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भोपाल। मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने शनिवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित राज्यस्तरीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कैपसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज का विमोचन और लोक निर्माण विभाग के लोकपथ मोबाइल एप 2.0 भी लांच किया। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी मौजूद थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि लोक निर्माण विभाग पहले केवल नारियल फोड़ने और फीता काटने के रूप में जाना था, लेकिन अब विभाग विकास और नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का काम जनता के कल्याण के लिए सुविधाओं को साकार करना है। सरल शब्दों में कहें तो यह विभाग समाज को जोड़ने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन में भी अनेक ऐसे लोग जुड़े, जिनकी क्षमता से असंभव कार्य संभव हुए। समुद्र पर सेतु निर्माण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज भी आधुनिक तकनीक से समुद्र पर पुल बनाए जा रहे हैं। डॉ. यादव ने पुष्पक विमान का उल्लेख करते हुए कहा कि राम वनवास के बाद समय-सीमा में अयोध्या पहुंचे, यह उस समय की अद्भुत निर्माण क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि निर्माण केवल भौतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव का भी माध्यम होता है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह विभाग पंचतत्व से बने निर्माण और लोककल्याण की भावना को जोड़ते हुए प्रदेश को नई दिशा दे रहा है।
970 इंजीनियरों के सुझाव से बना कैपिसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि लोक निर्माण विभाग का कार्य केवल इमारत और सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यही विभाग प्रदेश की रफ्तार और विकास की दिशा तय करता है। उन्होंने कहा कि सड़कें किसानों को मंडी, बच्चों को स्कूल और उद्योगों को बाजार से जोड़ती हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग का दायित्व केवल निर्माण नहीं, बल्कि लोक कल्याण की भावना को आगे बढ़ाना भी है। सिंह ने बताया कि 1 फरवरी को 1700 से अधिक इंजीनियर वर्चुअली जुड़े थे, जिनमें से 970 इंजीनियरों ने अपने सुझाव दिए। इन्हीं सुझावों के आधार पर कैपिसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क दस्तावेज तैयार किया गया है, जिसे आने वाले वर्षों में अन्य विभागों में भी अपनाया जाएगा।
जनता के एप बनेगा स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर
कार्यक्रम में मंत्री ने बताया कि लोकपथ मोबाइल एप 2.0 के बारे में बताया कि यह एप अब केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि नागरिकों के लिए एक स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर के रूप में काम करेगा। एप के माध्यम से सड़क पर 500 मीटर पहले दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की जानकारी, अस्पताल, होटल, पर्यटन स्थल, टोल टैक्स, अनुमानित समय, रूट प्लानर और एसओएस इमरजेंसी सुविधा के लिए बटन भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि लोकपथ मोबाइल एप अब तक 12 हजार शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 95 प्रतिशत शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण किया गया है। एप रियल टाइम जानकारी देगा और सड़क पर सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
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