Download App

Latest News

ईरान की ओर बढ़ रहा विशाल बेड़ा : ट्रंप बोले- डील करें तेहरान वरना नतीजे भुगतेंडिजीटल उपचार की राजधानी बन रहा भोपाल : प्रदेश में सर्वाधिक साढ़े तीन हजार से ज्यादा हेल्थ प्रोफेशनल्स आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े मप्र में फिर गर्माया महंगाई भत्ते का मुद्दा : 8 महीने से इंतजार कर रहे सरकारी सेवक, हर महीने इतना उठाना पड़ रहा नुकसान

ईरान की ओर बढ़ रहा विशाल बेड़ा : ट्रंप बोले- डील करें तेहरान वरना नतीजे भुगतें

ट्रंप बोले- डील करें तेहरान वरना नतीजे भुगतें
G

Ganesh Sir

Feb 11, 202601:26 PM

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की ओर एक विशाल नौसैनिक बेड़ा तैनात किया है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन अमेरिका की शर्तें स्पष्ट और सख्त होंगी। फॉक्स बिजनेस के लैरी कडलो को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने क्षेत्र में बढ़ी अमेरिकी सैन्य सक्रियता का जिक्र करते हुए कहा, ष्जैसा कि आप जानते हैं, इस समय एक विशाल बेड़ा ईरान की ओर जा रहा है। देखते हैं क्या होता है।

ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है ईरान समझौता करना चाहता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है वे डील करना चाहते हैं। अगर वे ऐसा नहीं करते तो यह उनकी मूर्खता होगी।हालांकि, ट्रंप ने साफ किया कि किसी भी समझौते में अमेरिका की मूल चिंताओं को शामिल करना जरूरी होगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, डील अच्छी होनी चाहिए। कोई परमाणु हथियार नहीं, कोई मिसाइल नहीं, और बाकी सभी मुद्दे जिन्हें आप खत्म करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या मौजूदा ईरानी शासन पर भरोसा किया जा सकता है। ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और जो बाइडेन की ईरान नीति की आलोचना की। उन्होंने कहा, ओबामा और बाइडेन ने ईरान के मामले में एक राक्षस खड़ा कर दिया। वह परमाणु समझौता सबसे बेवकूफी भरे समझौतों में से एक था जो मैंने देखा है।

उन्होंने पहले ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी कार्रवाई का भी जिक्र किया और कहा, पिछली बार हमने उनकी परमाणु क्षमता खत्म की थी, इस बार और करना पड़ेगा या नहीं, यह देखना होगा। ट्रंप ने सैन्य तैनाती और कूटनीति को एक व्यापक रणनीति का हिस्सा बताया, जिसमें आर्थिक दबाव और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों शामिल हैं। उन्होंने दावा किया, मैंने आठ युद्ध सुलझाए, जिनमें से कम से कम छह टैरिफ के जरिए सुलझे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया में ईरान की भूमिका ऊर्जा बाजार, समुद्री मार्गों और भू-राजनीतिक समीकरणों को सीधे प्रभावित करती है। भारत, जिसके ईरान से ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध हैं, खाड़ी क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखता है। ऊर्जा निर्भरता, कनेक्टिविटी परियोजनाएं, और समुद्री सुरक्षा भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder
ईरान की ओर बढ़ रहा विशाल बेड़ा : ट्रंप बोले- डील करें तेहरान वरना नतीजे भुगतें