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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। सरकार ने जहां भोपाल और इंदौर मेट्रो के लिए बजट को मंजूरी दे दी। वहीं कैबिनेट बैठक में सरकारी सेवकों का स्थायी और अस्थायी पदों का अंतर भी समाप्त करने के निर्णय लिया गया। इनके अलावा मोहन कैबिनेट ने कई प्रस्तावों को हरी झंडी दी। फैसलों की जानकारी डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने दी।
शुक्ल ने बताया कि भोपाल-इंदौर मेट्रो के लिए 2025-26 के लिए कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें 90. 67 करोड़ रुपए को मंजूरी दी गई। उद्यम क्रांति योजना 2026-27 से लेकर 2030-31 तक निरंतर रखने के लिए मंजूरी दी गई है। इसके लिए 905 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सरकार ने कृषि विज्ञान केंद्र की तरह 48 करोड़ की लागत से 6 वन विज्ञान केंद्र की स्थापना की जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों के स्थायी-अस्थायी पदों में अंतर समाप्त
राज्य शासन में कार्यरत कार्मिकों के पदों से संबंधित अस्थायी और स्थायी पद का अंतर समाप्त कर दिया गया है। 10 प्रकार के वर्गीकरण में से अब 5 श्रेणी ही रहेगी। मंत्री परिषद ने राज्य शासन के विभिन्न विभागों में स्वीकृत स्थायी और अस्थायी पदों के विभेदीकरण को समाप्त करने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।
वर्तमान स्वीकृत अस्थायी पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करने के लिए सेवा भर्ती नियम में आवश्यक प्रावधान करने की स्वीकृति दी गई। कार्यभारित और आकस्मिक स्थापना के सभी पदों को सांख्येतर घोषित करने और उक्त पदों पर नवीन नियुक्ति नहीं करने के लिए भी अनुमति दी गई।
राघवपुर बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए 1782 करोड़ मंजूर
राघवपुर बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए 1782 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है। इससे 5512 करोड़ की तीन जिलों (अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी) की सिंचाई योजना का काम तेजी से हो सकेगा। इन जिलों में 71 हजार 967 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी और 125 मेगावॉट बिजली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सड़क परियोजना के तहत 3810 कार्य मंजूर किए गए हैं।
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