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भोपाल। खाड़ी देशों में चल रहे अमेरिका-इजराइल और ईराक युद्ध के चलते भारत सहित एशिया एवं पूर्वी यूरोप के कुछ देशों में तेल एवं गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते निकट भविष्य में देश में तेल,गैस की आंतरिक आपूर्ति पर प्रभाव पडने की संभावना के चलते मप्र सरकार ने तेल कंपनियों से स्टॉक की जानकारी मांगी है। साथ ही प्रदेश में रोजाना आपूर्ति किए जा रहे तेल एवं गैस की निगरानी शुरू कर दी है। इसको लेकर खाद्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने समीक्षा बैठक बुलाई। जिसमें तेल कंपनियों के प्रदेश अधिकारी एवं खाद्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
तेेल कंपनियों ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अपर मुख्य सचिव ने ऑयल कम्पनियों को जिलावार अपने फील्ड ऑफिसर तथा डिपो प्रभारी को संभागायुक्त एवं कलेक्टर से सम्पर्क करने तथा नियमित रूप से स्टॉक की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये कि डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की जमाखोरी एवं कालाबाजारी किसी भी स्थिति में न हो। डीलर स्तर पर प्रतिदिन स्टॉक की समीक्षा की जाए। बैठक में कमिश्नर खाद्य कर्मवीर शर्मा, एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा और ऑयल कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सप्लाई चेन बंद होने पर बिगड़ेगी स्थिति
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अभी तेल एवं गैस की सप्लाई चैन बंद नहीं हुई है। यदि सप्लाई चेन बंद होती है, उस स्थिति में प्रदेश में तेल एवं गैस की आपूर्ति पर असर पड़ेगा। कंपनी के प्रतिनिधि एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों ने पूछे जाने पर यह नहीं बताया कि सप्लाई चेन बंद होने की स्थिति में मप्र में कितने दिन का तेल एवं गैस का स्टॉक है।
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