़पों का केंद्र रही है। अक्सर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर सीमा पार हमलों और उग्रवादियों को समर्थन देने के आरोप लगाते रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और तीखी बयानबाजी जारी रही तो इससे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में हालात को काबू में करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत बेहद जरूरी मानी जा रही है।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
इस्लामाबाद से क्वेटा तक दहशत की उलटी गिनती? : एयरस्ट्राइक के बाद तालिबान का पाकिस्तान को खतरनाक अल्टीमेटम