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भोपाल। होली पर भोपाल और रानी कमलापति स्टेशन से चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में भारी भीड़ चल रही है। आलम ये है कि इन दोनों स्टेशनों से चलने वाली जोधपुर, जयपुर, रीवा, रायपुर समेत एक दर्जन ट्रेनों के स्लीपर और एसी रिजर्व कोचों में जहां जनरल यात्री घुस रहे हैं। इससे कन्फर्म टिकट धारक परेशान हो रहे हैं। प्लेटफार्म पर मौजूद पुलिस कर्मी व रेलवे अधिकारी भी असहाय साबित हो रहे हैं। दरअसल इसकी वजह लंबी दूरी की ट्रेनों में जनरल कोच कम होना है।
बता दें कि भोपाल मंडल के सर्वाधिक यात्री संख्या वाले रेलवे स्टेशन बीना, भोपाल, रानी कमलापति, इटारसी और गुना है, जहां होली पर रोजाना हरेक स्टेशन से औसतन 15 से 20 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। यात्री संख्या में सबसे भोपाल और रानी कमलापति है, जहां से रोज दो दर्जन साप्ताहिक, रोज चलने वाली ट्रेनें शामिल है।
अधिकारियों का मानना है कि मंडल के इटारसी, भोपाल और कमलापति स्टेशन से चलने और गुजरने वाली ट्रेनों में 28 फरवरी से 15 हजार यात्री औसतन सफर कर रहे हैं। उक्त दोनों स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन को नियंत्रित करने रेलवे ने अधिकारियों के साथ ही आरपीएफ- जीआरपी बल तैनात किया है, लेकिन ये भी ट्रेनों के अंदर खासकर आरक्षित कोच में चढने वाले जनरल टिकट वाले यात्रियों को नहीं रोक पा रहे हैं। इस भीड़तंत्र को देख रेलवे प्रशासन भी अपनेआप को असहाय पा रहा है।
इन राज्यों के लिए सर्वाधिक भीड़
भोपाल से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और बिहार जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं है। इससे आरक्षित कोचों के यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा करने में कठिनाई हो रही है। भोपाल से हावड़ा जाने वाली क्षिप्रा एक्सप्रेस के एस 4 में सफर कर रहे यात्री विमलेश ने बताया कि वे जब संत हिरदाराम नगर से इस ट्रेन में चढ़ें, तो उनकी सीट पर 6 लोग पहले से बैठे थे। उन्होंने आपत्ति उठाई, तो एक यात्री हट गया। टीसी को बताया, लेकिन वे भी नहीं आए। आखिर रातभर बर्थ पर बैठे- बैठे सफर करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में रेलवे को शिकायत करने का कोई फायदा नहीं है।
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