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भोपाल। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत भोपाल डिजिटल हेल्थ का आदर्श मॉडल बनकर उभर रहा है। भोपाल को पहला और पूरी तरह डिजिटल स्वास्थ्य जिला बनाए जाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे है। इससे मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मिल सकेंगी। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह भी समय-समय पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की समीक्षा कर रहे हैं। विगत दिनों सभी शासकीय अस्पतालों को अपनी हेल्थ फैसिलिटी को रजिस्टर्ड करने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्रेशन में भोपाल में सबसे अधिक 3525 चिकित्सक और स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत एवं सत्यापित किए गए हैं। इसी तरह 1087 स्वास्थ्य संस्थाओं की एचएफआर आईडी बनाई जा चुकी है। जिले में 17 लाख से अधिक आभा आईडी बनाई जा चुकी है, जबकि 53 लाख से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड आभा आई डी से लिंक किए जा चुके हैं।
आभा आई डी बताएगी बीमारी का इतिहास
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) डिजिटल हेल्थ आईडी के माध्यम से मरीज को पूर्व में दिए गए उपचार की सभी जानकारियां मिलती हैं।अस्पताल अथवा चिकित्सक को इस आईडी के माध्यम मरीज की पूर्व से चल रही बीमारियों, दिए गए उपचार, जांचों की जानकारी मिल जाती है।
डिजिटली संधारित होगी उपचार की जानकारी
आभा आईडी 14 अंकों का यूनिक नंबर है जिसके माध्यम से मरीज अपनी पैथोलॉजी रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और उपचार डिजिटल रूप से प्राप्त कर कर सकते हैं। एक प्रकार से यह आईडी मरीज का डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड है। जिससे बेहतर उपचार की सेवाएं मरीज को प्राप्त हो सकेंगी। आभा आईडी सभी शासकीय चिकित्सालय में नि:शुल्क बनाई जा रही है। इसके लिए हितग्राही का आधार कार्ड एवं आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक होता है । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि भोपाल को 'डिजिटल हेल्थ पायनियर डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटली जोड़कर सेवाओं को और तेज व प्रभावी बनाया जा रहा है। जल्द ही स्कूलों और कॉलेजों में युवाओं को 'ए बी डी एम चैंपियंस के रूप में तैयार किया जाएगा।
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