Download App

Latest News

आईसीसी टी-20 रैंकिंग : न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाजों का दिखा जलवा, बल्लेबाजों की लिस्ट में अभिषेक शीर्ष पर कायमएलपीजी रिफिल बुकिंग के नहीं बदले नियम : सरकार ने दावों को बताया भ्रामक, कहा- अफवाहों पर न करें विश्वासsehat : वजन कंट्रोल से लेकर हड्डियों तक को मजबूत बनाता है मखाना वाला दूध, जानिए इसके फायदेसौम्या टंडन : धुरंधर की सफलता के बाद अब बादशाह की सवारी करेंगी अभिनेत्री, शुरू की घुड़सवारी की ट्रेनिंगसमाज की कुरीतियों को आईना दिखाती 'चिरैया' : अंजना सिंह ने की जमकर तारीफ

Mohan Cabinet : प्रमोशन पॉलिसी को हरी झंडी,सरकारी सेवकों को 9 साल बाद मिली गुड न्यूज: मप्र में खुलेंगे 459 नए आंगनवाड़ी केन्द्

प्रमोशन पॉलिसी को हरी झंडी,सरकारी सेवकों को 9 साल बाद मिली गुड न्यूज: मप्र में खुलेंगे 459 नए आंगनवाड़ी केन्द्
a

admin

Invalid DateInvalid Date

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। मंत्रालय में आज हुई बैठक में किसान, कर्मचारी और जनता के हित में सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। एक ओर जहां कैबिनेट ने प्रमोशन नीति पर मुहर लगा दी है। सरकार के इस फैसले से मप्र में 9 साल के बाद प्रमोशन का रास्ता साफ हुआ है। इसके अलावा कैबिनेट ने 459 नए आंगनबाड़ी केंद्र को हरी झंडी दी है। इसके लिए आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं की भर्ती की जाएगी। वहीं रक्षाबंधन पर लाडली बहनों को 250 रुपये की अतिरिक्त राशि देने का भी फैसला लिया गया है।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों, किसानों और आम जनता के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। कैबिनेट ने प्रमोशन नीति को मंजूरी दी है। इससे चार लाख कर्मचारियों को फायदा होगा। इसमें एससी-एससीट सहित सभी वर्ग के सरकारी सेवकों का ख्याल रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नये सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।

प्रमोशन नीति में अग्रिम डीसीपी का प्रावधान किया गया है। पात्रता का भी प्रावधान है। पदोन्नति समिति को अधिकार दिए गए है। 6 महीने की सीआर को सालभर मानी जाएगी। प्रतिनियुक्ति के खाली पद पर प्रमोशन होगा। सभी खाली पदों पर प्रमोशन किए जाएंगे। इससे 2 लाख रिक्त पद सृजित होंगे और नई भर्ती के दरवाजे खुलेंगे।

आंगनबाड़ी केंद्र की मंजूरी, सहायिका-कार्यकतार्ओं की होगी भर्ती

साथ ही 459 नए आंगनबाड़ी केंद्र को मंजूरी मिली है। आंगनबाड़ी 2.0 के तहत 459 नई आंगनबाड़ी स्थापना होगी। आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ताओं की भर्ती भी की जाएगी। केंद्र सरकार 72 करोड़ और राज्य सरकार 70 करोड़ देगी।

बिजली कंपनियों के लिए 5163 करोड़

डॉ मोहन कैबिनेट में बिजली कंपनियों को अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 5163 करोड़ राशि की स्वीकृति दी गई है। जिससे प्रदेश में बिजली आपूर्ति और बेहतर हो सके।

मप्र में 21 जून को सामूहिक योगाभ्यास

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर मध्य प्रदेश सरकार हर जिले में कार्यक्रम आयोजित करेगी। सभी नगर निगमों से लेकर तहसील, विकासखंड, नगर पंचायतों से लेकर ग्राम पंचायतों के साथ पर्यटन स्थलों पर योगाभ्यास होगा। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव योग करेंगे तो कार्यक्रम के बीच विशाखापट्टनम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्बोधन का प्रदेश में सीधा प्रसारण होगा।

ये हुए फैसले

  • नौ वर्षों बाद लंबित पदोन्नति का रास्ता खोला जा रहा है।

  • आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर उनके हितों को संरक्षित किया गया है।

  • अनुसूचित जनजाति के लिए 20 प्रतिशत और अनुसूचित जाति के लिए 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है।

  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोकसेवकों को भी मेरिट के आधार पर पदोन्नति प्राप्त करने का अवसर दिया गया है।

  • वर्तमान वर्ष में ही आगामी वर्ष की रिक्तियों के लिए पदोन्नति समिति की बैठककर चयन सूची बनाये जाने का प्रावधान किया गया है अर्थात अग्रिम डी.पी.सी. के प्रावधान किए गए हैं।

पदोन्नति के सूत्र में वरिष्ठता का पर्याप्त ध्यान रखा गया है:

  • वरिष्ठ लोकसेवकों में से मेरिट के अनुसार न्यूनतम अंक लाने वाले लोकसेवक पदोन्नति हेतु पात्र होंगे, प्रथम श्रेणी के लोकसेवकों के लिए मैरिट कम सीनियरटी के प्रावधान किए गए हैं।

  • पदोन्नति के सूत्र में कार्यदक्षता को प्रोत्साहित किया जाना लक्षित है।

  • पदोन्नति के लिए अपात्रता का स्पष्ट निर्धारण किया गया है। किन परिस्थितियों में कोई लोक सेवक अपात्र होगा एवं दण्ड का क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रूप से लेख किया गया है।

  • किसी भी विभागीय पदोन्नति समिति बैठक के सन्दर्भ में निर्णय के पुनर्विलोकन हेतु रिव्यू डी.पी. सी. की बैठक आयोजित किये जाने के लिए स्पष्ट प्रावधान किये गए हैं।

  • नवीन पदोन्नति नियमों में परिभ्रमण की व्यवस्था समाप्त की गई है। इससे पदोन्नति हेतु अधिक पद हो सकेंगे।

  • पदोन्नति समिति को शासकीय सेवक की उपयुक्तता निधर्धारण करने का अधिकार दिया गया है।

  • चतुर्थ श्रेणी के लिये अंक व्यवस्था नहीं होगी, केवल पदोन्नति के लिए उपयुक्त होने पर ही पदोन्नति प्राप्त हो सकेगी।

  • अर्हकारी सेवा के लिए किसी वर्ष में की गई आंशिक सेवा को भी पूर्ण वर्ष की रोवा माना जायेगा, यदि वर्ष के एक भाग की सेवा भी की गई है तो उसे पूर्ण वर्ष की सेवा माना जाएगा।

  • यदि किसी वर्ष में 6 माह का ही गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध है तो उसे पूर्ण वर्ष के लिए मान्य किया जा सकेगा।

  • यदि गोपनीय प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी की पदोन्नति रुकती है तो उसे पदोन्नति प्राप्त होने पर पूरी वरिष्ठता दी जाएगी।

  • अप्रत्याशित रिक्तियों को घरान सूची/प्रतीक्षा सूची से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

  • प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए शासकीय सेवक के पद के विरुद्ध पदोन्नति का प्रावधान किया गया है।

Powered by Tomorrow.io

Advertisement

Ad

Related Post

Placeholder