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नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच एक बेहद दर्दनाक घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। ईरान के दक्षिणी प्रांत होर्मोजगान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए हमले में 165 छात्राओं की मौत हो गई। चार दिन से जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई के बीच यह घटना सबसे त्रासद मानी जा रही है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक 28 फरवरी को हुए इस हमले में स्कूल की इमारत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था और अधिकांश पीड़ित प्राथमिक कक्षा की छात्राएं थीं।
मिनाब शहर में सोमवार को इन सभी छात्राओं का सामूहिक जनाजा निकाला गया। सुबह से ही शहर में शोक का माहौल था। मुख्य मैदान में एक साथ कतारबद्ध रखे गए ताबूतों को देखकर हर आंख नम हो गई। हजारों की संख्या में लोग जनाजे की नमाज में शामिल हुए। मस्जिदों और आसपास के इलाकों से आए नागरिकों ने बच्चियों को अंतिम विदाई दी। नमाज-ए-जनाजा के बाद सभी शवों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
कई घंटे लगे मलबा हटाने में
हमले के बाद राहत और बचाव दल ने कई घंटों तक मलबा हटाने का अभियान चलाया। शुरुआती आशंका के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 165 हो गई। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही है।
जनाजे के दिन बंद रहे बाजार
जनाजे के दिन मिनाब शहर में बाजार बंद रहे। लोगों ने काली पट्टियां बांधकर शोक और विरोध व्यक्त किया। कई स्थानों पर शांति मार्च निकाले गए और मस्जिदों में विशेष दुआएं की गईं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह हमला मासूमों पर किया गया कायराना कृत्य है, जिसने पूरे देश को दुख और आक्रोश से भर दिया है।
स्कूल परिसर को अस्थाई रूप से किया गया बंद
सरकारी सूत्रों के अनुसार, एहतियातन स्कूल परिसर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इस घटना ने न केवल मिनाब बल्कि पूरे ईरान को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की निंदा हो रही है और मासूम बच्चों की मौत पर शोक जताया जा रहा है।
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