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भोपाल। मध्यप्रदेश देश का प्रमुख पुष्प उत्पादक राज्य है। प्रदेश में 43 हजार 611 हैक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है। प्रदेश में पुष्प उत्पादन में इंदौर जिला प्रथम स्थान पर है। इंदौर जिले में 4 हजार 826 हैक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती की जा रही है। रतलाम द्वितीय स्थान पर है। इसमें 4 हजार 511 हैक्टेयर में फूलों की खेती की जा रही है तथा तृतीय स्थान उज्जैन जिले का है। इसमें 3 हजार 670 हैक्टेयर क्षेत्र में पुष्प उत्पादन किया जा रहा है।
प्रदेश के लघु-सीमांत किसानों की आय को दोगुना करने में उद्यानिकी फसलों में फूलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य शासन का प्रयास भी फूलों के उत्पादन को व्यावसायिक स्वरूप प्रदान करना है। भोपाल में 30 जनवरी, 2026 को राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य प्रदेश में पुष्प उत्पादक कृषकों के साथ-साथ अन्य कृषकों को भी उन सफल पुष्प उत्पादकों से मिलवाना है, जिन्होंने फूलों के उत्पादन से अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है।
मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, जरबेरा, लिली, कार्नेशन एवं आर्किड फूलों का उत्पादन किया जा रहा है। प्रदेश में चैथे स्थान पर सतना जिले में 2 हजार 541 हैक्टेयर तथा पाँचवे स्थान पर छिंदवाड़ा जिले में 2 हजार 44 हैक्टेयर में फूलों की खेती की जा रही है। प्रदेश में फूलों का औसत उत्पादन 11.19 क्विंटल प्रति हैक्टेयर है। फूलों की किस्मों के आधार पर इंदौर गुलाब उत्पादन में, रतलाम गेंदा उत्पादन में, उज्जैन सेवंती उत्पादन में तथा सिंगरौली ग्लेदुलास के उत्पादन में प्रथम स्थान पर है।
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