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भोपाल। मध्यप्रदेश में उड़द की खेती करने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा 600 प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश में 1 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जारी किए जाएंगे। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में कृषि वर्ष 2026 को लेकर आयोजित कार्यशाला में की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान कल्याण वर्ष की योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।
मप्र देश का पहला राज्य बना
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां किसानों को कृषि पंप के लिए बिजली कनेक्शन मात्र 5 में दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाना और खेती को लाभकारी बनाना है। उन्होंने बताया कि सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में 100 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार पशुपालन, मधुमक्खी पालन और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आय स्रोतों को भी बढ़ावा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए दूध के दाम में 5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा नए शिक्षा सत्र से पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चों को स्कूलों में मुफ्त दूध दिया जाएगा, जिससे कुपोषण कम होगा और दूध की खपत बढ़ेगी। सरकार ने फल, सब्जी और औषधीय फसलों को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का भी फैसला किया है। ड्रैगन फ्रूट, स्ट्रॉबेरी, एवोकाडो और ब्रोकली जैसी हाई-वैल्यू फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने किसानों से सोलर ऊर्जा अपनाने और फसल अवशेष न जलाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य खेती को लाभ का धंधा बनाना और प्रदेश को श्मिल्क कैपिटल्य के रूप में विकसित करना है।
गोशालाओं में आसपास के गांवों का भूसा आएगा
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि वृंदावन ग्राम योजना के तहत गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए और आसपास के गांवों में नरवाई जलाने के बजाय भूसा गोशालाओं तक पहुंचाया जाए। इसके लिए ट्रॉली और उपकरण सरकार उपलब्ध कराएगी।
विधानसभा स्तर पर चार-पांच सम्मेलन करें
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विधानसभा स्तर पर किसान सम्मेलन आयोजित किए जा सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग प्रत्येक विधानसभा को 5 लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराएगा। उन्होंने किसानों से अपने घरों और खेतों में सोलर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने की भी अपील की।
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